पीएम मोदी भुवनेश्वर पहुंचे की भगवान शिव के लिंगराज मंदिर में पूजा अर्चना

पीएम मोदी का रविवार का दिन अलग-अलग राज्यों के दौरों में गुजरेगा। सुबह पीएम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे जहां भगवान शिव के लिंगराज मंदिर में पूजा अर्चना की। मोदी ने यहां बने अन्य मंदिरों में दर्शन किए। लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर का सबसे बड़ा मंदिर है। इससे पहले उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ हुए पाइका विद्रोह में शामिल स्वतंत्रता सैनानियों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश का इतना बड़ा आंदोलन कुछ परिवारों और घटनाओं तक सीमित रह गया।
दो दिवसीय गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान वो 11 किमी लंबा रोड सो करेंगे। इस रोड शो के लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और एयरपोर्ट से सर्किट हाऊस तक जाने वाली जिस सड़क से पीएम गुजरेंगे उस पर 11 किमी लंबी साड़ा लगाई गई है। इस साड़ी पर केंद्र सरकार की स्कीमों की जानकारी है।
मोदी रविवार शाम सूरत पहुंचेंगे और इस रोड शो के साथ ही उनका दौरा शुरू होगा। पीएम सूरत में 400 करोड़ की लागत से बने किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे वहीं इच्छपुर में एक हीरा पॉलिशिंग इकाई का भी उद्घाटन करेंगे।

क्रिकेट इतिहास के पन्नों से ३३ साल पहले बिना फाइनल खेले कैसे जीता भारत एशिया कप

क्रिकेट जगत में आईपीएल 2017 की धूम है। इस बीच क्रिकेट इतिहास के पन्नों से एक रोचक जानकारी निकल कर आई है।
33 साल पहले यानी 13 अप्रैल 1984 को भारतीय टीम ने पहला एशिया कप जीता था। शारजाह में खेले गए इस मैच में सुनील गावस्कर की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराया था। खास बात यह है कि उस टूर्नामेंट में फाइनल नहीं हुआ थी। एक नजर इसी से जुड़ी अहम बातों पर — टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के अलावा श्रीलंका ने हिस्सा लिया था। कुल तीन मैच हुए थे और अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाले टीम को चैंपियन घोषित कर दिया गया। पहला मैच भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया था, जिसमें टीम इंडिया ने आसान जीत दर्ज की थी।
– दूसरा मुकाबला पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच हुआ। पाकिस्तान को यहां भी मात खाना पड़ी। अब तीसरा और सीरीज का आखिरी मैच भारत और पाकिस्तान के बीच होना था। भारत यह मैच जीतकर चैंपियन बना।
– तीन मैचों के बाद भारत के 8 अंक रहे, जबकि श्रीलंका के 4 अंक। पाकिस्तान कोई भी मैच नहीं जीत सका था।
– इस टूर्नामेंट से ठीक पहले भारत ने कपिल देव की कप्तानी में विश्वकप जीता था, लेकिन इन सीरीज में चोंट के कारण कपिल नहीं खेल पाए थे।
पाकिस्तान ने यूं टेंक दिए थे घुटने
आखिरी मैच में सुनील गावस्कर ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। निर्धारित 46 ओवर में भारत ने चार विकेट खोकर महज 188 रन बनाए। सलामी बल्लेबाजों, सुरिंदर खन्ना और गुलाम पार्कर ने 54 रन जोड़े। खासतौर पर खन्ना ने 72 गेंदों में 56 रन बनाए थे। संदीप पाटिल ने 43 और गावसकर ने 36 रन बनाए थे।
189 रन के छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम 134 रन पर सिमट गई। टीम इंडिया की ओर से रवि शास्त्री और रोजर बिन्नी ने तीन-तीन विकेट लिए।

कैसे पहुंचे पाकिस्तान कुलभूषण

भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अभी भी यह रहस्य बना हुआ है कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तानी एजेंसियों के हत्थे कैसे चढ़े? अभी तक की जांच से यह पता चल रहा है कि इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ कुछ आतंकी संगठनों की मदद से अगवा करवाने में सफल रही है।
ईरान के चाबहार इलाके में जहां जाधव को अंतिम बार देखा गया था वह पाक समर्थित आतंकी संगठनों के प्रभाव वाला इलाका रहा है। जहां वे तरह-तरह के गलत धंधे करते हैं। ईरान सरकार की तरफ से इन संगठनों पर सख्ती करने की खबरें भी लगातार आती रहती हैं।
वैसे भारत सरकार पहले ही इस बात की तफ्तीश करने में जुटी थी लेकिन हाल ही में पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट की तरफ से जाधव को फांसी की सजा देने के बाद पूरे मामले को नए सिरे से देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जाधव को पाकिस्तान कैसे ले जाया गया। इसे ईरान सरकार की मदद के बिना पता नहीं लगाया जा सकता।
पहले तो ईरान का रवैया सकारात्मक था लेकिन हाल के महीनों में ईरान की तरफ से इस पर बहुत सकारात्मक रुख नहीं दिखा रहा है। कई बार तो ईरान ने पाकिस्तान के सुर में ही सुर मिलाया है। मसलन, हाल ही में ईरान सरकार की तरफ से पाकिस्तान को यह आश्वासन दिया गया था कि वह यह जांच करेगा कि जाधव कैसे पाकिस्तान में प्रवेश कर गये।
इसके अलावा हाल के दिनों में तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत व ईरान में काफी तल्खी बढ़ी है। भारत के बार-बार आग्र्रह करने के बावजूद ईरान ने जाधव के गायब होने पर अभी तक कोई आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इस वजह से जाधव के गायब होने पर भारत की तरफ से की जा रही जांच में बहुत सारी कठिनाइयां हैं।
भारतीय एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक पाक का दावा है कि जाधव को उन्होंने मार्च, 2016 में बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया था, लेकिन भारत ने अपनी जांच में पाया कि जाधव कम से कम तीन महीने पहले से ईरान से गायब थे। ईरान ने भी इस बात की तसदीक की थी।
खुफिया एजेंसियों को ईरान व पाकिस्तान सीमा पर तालिबान से जुड़े आतंकी संगठनों पर शक है। इन एजेंसियों के जरिए पाकिस्तान पहले ही भी अपने हित साधने वाले काम करवाता रहा है। तालिबान पहले भी अपने दुश्मन आतंकी संगठनों के प्रमुख लीडरों को पकड़ कर उन्हें पाकिस्तान सेना को बेचता रहा है।
इन संगठनों की नजर पहले से ही भारतीय नौसेना के इस पूर्व अधिकारी पर होगी और मौका देखकर उन्हें अगवा किया गया होगा। क्योंकि जाधव पाकिस्तान की इस साजिश में बिल्कुल फिट बैठते थे।

उत्तरप्रदेश में राज्य रानी एक्स्प्रेस ट्रेन के आठ डिब्बे पटरी से उतरे

उत्तरप्रदेश में राज्य रानी एक्स्प्रेस ट्रेन के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए हैं। शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि तीन दर्जन यात्री घायल बताए गए हैं। ट्रेन मेरठ से लखनऊ जा रही थी। हादसा रामपुर के नजदीक कोसी नदी के पुल से पहले हुआ है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत तथा बचाव कार्य जारी है। रेलवे ने देश भर के लिए 0591-1072 नंबर जारी किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लगातार दो-तीन झटके लगे और डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके बाद घायल लोगों में चीख-पुकार मच गई। ट्रेन में मौजूद एक अन्य शख्स ने बताया कि सभी आराम से सफर कर रह थे। रामपुर आने वाला था, तभी कुछ झटके महसूस हुए और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर घायलों को 50 हजार और मामूली रूप से घायल लोगों को 25 हजार के मुआवजे का ऐलान किया है।
अधिकारियों ने बताया, मेरठ से चलकर अमरोहा मुरादाबाद होकर लखनऊ की ओर जाने वाली राज्य रानी (22454) एक्सप्रेस शनिवार सुबह रामपुर में मूंढापांडे स्टेशन के पास कोसी नदी पुल से पहले बेपटरी हो गई। अचानक इंजन को झटका लगा। उसके बाद एक के बाद एक सात कोच पटरी से उतर गए। अधिकांश यात्री कोच में गिरकर चोटिल हुए हैं।

इस मामले में किसी से शिकायत नहीं करना सोशल मीडिया पर शेयर वीडियो पर एक कश्मीरी युवक का बयान

हाल ही में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें एक कश्मीरी युवक को सेना की जीप के आगे बांधकर बैठा हुआ दिखाया गया है। इस युवक का नाम फारूक अहमद धर (26) है।
उसने बताया कि इस दौरान सीआरपीएफ जवान गाड़ी से आवाज लगा रहे थे-आओ और अपने ही आदमी पर पत्थर चलाओ। फारूक ने बताया कि उसने कभी पत्थरबाजी नहीं की। वह कश्मीर में कुछ छोटे-मोटे काम करता था।
फारूक के परिवार में उसकी एक बुढ़ी मां है, जिसका कहना है कि यही मेरा आखिरी सहारा है। अगर उसे कुछ हो गया, तो मैं कहीं की नहीं रह जाऊंगी। फारुख ने बताया कि वह घटना वाले दिन अपने एक रिश्तेदार की आखिरी यात्रा में शामिल होने के लिए जा रहा था।
रास्ते में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तो वह आगे नहीं जा सका। इस बीच कुछ जवानों ने मुझे पकड़कर मारा और जीप के आगे बांध दिया। नौ गांवों से घुमाकर ले जाते हुए सीआरपीएफ कैंप में ले जाया गया, जहां जीप से खोला गया और कैंप में बिठाया गया।
हालांकि, बाद में उसे छोड़ दिया गया, लेकिन फारुख अभी भी डरा हुआ है। उसका कहना है कि इस मामले में किसी से शिकायत नहीं करना चाहता है। गौरतलब है कि बडगाम में कुछ कश्मीरी युवकों द्वारा सीआरपीएफ के जवानों को मारने-पीटने की घटना का वीडियो शुक्रवार को सामने आया था।
जवानों के हाथ में हथियार थे, लेकिन फिर भी वह कश्मीरी युवकों की बदतमीजी बर्दाश्त कर रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे देश में रोष जाहिर किया गया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।

साधु-संतों और केंद्रीय मंत्रियों की हवाई यात्रा में हर साल करोड़ों रुपए

डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा के कर्ज में डूबी शिवराज सरकार साधु-संतों और केंद्रीय मंत्रियों की हवाई यात्रा में ही हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक केंद्रीय मंत्रियों और साधु संतों की हवाई यात्राओं के लिए सरकार ने सिर्फ निजी विमान के किराए पर 81 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए। मप्र सरकार के खर्चे पर अवधेशानंद महाराज से लेकर श्री श्री रविशंकर भी हवाई यात्राओं का लुत्फ लेते हैं।
मप्र सरकार ने अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक निजी विमान कंपनियों को हेलीकॉप्टर और विमान के किराए के रूप में करीब साढ़े चार करोड़ रुपए दिए। इस दौरान सरकार ने 46 बार हेलीकॉप्टर और विमान किराए पर लिए। किराए के विमान का ज्यादातर उपयोग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।
अब तो विमान किराए पर लेने के नियम और आसान किए
राज्य सरकार ने निजी हेलीकॉप्टर व विमान किराए पर लेने के नियम भी आसान बना दिए हैं। पहले निजी विमान तभी किराए पर लिए जा सकते थे, जब सरकारी विमान खराब हो या उपलब्ध न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने की स्थिति नहीं होने पर भी विमान किराए पर लिए जा सकते थे।
यदि मुख्यमंत्री या मंत्रियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के लिए विमान किराए पर लिया जाता था तो उसका भुगतान संबंधित विभाग या व्यक्ति को करने का प्रावधान था। लेकिन 2016 के आखिर में सरकार ने नियमों को आसान बना दिया। नए नियमों के मुताबिक जब भी सरकार को जरूरत महसूस होगी, विमान किराए पर लिए जा सकेंगे।
अरुण जेटली–9 अप्रैल 2015–दिल्ली-भोपाल-दिल्ली–4 लाख 25 हजार
उमा भारती–2 मई 2015–दिल्ली-ग्वालियर-पचमढ़ी-दिल्ली–20 लाख 50 हजार
अरुण जेटली–30 मई 2015–दिल्ली-भोपाल-दिल्ली–4 लाख 73 हजार
नितिन गडकरी–20 जून 2015– दिल्ली-जबलपुर-नागपुर-दिल्ली–9 लाख 5 हजार
अनंत कुमार–5 जून 2015–पुणे-भोपाल-बैंगलोर-पुणे–13 लाख 87 हजार
राजनाथ सिंह–25 से 27 जुलाई 2015–दिल्ली-भोपाल-हैदराबाद-भोपाल-दिल्ली–15 लाख 41 हजार
श्रीश्री रविशंकर–21 व 22 नवंबर 2015–दिल्ली-भोपाल-इंदौर-वाराणसी-पुणे-दिल्ली–9 लाख 21 हजार
अवधेशानंद महाराज–25 अक्टूबर 2015–दिल्ली-जोधपुर-इंदौर-दिल्ली–4 लाख 12 हजार
राजकीय अतिथि बनाकर दे रहे हैं सुविधा
राज्य सरकार ने साधु संतों को विमान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक तरीका निकाला है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल के मुताबिक नियमों के तहत राजकीय अतिथियों को विमान उपलब्ध कराए जाते हैं, जिन्हें राजकीय अतिथि घोषित किया गया, उन्हें जरूरत के मुताबिक विमान उपलब्ध कराए गए।
एक्सपर्ट व्यू
इस तरह का खर्च उचित नहीं
सरकारी विमान या किराए पर लिए जाने वाले विमानों का उपयोग सरकार के पदाधिकारी और शासकीय कामों के लिए ही किया जाना चाहिए। उत्सव, मेले या किसी कार्यक्रम में बुलाए गए अतिथियों के लिए विमानों पर भारी-भरकम खर्च बिल्कुल उचित नहीं है।
– केएस शर्मा, पूर्व मुख्य सचिव
मप्र के बेड़े में एक प्लेन और तीन हेलीकॉप्टर
मप्र सरकार के बेड़े में इस समय एक विमान और तीन हेलीकॉप्टर हैं। टर्बो प्रॉप बी 200 विमान और हेलिकॉप्टर ईसी 155 बी-1 का उपयोग मुख्यमंत्री करते हैं। सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर बेल 407 का उपयोग मुख्यमंत्री को छोड़कर अन्य लोग करते हैं। वहीं बेल 430 लगभग बेकार पड़ा है, इसे सरकार बेचना चाहती है लेकिन कोई खरीदार नहीं मिल रहा।

अफगानिगस्‍तान में शक्तिशाली गैर-परमाणु बम से हमला

अमेरिकी सेना ने अफगानिगस्‍तान में आईएस ठिकानों पर सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु बम से हमला किया। इस बम को “मदर ऑफ ऑल बम” कहा जाता है। दुनिया में पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया है। आइए जानते हैं इस विशाल बम और इस ऑपरेशन की खास बातें।
– GBU-43 नाम का यह बम बेहद खतरनाक है। इसका वजन 21,600 पौंड है।
– इस प्रकार के बम पूरी दुनिया में गिनती में केवल 15 ही हैं, इसलिए यह दुर्लभ की श्रेणी में आता है।
– पेंटागन के प्रवक्‍ता एडम स्‍टंप ने बताया कि पहली बार इस्‍तेमाल किए गए इस बम में 11 टन विस्‍फोटक भरा हुआ था।
– इस बम को एक कॉम्‍पलेक्‍स पर गिराया गया। यहां आईएस लड़ाकों के छिपे होने का संदेह था।
– इसकी पहली टेस्टिंग 11 मार्च 2003 में की गई थी। तब इसे फ्लोरिडा में गिराकर देखा गया था। उसी साल 21 नवंबर को इसका दूसरा परीक्षण किया गया था।
– मदर ऑफ ऑल बम (एमओएबी) में 9797 किलो विस्फोटक सामग्री रहती है।
– 30 फीट लंबा, 40 इंच चौड़ा और 1.6 किमी के दायरे में तबाही मचा सकता है।
– इससे 11 टन टीएनटी के बराबर विध्वंस हो सकता है।
– हरक्युलिस एमसी-130 मालवाहक विमान से गिराया गया।
– जमीन पर गिरने से 300 मीटर के रेडियस में गड्ढा हो जाता है।
– जीपीएस से लैस, निशाना चूकने की कोई गुंजाइश नहीं।
– धमाके की जगह की हर चीज वाष्प बनकर उड़ जाती है।
– जमीन से छह फीट ऊपर बम में धमाका हुआ।

डॉ. अंबेडकर की 126वीं जयंती पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने भी संसद भवन में दी बाबा साहेब को श्रद्धांजलि

आज बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की 126वीं जयंती है और इस मौके पर पूरे देश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ने भी इस मौके पर संसद भवन में बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पीएम मोदी नागपुर पहुचें जहां वो सबसे पहले बाबा साहेब की दीक्षास्थली गए और प्रार्थना की। उसके बाद उन्होंने यहा कई महत्वपूर्ण चीजें देखीं।
मोदी यहां से कोराडी थर्मल पावर प्लांट जाएंगे जहां वो बिजली उत्पादन की नई इकाई देश को समर्पित करेंगे। नागपुर जाने से पहले पीएम ने ट्वीट किया और लिखा कि आंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर पूज्य बाबासाहेब को नमन। #जयभीम!
नागपुर जिला सूचना अधिकारी ने पीएम मोदी की यात्रा की जानकारी देते हुए एक विज्ञप्ति में कहा कि वह शहर के हवाई अड्डे पर सुबह 10.45 बजे पहुंचेंगे, जहां से वह आंबेडकर की 126वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दीक्षाभूमि जाएंगे। इसके बाद वह कोराडी थर्मल पावर स्टेशन के लिए रवाना होंगे, जहां वह महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव की मौजूदगी में महाजेनको की 1980 मेगावाट कोराडी थर्मल पावर परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
वह दोपहर करीब 12.25 बजे नीति आयोग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डिजिधन और लकी ग्राहक योजनाओं के विजेताओं को पुरस्कृत करेंगे साथ ही आधार पे की शुरुआत भी करेंगे। वह दीक्षाभूमि का डाक टिकट भी जारी करेंगे और इस अवसर पर लोगों को संबोधित करेंगे।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रवि शंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, रामदास अठावले, हंसराज अहीर और अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी दोपहर दो बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

बिना आधार नंबर दिएनहीं मिलेगा। वेतन

प्रदेश के साढ़े पांच लाख से ज्यादा नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों को बिना आधार नंबर दिए वेतन नहीं मिलेगा। वित्त विभाग ने कर्मचारियों के बैंक खातों को आधार से लिंक करवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए अंतिम तारीख 13 अप्रैल थी।
बताया जा रहा है कि इस दौरान तक 95 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों के बैंक खाते तो आधार नंबर से लिंक हो गए, लेकिन अभी भी कुछ बचे हैं, इन्हें हर हाल में इस माह खातों को आधार से लिंक कराना होगा, वरना उनका वेतन रुक सकता है।
वित्त विभाग के सचिव और आयुक्त कोष एवं लेखा सुखबीर सिंह ने बताया कि नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सीधे खातों में भुगतान करने की सिफारिश की है। इसके मद्देनजर प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के बैंक खातों को आधार नंबर से लिंक करवाया जा रहा है।
अब तक 95 प्रतिशत से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों के खाते आधार नंबर से जुड़ चुके हैं। बाकी कर्मचारियों को भी इसे जल्द पूरा करना होगा, क्योंकि इसके जरिए ही पारदर्शी भुगतान की व्यवस्था लागू हो सकती है। सबके आधार नंबर मिल जाने के बाद इसके माध्यम से ही वेतन का भुगतान होगा।
सीधे खातों में भुगतान के लिए भी आधार को अनिवार्य किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी, क्योंकि आधार नंबर में छेड़छाड़ नहीं हो सकती है।