रूसी टेनिस सुंदरी मारिया शारापोवा की नजर समापन शानदार ढंग से करने पर टिकी

डोपिंग के प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाली रूसी टेनिस सुंदरी मारिया शारापोवा की नजर सत्र का समापन शानदार ढंग से करने पर टिकी हैं। शारापोवा ने बीते रविवार को चीन में खिताब जीता था जो दो साल से ज्यादा की अवधि में उनका पहला खिताब है।
विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने 15 महीनों के प्रतिबंध के बाद अप्रैल में वापसी की थी। उन्होंने रविवार को तिआनजिन ओपन के फाइनल में बेलारूस की 19 वर्षीय अर्याना सबलींका को 7-5, 7-6 से शिकस्त दी। इस खिताबी जीत से शारापोवा की रैंकिंग में 29 स्थान की उछाल आई। सोमवार को जारी हुई ताजा डब्ल्यूटीए रैंकिंग में वे 86वें से 57वें नंबर पर पहुंच गईं।
शारापोवा ने कहा कि वह आगे की ओर देख रही हैं और उनकी नजरें अगले सप्ताह मास्को में होने वाले क्रेमलिन कप में सफलता हासिल करने पर हैं। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 2007 के बाद से भाग नहीं लिया है। इस टूर्नामेंट के लिए वाइल्ड कार्ड हासिल करने वाली शारापोवा ने कहा, ‘निश्चित रूप से खिताब जीतने के बाद वहां जाने के बहुत मायने हैं, लेकिन मैं वास्तव में दमदारी के साथ समापन करना चाहती हूं। मुझे याद नहीं कि पिछली बार मैंने लगातार तीन स्पर्धाएं कब खेलीं, लेकिन मैं वहां अपना सबकुछ झोंक दूंगी। मैं जानती हूं कि मेरे वहां बहुत सारे प्रशंसक हैं।’
शारापोवा मास्को में शुरुआती दौर में स्लोवाकिया की माग्दालेना रायबारिकोवा का सामना करेंगी। पांच बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने कहा कि उनके करियर का 36वां खिताब तिआनजिन ओपन उनके लिए खास था। उन्होंने कहा, ‘करीब दो साल बाद ऐसा हुआ जब मैंने विजेता ट्रॉफी को थामा। यह बहुत जबरदस्त अहसास है।’

पहली बार अंडर-17 फीफा विश्व कप में भाग ले रही भारतीय टीम लीग

मेजबान होने के कारण पहली बार अंडर-17 फीफा विश्व कप में भाग ले रही भारतीय टीम लीग चरण के ग्रुप-ए के अपने तीनों मुकाबले हारकर इस टूर्नामेंट के पहले ही दौर से बाहर हो गई। उसे अपने से मजबूत अमेरिका, कोलंबिया से हारने के बाद गुरुवार को घाना से भी मात मिली।
आखिरी मैच में उसने सबसे ज्यादा गोलों के अंतर (0-4) से हार झेली। अफ्रीकी टीम घाना की तरफ से कप्तान इरिक अयाह के अलावा रिचर्ड डेंसो और इमानुएल टोकू ने गोल दागे। भारत ने पहले हाफ में सिर्फ एक गोल खाया, लेकिन दूसरे हाफ में उसका डिफेंस पूरी तरह चकनाचूर हो गया और घाना ने इसका फायदा उठाते हुए तीन और गोल दाग दिए।
ग्रुप-ए का यह मैच जीतने के साथ ही घाना ने प्री क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। इस ग्रुप से कोलंबिया भी प्री क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुका है, जबकि भारत का आगे का सफर समाप्त हो गया।
आक्रमण से ज्यादा रक्षण पर विश्वास करने वाले भारतीय कोच डि मातोस की सेना ने पिछले दो मैचों की तरह अफ्रीकी टीम घाना के खिलाफ भी ऐसा ही किया। शुरुआत के 42 मिनट इस खेल ने उनका साथ भी दिया, लेकिन इसके अगले ही मिनट में मेहमानों के कप्तान अयाह ने गोल करके मेजबानों को एक और हार की तरफ बढ़ने को मजबूर कर दिया।
मैच की शुरुआत से ही घाना ने आक्रमण तो भारत ने रक्षण की रणनीति अपनाई। बोरिस थंगजाम, नाउरेम और अनिकेत ने शानदार रक्षण किया। तीसरे मिनट में ही अनिकेत ने शानदार क्रॉस किया, लेकिन गेंद को गोल तक पहुंचाने के लिए वहां भारतीय टीम का कोई सदस्य नहीं था।
छठे मिनट में घाना ने गेंद को नेट पर पहुंचा दिया, लेकिन रेफरी ने इसे ऑफसाइड दे दिया। आठवें मिनट में धीरज ने शानदार गोल रोका। इसी समय भारत को फ्री किक मिली, लेकिन संजीव गोल नहीं कर पाए।
भारतीय रक्षण का आलम यह था कि शुरुआती दस मिनट में घाना ने तीन ऑफसाइड किए। घाना के खिलाड़ी को रोकने के चक्कर मे 33वें मिनट में बोरिस को पीला कार्ड भी मिला। भारतीय डिफेंस के सामने घाना का आक्रमण पूरी तरह परेशान हो गया और इसका असर उसकी बेंच पर भी दिखाई देने लगा।
39वें मिनट में घाना को फिर कॉर्नर मिला, लेकिन वह लक्ष्य से भटक गया। 42वें मिनट में उनके पास फिर गोल करने का मौका था, लेकिन उनका शॉट फिर लक्ष्य से भटक गया। अगले ही मिनट में मेहमानों ने फिर आक्रमण किया और उनकी तरफ से पहले शॉट को गोलकीपर धीरज ने रोका, लेकिन अयाह ने जवाबी आक्रमण करते हुए गेंद को गोलपोस्ट तक पहुंचाकर 1-0 से बढ़त ले ली।
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में अनिकेत को गिराने के कारण घाना के राशिद अलहसन को पीला कार्ड मिला। इसके बाद भारत के पास गोल करने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा।
दूसरा हाफ शुरू होते ही सादिक इब्राहिम ने अमरजीत को हिट किया, जिसके बाद उन्हें रेफरी ने तुरंत पीला कार्ड दिखा दिया। 52वें मिनट में अयाह ने फिर मेजबानों के रक्षण को भेदते हुए दूसरा गोल दागा। दो मिनट बाद भारत के अमरजीत को पीला कार्ड दिखाया गया।
दूसरे हाफ में घाना की तरफ से आक्रमण की भरमार रही। 86वें मिनट में डेंसो ने गोल करके बढ़त को 3-0 कर दिया। अगले ही मिनट में टोकू ने गोलकर करके बढ़त को 4-0 कर लिया। इस हार के बावजूद जेएलएन स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भारतीय फुटबॉलरों का समर्थन किया। कुल मिलाकर यह विश्व कप भारतीय फुटबॉल के लिए नए युग की शुरुआत साबित होता दिख रहा है।
पिछली बार के उप विजेता माली ने फिर से अपने कौशल और दमखम का खूबसूरत नजारा पेश करते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर शान के साथ प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। माली की तरफ से सलाम जिदोउ (18वें मिनट), जिमुसा त्राओरे (50वें) और लसाना एनडियाये (82वें) ने गोल किए, जबकि न्यूजीलैंड के लिए एकमात्र गोल स्थानापन्न चार्ल्स स्प्राग (72वें मिनट) ने दागा।
पराग्वे से पहला मैच गंवाने के बाद माली की यह लगातार दूसरी जीत है, जिससे उसने छह अंकों के साथ पराग्वे (नौ अंक) के बाद ग्रुप-बी में दूसरे स्थान पर रहकर अंतिम-16 में जगह बनाई। कीवी टीम की यह दूसरी हार थी और उसका तीन मैचों में केवल एक अंक रहा।
माली ने दर्शकों के समर्थन के बीच अपनी शारीरिक मजबूती, दमखम, तेजी और कौशल के बलबूते पर खुद को न्यूजीलैंड से बेहतर साबित करने की सफल कोशिश की। यह अलग बात है कि कप्तान मैक्स माटा की वापसी से कीवी टीम को मजबूती मिली थी और इसका असर उनके खेल में भी दिखा।
माटा के पास खेल के तीसरे मिनट में ही मौका था, लेकिन तब वह अकेले गोलकीपर को नहीं छका पाए। इसके बाद अधिकतर समय गेंद न्यूजीलैंड के पाले में ही मंडराती रही और 18वें मिनट में सलाम जिदोउ ने गोल करके अफ्रीकी टीम को बढ़त भी दिला दी।
न्यूजीलैंड की रक्षापंक्ति में थोड़ी सी अफरातफरी दिखी और जिदोउ ने इसका फायदा उठाकर जिमुसा त्राओरे के पास पर डी के दायें छोर से करारा शॉट लगाकर उसे गोल के हवाले कर दिया। कीवी गोलकीपर जैक जोंस के पास इसका कोई जवाब नहीं था। 43वें मिनट में माली अपनी बढ़त दोगुनी करने के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन पिछले दोनों मैचों में गोल करने वाले एनडियाये का शॉट पोस्ट से टकरा गया।
मध्यांतर तक माली 1-0 से आगे था। दूसरे हाफ में भी कहानी में कोई परिवर्तन नहीं आया और छोर बदलने के बाद जिमुसा ने पांचवें मिनट में ही माली को 2-0 से आगे कर दिया। वह कप्तान मुहम्मद कमारा के साथ तेजी से गेंद लेकर आगे बढ़े और जब तक कीवी खिलाड़ी संभल पाते जिमुसा का शॉट जाली चूम रहा था।
जब लग रहा था कि मैच एकतरफा रहेगा तब मैथ्यू पामर की जगह मैदान पर उतरने वाले स्प्राग ने न्यूजीलैंड के लिए पहला गोल करके मैच में जान और दर्शकों में जोश भर दिया। वह तब गोलमुख पर खड़े थे जब उन्हें दायें छोर से इल्जाह जस्ट का क्रॉस मिला, जिसे उन्होंने हेडर से गोल में तब्दील कर दिया। न्यूजीलैंड अब बराबरी के गोल की तलाश में था, लेकिन तभी एनडियाये ने फोडे कोनाटे के पास पर बायें पांव से करारा शाट जमाकर माली को 3-1 से आगे करके उसकी जीत भी सुनिश्चित कर दी।

फ्रांस ने जापान को 2-1 से हराकर अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल स्पर्धा के नॉकआउट में जगह पक्की

अमीन गोइरी के डबल के दम पर फ्रांस ने ग्रुप ‘ई’ में जापान को 2-1 से हराकर अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल स्पर्धा के नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली
इंदिरा गांधी स्टेडियम में फ्रांस ने शुरू से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उसकी तरफ से गोइरी ने 13वें और 71वें मिनट में गोलकर टीम को अगले दौर में पहुंचाया। जापान के लिए एकमात्र सांत्वना ताइसी मियाशीरो ने 73वें मिनट में किया।
गोइरी ने खेल के 13वें मिनट में जापानी गोलकीपर कोसेई तानी के पैरों के बीच से गेंद निकालकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। जापान ने शुरू में गोल गंवाने के बाद बेहतर खेल दिखाया और कुछ मौके बनाए। भाग्य भी उसके साथ नहीं था क्योंकि कीतो नाकामूरा का शॉट बेहद करीब से बाहर चला गया था। दूसरी तरफ फ्रांस के मैक्सेन काकरेट ने भी मध्यांतर से ठीक पहले गोल करने का अच्छा मौका गंवाया।
फ्रांस हालांकि दूसरे हाफ में फिर से हावी हो गया और उसे इसका फायदा 71वें मिनट में मिला जब गोइरी ने यासिन आदिल के पास पर खूबसूरत गोल करके बढ़त 2-0 कर दी। जापान को हालांकि इसके दो मिनट बाद पेनल्टी मिली, जिसे ताइसी मियाशीरो ने गोल में बदला। अपने पहले मैच में होंडुरस को 6-1 से शिकस्त देने वाले जापान के अब दो मैचों में तीन अंक हैं। उसे अगले मैच में अब शनिवार को कोलकाता में न्यू कैलेडोनिया से भिड़ना है। वहीं फ्रांस को उसी दिन इसी मैदान पर होंडुरस से खेलना है।

मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सीनियर स्पिनर ब्रैड हॉग की मांग बढ़ती उम्र के बावजूद कम नहीं हुई है। 46 वर्षीय इस स्पिनर को बिग बैश लीग की टीम मेलबॉर्न रेनेगेड्स ने अगले एक वर्ष के लिए अनुबंधित किया है। पिछले सीजन में भी हॉग इसी टीम के लिए खेले थे।
हॉग ने कहा, मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं। मैं सिर्फ खेलते रहना चाहता हूं, फिर टीम चाहे जो हो। जब तक मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं, मेरे खेलते रहने की इच्छा है। मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं।
पिछले कुछ महीनों से सर्जरी की वजह से क्रिकेट से दूर रहने वाले हॉग ने कहा कि वो अपनी वापसी को लेकर उत्तेजित हैं। वो इस टीम के लिए पिछले सत्र यानी 2016-17 में खेले थे और एक बार फिर से वो अगले सत्र यानी 2017-18 में भी इस टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
ब्रैड हॉग ने वर्ष 2011 में टी20 लीग में अपना डेब्यू किया था। वो पहले पर्थ स्कॉचर्स के लिए खेलते थे और इस दौरान उन्हें फैंस के काफी सपोर्ट मिला। बीग बैश लीग में अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑस्ट्रेलिया टी20 टीम में शामिल किया गया था वो क्रिकेट के इस प्रारूप में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए थे जो अब तक एक रिकॉर्ड है।
हॉग दुनिया के कई लीग में खेल चुके हैं या फिर खेल रहे हैं। बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भी वो खेल रहे हैं साथ ही वो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपने साथी खिलाड़ी शेन वॉर्न के साथ खेल चुके हैं और कोलकाता नाइट राइडर्स का भी वो हिस्सा रह चुके हैं। ब्रैड हॉग वर्ष 2015 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ मैच खेलते ही आईपीएल में खेलने वाले सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बन गए थे और उस वक्त उनकी उम्र 44 साल थी। फिलहाल वो 46 वर्ष के हैं और इस उम्र में भी उन्हें कोई बड़ी इंजुरी नहीं है। हॉग ने कहा था कि वो टीम में वापसी को तैयार हैं।

भारतीय टीम को फीफा अंडर-17 विश्व कप में दमदार प्रतिद्वंद्वी कोलंबिया के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा

पहले मैच में अपने जज्बे और जिजीविषा का अच्छा नमूना पेश करने के बावजूद पराजय का सामना करने वाली भारतीय टीम को फीफा अंडर-17 विश्व कप में सोमवार को एक अन्य दमदार प्रतिद्वंद्वी कोलंबिया के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा।
किसी भी तरह के विश्व कप में पहली बार खेल रहे भारत को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में अमेरिका के हाथों 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भारत ने जज्बा तो दिखाया लेकिन कौशल के मामले में अमेरिका उससे मीलों आगे रहा। मेजबान देश को फिर से इसी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। मध्यपंक्ति के मुख्य खिलाड़ी सुरेश सिंह का मानना है कि भारत को अपने अंतिम क्षणों के पास में सुधार करना होगा, लेकिन हर विभाग में मजबूत कोलंबिया के सामने एक विभाग में सुधार से ही काम नहीं चलने वाला है।
नाइजर से लेनी होगी प्रेरणा : मेजबान टीम विश्व कप में पहली बार भाग ले रही एक अन्य टीम नाइजर से प्रेरणा लेनी चाहेगी, जिसने उत्तर कोरिया को हराकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया। अगर अफ्रीकी देश ऐसा कर सकता है तो भारत क्यों नहीं। हालांकि ऐसा करने की तुलना में कहना आसान है। भारत ने कोशिश की, लेकिन वह दुनिया को नहीं दिखा पाया कि उसका स्तर इस टूर्नामेंट के लायक है, जिसने दुनिया को कई स्टार खिलाड़ी दिए हैं।
भारत को भुनाने होंगे मौके : अमेरिका के खिलाफ कुछ मौकों पर भारत ने अच्छे खेल की झलक दिखाई, लेकिन कोच लुई नोर्टन डि मातोस सोमवार को इससे भी बेहतर प्रदर्शन चाहते हैं। भारत ने मौके बनाए और अपने कौशल से भी उसने कुछ प्रभाव छोड़ा। एक अवसर पर टीम गोल करने के करीब भी पहुंची। लेकिन यह साफ नजर आ रहा था कि अमेरिका दोनों टीमों में बेहतर था। स्ट्राइकर कोमल थटाल ने अपनी तेज दौड़ और ड्रिबलिंग के कौशल से सभी का ध्यान खींचा है।
बाईचुंग भूटिया के राज्य सिक्किम के रहने वाले थटाल ने कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन दूसरे हाफ में एक बार उन्होंने गोल करने का अच्छा मौका भी गंवाया। अग्रिम पंक्ति में उनके साथ अनिकेत यादव ने भी अपने खेल से प्रभावित किया। रक्षापंक्ति में अनवर अली और जितेंद्र सिंह ने अपनी तरफ से अच्छी कोशिश की, लेकिन शारीरिक और तकनीक दोनों के मामले भारत पिछड़ गया। यह अलग बात है कि गोलकीपर एम धीरज सिंह ने कुछ शानदार बचाव करके भारत को बड़े अंतर से नहीं हारने दिया। मैदान से बाहर मातोस को उम्मीद रहेगी कि उनकी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में दर्शक यहां मौजूद रहेंगे।
खाता खोलने को बेताब कोलंबिया : कोलंबिया ही कोलंबिया की पहले मैच में शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसे घाना से हार का सामना करना पड़ा था। वह अब खाता खोलने के लिए बेताब होगा और बड़े अंतर से जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा ताकि अपने गोल अंतर में सुधार कर सके। कोलंबिया अब तक पांच बार इस टूर्नामेंट में भाग ले चुका है और दो बार ही तीसरे स्थान पर रहा है। उसकी टीम यहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने के लिए काफी पहले यहां पहुंच चुकी थी। यह अलग बात है कि उसकी शुरुआत अनुकूल नहीं रही।

यदि धोनी ने किसी मैच में ऐसा किया तो उन्हें सजा मिलेगी

क्रिकेट फैंस के दिमाग में अभी भी वह दृश्‍य ताजा है जब भारतीय विकेटकीपर महेंद्रसिंह धोनी ऐसा दर्शाते थे कि उन्होंने गेंद कलेक्ट कर ली है और वे थ्रो करने वाले हैं। वास्तव में उस वक्त गेंद उनके हाथ में होती ही नहीं थी, लेकिन वे अपने इस एक्शन से बल्लेबाजों को भ्रमित कर रन लेने से रोक देते थे।
कुछ समय पहले तक क्रिकेट में इस तरह के एक्शन को जायज माना जाता था, लेकिन आईसीसी के नियमों में बदलाव के बाद इस तरह की हरकत पर दंड का प्रावधान है। आईसीसी के फेक फील्डिंग नियम 41।5 के नियम के तहत यदि कोई फील्डर अपने शब्दों और एक्शन से जानबूझकर बल्लेबाजों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हुए पाया गया या उसने फेक फील्डिंग के जरिए धोखा देने की कोशिश की तो अंपायर बल्लेबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन प्रदान करेगा। इसलिए अब यदि धोनी ने किसी मैच में ऐसा किया तो उन्हें सजा मिलेगी और इसके फलस्वरूप विपक्षी टीम को पेनल्टी के रूप में 5 रन मिलेंगे।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी आईसीसी के इस फेक फील्डिंग नियम की आलोचना करते हुए आईसीसी से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
फेक फील्डिंग नियम का पहला शिकार क्वींसलैंड के फील्डर मार्नस लैबूसचेंज बने, जब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टूर्नामेंट जेएलटी वनडे कप में बल्लेबाज को भ्रमित करने के लिए फेक ‍फील्डिंग नियम के तहत दंडित किया गया था।

पहली बार भारत में आयोजित होने जा रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए कप्तान विराट कोहली ने दी शुभकामनाएं

भारत में पहली बार आयोजित होने जा रहे अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम को शुभकामनाएं मिली हैं। यह शुभकामनाएं भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने दी हैं। विराट कोहली ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया है।
15 सेकंड के वीडियो में विराट ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘हमारे लड़के 6 अक्टूबर से शुरू हो रहे अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे हैं। उनका पहला मैच यूएसए के खिलाफ है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। पहले मैच और बाकी के टूर्नामेंट के लिए ऑल द वेरी बेस्ट। जाओ, जमकर खेलो और हमें गौरवान्वित करो।’
इस टूर्नमेंट के लिए भारत को ग्रुप ‘ए’ में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के अलावा पूर्व चैंपियन घाना, कोलंबिया और अमेरिका की टीमें हैं। भारत की यह युवा टीम अपने पहले मैच में 6 अक्टूबर को अमेरिका के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 9 अक्टूबर को उसका मुकाबला कोलंबिया और फिर 12 अक्टूबर को घाना से होगा। सभी मुकाबले नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले जाएंगे।
भारतीय टीम: डिफेंडर्स : बोरिस सिंह, जितेंद्र सिंह, अनवर अली, संजीव स्टालिन, हेंड्री एंटॉनी, नमित देशपांडे।मिडफील्डर्स : सुरेश सिंह, निंथोइनगान्बा मीतेई, अमरजीत सिंह कियाम, अभिजीत सरकार थातल, लालेंगमाविया, जेक्सन सिहं, नॉन्गडांबा नाओरेम, राहुल कैनोली प्रवीण, मोहम्मद शाहजहां। फॉरवर्ड : रहीम अली, अंकित जाधव।

एक कमजोर टीम होने के बावजूद भारत सभी को चौंकाने के लिए तैयार

भारत की अंडर-17 फुटबाल टीम के डिफेंडर संजीव स्टालिन ने कहा कि विश्व कप में एक कमजोर टीम होने के बावजूद भारत सभी को चौंकाने के लिए तैयार हैं। विश्व कप शुक्रवार से शुरू होगा।
स्टालिन ने कहा, ‘हमें फीफा अंडर-17 में खेलने से पहले अपनी टीम की सामूहिक क्षमता पर पूरा भरोसा है। हम जीतने के लिए खेलेंगे और अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देंगे। हम जानते हैं कि हम अपने ग्रुप में एक कमजोर टीम हैं, लेकिन हमारे पास सभी को चौंकाने के लिए रणनीतियां हैं। भारत ग्रुप ‘ए’ में अमेरिका, घाना और कोलंबिया के साथ है। भारत शुक्रवार को अमेरिका से भिड़ेगा।
स्टालिन ने पहले मैच के बारे में कहा, ‘यह भारतीय फुटबॉल और सामान्य रूप से हर भारतीय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। अमेरिका के खिलाफ होने वाले मैच में हमारा उत्साह बढ़ाने के लिए हमें 12वें खिलाड़ी यानी हमारे समर्थकों की जरूरत है। यह न केवल हमारा फीफा विश्व कप है, बल्कि यह हर भारतीय का विश्व कप है और हर भारतीय इस अद्भुत क्षण का हिस्सा होगा।
दबाव के बारे में बेंगलुरु के इस खिलाड़ी ने कहा, ‘दबाव हर खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा होता है। अच्छे प्रदर्शन का दवाब हर बड़ी या छोटी प्रतियोगिता में होता ही है। एक खिलाड़ी के रूप में हमें दवाब का सामना करना पड़ता है और निश्चित रूप से फीफा अंडर-17 विश्व कप से पहले भी दवाब है। यह अच्छा दवाब है, जो व्यक्तिगत रूप से मुझे प्रेरित करने में मदद करता है।
विश्व कप में भाग लेने के लिए 21 सदस्यीय अमेरिकी टीम भारत पहुंच गई। अमेरिकी टीम यहां दुबई से आई है, जहां वह विश्व कप की तैयारियों के लिए सात दिवसीय शिविर में हिस्सा ले रही थी। वह अपने अभियान की शुरुआत छह अक्टूबर को भारत के खिलाफ करेगा। उसका अगला मुकाबला घाना से नौ और कोलंबिया से 12 अक्टूबर को होगा।
इराक की 21 सदस्यीय टीम सोमवार तड़के कोलकाता पहुंची। इराक को ग्रुप ‘एफ’ में इंग्लैंड, चिली और मैक्सिको के साथ रखा गया है। इस ग्रुप के सारे मुकाबले यहां के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले जाएंगे। साथ ही 28 अक्टूबर को टूर्नामेंट का फाइनल भी यहीं खेला जाएगा। इराक का पहला मुकाबला आठ अक्टूबर को मैक्सिको से होगा। उसने पिछले विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया था।

ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर वनडे बना यादगार

ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के लिए भारत के खिलाफ गुरुवार को बेंगलुरू वनडे यादगार बन गया। वॉर्नर का यह 100वां वनडे मैच हैं और उन्होंने इसमें शानदार शतक जड़ते हुए इसे अविस्मरणीय बना लिया।
वॉर्नर 100वें अंतरराष्ट्रीय वनडे में शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई और दुनिया के आठवें बल्लेबाज बने। उनसे पहले यह करिश्मा गार्डन ग्रीनिज (वेस्टइंडीज), क्रिस कैर्न्स (न्यूजीलैंड), यूसुफ योहाना (पाकिस्तान), कुमार संगकारा (श्रीलंका), क्रिस गेल (वेस्टइंडीज), मार्कस ट्रेस्कोथिक (इंग्लैंड) और रामनरेश सरवन (वेस्टइंडीज) कर चुके हैं।
वॉर्नर के लिए भारत के खिलाफ जारी सीरीज अच्छी साबित नहीं हो रही थी। वे इससे पहले तीन मैचों में एक भी फिफ्टी नहीं लगा पाए थे। वे इससे पहले तीन मैचों में 25, 1 और 42 रन ही बना पाए थे। वॉर्नर ने इससे उबरते हुए बेंगलुरू में शानदार पारी खेली। उन्होंने लय हासिल करने के बाद जमकर स्ट्रोक्स खेले और भारतीय स्पिनरों को पूरी तरह बेअसर साबित किया।
वॉर्नर ने केदार जाधव की गेंद पर चौका लगाते हुए शतक पूरा किया। यह उनका वनडे में 14वां शतक था। उन्होंने इसके लिए 103 गेंदों का सामना कर 10 चौके और 3 छक्के लगाए।

रीयल मैड्रिड ने दी बोरुसिया डॉर्टमंड को 3-1 से शिकस्त

स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रानोल्डो के दो गोल (डबल) के दम पर रीयल मैड्रिड ने चैंपियंस लीग फुटबॉल में बोरुसिया डॉर्टमंड को 3-1 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ रीयल मैड्रिड छह अंकों के साथ गुप ‘एच’ में दूसरे स्थान पर है, जबकि डॉर्टमंड बिना खाता खोले तीसरे नंबर पर है।
150वां यूरोपियन मैच खेलने उतरे रोनाल्डो इस सत्र में चैंपियंस लीग के दो मैचों में चार गोल दाग चुके हैं। डॉर्टमंड की सात यूरोपियन मैचों में रीयल के खिलाफ अपने घर में यह पहली हार है। गेरेथ बेल ने दानी के पास पर 18वें मिनट में शानदार गोल कर रीयल मैड्रिड का खाता खोला।
पहले हाफ तक रीयल मैड्रिड 1-0 से आगे रहा। दूसरे हाफ की शुरुआत में 50वें मिनट में रोनाल्डो ने बेल की मदद से गोल करके टीम को 2-0 से आगे कर दिया। हालांकि चार मिनट बाद ही पियरे-एमेरिक आउबामेयांग ने कास्ट्रो के पास पर गोल करके डॉर्टमंड का स्कोर 1-2 कर दिया। रोनाल्डो ने मोड्रिक के पास पर 79वें मिनट में गोल कर रीयल मैड्रिड को 3-1 से जीत दिला दी।
‘मैं एक बार फिर रोनाल्डो से खुश हूं। साथ ही गेरेथ बेल ने भी प्रभावित किया। यहां खेलना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन यह जीत हमारे लिए महत्वपूर्ण है। डॉर्टमंड ने भी काफी अच्छा खेला, लेकिन हमारे खिलाड़ी उन पर भारी पड़े। हमने अच्छा स्कोर किया। हर किसी ने अपना योगदान दिया।’ – जिनेदिन जिदान, कोच, रीयल मैड्रिड
सिटी जीता, लीवरपूल ने खेला ड्रॉ
अन्य मैचों में मैनचेस्टर सिटी ने यूक्रेन के क्लब शखतर डोनेटस्क को 2-0 से हरा दिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला हाफ गोल रहित रहा और दोनों टीमें एक-दूसरे की ताकत का अंदाजा लगाती रही। दूसरे हाफ में मैनचेस्टर की टीम दो गोल दागने में सफल हुई।
केविन डि ब्रूयन ने 48वें मिनट में गोल करके मैनचेस्टर का स्कोर 1-0 कर दिया। इसके बाद रहीम स्ट्रलिंग ने मैच के आखिरी मिनट में गोल करके मैनचेस्टर को 2-0 से जीत दिलाई। मैनचेस्टर सिटी गुप ‘एफ’ में छह अंक लेकर शीर्ष पर है, जबकि डोनेटस्क तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।
लीवरपूल ने स्पार्टक मास्को के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला। फर्नांडो ने 23वें मिनट में गोल करके मास्को का खाता खोला लेकिन लीवरपूल के फिलिप कूटिंहो ने 31वें मिनट में गोल करके स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं हुआ।