कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा भाजपा और आरएसएस के सामने नहीं टिकता कहा केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने

यूपी चुनाव के बाद अब कांग्रेस नेता यह बात मानने लगे हैं कि पीएम मोदी और भाजपा को टक्कर देना उनके बस की बात नहीं है। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा भाजपा और आरएसएस के सामने कहीं नहीं टिकता।
उन्होंने यह बात अपनी पुस्तक फियरलेस इन ऑपोजिशन के विमोचन के दौरान कही। चिदंबरम ने कहा की यह बात पुरी तरह साफ है कि कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा भाजपा और संघ के संगठनात्मक ढांचे से मेल नहीं खाता। यह वो ताकत है जिससे वोट हासिल किए जाते हैं और वो लोग वोट बटोरने में सक्षम हैं साथ ही हमसे ज्यादा मजबूत हुए हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा और आरएसएस के ढांचे को बंगाल टीएमसी या तमिलनाडु में एआईएडीएमके से मिलाने की कोशिश करें तो उन्हें हार मिलेगी।
लोकसभा चुनाव को लेकर चिदंबरम ने कहा कि यह 29 चुनावों को मिलाकर होते हैं और इनमे फैसला चुनाव के वक्त राज्य के हालात पर होता है। यूपी में अगर नोटबंदी के समर्थन में फैसला मतदान हुआ तो क्या पंजाब में विरोध हुआ। यह तय करना बेमानी है।

अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर 26 मार्च को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल ने भी अपने कैडर को तैयार करने के लिए हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया है। पाटीदार महासम्मेलन के स्थल पर ही हिन्दू संगठन अपनी ताकत बताऐंगे। 26 मार्च को विहिप व दल का विराट हिन्दू सम्मेलन बुलाया गया है।
आरक्षण की मांग को लेकर करीब दो साल पहले पाटीदार समाज का अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर पाटीदार महारैली का एतिहासिक आयोजन हुआ था, महारैली में आई लाखों की भीड़ के बाद कोई यादगार चुनावी सभा यहां नहीं हो सकी।
विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल अपनी ताकत बताने के लिए आगामी 26 मार्च को इसी मैदान पर विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया व बजरंग दल के प्रांतीय महामंत्री रणछोड भरवाड़ इस सम्मेलन का संयोजन कर रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विहिप व दल की यह पहली विशाल रैली होगी। अभी तक दोनों ही प्रमुख संगठन व उनकी सहयोगी संस्थाएं हिन्दू समाज में जागृति व सेवा कार्य से जुड़े हुए थे। इससे पहले वर्ष 2012 में विहिप ने कांकरिया फुटबाल मैदान में सभा का आयोजन किया था जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत सहित कई जाने माने संत महात्मा शामिल हुए थे।

श्री चौहान ने मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाई

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा के उदगम स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के विकास एवं जनता की सुख समृद्धि एवं पर्यावरण संरक्षण की अकांक्षा के साथ मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाई। नर्मदा मंदिर में वैदिक विधि-विधान के साथ एवं साधु-संतों के मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की। यहीं से नर्मदा जय घोष के साथ 144 दिवसीय नमामि देवी नर्मदा सेवा यात्रा का आगाज भी किया।
पूजा-अर्चना में महामंडलेश्वर अवधेशानंद, चिदानंद स्वामी, कल्याण दास, अखिलेश्वरा नंद एवं विवेकानंद महाराज, विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण शर्मा, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे, सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग राज्य मंत्री संजय पाठक, सांसद नंदकुमार चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।सीएम कल शाम महाआरती में भी शामिल हुए।
नर्मदा यात्रा को लेकर पूरे अमरकंटक को दुल्हन की तरह सजाया गया है। पूरे अमरकंटक में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की 3 कंपनियां और जिला पुलिस बल के 200 जवान 35 से अधिक पुलिस अधिकारी तैनात हैं।
144 दिवसीय ‘नमामि देवि नर्मदे’ नर्मदा सेवा यात्रा पूरे विश्व को नदियों के संरक्षण का संदेश देगी। यह पर्यावरणीय चेतना जाग्रत करने का अनूठा जन-अभियान होगा। यह यात्रा 3344 किलोमीटर की होगी, जिसमें से 1909 किलोमीटर पदयात्रा होगी। प्रतिदिन पैदल और वाहन से 20 से 35 किलोमीटर की यात्रा जायेगी। 16 जिलोें के 51 विकासखंड और 1104 मजरे-टोलों से होकर यह यात्रा गुजरेगी। यात्रा का समापन 11 मई को अमरकंटक में होगा।

धर्मगुरु दलाई लामा मुख्‍यमंत्री निवास पर पहुचे

नमामि देवि नर्मदे सेवा यात्रा में भाग लेने के लिए बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा मुख्‍यमंत्री निवास पर पहुंच चुके है। जहां पर शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्‍वागत किया है। श्री लामा ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया और आनंद विभाग के गठन, नर्मदा सेवा यात्रा एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना की सराहना की।
होली के चलते विश्राम पर रही नमामि देवि नर्मदे सेवा यात्रा 19 मार्च से फिर शुरू होगी। यात्रा सुबह नेमावर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर भगवान परशुराम की तपोस्थली तुरनाल पहुंचेगी।
यहां बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जनसंवाद सभा को संबोधित करेंगे। साथ ही पौधारोपण भी करेंगे। इसके बाद यात्रा सीहोर जिले के लिए प्रस्थान करेगी।

योगी आदित्यनाथ रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री रूप में शपथ लेंगे

शनिवार को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। साथ ही उनके मंत्रीमंडल के लिए 40 विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस मौके पर पीएम मोदी के अलावा कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लखनऊ के स्मृति उपवन में दोपहर 2.15 बटे शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा।
शपथ लेने के बाद योगी लोक भवन में मुख्यमंत्री का चार्ज संभालेंगे। इसके बाद वो अपने मंत्रियों की बैठक लेंगे और फिर शाम 5 बजे मीडिया से मुखातीब होंगे।
शपथ ग्रहण से पूर्व ही योगी सुबह 8 बचे स्मृति उपवन पहुंचे और तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने यहां अधिकारियों से भी बात की। इसके बाद योगी के गोरखपुर जाने की खबर है। जानकारी के अनुसार वो गोरखपुर मंदिर में पूजा करने के बाद अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्प चढ़ाएंगे। इसके बाद वह गोशाला में भी जायेंगे जहाँ गायों को दाना खिलाएंगे। उनके आने की सूचना से मन्दिर परिसर में अभी से बड़ी संख्या में समर्थक एवम् भाजपा कार्यकर्ता पहुंच गए हैं।
यूपी में योगी आदित्यनाथ जहां सीएम पद की शपथ लेंगे वहीं केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। इनके अलावा चेतन चौहान, श्रीकांत शर्मा, रीत बहुगुणा जोशी, लक्ष्मी नारायण चौधरी, एसपी सिंह बघेल, राजेश अग्रवाल, धरमपाल सिंह, सुरेश खन्ना, आशुतोष टंडन, बृजेश पाठक, मुकुट बिहारी वर्मा और रमापति शास्त्री कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।
गुलाबो देवी, बलदेव ओलख, संदीप सिंह और मोहसीन रजा को राज्यमंत्री क दर्जा मिलेगा जबकि स्वाती सिंह, अनुपमा जैसवाल, डॉ. महेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, धरम सिंह सैनी और सुरेश राणा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात एसपी और 24 एएसपी समेत 34 कंपनी फोर्स समेत पुलिस का जबरदस्त अमला तैनात रहेगा। योगी बुलेट प्रूफ कार में आएंगे। मंत्रियों के लिए स्कोर्ट वाहन, शैडो और गनर के लिए डीजीपी को हिदायत दी गयी है।
अतिथियों के लिए श्रेणीवार दीर्घा बनाई गई है। हर निमंत्रण पत्र में शपथ ग्रहण स्थल के किस दीर्घा में स्थान ग्रहण किया जाना लिखा है। मुख्यमंत्री, मंत्री के लिए अलग दीर्घा और उनके परिवार और रिश्तेदारों के बैठने के लिए अलग श्रेणी की व्यवस्था होगी। शासन स्तर पर इस आयोजन को भव्य रूप देने के लिए तैयारी पूरी हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री, दर्जन भर राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योगपतियों समेत अति विशिष्ट अतिथियों के आने के संकेत मिले हैं। राजभवन की ओर से मानक सूची के अनुसार विशिष्ट अतिथियों को निमंत्रण पत्र निर्गत होंगे। मनोनीत मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के रिश्तेदारों, मित्रों एवं अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए भी आमंत्रण पत्र जाएंगे।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते एसपीजी की टीम लखनऊ में है। एडीजी दलजीत सिंह चौधरी के मुताबिक सुरक्षा के लिए सात पुलिस अधीक्षक, 24 अपर पुलिस अधीक्षक, 50 उपाधीक्षक, 550 दारोगा-इंस्पेक्टर, 3370 सिपाही, 18 कंपनी केंद्रीय अद्र्धसैनिक बल, 16 कंपनी पीएसी और 500 यातायात पुलिसकर्मी लगाए गये हैं। शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर भव्य मंच और पंडाल लगेगा। डीएम और एसएसपी को सोफे, कुर्सियों, माइक, पंखों के अलावा बैरीकेडिंग, वाटर प्रूफ शामियाने की व्यवस्था के निर्देश दिए गये हैं। समारोह स्थल पर वीवीआइपी श्रेणी के लिए निर्धारित दीर्घा के अलावा 70 हजार कुर्सियों की व्यवस्था के निर्देश दिए गये हैं। समारोह स्थल पर कई प्रवेश द्वार बनाये जाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर राष्ट्रीय गान होगा। इसके लिए पीएसी बैंड को अधिकृत किया गया है। जिम्मेदारी एसएसपी को दी गयी है।
यूपी सीएम रूप में शपथ लेने से पहले ही योगी एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने यूपी डीजीपी से कहा है कि जश्न के नाम पर किसी तरह का भी हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रॉजर फेडरर ने स्पेन के रफाएल नडाल को मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया

स्विट्जरलैंड के रॉजर फेडरर ने स्पेन के रफाएल नडाल को 6-2, 6-3 से मात देकर बीएनपी परिबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फेडरर की यह करियर में पहली बार स्पेनिश खिलाड़ी नडाल पर लगातार तीसरी जीत है।
इससे पहले फेडरर ने आस्ट्रेलियन ओपन के खिताबी मुकाबले में स्पेन के नडाल को मात देकर अपना 18वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में किर्गियोस का मुकाबला फेडरर से होगा।
आस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस ने उलटफेर करते हुए विश्व के दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी नोवाक जोकोविक को 6-4 , 7-6 (7-3) से मात देकर अंतिम आठ में जगह बनाई है।
इंडियन वेल्स टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली स्वेतलाना कुजनेत्सोवा पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने रूस की एनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से मात दी।

ट्रंप की सरकार बनने और उनके आदेशों के बाद विदेशी आवेदकों की संख्‍या में जबरदस्‍त गिरावट

अमेरिका में डोनाल्‍ड ट्रंप की सरकार बनने और उनके द्वारा दिए गए आदेशों के बाद वहां के विभिन्‍न विश्वविद्यालयों में पढ़ने की इच्‍छा रखने वाले विदेशी आवेदकों की संख्‍या में जबरदस्‍त गिरावट देखने को मिली है। देश के दस सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में इसका सीधा असर देखने को मिला है। यहां 27,000 छात्रों में सिर्फ 1900 अंतरराष्ट्रीय छात्र हैं।
अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ कलिजिएट रजिस्ट्रार्स के मुताबिक, विभिन्न कॉलेजों में विदेशी छात्रों द्वारा किए जाने वाले आवेदन में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। सबसे कम आवेदन इस बार पश्चिम एशिया के स्टूडेंट्स की तरफ से मिला है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप द्वारा ट्रेवल बैन की घोषणा के बाद यहां पर आने वाले छात्रों के मन में चिंता के भाव आने लग गए हैं। यही वजह है कि छात्र इस बार यहां पर आकर पढ़ाई करने से कतरा रहे हैं।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक पिछले दिनों ट्रंप के आदेशों को लेकर हवाई के जज ने भी साफतौर पर कहा था कि इन प्रतिबंधों का असर देश के यूनिवर्सिटी सिस्टम पर भी देखने को मिलेगा और देश को आर्थिक हानि झेलनी पड़ेगी। ग्रेजुएशन के लिए यहां आने वाले छात्रों की संख्‍या में ट्रंप के आदेश के बाद करीब 50 फीसद तक गिरावट दर्ज की गई है। इससे उन विषयों को लेकर चिंता बढ़ गई है जो सिर्फ अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाए जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिका की अर्थव्यवस्था में हर साल 32 अरब डॉलर का योगदान देते हैं। गत दशक में अंतरराष्ट्रीय छातोरं की आवक देश में बढ़ी थी और पिछले साल ही यह आंकड़ा एक 10 लाख को पार कर गया था।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया और नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी का कहना है कि उनके यहां विदेशी छात्रों की संख्या ज्यादा रही है। इधर, पोर्टलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष विम विवेल ने कहा कि पिछले सप्ताह हैदराबाद के 10 संभावित स्टूडेंट्स से उन्होंने मुलाकात की, लेकिन काउंसलिंग सेशन के दौरान अमेरिका में रहने को लेकर उनके अंदर डर दिखाई दिया। एक मुस्लिम छात्र ने कहा कि उसके पिता अमेरिका और इसके मुस्लिम विरोधी रवैये को लेकर डरे हुए हैं।
ओहायो यूनिवर्सिटी में आवेदकों की संख्या में 8.4 फीसदी की गिरावट आई है। आवेदकों में चीनी छात्रों की संख्या सबसे कम पाई गई है जो कि ट्रंप इफेक्ट को समर्थन नहीं देते। वहीं कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की फ्रांसिस लेसली की चिंता अब यह है कि आवेदकों में से कितने स्टूडेंट वास्तव में ऐडमिशन लेंगे, क्योंकि कई यूनिवर्सिटी की डेडलाइन तब खत्म हुई थी जब ट्रंप का ट्रैवल बैन ऑर्डर नहीं आया था।
ओरेगन यूनिवर्सिटी में इस साल बेहद कम अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स ने आवेदन दिया है। विवेल हालांकि, यह भी कहते हैं कि नई दिल्ली और बेंगलुरु के स्टूडेंट्स की चिंता पढ़ाई में आने वाला खर्च है जो कि नोटबंदी का सीधा असर है। वहीं, काउंसल ऑफ ग्रैजुएट स्कूल की अध्यक्ष सुसेन ओर्टेगा कहती हैं कि इसके लिए अन्य आर्थिक वजह जैसे सऊदी अरब में कच्चे तेलों की कीमत का कम होना और एच-1बी वीजा को लेकर अमेरिकी अनिश्चितता भी है

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा बहुमत नहीं बल्कि सर्वमत चाहिए

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश की सरकारों के बारे में कहा कि राज करने के लिए बहुमत नहीं बल्कि सर्वमत चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र कर कहा, ‘मैंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है। उनसे कई चीजें सीखीं हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री के काम करने का अपना तरीका है। मैं उनकी कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं।’
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में शुक्रवार को कहा कि वह अकेले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिनकी काम करने की शैली पूरी तरह अलग थी। वाजपेयी साथ काम करने वालों की कद्र करना जानते थे।
मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मंत्रियों को काम करने की छूट दी थी। मुखर्जी ने देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी जिंदगी पर सबसे बड़ा प्रभाव पंडित जवाहरलाल नेहरू का था। पंडित नेहरू ने संसद को जीवंत बनाया। उन्होंने व्यक्ति पूजा को हतोत्साहित किया।
राष्ट्रपति ने सरदार पटेल के बारे में कहा, ‘उन्होंने देश को जोड़ने का काम किया।’ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र कर कहा, ‘इंदिरा गांधी एक बहुत मजबूत नेता और सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री थीं। उनकी राजनीति का चरम बांग्लादेश की आजादी था।’
यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री का पद छोड़कर देश के 13वें राष्ट्रपति बने प्रणब ने कहा कि वह संसद में दो साल और काम करना चाहते थे। लेकिन संवैधानिक दायित्व ने ऐसा नहीं होने दिया। एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा,’कई जिम्मेदारियां थीं जिन्हें मैं पूरा करना चाहता था।’
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है। मुंबई विश्वविद्यालय में एक कंवोकेशन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि भारत एक भौगोलिक सत्ता ही नहीं है।
एक विचार और संस्कृति है। विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थानों इन विचारों के आदान-प्रदान का सर्वश्रेष्ठ जरिया हैं। इसलिए इन शिक्षण संस्थानों में असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

बेटे की गुमशुदगी पर चिंतित माँ बाप को मिला पर पुत्र नहीं लड़की बन चूका लड़का

अहमदाबाद के एक नामी जौहरी परिवार का तब खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब पुलिस ने उन्हें फोन करके बताया कि उनका लापता बेटा मिल गया है, लेकिन जौहर परिवार की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं थम सकी, क्योंकि अगले पल पुलिस ने जो जानकारी दी, उससे ज्वेलर का परिवार सकते में आ गया, क्योंकि पुलिस ने उन्हें बताया कि उनके लापता बेटे ने अब सेक्स चेंज करवाकर लड़की का रूप धारण कर लिया है।
गौरतलब है कि अहमदाबाद के माधवपुरा इलाके में एक ख्यात ज्वैलर्स का बेटा श्याम (बदला हुआ नाम) बीते दिनों दुकान से घर आते समय लापता हो गया था। परिवार वालों ने पुलिस में इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि श्याम इसीलिए घर से गायब हो गया था, क्योंकि उसने सेक्स चेंज सर्जरी करवाई थी।
इस खबर को सुनने के बाद से श्याम के माता-पिता और उसकी छोटी बहन अब तक सदमे में हैं। पुलिसवालों ने बताया कि श्याम ने स्नातक करने के बाद पारिवारिक बिजनेस में शामिल होने का मन बनाया। कुछ साल पहले उसे इस बात का अहसास हुआ है कि वह एक आदमी है, जो औरत के शरीर में कैद है।
श्याम ने अपने परिवारवालों को मनाने की बहुत कोशिश की कि वह उसे सेक्स चेंज ऑपरेशन करवाने की इजाजत दें लेकिन परिजनों ने श्याम की बात नहीं मानी। उस दिन के बाद से उसने अपने घर पर यह बात कभी नहीं की।
परिवारवालों को लगा कि अब सबकुछ ठीक हो गया है लेकिन तभी पिछले सप्ताह श्याम लापता हो गया। इस मामले की जांच कर रहे माधवपुरा के एएसआई केएन मनत ने बताया कि परिवारवालों ने श्याम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। हमने उसके फोन को ट्रेस किया तो नवरंगपुरा में उसकी लोकेशन पता चली। पुलिसवालों ने देखा कि एक निजी अस्पताल के बाहर श्याम की मोटरसाइकल लगी हुई थी।
मनत ने कहा कि श्याम उस अस्पताल में सेक्स चेंज ऑपरेशन करवाने गया था। उसने हमें बयान दिया है कि उसने ये सब कुछ अपनी मर्जी से किया है। हमने परिवारवालों को इस बारे में सूचना दे दी और केस को बंद कर दिया।
लंबे समय से कर रहा था ऑपरेशन की तैयारी
पुलिस के मुताबिक श्याम लंबे समय से इस ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था। उसने ऑपरेशन से करीब डेढ़ साल पहले हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी भी ली थी। खबर मिलते ही परिवार वाले तुरंत अस्पताल पहुंचे लेकिन श्याम ने उन लोगों से मिलने से इनकार कर दिया। पुलिसवालों ने भी 25 साल के श्याम को समझाने की कोशिश की कि वह अपने परिवारवालों से बात करे लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा और किसी से मुलाकात नहीं की।

पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक बाबूलाल गौर ने स्र्कवाया झुग्गियों का सर्वे

प्रधानमंत्री का हाउसिंग फॉर ऑल का सपना मध्यप्रदेश में पूरा होता नहीं दिख रहा है। कहीं और तो छोड़िए राज्य सरकार राजधानी में अपनी नाक के नीचे विधानसभा और मंत्रालय के सामने की झुग्गियों का ही सर्वे नहीं करवा पा रही है। राजधानी सहित प्रदेश भर में झुग्गियों का सर्वे कर पक्के मकान देने की लिए डीपीआर तैयार की जा रही है इसमें जनप्रतिनिधी ही आड़े आ रहे हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर भी शामिल हैं।निगम अफसरों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के कारण वह मजबूर हैं।
राजधानी के सबसे संवेदनशील इलाके अरेरा हिल्स में मंत्रालय और विधानसभा के सामने की झुग्गियों के अलावा श्यामला हिल्स और बाणगंगा में भी कुछ झुग्गियों का सर्वे अटका हुआ है। दरअसल पार्षद से लेकर विधायक और मंत्री तक नहीं चाहते कि गरीबों को झुग्गी की जगह प-े मकान मिलें। इसके पीछे वोट बैंक का गणित भी है क्योंकि यदि झुग्गियां हटाकर दूसरे क्षेत्र में मकान बना दिए गए तो उनका वोट बैंक कम हो जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक बाबूलाल गौर ने बकायदा पत्र लिखकर नगर निगम को सर्वे न करने के हिदायत दी है। वार्ड 67 की सतनामी नगर झुग्गी और वार्ड 68 स्थित शांति नगर बस्ती में सर्वे रोकने के निर्देश दिए गए। निगम सूत्रों के अनुसार राजनीतिक दखल के कारण सर्वे का काम रोक दिया गया।
– मंत्रालय के सामने बने भीमनगर का सर्वे ही नहीं हो पाया। यह क्षेत्र राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता हैं। सर्वे न करने को लेकर बीजेपी के नेताओं का दबाव है।
– माता मंदिर से लगे हर्षवर्धन नगर फेज टू में सर्वे का काम चल रहा था,लेकिन बीजेपी नेता राधेश्याम प्रजापति ने यह कहकर सर्वे स्र्कवा दिया कि सक्षम अधिकारी लिखित में दें कि मकान यहीं बनाकर देंगे।
– श्यामला हिल्स बाणगंगा इलाके में कांग्रेसी पार्षद शबिस्ता सुल्तान ने सर्वे करने गई टीम को वापस कर दिया था। फिर यहां सर्वे ही नहीं हो पाया।
यह सही है कि कुछ हमारे और अन्य पार्टियों के जनप्रतिनिधि सर्वे का विरोध कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि गरीबों के जीवन स्तर में सुधार हो। इसलिए हाउसिंग फॉर ऑल योजना शुरू की गई। जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर समस्या का निराकरण कराएंगे।
लोगों ने आपत्ति की इसलिए लिखा पत्र
लोग नहीं चाहते थे कि उन्हें वहां से हटाया जाए। इसलिए उन्होंने आपत्ति की थी,इसके बाद हमने पत्र लिखा था। हमने अपनी तरफ से लोगों को समझाया भी है कि वे विरोध न करें ताकि उन्हें पक्के आवास मिल सकें।
बाबूलाल गौर, पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक गोविंदपुरा
सरकार की योजना का यदि कोई विरोध कर रहा है तो इस बारे में जनप्रतिनिधियों से बात की जाएगी और निश्चित ही हल निकाला जाएगा। सरकार का मकसद है जनता को योजनाओं का लाभ मिले।