मप्र में बढ़ गई बहुप्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं

गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव खत्म होते ही अब मप्र में बहुप्रतिक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि नया साल शुरू होने से पहले मंत्रिमंडल में कई नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पिछले दिनों मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना की पुष्टि कर चुके हैं। भाजपा संगठन में भी इसे लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि पूर्व में दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक मंत्रिमंडल विस्तार के आसार थे, लेकिन गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के कारण इसे टालना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री इस संबंध में जल्द ही दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान से बातचीत कर सकते हैं। फिलहाल मप्र की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित 29 मंत्री हैं और अभी छह मंत्रियों के पद खाली हैं।
सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार में कई मौजूदा मंत्रियों की भी छुट्टी हो सकती है। तीन मंत्रियों को स्वास्थ्यगत कारणों की वजह से विभागीय जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है। वहीं मालवा, निमाड़, महाकौशल, विंध्य क्षेत्र के कई विधायकों की एंट्री हो सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय समीकरणों के साथ-साथ जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही चुनावी साल को ध्यान में रखते हुए कुछ तेजतर्रार विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

ओपन बोर्ड परीक्षा में घोटाला

ओपन बोर्ड परीक्षा में एक घोटाला प्रकाश में आया है। जो कॉपियां छात्रों ने कोरी छोड़ीं, स्कैनिंग के दौरान टॉपर की कॉपी के जवाबों को उसमें पेस्ट कर दिया गया। इसके बाद भोपाल में अच्छे नंबरों से पास भी कर दिया गया।
यह घपला 2016-17 में हुई ओपन बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में हुआ। एक शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी जांच शुरू की। फौरी जांच में गड़बड़ी पकड़ में आई तो ओपन परीक्षा के प्रभारी शिक्षक को हटा भी दिया गया। साथ ही दस मूल कॉपियों(जिनमें कुछ भी लिखा नहीं गया) को भोपाल से आए अधिकारी अपने साथ ले गए।
जून 2016 में ओपन बोर्ड परीक्षा में श्योपुर 250 से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद कॉपियां को जांचने के लिए स्कैन करके भोपाल भेजा गया था। जब यह कॉपियां ऑनलाइन जांची गईं तो वह कॉपियां भी भरी हुई निकली हैं जो असल में कोरी थीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इन कोरी कॉपियों को स्थानीय स्तर पर ही स्कैनिंग के दौरान मेधावी छात्रों की कॉपियों से बदल दिया गया।
शिकायत पर ओपन बोर्ड ने 24 नवंबर को उप संचालक प्रशांत डोलस और दीपक पाण्डेय को श्योपुर भेजा। इन दोनों अफसरों ने बेहद गुपचुप तरीके से जांच की। श्योपुर से ओपन बोर्ड की 10 कॉपियों को भी यह दोनों अफसर जब्त करके ले गए। जांच में पाया गया कि इन कॉपियों में एक या दो प्रश्नों के उत्तर भी पूरे हल नहीं थे।
कॉपियों के अधिकांश पेज कोरे थे, लेकिन स्कैन करने के बाद जो कॉपियां भोपाल पहुंची, उनके अधिकांश प्रश्नों के उत्तर लिख दिए गए हैं। अभी जांच जारी है, लेकिन पहली कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने इस मामले में ओपन बोर्ड परीक्षा प्रभारी सुशील कुमार दुबे को उत्कृष्ट स्कूल से हटाकर मॉडल स्कूल में पदस्थ कर दिया है। क्योंकि कॉपियों को स्कैन कर भोपाल भेजने का काम श्री दुबे की निगरानी में ही हुआ था।
एक अफसर ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि स्कैन करते समय कॉपी का पहला पेज जिस पर छात्र का नाम, रोल नंबर आदि अंकित रहता है, उस पेज को तो सही स्कैन किया गया, लेकिन जैसे ही अंदर के पेजों को स्कैन करने की बारी आई तो कोरे पेजों की जगह उन दूसरी कॉपियों के पेज पेस्ट कर दिए गए, जिनमें प्रश्नों के उत्तर सही लिखे गए थे।
ओपन बोर्ड परीक्षा में पहली बार गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई है। श्योपुर जिले में पहले भ्ाी ऐसे घपले सामने आ चुके हैं।
पांच साल पहले हजारेश्वर स्कूल में ओपन बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले 70 छात्रों की अंकसूची आई तो वह फर्स्ट डिवीजन पास थे।घपला यह था कि जिन छात्रों को फर्स्ट डिवीजन पास किया गया था, वह परीक्षा में भी नहीं बैठे थे। हजारेश्वर स्कूल के तत्कालीन प्रिंसीपल केसी गोयल ने यह सभी अंकसूची वापस भोपाल भेज दी थीं।
करीब चार साल पहले तत्कालीन कलेक्टर जीबी पाटील ने भी ओपन बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में छेड़छाड़ का मामला पकड़ा था। उस समय कलेक्टर पीएल सोलंकी ने ओपन बोर्ड को लिखकर अनुशंसा की कि श्योपुर में ओपन बोर्ड की परीक्षा ही न कराई जाएं। इन परीक्षाओं में लगातार धांधली हो रही है।
ओपन बोर्ड परीक्षा की स्कैन की गई कॉपियों में गड़बड़ी हुई है। कुछ मूल कॉपियां जो कोरी हैं, वह भोपाल में भरी हुई मिलीं। यह गलती हमारे यहां से नहीं हुई है। जांच के बाद ही असल दोषी का पता लगेगा।
ओपन बोर्ड परीक्षा में कॉपियों से छेड़छाड़ मिली है। इसकी जांच चल रही है। दो उपसंचालक पिछले दिनों श्योपुर आकर जांच कर चुके हैं। उन्हें कुछ गड़बड़ मिली इसलिए परीक्षा प्रभारी को हटा दिया गया है। मामला पूरी तरह हमें भी नहीं बताया गया है।

22 दिसंबर को होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए उत्साह और जुनून चरम पर

भारत और श्रीलंका के बीच 22 दिसंबर को होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए उत्साह और जुनून चरम पर है। घंंटों पहले से लाइन में लगे फैन्स के चेहरे तब खिल गए जब सुबह से टिकटों की बिक्री शुरु हुई। इंदौर में हो रहे इस पहले अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट मैच को लेकर प्रशंसकों के जबर्दस्त उत्साह का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि तेज ठंड के बावजूद फैन्स घंटों पहले से कतारों में लग गए।
होलकर स्टेडियम के बाहर फैन्स शुक्रवार सुबह 5 बजे से ही कतारों में लग गए। कई फैन्स ने कतार में ही रात गुजारी। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस इन फैन्स को हटाती रही और ये बार-बार कतारें बनाते रहे। ये सिलसिला दिनभर चलता रहा। हालांकि शनिवार सुबह से जब टिकटों की बिक्री शुरु हुई तो फैन्स अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। इस दौरान कई बार धक्का-मुक्की भी हुई लेकिन पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था संभाली।
गैलरी के 4500 टिकटों की बिक्री शनिवार सुबह 9 बजे से शुरू हुई। एक व्यक्ति को दो से ज्यादा टिकट नहीं मिल रहे थे। फैन्स यहां पहचान पत्र की फोटोकॉपी साथ पहुंचे। दो दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग में बिक्री के लिए रखे गए सभी 8200 टिकट बिक गए थे लेकिन पैवेलियन के महंगे टिकट नहीं बिके। अब इनकी बिक्री 17 दिसंबर को शाम 5 बजे तक जारी रखने का फैसला किया गया है।

सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य की गिरफ्तारी

कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव हत्याकांड में आरोपी सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य की गिरफ्तारी के लिए गोहद से गई पुलिस टीम ने गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भोपाल में छापे मारे।
तीसरे दिन गोहद पुलिस के सब इंस्पेक्टर अंबर सिंह सिकरवार और उनकी टीम ने लालघाटी के वीवीआईपी रेस्ट हाउस, कोलार में पीएचई के रेस्ट हाउस, बाणगंगा क्षेत्र के रेस्ट हाउस, बिलखरिया में वन विभाग के रेस्ट हाउस और कालियासोत बांध रेस्ट हाउस पर तलाश किया है, लेकिन मंत्री नहीं मिले।
माखन हत्याकांड में स्पेशल कोर्ट ने 5 दिसंबर को मंत्री आर्य का गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

छमाही परीक्षा में पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन से संबंधित गद्यांश में गलती पर दो शिक्षिकाओं को सस्पेंड

दसवीं की छमाही परीक्षा में पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन से संबंधित गद्यांश में गलती पर दो शिक्षिकाओं को सस्पेंड कर दिया गया।
जयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि पर्चे में पीएम मोदी पर एक गद्यांश था। इसमें गलतियों की भरमार थी। इस पर पर्चा सेट करने वाली शिक्षिकाओं सरिता यादव व रितु भार्गव को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
पेपर में पीएम मोदी को लेकर जो गद्यांश दिया गया था। उसमें कई शब्दों में गलितयां थी। जैसे मोदी के लिए क्रोड पूलर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जबकि सही शब्द ‘क्राउड पूलर’ है। वहीं ‘स्पीकर’ के बजाए ‘स्पोकर’ शब्द का इस्तेमाल किया गया, जोकि गलत है। इसके अलावा पर्चे में टेक सैवी की जगह ‘सोवी’ लिखा गया था।

कोयला घोटाला मामले में झारखंड के पूर्व मुख्मयंत्री मधु कोड़ा दोषी साबित

कोयला घोटाला मामले में झारखंड के पूर्व मुख्मयंत्री मधु कोड़ा दोषी साबित हुए हैं। दिल्ली की विशेष सीबीआई कोर्ट ने कोड़ा समेत 4 लोगों को दोषी करार दिया है। दोषियों में पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता के अलावा झारखंड के पूर्व सचिव अशोक कुमार बासू और एक अन्य शामिल हैं।
इन लोगों को सेक्शन 120बी और आपराधिक साजिश के मामले में दोषी ठहराया गया है। इन चारों के खिलाफ सजा का ऐलान गुरुवार को किया जाएगा।
यह मामला झारखंड में राजहरा नॉर्थ कोयला ब्लॉक को कोलकाता की विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को आवंटित करने में कथित अनियमिताओं से संबंधित है।

अर्द्ध न्यायिक मामलों में एक लाइन का आदेश नहीं चलेगा

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की फटकार के बाद अब कोई भी प्रशासकीय या अर्द्ध न्यायिक मामलों में एक लाइन का आदेश नहीं चलेगा। कमिश्नर, कलेक्टर से लेकर अपर मुख्य सचिव तक को स्पष्ट (स्पीकिंग) आदेश देना पड़ेगा। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा गया है कि इस निर्देश का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।
हाईकोर्ट ने एक रिट पिटीशन ताराबाई विरुद्ध शांति बाई एवं अन्य के मामले में जिला प्रशासन के एक अधिकारी के आदेश को लेकर चिंता जताई है। शासन को कोर्ट की ओर से बताया गया कि चुनाव से जुड़े मामले की याचिका को जिला प्रशासन विदिशा के एक अधिकारी ने पहले तो स्पष्ट आदेश न देते हुए खारिज कर दिया। अदालत के निर्देश देने के बाद भी विस्तृत आदेश न देते हुए सिर्फ एक लाइन का आदेश ‘प्रकरण विचारोपरांत अमान्य किया जाता है” पारित कर दिया।
इसको लेकर अदालत ने चिंता जताते हुए शासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके मद्देनजर सामान्य प्रशासन विभाग ने अपर मुख्य सचिव से लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तक को निर्देश दिए हैं कि प्रशासकीय या अर्द्ध न्यायिक मामलों में एक लाइन के आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। प्रशासकीय अधिकारी स्पष्ट आदेश पारित करें, ताकि स्थिति पूरी तरह साफ रहे।

दिवंगत सैनिक निलेश धाकड़ की मंगेतर ने फांसी लगाकर खुदकुशी की

दिवंगत सैनिक निलेश धाकड़ की मंगेतर ने ज्योति उर्फ रानी धाकड़ ने बरखेड़ा गांव में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। श्रीनगर में एक हादसे में गोली लगने से निलेश की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ज्योति सदमे में थी, अगले वर्ष अप्रैल में उनकी शादी होने वाली थी। माना जा रहा है कि ज्योति ने इसी सदमे में आत्महत्या का कदम उठा लिया। सूचना मिलने के बाद हाटपीपल्या पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम घिचलाय निवासी निलेश पिता सुखराम धाकड़ (26) पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। वहां अचानक हुए एक हादसे में गोली लगने से निलेश की मौत हो गई। सात दिसंबर को उनका पार्थिव शरीर गृहग्राम घिचलाय पहुंचा, जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ।

तेंदुए की नन्हीं मादा शावक नरसिंह बानो को दिल्ली की रहने वाली महिला राधा अहलुवालिया ने लिया गोद

वन विहार नेशनल पार्क में पल रही तेंदुए की नन्हीं मादा शावक नरसिंह बानो को दिल्ली की रहने वाली महिला राधा अहलुवालिया ने गोद ले लिया है। इसके लिए महिला ने मप्र टाइगर फाउंडेशन सोसायटी को एक लाख रुपए दिए हैं।
यह राशि नरसिंह बानो की परवरिश पर खर्च की जाएगी। बता दें कि शावक जन्म के बाद नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा जंगल में मां से बिछड़ गई थी। जिसे वन विभाग ने रेस्क्यू किया था। 3 नवंबर से शावक को वन विहार में रखा जा रहा है।
वन विहार की डायरेक्टर समीता राजोरा ने बताया कि राधा अहलुवालिया इनसाइट बियांड इनफॉरमेशन नामक कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वे बीते दिनों भोपाल आईं थी। उन्होंने मादा शावक नरसिंह बानो के बारे में अखबारों में खबरें पढ़ी थी वे वन विहार पहुंची और उन्होंने शावक को एक साल के लिए गोद लेने की इच्छा जताई।
इसके आधार पर शावक को गोद देने की प्रक्रिया पूरी की गई और एक साल के लिए गोद दे दिया गया। यानी एक साल तक नरसिंह बानो के इलाज, उसे दी जाने वाली डाइट आदि का खर्च राधा अहलुवालिया उठाएंगी। शावक की परवरिश पहले की तरह वन विहार में ही डॉक्टर करेंगे।
शावक नरसिंहपुर के जंगल में मिली थी। उस समय वह 3 से 5 महीने की थी। यानी उसका जन्म नरसिंहपुर के जंगल में हुआ था। इस आधार पर वन विहार प्रबंधन ने उसका नाम जन्म स्थल के आधार पर नरसिंह बानो रखा है।
नरसिंह बानो को इनक्लोजर में रखा गया है। उसकी देखरेख के लिए दो वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई है जो चौबीसों घंटे उसका ख्याल रखते हैं। इसके वन विहार के डॉ. अतुल गुप्ता उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। वह डाइट में जिंदे मुर्गे खाना पसंद करती था। अब उसे मांस खिलाने की आदत डाली जा रही है।
मैंने जम्मू कश्मीर की वादियों में प्रकृति को करीब से देखा है। अब दिल्ली में प्रदूषण से चिंतित हूं। ऐसा लगता है कि कोई ठोस कदम नहीं उठाएं तो आने वाली पीढ़ी के लिए स्वस्थ प्रकृति और जंगल नहीं बचेंगे। मैं मानती हूं कि प्रकृति को बचाने में वन्यप्राणियों की अहम भूमिका होती है और यह मेरे विवेक से सही भी है क्योंकि मैंने महसूस किया है कि जहां प्राकृतिक जंगल होंगे वहां वन्यप्राणियों की बसाहट होगी।
इन दोनों के मौजूद रहने से हमें स्वस्थ्ा वातावरण मिलेगा और प्रदूषण जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकेगा। इसके लिए वन्यप्राणियों को सहेजकर रखना जरूरी है ताकि जंगल बचा रहे। भले ही मैं सभी वन्यप्राणियों को गोद नहीं ले सकती, पर नन्हें शावक की परवरिश में आने वाले खर्च में अपना योगदान देकर प्रकृतिक और वन्यप्राणियों के प्रति अपना फर्ज अदा करना चाहती हूं। यह एक छोटा संकल्प है लेकिन आज के परिवेश में इसकी जरूरत है। (जैसा कि एसडीओ रजनीश कुमार सिंह वन्यप्राणी मप्र को राधा अहलुवालिया ने शावक को गोद लेने से पहले बताया )

जिले के कुछ क्षेत्रों में थोड़ी देर तेज बारिश

सोमवार देर रात से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह का नजारा बदला हुआ था। कई शहरों-कस्बों के आसमान पर बादलों के कब्जे के चलते सूरज के दर्शन नहीं हो पा रहे थे तो कहीं बूंदाबांदी लोगों को भिगो रही थी।
यह बदलाव दक्षिण भारत व महाराष्ट्र में आए ओखी चक्रवात व दिल्ली में बने निम्नदाब के क्षेत्र की वजह से आया है। ग्वालियर के मौसम वैज्ञानिक सुनील गोधा के अनुसार अगले 48 घंटे में सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। आसमान साफ होने के बाद कोहरा दस्तक देगा।
जानकारों के मुताबिक ठंड नहीं पड़ने की वजह से रबी व सब्जी की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा था, लेकिन अब फसलों को फायदा होगा। वहीं बादलों भरा मौसम ऐसा ही बना रहा तो अफीम की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
झाबुआ: जिले के कुछ क्षेत्रों में थोड़ी देर तेज बारिश हुई। झकनावदा में ईंट भट्टे गल गए।
नीमच: सोमवार रात से जारी रिमझिम का दौर मंगलवार को भी बना रहा। न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा।
धार: राजगढ़ मंडी में खुले में पड़ी सोयाबीन बूंदाबांदी से हल्की भीग गई।
खंडवा: दिनभर बादल छाए रहे। ओंकारेश्वर में शाम को बूंदाबांदी हुई।
बुरहानपुर: कोहरे के चलते कई ट्रेनें देरी से पहुंची।
खरगोन: जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई।
बड़वानी: पहले बूंदाबांदी और फिर रिमझिम बारिश से मौसम सर्द हो गया।
मंदसौर: सोमवार रात से शुरू हुई रिमझिम मंगलवार को भी जारी रही।
शाजापुर: दिन के पारे में 4.5 डिग्री तक की गिरावट आई।
आगर: कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। मंगलवार को दिनभर मौसम सर्द रहा।
इंदौर: तेज रफ्तार सर्द हवा और बूंदाबांदी ने शहर को हिल स्टेशन में तब्दील कर दिया। दिन का पारा 4 डिग्री लुढ़ककर 22.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
रतलाम: जिले में मावठे और कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ा है।
उज्जैन: जिले में दिनभर हल्की बारिश होती रही। देर रात तक सर्द हवा से लोग ठिठुरे। दिन का तापमान 6 डिग्री लुढ़का।
देवास: जिले में मंगलवार दिनभर बादल छाए रहे, वहीं दोपहर 3.45 बजे घना अंधेरा छा गया और हल्की बारिश शुरू हो गई। शाम तक बूंदाबांदी का क्रम चलता रहा।
ग्वालियर: मंगलवार को बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई।