सोशल मीडिया पर पुलिस खोजेगी मुखबिर

यदि आप फेसबुक, वॉट्सएप, टि्वटर पर यह सोचकर विवादित फोटो या अन्य कटेंट अपलोड करते हैं कि किसी पता नहीं चलेगा तो सावधान। अब मप्र पुलिस सोशल मीडिया को ही अपने नए खबरी के तौर पर इस्तेमाल करेगी। यहां पुलिस खुद के लिए मुखबिर भी तलाशेगी।
सूत्रों की मानें तो इसके लिए एक योजना भी पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने पिछले दिनों तैयार कर ली है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य गड़बड़ी करने वालों को तुरंत पकड़ना है ताकि किसी तरह का विवाद उत्पन्न् न हो।
गुप्त रूप से लोगों से जुड़ेगी पुलिस
सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलकर (काल्पनिक नाम से) लोगों से जुड़ें। इससे लोगों को पता भी नहीं चलेगा कि उनके द्वारा की जा रही हर गतिविधि पर पुलिस सीधे निगाह रख रही है।
अभी तक सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट की शिकायत होने पर पुलिस कार्रवाई करती थी। नई व्यवस्था में अगर पुलिस को लगता है कि किसी पोस्ट से माहौल खराब हो सकता है तो वह खुद ही कार्रवाई कर सकेगी।
संवेदनशील मामलों की खबर भी लेंगे
खबर यह भी है कि पुलिस चाहती है नए खबरियों से बातचीत, संवेदनशील मामलों व आसपास के संदिग्ध घटनाक्रम की जानकारी अब सीधे मिलकर लेने के बजाय सोशल मीडिया के माध्यम से ही लें। इसके दो फायदे होंगे, पहला खबरी किसी के नजर में नहीं आएंगे और दी जाने वाली जानकारी कोडवर्ड में यदि किसी के सामने भी दी जाएगी तो उसके काम की भनक किसी को नहीं लगेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल में कर सकते हैं फेरबदल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत जल्द अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार संसद के मॉनसून सत्र के उत्तरार्ध के 12 अप्रैल को खत्म होने के तुरंत बाद पीएम मोदी ये बदलाव कर सकते हैं। मोदी कैबिनेट में बदलाव की उम्मीद तो सभी को है लेकिन इस बाबत जो नाम मीडिया में सामने आ रहे हैं वो चौंकाने वाले हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की जगह ले सकती हैं। सुषमा की तबीयत पिछले कुछ समय से नासाज रही है।
विदेश मंत्री के तौर पर सुषणा को काफी यात्राएं करनी पड़ती हैं इसलिए उनकी जगह किसी अन्य को दिए जाने की चर्चा है। सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री के रूप में सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निपटारे कराकर काफी तारीफ बटोरी है। ऐसे में उनकी जगह लेने पर जनाकांक्षाओं का भारी दबाव होगा। रिपोर्ट के अनुसार भाजपा महासचिव ओम माथुर को वसुंधरा की जगह राजस्थान का सीएम बनाया जा सकता है।
मनोहर पर्रीकर के रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देकर गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद मंत्रालय की जिम्मेदारी वित्त मंत्री अरुण जेटली को दी गयी है। लेकिन माना जा रहा है कि इस मंत्रालय की अहमियत और जेटली पर अतिरिक्त बोझ को देखते हुए जल्द ही नए रक्षा मंत्री की घोषणा होगी। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी रक्षा मंत्री के तौर पर किसी ने चेहरे को मौका दे सकते हैं। ये चेहरा जो भी हो उसकी छवि पर्रीकर की तरह “ईमानदार” राजनेता की होगी। भारतीय रक्षा मंत्रालय पिछले कुछ सालों में कई घोटालों को लेकर चर्चा में रहा है इसलिए पीएम मोदी भावी मंत्री के “चाल, चरित्र और चेहरे” को लेकर विशेष सतर्क रहेंगे।
स बात की चर्चा है कि यूपी का सीएम बनने से चूक गए मनोज सिन्हा का भी आगामी फेरबदल में प्रमोशन हो सकता है। सिन्हा अभी दूरसंचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। संभावना जतायी जा रही है कि पीएम मोदी के करीबी सिन्हा को कैबिनेट मिनिस्टर बनाया जा सकता है। पीएम मोदी के कैबिनेट फेरबदल में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के लिए बुरी खबर भी आ सकती है। माना जा रहा है कि 75 साल से अधिक उम्र वाले नेताओं को सक्रिय राजनीति से दूर रहने की पीएम मोदी की नीति की गाज उन पर गिर सकती है और उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बनाकर मंत्रिमंडल से विदा किया जा सकता है।
उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस पहाड़ी राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वहीं  मध्य प्रदेश, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधान सभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं।

किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्ज माफ आंशिक राहत सरकार सही दिशा में

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई बीजेपी की सरकार द्वारा किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्ज माफ किया जाना आंशिक राहत है लेकिन सरकार सही दिशा में काम कर रही है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा ही किसानों का कर्ज माफ किए जाने के पक्ष में रही है। कैबिनेट की पहली मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा किसानों का कर्ज माफ किए जाने की बात कही गई। योगी सरकार के इस फैसले के बाद करीब 21 लाख किसानों को राहत पहुंचेगी। किसानों के कर्ज माफ किए जाने की खुशी जताते हुए राहुल ने तीन ट्वीट कर अपनी भावना व्यक्त की।
राहुल गांधी ने कहा कि आखिरकार दवाब में आकर बीजेपी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही है। इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति नही होनी चाहिए क्योंकि देश के कई राज्यों के किसान कर्ज की मार झेल रहे हैं। इसके बाद राहुल ने कहा कि यह केंद्र सरकार का दायित्व बनता है कि वह राष्ट्र में बढ़ते तनाव को दूर करे। बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि पार्टी सत्ता में आने के बाद किसानों का कर्ज माफ करेगी। राहुल ने कहा मुझे खुशी है कि योगी सरकार ने किसानों के हित में सही कदम उठाया है।

डेथ ओवरों में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध भुवनेश्वर कुमार

पिछले साल आयोजित आईपीएल-9 के खिताब पर सनराजइर्स हैदराबाद ने कब्जा जमाया था। डेविड वार्नर की कप्तानी वाली हैदराबाद टीम को चैंपियन बनाने में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने खास भूमिका निभाई थी। भुवनेश्वर ने आईपीएल-10 के उद्घाटन मुकाबले की पूर्व संध्या पर मंगलवार को माना कि वे डेथ ओवरों में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भुवनेश्वर ने कहा कि यह एक चुनौती होगी क्योंकि पिछले साल हमने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। इसलिए हमसे उम्मीदें रहेंगी। इस साल यह अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी कि हम उसी तरह का प्रदर्शन दोहराएं। पिछले साल हमने हर विभाग में अच्छा खेल दिखाया था।
टी20 में टीम की सफलता में अंतिम ओवरों की गेंदबाजी अहम भूमिका अदा करती है। अगर आप मैच जीतना चाहते हो तो आपको अंतिम 4-5 ओवर में सचमुच अच्छी गेंदबाजी करनी होती है और मैं, मुस्तफिजुर रहमान, आशीष नेहरा और बरिंदर सरन पिछले साल ऐसा करने में सफल रहे थे।

एन एस जी सदस्यता पर भारत के पक्ष में आ सकते है सभी देश

न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रु़प में भारत को सदस्यता मिलने की उम्मीद बढती नजर आ रही है। एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध कर रहे कुछ देश अब भारत के समर्थन में आ सकते हैं। जर्मनी एनएसजी में भारत की सदस्यता का समर्थन कर सकता है। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि एनएसजी परामर्श समूह की बैठक जारी है और यहां भारत की सदस्यता के बारे में चर्चा की जा रही है। इस बैठक में जर्मनी ने भारत को अपना समर्थन दिया है।
साथ ही जर्मनी पहली बार भारतीय प्रायद्वीप में अपनी विदेश नीति को अहम तरीके से संचालित कर रहा है। जर्मनी मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं अक्षय ऊर्जा, स्मार्ट सिटी, कनेक्टिविटी, गंगा सफाई अभियान, डुअल एजुकेशन और रेलवे इत्यादि पर ध्यान लगाना चाहता है। जर्मन राजनयिक ने बताया कि भारत वैश्विक स्तर पर हमारा अहम रणनीतिक साझीदार है।
जर्मनी और भारत का मानना है कि दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते वक्त की जरूरत हैं। पीएम नरेंद्र मोदी इस साल 2 बार जर्मनी की यात्रा पर जाएंगे। पहले वह मई में और फिर जुलाई में जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी जाएंगे।

गर्लफ्रेंड से मिलने जाते आशिक़ के कैमरे की क्लिक से लिया फोटो दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल और देखा गया फोटो बना

इस फोटो को आप जरूर पहचानते होंगे। यह दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया और देखा गया फोटो है। अमूमन हर कम्प्यूटर सिस्टम जिस पर माइक्रोसॉफ्ट का ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज लोड है, उस पर यह तस्वीर जरूर लगी होती है।
विंडोज एक्सपी ओएस के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने इसे डिफॉल्ट डेस्कटॉप इमेज के तौर पर चुना था। इस तस्वीर को देखकर हर कोई इस असमंजस में रहता है कि इसे खींचा गया है या ये सिर्फ ग्राफिक है। इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है।
जनवरी 1996 में चार्ल्स ओ रियर कैलिफोर्निया में अपनी गर्लफे्रंड (जो अब उनकी बीवी हैं) से मिलने जा रहे थे। रास्ते में उन्हें हरियाली से आच्छादित घाटियां मिलीं, जिन पर फैला नीला आसमान और रुई जैसे सफेद बादल दिखे। रियर को यह नजारा खूबसूरत लगा और उन्होंने तुरंत गाड़ी से अपना कैमरा निकाला और फटाफट चार क्लिक कर लिए।
कुछ दिन बाद ओ रियर ने इन तस्वीरों को बिल गेट्स की इमेज लायसेंसिंग सर्विस ‘कोर्बिस” पर लोड कर दिया। जब ये माइक्रोसॉफ्ट कंपनी प्रबंधन की नजर में आईं तो उन्होंने ओ रियर को इनके बदले इतनी मोटी रकम ऑफर की, जितनी वह सोच भी नहीं सकते थे।
खुशी व जोश के मारे ओ रियर ओरिजनल तस्वीरों को मेल करने के बजाय उन्हें लेकर खुद माइक्रोसॉफ्ट के हेडक्वार्टर पहुंच गए। फिर माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डिफॉल्ट डेस्कटॉप इमेज बनाने से यह फोटो दुनियाभर में हिट हो गया। बाद में इसे व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में लगे कम्प्यूटर्स के डेस्कटॉप पर भी देखे जाने की खबरें आईं। तब रियर को लगा कि उन्हें लग रही वह मोटी रकम बहुत कम थी और उन्होंने शायद माइक्रोसॉफ्ट से घाटे का सौदा कर लिया।

प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकरकर करली आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक चौंकाने वाले मामले में एक प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़का हिंदू है और लड़की दूसरे धर्म की है और दोनों ही नाबालिग हैं। पुलिस ने बताया कि जौनपुर जिले के सिकरारा पुलिस थाने में दोनों के शव एक पेड़ से लटके हुए मिले।
पुलिस को संदेह है कि दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे और उन्हें लगा होगा कि उनके परिवार उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे, तो उन्होंने आत्महत्या कर ली। दोनोंन कक्षा 11 और 9 के स्टूडेंट थे, जो अलग स्कूलों में पढ़ते थे। हालांकि, वे दुडौली गांव के एक ही इलाके में रहते थे। पुलिस ने बताया कि वे लगभग छह महीने पहले भाग गए थे, लेकिन परिवारों ने उनका पता लगाया और उन्हें वापस ले आए थे।
सिकरारा स्टेशन के अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि दोनों ने शनिवार रात को अपना घर छोड़ दिया था। मगर, उनके परिवार के सदस्यों को उनके न होने की जानकारी रविवार सुबह तक नहीं थी। ग्रामीणों ने रविवार की सुबह गांव के कब्रिस्तान में दोनों के शवों को एक पेड़ से लटका पाया, तब जाकर उनके परिजनों को घटना के बारे में पता चला।
पांडे ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला दिखता है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में आगे कोई टिप्पणी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को कोई सुसाइट नोट नहीं मिला और परिवार के सदस्यों ने भी कोई संदेह नहीं उठाया है।

सीमा पर ट्रिप फ्लेयर लगाने से आतंकियों या घुसपैठियों के कदम रखते ही होगी धमाके के साथ तेज रोशनी

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसी जगहों पर अब ट्रिप फ्लेयर लगाया जा रहा है। इस पर आतंकियों या घुसपैठियों के कदम रखते ही धमाके के साथ तेज रोशनी होगी और पेट्रोलिंग में तैनात जवान चौकन्ना हो जाएंगे।
राजस्थान के रेगिस्तान में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र काफी दुर्गम है। हर जगह पेट्रोलिंग आसान नहीं है। रात्रि के दौरान काफी परेशानी होती है। इसी को देखते हुए सीमा पर आतंकियों, घुसपैठियों और तस्करों को रोकने के लिए सेना के आर्डिनेंस विंग ने बीएसएफ के जवानों को ट्रिप फ्लेयर से लैस करना शुरू कर दिया है।
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि रेगिस्तान के इलाके में घुसपैठ रोकने में यह तकनीक बेहद कारगर है क्योंकि इससे निकलने वाली आग रात के अंधेरे में वाच टावरों से आसानी से देखी जा सकती है।
दरअसल, इसमें मिट्टी के रंग का पतला सा धागा रहता है जो रेगिस्तान के धूल में दबा रहता है जैसे ही कोई प्रेशर या लोड होगा यह विस्फोट के साथ जलना शुरू कर देगा। ट्रीप फ्लेयर पहले वहीं लगाया जाता था जो इलाका घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील हो। लेकिन अब डीआरडीओ से इसे ज्यादा संख्या में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, ताकि पूरी सीमा पर तारबंदी के नीचे इसे लगाया जा सके।
बीएसएफ ने बॉर्डर के कुछ इलाकों में जिंगल बेल (एक प्रकार की घंटी) लगाने शुरू कर दिया है। बीएसएफ ने करीब एक लाख जिंगल बेल तारबंदी पर लगाने के लिए ऑर्डर दिए हैं।

लगातार मौखिक और शारीरिक प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए उकसावे के बराबर

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कर्ज चुकाने के लिए लगातार मौखिक और शारीरिक प्रताड़ना को आत्महत्या के लिए उकसावे के बराबर मानते हुए दो साहूकारों को केस से मुक्त करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति एएम बदर ने दो लाइसेंसधारी साहूकार गुरुनाथ गवली और संगीता गवली की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही, जिसमें उन्होंने खुदकुशी के लिए उकसावे के केस से मुक्त करने की मांग की थी।
दोनों पर शहर में रहने वाले उमेश बोंबले पर हमला करने और उसे धमकाने तथा खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है। उमेश ने सितंबर 2014 में खुदकुशी कर ली थी। उमेश की पत्नी सुनीता ने दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अभियोजक के मुताबिक पीड़ित ने आरोपियों से 19 लाख रुपए का कर्ज लिया था। लेकिन कर्ज चुकाने में नाकाम रहने पर दोनों ने कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया। कई मौकों पर गाली-गलौज की और उस पर हमला भी किया।
न्यायमूर्ति बदर ने कहा कि एक विवेकपूर्ण पारिवारिक शख्स के साथ जब दिन-रात ऐसा व्यवहार होगा तो वह निश्चित रूप से खुदकुशी के बारे में सोचेगा। उन्होंने कहा कि कर्ज वसूली के लिए आरोपियों का यह व्यवहार जानबूझ कर था और इसकी गंभीरता से लगता है कि किसी विवेकपूर्ण शख्स को खुदकुशी के लिए उकसाया या मजबूर किया गया।
कोर्ट ने कहा कि किसी परिवार के सामने या कार्यस्थल पर लगातार किसी व्यक्ति से गाली-गलौज तथा मारपीट आत्महत्या के लिए उकसावे के बराबर है। जस्टिस बदर ने आरोपियों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके इस व्यवहार से पीड़ित उमेश यह सोचने पर मजबूर होगा कि परिवार और बच्चों के सामने ऐसे अपमानित होने से बेहतर है कि मर जाऊं।

नर्मदा सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना

मध्यप्रदेश के लोग नर्मदा को यदि मैया कहते हैं तो नर्मदा भी एक मां के समान ही सदियों से यहां के लोगों का पालन-पोषण करती आई है। प्रदेश में अनूपपुर के अमरकंटक से लेकर आलीराजपुर के सोंडवा तक नर्मदा अपने 1077 किमी लंबे सफर के दौरान राज्य के 16 जिलों से होकर गुजरती है।
प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक आबादी इसके आस-पास निवास करती है। लाखों लोगों को इससे अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। आज इसका पानी प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर और भोपाल के लोगों की भी प्यास बुझा रहा है। कृषि, ऊर्जा, उद्योग,वनोपज और पर्यटन के जरिए सौंदर्य की इस नदी ने मध्यप्रदेश को समृद्धि भी खूब बांटी है।
नर्मदा घाटी परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी नदी परियोजनाओं में से एक है। नर्मदा के पानी के अधिकतम और नियोजित इस्तेमाल के मकसद से सरकार ने 1981 में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नर्मदा घाटी विकास विभाग एवं नर्मदा नियंत्रण मंडल का गठन कर प्रदेश में 29 बड़ी परियोजनाएं, 135 मध्यम परियोजनाएं एवं 3000 छोटी परियोजनाएं नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों पर बनाने का मास्टर प्लान तैयार किया था।
बड़ी परियोजनाओं में तवा, बारना, कोलार, सुक्ता, मटियारी, मान, शहीद चन्द्रशेखर आजाद,अवंती बाई लोधी सागर परियोजना,बरगी व्यपवर्तन परियोजना (बरगी दांयी तट नहर), इंदिरा सागर,ओंकारेश्वर,अपरवेदा, शहीद भीमा नायक सागर (लोअर गोई) एवं पुनासा परियोजनाएं शामिल हैं।
नर्मदा घाटी की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं से 6 लाख 37 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता से ज्यादा का विकास हुआ है । 2025 तक इस परियोजना को पूरे किए जाने का लक्ष्य है। परियोजना के पूरे हो जाने पर करीब 15 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और इससे लगभग 1648 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।