प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकरकर करली आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक चौंकाने वाले मामले में एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़का हिंदू है और लड़की दूसरे धर्म की है और दोनों ही नाबालिग हैं। पुलिस ने बताया कि जौनपुर जिले के सिकरारा पुलिस थाने में दोनों के शव एक पेड़ से लटके हुए मिले।
पुलिस को संदेह है कि दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे और उन्हें लगा होगा कि उनके परिवार उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे, तो उन्होंने आत्महत्या कर ली। दोनोंन कक्षा 11 और 9 के स्टूडेंट थे, जो अलग स्कूलों में पढ़ते थे। हालांकि, वे दुडौली गांव के एक ही इलाके में रहते थे। पुलिस ने बताया कि वे लगभग छह महीने पहले भाग गए थे, लेकिन परिवारों ने उनका पता लगाया और उन्हें वापस ले आए थे।
सिकरारा स्टेशन के अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि दोनों ने शनिवार रात को अपना घर छोड़ दिया था। मगर, उनके परिवार के सदस्यों को उनके न होने की जानकारी रविवार सुबह तक नहीं थी। ग्रामीणों ने रविवार की सुबह गांव के कब्रिस्तान में दोनों के शवों को एक पेड़ से लटका पाया, तब जाकर उनके परिजनों को घटना के बारे में पता चला।
पांडे ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला दिखता है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में आगे कोई टिप्पणी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को कोई सुसाइट नोट नहीं मिला और परिवार के सदस्यों ने भी कोई संदेह नहीं उठाया है।

सीमा पर ट्रिप फ्लेयर लगाने से आतंकियों या घुसपैठियों के कदम रखते ही होगी धमाके के साथ तेज रोशनी

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसी जगहों पर अब ट्रिप फ्लेयर लगाया जा रहा है। इस पर आतंकियों या घुसपैठियों के कदम रखते ही धमाके के साथ तेज रोशनी होगी और पेट्रोलिंग में तैनात जवान चौकन्ना हो जाएंगे।
राजस्थान के रेगिस्तान में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र काफी दुर्गम है। हर जगह पेट्रोलिंग आसान नहीं है। रात्रि के दौरान काफी परेशानी होती है। इसी को देखते हुए सीमा पर आतंकियों, घुसपैठियों और तस्करों को रोकने के लिए सेना के आर्डिनेंस विंग ने बीएसएफ के जवानों को ट्रिप फ्लेयर से लैस करना शुरू कर दिया है।
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि रेगिस्तान के इलाके में घुसपैठ रोकने में यह तकनीक बेहद कारगर है क्योंकि इससे निकलने वाली आग रात के अंधेरे में वाच टावरों से आसानी से देखी जा सकती है।
दरअसल, इसमें मिट्टी के रंग का पतला सा धागा रहता है जो रेगिस्तान के धूल में दबा रहता है जैसे ही कोई प्रेशर या लोड होगा यह विस्फोट के साथ जलना शुरू कर देगा। ट्रीप फ्लेयर पहले वहीं लगाया जाता था जो इलाका घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील हो। लेकिन अब डीआरडीओ से इसे ज्यादा संख्या में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि पूरी सीमा पर तारबंदी के नीचे इसे लगाया जा सके।
बीएसएफ ने बॉर्डर के कुछ इलाकों में जिंगल बेल (एक प्रकार की घंटी) लगाने शुरू कर दिया है। बीएसएफ ने करीब एक लाख जिंगल बेल तारबंदी पर लगाने के लिए ऑर्डर दिए हैं।

लगातार मौखिक और शारीरिक प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए उकसावे के बराबर

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कर्ज चुकाने के लिए लगातार मौखिक और शारीरिक प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए उकसावे के बराबर मानते हुए दो साहूकारों को केस से मुक्त करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति एएम बदर ने दो लाइसेंसधारी साहूकार गुरुनाथ गवली और संगीता गवली की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही, जिसमें उन्होंने खुदकुशी के लिए उकसावे के केस से मुक्त करने की मांग की थी।
दोनों पर शहर में रहने वाले उमेश बोंबले पर हमला करने और उसे धमकाने तथा खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है। उमेश ने सितंबर 2014 में खुदकुशी कर ली थी। उमेश की पत्नी सुनीता ने दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अभियोजक के मुताबिक पीड़ित ने आरोपियों से 19 लाख रुपए का कर्ज लिया था। लेकिन कर्ज चुकाने में नाकाम रहने पर दोनों ने कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया। कई मौकों पर गाली-गलौज की और उस पर हमला भी किया।
न्यायमूर्ति बदर ने कहा कि एक विवेकपूर्ण पारिवारिक शख्स के साथ जब दिन-रात ऐसा व्यवहार होगा तो वह निश्चित रूप से खुदकुशी के बारे में सोचेगा। उन्होंने कहा कि कर्ज वसूली के लिए आरोपियों का यह व्यवहार जानबूझ कर था और इसकी गंभीरता से लगता है कि किसी विवेकपूर्ण शख्स को खुदकुशी के लिए उकसाया या मजबूर किया गया।
कोर्ट ने कहा कि किसी परिवार के सामने या कार्यस्थल पर लगातार किसी व्यक्ति से गाली-गलौज तथा मारपीट आत्महत्या के लिए उकसावे के बराबर है। जस्टिस बदर ने आरोपियों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके इस व्यवहार से पीड़ित उमेश यह सोचने पर मजबूर होगा कि परिवार और बच्चों के सामने ऐसे अपमानित होने से बेहतर है कि मर जाऊं।

नर्मदा सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना

मध्यप्रदेश के लोग नर्मदा को यदि मैया कहते हैं तो नर्मदा भी एक मां के समान ही सदियों से यहां के लोगों का पालन-पोषण करती आई है। प्रदेश में अनूपपुर के अमरकंटक से लेकर आलीराजपुर के सोंडवा तक नर्मदा अपने 1077 किमी लंबे सफर के दौरान राज्य के 16 जिलों से होकर गुजरती है।
प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक आबादी इसके आस-पास निवास करती है। लाखों लोगों को इससे अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। आज इसका पानी प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर और भोपाल के लोगों की भी प्यास बुझा रहा है। कृषि, ऊर्जा, उद्योग,वनोपज और पर्यटन के जरिए सौंदर्य की इस नदी ने मध्यप्रदेश को समृद्धि भी खूब बांटी है।
नर्मदा घाटी परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी नदी परियोजनाओं में से एक है। नर्मदा के पानी के अधिकतम और नियोजित इस्तेमाल के मकसद से सरकार ने 1981 में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नर्मदा घाटी विकास विभाग एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल का गठन कर प्रदेश में 29 बड़ी परियोजनाएं, 135 मध्यम परियोजनाएं एवं 3000 छोटी परियोजनाएं नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों पर बनाने का मास्टर प्लान तैयार किया था।
बड़ी परियोजनाओं में तवा, बारना, कोलार, सुक्ता, मटियारी, मान, शहीद चन्द्रशेखर आजाद,अवंती बाई लोधी सागर परियोजना,बरगी व्यपवर्तन परियोजना (बरगी दांयी तट नहर), इंदिरा सागर,ओंकारेश्वर,अपरवेदा, शहीद भीमा नायक सागर (लोअर गोई) एवं पुनासा परियोजनाएं शामिल हैं।
नर्मदा घाटी की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से 6 लाख 37 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता से ज्यादा का विकास हुआ है । 2025 तक इस परियोजना को पूरे किए जाने का लक्ष्य है। परियोजना के पूरे हो जाने पर करीब 15 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और इससे लगभग 1648 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।

कोलंबिया में भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 250 के पार

कोलंबिया में बारिश के बाद शुक्रवार रात हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 250 के पार पहुंच गई है। घरों के ध्वस्त होने से 180 लोग घायल हो गए और सैकड़ों अब भी लापता है। इस हादसे में 300 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं।
बारिश से यहां की तीन नदियों में आई बाढ़ से कई घर, पुल, वाहन और पेड़ बह गए। अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन और बाढ़ के चलते दक्षिणी कोलंबिया के मोकोआ शहर में कीचड़ का ढेर लग गया। पुटुमायो प्रांत में बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए हैं। सेना के एक अधिकारी का कहना है कि मुख्य अस्पताल में इतनी भीड़ हो गई है कि उन्हें संभालने में दिक्कत हो रही है।
कोलंबिया के राष्ट्रपति मैन्युअल सैंतोस ने पुतुमायो की राजधानी मोकोआ का दौरा कर बचाव और सहायता कार्यों का जायजा लिया। राष्ट्रपति मैन्युअल सांतोस ने कहा है कि राष्ट्रीय आपदा राहत कार्यक्रम के तहत राहत और बचाव के लिए सैनिकों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा 200 लोगों के मरने की सूचना है। लेकिन यह संख्या अभी और बढ़ सकती है क्योंकि 200 लोग लापता बताए जाते हैं। सरकारी मौसम विभाग के मुताबिक कोलंबिया में मार्च के महीने में सबसे अधिक बारिश होती है और ये सिलसिला साल 2011 से जारी है।

देश की सबसे लंबी चेनानी नाशरी सुरंग बनकर तैयार पीएम मोदी करेंगे रविवार को उद्घाटन

देश की सबसे लंबी चेनानी नाशरी सुरंग जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर बनकर तैयार है और पीएम मोदी रविवार को इसका उद्घाटन करेंगे। इस सुरंग को बनाने में जहां 6 साल का समय लगा वहीं इसकी लागत 3720 करोड़ रुपए आई है। इस सुरंग के बनने के बाद जम्‍मू और श्रीनगर के बीच सफर के लिए लगने वाले समय में करीब ढाई घंटे की कमी आएगी। जम्‍मू के चेनानी और और नाशरी के बीच की दूरी अब 41 किमी से घटकर सिर्फ 10.9 किलोमीटर ही रह जाएगी। इस सुरंग को देश की सबसे स्मार्ट सुरंग भी कहा जा रहा है।
इस सुरंग के चालू होने के बाद से जम्मू से श्रीनगर के बीच की दूरी 30.11 किलोमीटर कम हो जाएगी।
सुरंग के माध्यम से जाने पर सालान 99 करोड़ यानी रोजाना 27 लाख रुपए के ईंधन की बचत होगी।
यह भारत की पहली सुरंग होगी जिसमें ‘इंटीग्रेटेड टनल कंट्रोल सिस्टम’(आईटीसीआर) लगाया गया है। मतलब इसमें हवा के आवागमन, अग्निशमन, सिग्नल, संचार और बिजली की व्यवस्था स्वचालित तरीके से काम करेगी।
सुरंग में लोगों को हवा मिलती रहे इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हर 100 मीटर पर हवा के लिए अरेंजमेंट्स हैं।
इसमें 120 से ज्यादा सीसीटीवी लगाए गए हैं, जिनमें हर कैमरे की दूरी 75 मीटर है।
आईटीसीआर आपात स्थिति में सुरंग के अंदर मौजूद कर्मचारियों से संपर्क करके समस्या का निदान करेगा।
आपात स्थिति में यात्री इन आईटीसीआर को हॉट लाइन की तरह उपयोग कर सकेंगे और मदद के लिए उन्हें इसे खोलकर बस “हलो” बोलना होगा।
सुरंग में हर 150 मीटर पर एसओएस बॉक्स लगें हैं जिनमें फर्स्टएड का सामान और कुछ जरूरी दवाएं भी होंगे।
सुरंग में सुरक्षा को पुख्ता इंतजाम हैं और इसके बरबरी में दो टनल गुजर रहीं है। अपात स्थिति में सुरंग में बने 29 रास्तों से सुराक्षा टनल में पहुंचा जा सकता है।
सुरंग से गुजरने के लिए कार वालों को टोल टैक्स के रूप में 55 रुपए, छोटी बसों को 90 रुपए जबकि बड़ी बसों या ट्रकों को क्रमशः 190 और 285 रुपए देने होंगे।
सुरंग में नेटवर्क का भी पूर बंदोबस्त है और यात्री इसके भीतर से गुजरने के दौरान भी अपने मोबाइल से कॉल कर सकेंगे।

805वें उर्स में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चादर पेश

ख्वाजा गरीब नवाज के 805वें उर्स में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चादर पेश की गई। अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मजार शरीफ पर चादर पेश कर अमन चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।
इस बीच पाकिस्तान से 402 जायरीनों का जत्था भी अजमेर पहुंच गया और इनकी ओर से शनिवार शाम चादर पेश की गई। पाक जायरीन अपने साथ विशाल पगड़ी भी लाए हैं। यह 25 किलो की पगड़ी रावलपिंडी से लाई गई है। शनिवार सुबह नकवी जयपुर पहुंचे और यहां से सड़क मार्ग से अजमेर पहुंचे।
उनके साथ प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष अमीन पठान, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अबू नकवी और स्थानीय भाजपा नेताअ दरगाह शरीफ पहुंचे। यहां अंजुमन कमेटी की ओर से उन्हें जन्नती दरवाजे के जरिए मजार शरीफ तक ले जाया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चादर पेश की और जियारत की।
इस दौरान अंजुमन की और से उनकी दस्तारबंदी की गई। इसके बाद बुलंद दरवाजे पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पढ़कर सुनाया। अजमेर पहुंचते ही ख्वाजा की सरजमीं को चूमा पाक जायरीनों ने ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के लिए पाकिस्तान से 402 जायरीनों का जत्था भी शनिवार सुबह अजमेर पहुंच गया।
विशेष ट्रेन से सुबह दो घंटे देरी से अजमेर पहुंचे इन जायरीनों में से कुछ ने स्टेशन पर उतरते ही जमीं चूमी और उर्स में बुलाने के लिए ख्वाजा को धन्यवाद दिया। पाक जत्थे के कड़े सुरक्षा घेरे में स्टेशन से निकालकर सेंट्रल गर्ल्स स्कूल पुरानी मंडी ले जाया गया। पाक जत्थे की ओर से शनिवार शाम चार बजे ख्वाजा को चादर पेश की गई। पाक जत्था 8 अप्रैल तक यहां ठहरेगा। तब तक स्कूल को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा।

अप्रैल से बढ़ गए बिजली के दाम मुंह मांगे दाम बढ़ाने की मंजूरी

बिजली के दाम अप्रैल से बढ़ गए हैं। शनिवार को मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनी को मुंह मांगे दाम बढ़ाने की मंजूरी दे दी। बिजली के दाम में औसत 9.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ये पिछले साल से 1 फीसदी ज्यादा है। दाम ब़ढ़ाने से कंपनी को 2689 करोड़ अतिरिक्त मिलेंगे। इससे कंपनी सारे घाटे की भरपाई कर लेगी।
बीपीएल को भी नहीं छोड़ा
30 यूनिट की मासिक खपत वाले सिंगल बत्ती कनेक्शनधारी बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी इस बार महंगी बिजली ही मिलेगी। कंपनी ने आयोग से 3 रुपए प्रति यूनिट का प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने उससे भी आगे बढ़कर 3.10 पैसे प्रति यूनिट दाम तय कर दिए।
घरेलू बिजली 15 से 217 रुपए महंगी
बिजली के दाम ने घरेलू उपभोक्ता को भी करंट मारा है। बढ़ोतरी को समझें तो 15 रुपए 50 यूनिट तक और 400 यूनिट पर 217 रुपए पहले से ज्यादा उपभोक्ता को देना होगा।
कृषि में ज्यादा बोझ
किसानों को भी कंपनी महंगी बिजली देगी। मीटर वाले बिजली उपभोक्ता के लिए शुरुआती अंतर 40 पैसे है। औसत बढ़ोतरी 12 फीसदी हुई है।
उद्योग में को भी झटका
20 पैसे की शुरुआती बढ़ोतरी हुई है। इसमें स्थाई प्रभार कंपनी के प्रस्ताव से ज्यादा आयोग ने मंजूर किया है। कंपनी ने डिमांड आधारित टैरिफ में 10 किलोवाट से ज्यादा के कनेक्शन पर 640 रुपए किलोवाट मांगा था। आयोग ने इसे हरी झंडी दे दी है।
घरेलू बिजली के नए दाम
खपत पुराना नया अंतर
0-50 यूनिट–3.65–3.85–20 पैसे
51-100 यूनिट–4.35–4.70–35 पैसे
101-300 यूनिट–5.60–6.00–40 पैसे
300 से ऊपर यूनिट–6.10–6.30–20 पैसे

देश की संसद में एमपी के नवरत्नों का बोलबाला

देश की संसद में मध्‍यप्रदेश के अच्छे दिन चल रहे हैं। यहां पर एमपी के नवरत्नों का बोलबाला है। लोकसभा के संचालन से लेकर संसद की सुरक्षा तक की जिम्मेदारी प्रदेश से जुड़े लोगों के हाथों में है। प्रशासनिक ही नहीं, सियासी तौर पर भी यहां राज्य का दबदबा है। लोकसभा में कांग्रेस और भाजपा दोनों के चीफ व्हिप की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के सांसदों के हाथ में है तो वहीं राज्यसभा में भी कांग्रेस ने चीफ व्हिप की जिम्मेदारी यहीं के सांसद को सौंप रखी है।
संसद से जुड़े मीडिया में भी मध्यप्रदेश के ही चेहरे चमक रहे हैं। लोकसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ मध्यप्रदेश के ही हैं तो राज्यसभा टीवी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी यहीं से हैं। वहीं लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी (मीडिया) भी मप्र से ही हैं। अब बच गई सुरक्षा तो वह भी मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अफसर संभाल रहे हैं।

पाकिस्तान खेल के मैदान में दुनिया भर में अलग-थलग पड़ा

आतंकवाद से जूझ रहा पाकिस्तान खेल के मैदान में भी दुनिया भर में अलग-थलग पड़ा है। अब पाकिस्तान के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने पाकिस्तान की ओर से दिए गए 2 टी20 मैच खेलने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
दोनों देशों के बीच यह सीरीज इसी साल जुलाई से पहले खेली जानी थी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की मीडिया और संचार समिति के चेयरमैन जलाल यूनिस ने शुक्रवार को ढाका ट्रिब्यून को यह बात बताई।
पाकिस्तानी समाचार वेबसाइट डॉन के मुताबिक यूनिस ने कहा, ‘हमने लाहौर में हुए पीएसएल टी20 के फाइनल मैच का दौरा किया था। इस संबंध में सुरक्षा रिपोर्ट संतोषजनक नहीं थी। इस कारण हमें कदम पीछे खींचने पड़े। आइसीसी की टीम ने भी पाकिस्तान का दौरा किया और वहां उन्हें भी वहां कोई प्रगति देखने को नहीं मिली।’
आपको बता दें कि 2009 में श्रींलका की टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान में केवल जिंबाब्वे की टीम ही आई है। 2015 में हुए इस दौरे में जिंबाब्वे ने तीन वनडे और दो टी20 मैच खेले थे। इस आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने चार देशों से अपने यहां मैच खेलने की अपील की, लेकिन श्रीलंका, बांग्लादेश, वेस्टइंडीज और आयरलैंड की टीमों ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।
पाकिस्तान की टीम को इसी साल जुलाई में बांग्लादेश का दौरा करना है। पाकिस्तान ने उम्मीद की थी कि वह इससे पहले बांग्लादेश को अपने यहां खेलने के लिए मना लेगा। हालांकि, उसका सोचना सही नहीं था। बांग्लादेश ने किसी तीसरे देश में सीरीज खेलने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, पीसीबी को इससे कोई वित्तीय फायदा नहीं मिलता है। अब पाकिस्तान ने मांग की है कि बांग्लादेश अपने यहां होने वाली सीरीज से मिलने वाला फायदे में उसे भी हिस्सेदार बनाए, क्योंकि बांग्लादेश पिछले छह सालों से उसके यहां सीरीज खेलने के प्रस्ताव को ठुकरा रहा है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी के प्रयास हेतु पीसीबी ने बांग्लादेश को तीन सप्ताह पहले लाहौर में संपन्न हुए पीएसएल के बाद दो टी20 मैचों की सीरीज खेलने का प्रस्ताव भेजा था।