कैप्टन अमरिंदर सिंह बने पंजाब के नए मुख्यमंत्री

पंजाब विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल वीपी सिंह बडनोरे ने राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई उनके साथ उनकी कैबिनेट के 9 मंत्री भी शपथ ले रहे हैं। यह दूसरी बार होगा जब कैप्टन राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे हैं। वो राज्य के 26वें मुख्यमंत्री बन चुके हैं।
उनके बाद ब्रह्म मोहिदर और नवजोत सिंह सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण के बाद सिद्धू ने कैप्टन के पैर छू कर आशीर्वाद भी लिया। उनके डिप्टी सीएम बनने पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है। कहा जा रहा है कि कैप्टन उन्हे डिप्टी सीएम नहीं बनाना चाहते जबकि पार्टी आलाकमान को इस बात पर कोई एतराज नहीं है। बहीं खबर यह भी है कि कैप्टन उन्हें शहरी विकास मंत्रालय दे सकते हैं। इनके बाद मनप्रीत बादल ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली और उनका वित्तमंत्री बनना तय है।
इसके बाद साधु सिंह धर्मसोत, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली जबकि अरुणा चौधरी और रजिया सुल्ताना ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ ली।
यादगार बनेगा अमरिंदर का शपथ ग्रहण समारोह
कैप्टन अमरिंदर सिंह के शपथ ग्रहण समारोह को यादगार बनाने के लिए देशभर से प्रमुख कांग्रेसी नेताओं के अलावा अन्य कई दलों के नेता पहुंचे हैं। समारोह को हालांकि अमरिंदर ने सादा रखने की बात कही थी मगर इसमें पार्टी नेताओं व वर्करों समेत करीब 1200 लोगों के पहुंचने की बात कही जा रही है।
शपथ ग्रहण में राहुल गांधी और मनमोहन सिंह नजर आए वहीं बुधवार को राजभवन से जिन नेताओं के पहुंचने की पुष्टि की गई है उनमें फारूख अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, भूपिंदर सिंह हुड्डा और वीरभद्र सिंह आदि के नाम भी शामिल हैं।
इनके अलावा पी चिदंबरम, सलमान खुर्शीद, उमर अब्‍दुल्ला, दिग्विजय सिंह, सीपी जाेशी, अहमद पटेल, अजय माकन, अंबिका सोनी, आनंद शर्मा, अर्चना डालमिया, कपिल सिब्‍बल, वीरप्पा मोइली, मलिका अर्जुन खडके, मीनाक्षी नटराजन, मिलिंद मुरली देवडा, मोहसिना किदवई, सचिन पायलट, रेणुका चौधरी, राजीव शंकर राव साटव, राज बब्बर, आस्कर फर्नाडीज, मोहम्मद असलम एवं फिरोजा, मुकुल वासनिक भी पंजाब राजभवन में कैप्टन अमरिंदर के शपथ ग्रहण समारोह के गवाह बने।

सभी बड़े और गंभीर मामलों में सिराज अब्देअली नामक फर्जी गवाह का नाम सामने

कविता रैना हत्याकांड हो या चर्चित व्यापमं घोटाला। सभी बड़े और गंभीर मामलों में सिराज अब्देअली नामक फर्जी गवाह का नाम सामने आया है। वह अभी तक सैकड़ों मामलों में गवाही दे चुका है। इसका ज्यादातर वक्त कोर्ट और थानों में गुजरता है। कई मामलों में पुलिस खुद सेटिंग कर बयान बदलवा देती है। जिन मामलों में सेटिंग नहीं होती उनके खिलाफ बयान भी करवा देती है।
सिराज अब्देअली वह शख्स है जिसे सिपाही से लेकर कोर्ट कर्मचारी भी पहचानते हैं। सैंकड़ों केसों में गवाह बन चुका सिराज कुछ दिनों पूर्व कविता रैना हत्याकांड में गवाही देने कोर्ट पहुंचा तो वकील दंग रह गए कि आखिर पुलिस का परमानेंट गवाह इस गंभीर मामले में कैसे शामिल हो गया। केस डायरी में उसका नाम तीन जगह दर्ज था। सिराज अमूमन रुपए लेकर गवाही से पलट जाता है लेकिन जिस मामले में सेटिंग नहीं होती उसमें खिलाफ भी बयान देता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। पुलिस खुद लेकर आई और रटे-रटाए बयान करवाए।
पुलिस ने बताया कविता के हत्यारे महेश बैरागी ने नौलखा पार्किंग में एक्टिवा रखी थी। इसमें सिराज को चश्मदीद गवाह बताया। इसके बाद तीन अलग-अलग तारीखों पर किराया चिट्ठी जब्त करना दर्शाई। ताज्जुब इस बात का है कि सभी में सिराज को गवाह बनाया गया।
राजेंद्र नगर थाने में अ.क्र.539/13 में भी सिराज गवाह है। जांच में शामिल दो टीआई-दो एसआई 18 अप्रैल को मुख्य आरोपी नितिन महिंद्रा से हार्ड डिस्क जब्त करने रवाना हुए। मेमोरंडम पर सिराज और राहुल मराठा को गवाह बनाया गया। राहुल सिराज का साथी है और सिराज की तरह वह भी पॉकेट गवाह है।
सिराज राजेंद्र नगर, जूनी इंदौर और चंदन नगर थाने का ‘पॉकेट’ गवाह है। कई मामलों में सिराज को खुद पता नहीं रहता कि उसे केस में गवाह बना दिया। कोर्ट से समंस और वारंट जारी होने पर वह आरोपी-फरियादी से मिलता है। कोर्ट के बाहर सेटिंग हो गई तो बयान पलट देता है। सेटिंग नहीं हुई तो उनके खिलाफ बयान देता है। रेट भी केस के हिसाब से तय हैं। अवैध हथियार और अवैध शराब के मामले में 500 और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर केस में 50 हजार तक वसूल लेता है।
चायवाले और मुखबिर भी गवाह
कनाड़िया थाने के बाहर चाय का ठेला लगाने वाला राजू और एरोड्रम का मुनीम भी परमामेंट गवाहों में शामिल हैं। इन्हें तो कोर्ट से समंस तामील होने पर केस का पता चलता है। इसी तरह लखन तंवर, लखन गौर, रघुवीर पौहरा, रणवीर, सुरेश माघरे, संजय, धीरज, वकील सिंह, रामलाल, रामसिंह, धरमू, रमेश, महादेव, राजेश, गंगाचरण, अजय पथरोड, राजू दीनानाथ, सुबोध पांडे, बाबू खां, सत्तार, मिट्टूलाल, रामप्रसाद, रतनलाल, रमाकांत, जसवंत, नवाब खान, किशोर, नारायण, रुमाब, छगन, भेरु, गणेश, छीतू, हीरालाल, अनिल, भीमसिंह, रामचंद्र, शंकरलाल, विनोद, कुंवरलाल भी पुलिस के पॉकेट गवाह हैं।
तत्कालीन डीआईजी संतोषकुमार सिंह ने भी जून 2015 में 40 से ज्यादा पॉकेट गवाहों को चिन्हित करवाया था और इसकी समीक्षा भी की जा रही थी, ताकि आगे से ऐसे गवाहों का इस्तेमाल ना हो। कुछ दिनों तक ये ठीक रहा, लेकिन फिर थाना प्रभारियों ने पॉकेट गवाहों को कोर्ट में उतारना शुरू कर दिया।
हर मामले में पुलिस को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र गवाहों को ही रखना चाहिए। गंभीर मामलों में गवाह बनाते वक्त विशेष ध्यान रखना चाहिए, कि ऐसा कतई ना हो कि वे पॉकेट गवाह हों। अगर पॉकेट विटनेस बनाए गए हैं और रुपए लेकर पक्षद्रोही होते हैं तो उनकी समीक्षा की जाएगी।

सीएम को होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे बड़ी संख्या में भाजपा नेता

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास पर होली मनाई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा नेता और उनके समर्थक सीएम को होली की शुभकामनाएं देने पहुंचे थे। सीएम ने इस दौरान फाग गीत गाए और सभी को रंग लगाया। इस दौरान सीएम हाउस में फूलों की होली का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। सीएम ने सभी मेहमानों संग होली खेली और उन्हें मिठाई खिलाई।
सीएम ने ढोलक की थाप पर जैसे ही फाग गीत गाना शुरू किया, वहां मौजूद हर कोई झूम उठा। इस दौरान उन्होंने बुंदेली गीत भी गाए। सीएम हाउस में मनाई गई होली में यूपी और उत्तराखंड में भाजपा की जीत का उत्साह भी साफ नजर आ रहा था।