सायना नेहवाल ने जापान को हराकर किया इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रवेश

विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी भारत की बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल ने चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी की है।  नेहवाल ने गत चैंपियन जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया।
आठवीं वरीयता प्राप्त सायना ने विश्व रैंकिंग में 10वें नंबर की खिलाड़ी ओकुहारा को 38 मिनट तक चले मुकाबले में 21-15, 21-14 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
इस जीत के साथ ही सायना ने ओकुहारा से 2015 में मिली हार का बदला भी ले लिया है। विश्व रैंकिंग में नौवें नंबर की खिलाड़ी सायना ने गत चैंपियन ओकुहारा के खिलाफ अब अपना करियर रिकॉर्ड 6-1 कर लिया है।
सायना के अलावा रियो ओलंपिक की रजत विजेता पीवी सिंधू और एचएस प्रणय ने भी दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। छठी वरीयता प्राप्त ने सिंधू ने एकतरफ अंदाज में डेनमार्क की मैटे पॉल्सन को मात्र 29 मिनट में 21-10, 21-11 से पीट दिया।
वहीं प्रणय ने चीन के कियाओ बिन को कड़े संघर्ष में 17-21, 22-20, 21-19 से हराया। लेेकिन मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की जोड़ी पहले दौर में हारकर बाहर हो गयीं।

मोहन बागान ने कर्ज से उबरने के लिए मांगी बॉलीवुड किंग खान से मदद

देश के सबसे पुराने फुटबॉल क्लब मोहन बागान ने कर्ज से उबरने के लिए बॉलीवुड के बादशाह शाह रुख खान से मदद मांगी है। 127 साल पुराने इस क्लब की आर्थिक स्थिति दिनों दिन बदतर होती जा रही है और वर्तमान में वो कर्ज में डूबा हुआ है।
क्लब के शेयरधारी विजय माल्या की ओर से कोई मदद नहीं मिलने के बाद क्लब प्रबंधन ने नई राह तलाशने का फैसला लिया है, जिसके लिए शाह रुख से मदद मांगी गई है। क्लब प्रबंधन का मानना है कि इस खराब स्थिति से उबरने के लिए उसे इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से जुड़ना होगा, जिसके लिए बड़ी रकम की जरूरत होगी।
शाह रुख इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की कोलकाता नाइटराइडर्स टीम के सहमालिक हैं और खेलों में काफी दिलचस्पी रखते हैं। इसके साथ ही वह पश्चिम बंगाल के ब्रांड एंबेसडर भी हैं।
सूत्रों की मानें तो शाह रुख ने रजामंदी भी दे दी है। बागान की राह में सबसे बड़ी अड़चन विजय माल्या हैं। माल्या ने 1998 में क्लब के 49.99 प्रतिशत शेयर खरीदे थे। उन्होंने क्लब की देखरेख की जिम्मेदारी युनाइटेड मोहन बागान फुटबॉल टीम प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाकर उसे सौंपी थी।
कुछ साल तक सब कुछ अच्छा रहा, लेकिन नवंबर, 2014 में माल्या की कंपनियों की आपसी उठापटक में क्लब के अधिकार नई कंपनी डिएगो के पास चले गए, जिसे फुटबॉल में कोई दिलचस्पी नहीं है। अभी भी यदि माल्या ने शेयर हस्तांतरण से इन्कार कर दिया तो बागान पर अस्तित्व का संकट गहरा जाएगा।
मोहन बागान के महासचिव अंजन मित्रा ने कहा कि वह क्लब को उबारने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष में क्लब का घाटा बढ़कर 1.012 करोड़ तक पहुंच गया। क्लब को अपनी न्यूनतम जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन करोड़ का कर्ज लेना पड़ा है।

बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को अंग्रेजी अखबार ने वर्ष की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना

रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को एक अंग्रेजी अखबार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
जूरी ने सिंधु को “सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ी” के सम्मान के लिए भी चुना है। किदांबी श्रीकांत को पीपल्स च्वाइस श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ी का सम्मान दिया गया।
भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयां देने वाले अजीत पाल सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। रविचंद्रन अश्विन को क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया तो वहीं इसी श्रेणी में पीपल्स च्वाइस अवॉर्ड टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने जीता।
बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने उनकी तरफ से ये सम्मान हासिल किया। रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक को साल के सर्वश्रेष्ठ पहलवान का पुरस्कार दिया गया।

नदी किनारे ट्रेनिंग करना महंगा पड़ा मोजाम्बिक युवा फुटबॉलर को

मोजाम्बिक के एक युवा फुटबॉल खिलाड़ी को नदी किनारे ट्रेनिंग करना काफी महंगा पड़ गया, जिसके कारण उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। ट्रेनिंग के दौरान 16 फीट लंबे एक मगरमच्छ ने इस मोजाम्बिक खिलाड़ी को अपना शिकार बना लिया।
इस्टेवाओ अल्बर्टो गिनो नाम का यह 19 वर्षीय फुटबॉलर मोजाम्बिक के दूसरे डिवीजन क्लब एटलेटिको मिनेरो डी” टेटे की ओर से खेलता है। वह पश्चिमी प्रांत में जाम्बेजी नदी के समीप रहता था।
यह घटना पिछले गुरुवार को हुई थी। कोच एडुआर्डो कावाल्हो ने बताया कि उस रात गिनो ट्रेनिंग कर रहे थे। जॉगिंग करने के बाद उन्होंने अपने हाथ पानी में डाले, तभी मगरमच्छ ने उन्हें पकड़ लिया।
दो पड़ोसी इस हमले के प्रत्यक्षदर्शी रहे। वह करीब 16 फीट लंबे मगरमच्छ से उन्हें बचाने के लिए कुछ नहीं कर सके। स्थानीय पुलिस के अनुसार अभी तक मृत खिलाड़ी की बॉडी नहीं मिली है।
जाम्बेजी नदी में मगरमच्छ का हमला होना सामान्य बात है। पिछले सप्ताह ही नजदीक ही जिम्बाब्वे की सीमा के एक गांव में लोगों ने मगरमच्छ को पकड़ा था, जिसके पेट से आठ साल के बच्चे के अवशेष मिले थे।

सैंटियागो निएवा भारत के पुरुष मुक्केबाजों के नए विदेशी कोच होंगे

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (एआइबीए) के कोचों के आयोग के उपाध्यक्ष सैंटियागो निएवा भारत के पुरुष मुक्केबाजों के नए विदेशी कोच होंगे। वह 2014 में क्यूबा के बीआइ फर्नांडीज के पद छोड़ने के बाद से रिक्त पड़े स्थान को भरेंगे।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, “एआइबीए ने हमसे निएवा की सिफारिश की थी और उनके पास अच्छा अनुभव है। मैं अच्छे परिणाम के लिए आश्वस्त हूं।”
42 वर्षीय निएवा एआइबीए के तीन सितारा कोच हैं और वह पिछले साल तक पुरुष स्वीडिश टीम के साथ जुड़े हुए थे।
उन्होंने रियो ओलंपिक के बाद पद छोड़ा था। अपने प्रतिस्पर्धी दिनों में अर्जेंटीना का भी प्रतिनिधित्व करने वाले स्वीडन निवासी निएवा का अनुबंध इस साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप तक के लिए है, जिसके बाद फेडरेशन उनके अनुबंध को बढ़ाने पर फैसला करेगा।
विश्व चैंपियनशिप का आयोजन 25 अगस्त से तीन सितंबर के दौरान जर्मनी के हैम्बर्ग में होगा। वह सोमवार को भारत पहुंचेंगे और तत्काल पटियाला में दायित्व संभालेंगे, जहां दो में से एक राष्ट्रीय शिविर का आयोजन होना है।

दुनिया के शीर्ष गोल्फरों में भारत के शिवशंकर प्रसाद चौरसिया

संघर्ष कर शिखर तक पहुंचे भारत के शिवशंकर प्रसाद चौरसिया की गिनती आज दुनिया के शीर्ष गोल्फरों में होती है। वे कभी गोल्फ खिलाड़ी के कैडी (बैग संभालने वाला) हुआ करते थे।
5 साल तक वे यही काम करते रहे। बेहद महंगे खेल में एसएसपी का आना भी एक महज संयोग ही है। आर्थिक परेशानियों के बीच पिता गोल्फ मैदान को संवारने का कार्य किया करते थे।
38 साल की उम्र में लगातार दूसरा इंडियन ओपन खिताब जीतकर दूसरे भारतीय गोल्फर बने एसएसपी आज फिर सुर्खियों में हैं।
गोल्फ की दुनिया में अपने प्रशंसकों के बीच एसएसपी के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी का जन्म 15 मई 1978 को कोलकाता में हुआ।
पिता सिमतनी प्रसाद रॉयल कलकत्ता गोल्फ क्लब में ग्रीनकीपर के रूप में मैदान को संवारने का कार्य किया करते थे। कभी-कभी पिता के साथ बेटे एसएसपी भी साथ हो लेते थे।
जब पिता अपने कार्य में व्यस्त होते थे तो एसएसपी गोल्फरों को पीछे खड़ा होकर देखा करते थे। यह सिलसिला कुछ दिन चलने के बाद उनकी भी इच्छा खेलने की जागी।
आर्थिक तंगी के चलते पिता चाहते थे कि वह गोल्फ की बजाय मैदान में उनका सहयोग करें। पहले कैडी बने फिर गोल्फर।
एसएसपी ने हालांकि महज 10 साल की उम्र में पहली बार गोल्फ की स्टिक पकड़ी। लेकिन गोल्फ के मैदान में पहले वे कैडी का काम किया करते थे। कैडी यानी गोल्फर के पीछे चलते हुए उसका बैग संभालने वाला।
शुरुआती दिनों में उनका कोई कोच नहीं हुआ करता था। वे पहले सीनियर गोल्फर को खेलता हुआ देखते और फिर उनका अनुसरण करने का प्रयास किया करते। साथ ही उधार की किट से काम चलाया।
19 साल की उम्र में वे पेशेवर गोल्फर बने। आमतौर पर ऊंची कद-काठी के गोल्फरों के बीच एसएसपी अपने छोटे कद के कारण भी चर्चाओं में रहे हैं। महज 5 फीट 5 इंच ऊंचाई के कारण साथी गोल्फर उन्हें चिप्पुत्तसिया नाम से भी पुकारते हैं।
एसएसपी ने 2014 एशियन टूर के बाद अपने सरनेम में एक अक्षर का बदलाव करते हुए चौरसिया के ओ की जगह ए अक्षर कर लिया। इस तरह भर्रुचिजैच से भरचुचिजैच कर लिया। दरअसल उनके पासपोर्ट में भरचुचिजैच सरनेम ही पहले से दर्ज था।

रॉजर फेडरर ने स्पेन के रफाएल नडाल को मात देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया

स्विट्जरलैंड के रॉजर फेडरर ने स्पेन के रफाएल नडाल को 6-2, 6-3 से मात देकर बीएनपी परिबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फेडरर की यह करियर में पहली बार स्पेनिश खिलाड़ी नडाल पर लगातार तीसरी जीत है।
इससे पहले फेडरर ने आस्ट्रेलियन ओपन के खिताबी मुकाबले में स्पेन के नडाल को मात देकर अपना 18वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में किर्गियोस का मुकाबला फेडरर से होगा।
आस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस ने उलटफेर करते हुए विश्व के दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी नोवाक जोकोविक को 6-4 , 7-6 (7-3) से मात देकर अंतिम आठ में जगह बनाई है।
इंडियन वेल्स टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली स्वेतलाना कुजनेत्सोवा पहली खिलाड़ी हैं। उन्होंने रूस की एनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से मात दी।

सानिया मिर्जा को पूर्व जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस से करना पड़ा हार का सामना

भारत की दिग्गज महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा को बीएनपी परिबास इंडियन वेल्स हार्डकोर्ट टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल वर्ग क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अपनी पूर्व जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस से हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के साथ ही सानिया-बारबरा का सफर इस टूर्नामेंट में समाप्त हो गया है और साथ ही इस प्रतियोगिता में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई है।
टूर्नामेंट में मंगलवार देर रात खेले गए इस मैच में ताइवान की चान युंग जान और स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिगिस की जोड़ी ने सानिया और उनकी जोड़ीदार चेक गणराज्य की बारबोरा स्ट्रायकोवा को सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से मात दी।
सानिया-बारबरा की जोड़ी ने इटली की सारा इरानी और पोलैंड की एलिसिया रोसोल्सका की जोड़ी को 6-2, 6-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था।

पिता पुत्र ने किया कमाल एक ही मैच में लगाई हाफ सेंचरी

वेस्टइंडीज टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी शिवनारायण चंद्रपॉल और उनके बेटे तेगनारायण चंद्रपॉल ने मिलकर क्रिकेट फिल्ड में कमाल कर दिया।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने कैरीबियाई घरेलू क्रिकेट में गुयाना की ओर से खेलते हुए एक ही मैच में अर्धशतक ठोंक दिया।
इस तरह घरेलू क्रिकेट में एक ही मैच में हाफ सेंचुरी लगाने वाली यह पिता-पुत्र की पहली जोड़ी बन गई है। जमैका के खिलाफ खेलते हुए दोनों ने 38 रनों की साझेदारी भी की। इसकी बदौलत किंग्सटन के सबीना पार्क मैदान पर गुयाना को पहली पारी के आधार पर कुछ बढ़त भी मिल गई।
तेगबहादुर ने 135 गेंदों पर 58 रनों की पारी खेली वहीं शिवनारायण ने पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 175 गेंदों पर 57 रन बनाए। दोनों बल्लेबाज हालांकि सेंचुरी पूरी नहीं कर सके।
अपने जमाने के खब्बू बल्लेबाज रहे चंद्रपॉल ने 164 टेस्ट मैचों में 11867 रन बनाए हैं। इस दौरान उनकी बल्लेबाजी औसत 51.37 रही है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 66 अर्धशतक लगाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें पायदान पर हैं
तेगनारायण ने 2013 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। अपने पिता के साथ यह उनका पांचवां मैच है लेकिन पहली बार दोनों ने हाफ सेंचुरी लगाई है।
जब शिवनारायण चंद्रपॉल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने के दो साल बाद 1994 में तेगनारायण का जन्म हुआ। दोनों की उम्र में करीब 22 साल का फर्क है।
42 वर्षीय शिवनारायण ने पिछले साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। तेगनारायण भी अपने पिता की ही तरह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं।