आस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 19 रन से मात देकर सीरीज़ पर जमाया कब्ज़़ा

आस्ट्रेलिया ने त्रिकोणीय टी-20 सीरीज के वर्षा बाधित फाइनल मैच में डकवर्थ-लुईस पद्धति से न्यूजीलैंड को 19 रन से मात देकर सीरीज़ पर कब्ज़़ा जमा लिया। एश्टन एगर (27/3) की गेंदबाजी और डार्सी शॉर्ट (50) की अर्धशतकीय पारी के दम पर आस्ट्रेलिया ने खिताब अपने नाम किया। आस्ट्रेलिया के एश्टन प्लेयर ऑफ द मैच और ग्लेन मैक्सवल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 150 रन ही बनाए थे। बारिश के शुरू होने तक आस्ट्रेलिया ने केवल तीन विकेट के नुकसान पर 14.4 ओवर खेलते हुए 121 रन बना लिए थे। बारिश के कारण गीली हुई पिच के जल्द सूखने की कोई गुंजाइश न देखते हुए अंपायरों ने डकवर्थ लुइस प्रणाली के आधार पर आस्ट्रेलिया को 19 रनों से विजेता घोषित कर दिया।
न्यूजीलैंड के लिए रॉस टेलर ने सबसे अधिक 43 रन बनाए। इसके अलावा, मार्टिन गप्टिल ने 21 और कोलिन मुनरो ने 29 रनों का योगदान दिया। इन तीन खिलाड़ियों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। इस पारी में एश्टन के अलावा, केन रिचर्डसन और एंड्रयू टाय ने दो-दो विकेट लिए वहीं बिली स्टेनलेक और मार्कस स्टोनिस को एक सफलता मिली।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया को शॉर्ट और कप्तान डेविड वॉर्नर (25) ने 72 रनों की शानदार साझेदारी कर अच्छी शुरुआत दी। टीम ने 121 रन बनाए थे कि तभी बारिश शुरू हो गई और खेल को बीच में रोकना पड़ा।
बारिश काफी देर तक होती रही। इसके बाद अंपायरों ने पिच के जल्द सूखने के आसार न देखते हुए आस्ट्रेलिया को डकवर्थ लुइस प्रणाली के तहत 19 रनों से जीत दिलाई। न्यूजीलैंड के लिए इस पारी में ईश सोढ़ी, मिशेल सेंटनर और कोलिन मुनरो ने एक-एक विकेट लिया।

मैच दर मैच रिकॉर्ड ध्वस्त क्रिकेट के हर प्रारूप में ढेरों रन बना रहे भारतीय कप्तान विराट कोहली

भारतीय कप्तान विराट कोहली दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे हैं। वे क्रिकेट के हर प्रारूप में ढेरों रन बना रहे हैं और मैच दर मैच रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहे हैं। अब उनकी निगाहें दो महान क्रिकेटरों सर डॉन ब्रैडमैन और कैरेबियाई विस्फोटक बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्‍स के कीर्तिमानों पर टिक गई हैं।
विराट इस दौरे पर अभी तक कुल 13 पारियों में 87 की औसत से 870 रन बना चुके हैं। उन्हें किसी एक दौरे पर 1000 रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज के लिए मात्र 130 रन और बनाने हैं।
किसी एक दौरे पर 1000 से ज्यादा रन बनाने का दुर्लभ कीर्तिमान रिचर्ड्‍स के नाम दर्ज है, जब उन्होंने 1976 में इंग्लैंड में 1045 रन बनाए थे। रिचर्ड्‍स ने चार टेस्ट मैचों में 829 रन बनाने के अलावा वनडे सीरीज में 216 रन बनाए थे।
डॉन ब्रैडमैन इंग्लैंड के दौरे पर 5 टेस्ट मैचों में 974 रन बना चुके हैं। उस दौरान वनडे नहीं खेले जाते थे, इसके चलते ब्रैडमैन एक दौरे पर 1000 रनों की उपलब्धि को हासिल नहीं कर पाए थे।
विराट को अब यदि ब्रैडमैन की रन संख्या को पार करना है तो शेष बचे दो टी20 मैचों में उन्हें 105 रन और बनाने होंगे। यदि विराट को रिचर्ड्‍स के कीर्तिमान को तोड़ना है तो उन्हें दो मैचों में 176 रन और बनाने होंगे।
कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के वर्तमान दौरे में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 286 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने एक शतक जड़ा था। इसके बाद कोहली का बल्ला वनडे सीरीज में खूब चला और उन्होंने तीन शतकों की मदद से 558 रन बनाए। वे द. अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच में 26 रन बना चुके हैं।

पूर्व क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली की बल्लेबाजी के कायल

भारत के पूर्व क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ भी अब मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली की बल्लेबाजी के कायल हो गए हैं उन्होंने विराट की तारीफ करते हुए कहा है कि कोहली में ही बल्लेबाजी की वो क्षमता दिखती है जो सचिन तेंडुलकर के 100 शतकों के के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने की क्षमता रखती है। मौजूदा दौर के बल्लेबाजों में सिर्फ कोहली के पास यह शानदार मौका है जो इस उपलब्धि को हासिल कर सकते हैं।
भारतीय कप्तान विराट कोहली इस समय अपने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में खेली गई द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रंखला में कोहली ने 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। किसी भी द्विपक्षीय वनडेसीरीज में एसा करने वाले विराट कोहली दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सीरीज में एक के बाद एक करके तीन शतक जमाए। अब वनडे मैचों में उनके शतकों की संख्या भी 35 पहुंच गई है जो कि सचिन तेंडुलकर के बाद दूसरे नंबर पर है।
गुंडप्पा विश्वनाथ कोलकाता में अंडर-14 आमंत्रण क्रिकेट टूर्नामेंट में आये थे इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि, ‘कोहली ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अपने प्रदर्शन में लगातार निरंतरता दिखाई है। वह एक के बाद एक करके लगातार शतक बना रहे हैं। उनके पास सचिन तेंडुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने का पूरा मौका होगा, लेकिन यह थोड़ा सा कठिन होगा।’
विश्वनाथ ने कहा, ‘सब को पता है कि कोहली क्या कर रहे है, वह कमाल का प्रदर्शन कर रहे है। उनकी रन बनाने की भूख, आक्रमकता कमाल की है। रिकॉर्ड तो बनते ही हैं टूटने के लिए। मैं कोहली लिए खुश हूं और मुझे उम्मीद है कि सचिन भी इससे उतने ही खुश होंगे। हालांकि अभी कोहली का ये सफर लंबा है।’

मौत के मुंह से निकलने के बाद जीता पदक-

शीतकालीन ओलंपिक में तेज हवा और खराब मौसम की वजह से सोमवार को कई मुकाबले टालने पड़े। प्योंगचांग ओलंपिक के आयोजकों ने महिलाओं के जाएंट स्लोलोम मुकाबले को तेज हवा की वजह से गुरुवार तक के लिए टाल दिया। सियोल से 180 किलोमीटर दूर अल्पाईन सेंटर में सोमवार को सुबह 10.15 पर मुकाबला शुरू होना था लेकिन करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की तेज रफ्तार से चल रही बर्फीली हवा ने मुकाबले को शुरू नहीं होने दिया।
उधर अतंरराष्ट्रीय स्काई संघ ने कहा है कि उनके लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा ज्यादा जरूरी है। अब ये मुकाबले गुरुवार को सुबह 9.30 और दोपहर 1.15 बजे से शुरू होंगे। सोमवार को जाएंट स्लोगोम मुकाबले में 81 स्कायर भाग लेने वाले थे।
इस दौरान अल्पाईन सेंटर में तेज हवा के साथ -20 डिग्र्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मालूम हो कि रविवार को भी खराब मौसम की वजह से कई मुकाबले स्थगित कर दिए गए थे। रविवार को दक्षिण कोरिया में भूकंप के भी हल्के झटके महसूस किए गए थे।
तेज हवा और खराब मौसम के बावजूद अमेरिका की जेमी एंडरसन ने खतरों से खेलते हुए महिलाओं के स्लोपस्टाईल स्नोबोर्ड प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक हासिल किया। 27 वर्षीय जेमी ने 2014 के शीतकालीन ओलंपिक में भी स्वर्ण पदक जीता था और उस क्रम को उन्होंने प्योंगचांग में बरकरार रखा। उन्होंने 83.00 का स्कोर बनाया। इस वर्ग का रजत पदक कनाडा की लॉरी ब्लोइन ने हासिल किया जबकि कांस्य पर फिनलैंड की इनी रुकजार्वी ने कब्जा जमाया।
वहीं कनाडा को पहला स्वर्ण पदक फिगर स्केटिंग में हासिल हुआ है। आइओसी के झंडे तले खेल रहे रूस को कनाडा ने 73 के मुकाबले 66 अंकों से पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस वर्ग का कांस्य पदक अमेरिका को मिला जिन्होंने 62 अंक बटोरे। कनाडा की इस जीत में गैब्रियाल डेलमैन और पैट्रिक चान ने अहम भूमिका निभाई।
आयोजकों ने सोमवार को नोरोवायरस के 177 मामलों की पुष्टि की। आयोजन समिति ने रविवार 19 नए मामलों के सामने आने की बात कही जिससे यह आंकड़ा 177 तक पहुंच गया। नए मामलों में तीन सिविल सुरक्षा कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि अब तक किसी एथलीट के इस वायरस से संक्रमित होने की बात सामने नहीं आई है।
उधर आयोजकों ने बताया है कि 68 संक्रमित कर्मचारी पूरी तरह से इस वायरस से निजात पाकर काम पर लौट आए हैं। मालूम हो कि नोरोवायरस के गंदे पानी और खराब खाने से फैलने की आशंका जताई गई थी जिसके एहतियातन उपाय भी किए गए थे।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) के मुखिया थॉमस बाक शीतकालीन ओलंपिक के बाद उत्तर कोरिया का दौरा करेंगें। एक त्रिपक्षीय साझा करार के तहत आइओसी और उत्तर कोरिया के साथ दक्षिण कोरिया एक बार फिर एक साथ नजर आ सकते हैं। हालांकि इस मुलाकात की वजह नहीं बताई गई है लेकिन तीनों (आइओसी और दोनों कोरियाई देश) उपयुक्त तारीख पर विचार कर रहे हैं और 25 फरवरी को खत्म हो रहे शीतकालीन ओलंपिक के बाद कभी भी थॉमस बाक उत्तर कोरिया का दौरा कर सकते हैं।
तकनीकी तौर पर अभी युद्ध का सामना कर रहे दोनों कोरियाई देश शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन समारोह के दौरान एक साथ, एक झंडे तले मार्च पास्ट करते नजर आए थे जिससे इन दोनों देशों के बीच आपसी मतभेद खत्म होने की आशा की जा रही है।
पिछले महीने आइओसी और दोनों कोरियाई देशों के बीच एक त्रिपक्षीय करार हुआ था जिससे उत्तर कोरिया के शीतकालीन ओलंपिक में भागीदारी देखने को मिली। करार का नतीजा ही था कि करीब 12 वर्षों के बाद ओलंपिक में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया एक साथ दिखाई दिए। उधर दक्षिण कोरिया के पूर्व मंत्री किम संग-हान ने कहा है कि उत्तर कोरिया की ये पहल उसे स्वर्ण पदक का हकदार बनाती है।
11 महीने पहले अपनी 17 हड्डियां तुड़वाने वाले कनाडा के मार्क मैकमॉरिस ने खेलों के दुनिया में एक अलग मिसाल पेश की। शीतकालीन ओलंपिक में रविवार को मैकमॉरिस ने पुरुषों के स्नोबोर्ड स्लोपस्टाइल में कांस्य पदक जीता।
सोमवार को उस मुकाबले को याद करते हुए मैकमॉरिस ने कहा कि उनका कांस्य पदक एक चमत्कार है और मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं। अच्छी रेस के बाद दोबारा पोडियम पर खड़ा होना वाकई में खास है। उधर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन टूडिउ ने भी मैकमॉरिस की दृढ़ता और साहस की तारीफ की है।
दरअसल पिछले साल मार्च में मैकमॉरिस स्नोबोर्डिंग करते समय एक पेड़ से टकराकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे जिस दौरान उनकी 17 हड्डियां टूटी थीं। उनकी चोट इतनी गंभीर थी कि वह कोमा में चले गए थे लेकिन अपने दृढ़ विश्वास से उन्होंने पिछले साल नवंबर में विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैकमॉरिस 2014 सोच्चि शीतकालीन ओलंपिक के भी कांस्य पदक विजेता रहे हैं।

ल्यूज एथलीट शिवा केशवन अपने करियर के आखिरी ओलिंपिक रेस में 34वें स्थान पर

भारत के ल्यूज एथलीट शिवा केशवन अपने करियर के आखिरी ओलिंपिक रेस में 34वें स्थान पर रहे। करीब दो दशक तक भारत का शीतकालीन ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व करने वाले शिवा पुरुषों के ल्यूज सिंगल्स मुकाबले की तीसरी हीट में 48.900 सेकेंड के साथ 30वें स्थान पर रहे।
अंतिम 20 में शामिल नहीं होने की वजह से वह चौथी हीट के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, जिसमें पदकों का फैसला होना था। शनिवार को हुए दो हीट के बाद भी शिवा 34वें स्थान पर रहे थे। इस वर्ग का स्वर्ण पदक ऑस्ट्रिया के डेविड ग्लेर्चर ने हासिल किया, जबकि अमेरिका के क्रिस माज्दजेर को रजत और जर्मनी के जोहानिस लुडविग को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
छह ओलिंपिक का हिस्सा रहे शिवा ने अपनी आखिरी रेस जैसे ही पूरी की उनके चेहरे पर खुशी देखने लायक थी। दर्शकों में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों की ओर उन्होंने स्लेड को ऊपर उठाते हुए एक आखिरी बार इशारा किया। भारतीय दर्शक तिरंगा लिए गो शिवा और नथिंग कैन स्टॉप द फायर लिखे हुए बैनर के साथ उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। मनाली से संबंध रखने वाले 36 वर्षीय शिवा का ओलिंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में देखने को मिला जब उन्होंने 25वां स्थान हासिल किया। शिवा के पिता केरल से हैं, जबकि उनकी मां इटली से संबंध रखती हैं। 16 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार 1998 के शीतकालीन ओलिंपिक में भाग लिया था। वो 2011, 2016 और 2017 के एशियन ल्यूज चैंपियनशिप के विजेता रहे।

मैं अपना जीवन फिल्मी दुनिया में नहीं बिताना चाहती। मुझे खेल पसंद है

फ्रांस की खूबसूरत टेनिस खिलाड़ी क्रिस्टिना म्लादेनोविच जानती हैं कि सुंदरता के कारण हमेशा प्रशंसकों और मीडिया का ध्यान उनकी ओर रहता है, लेकिन फिल्मी दुनिया में जाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
पिछले सप्ताह सेंट पीट्सबर्ग ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मैच में म्लादेनोविच ने डॉमिनिका चिबुल्कोवा को सीधे सेटों में हराया था। इसके बाद वे पत्रकारों से चर्चा के दौरान वे तब हैरान रह गईं, जब एक पत्रकार ने उनकी खूबसूरती की तारीफ करते हुए पूछा कि क्या फिल्मी दुनिया में कदम रखने का उनका इरादा है।
इसपर म्लादेनोविच ने कहा- तारीफ के लिए शुक्रिया। टेनिस खिलाड़ी यदि कोर्ट पर सुंदर दिखती हैं तो यह अच्छी बात है। जहां तक मेरी बात है तो मैं अपना जीवन फिल्मी दुनिया में नहीं बिताना चाहती। मुझे खेल पसंद है और मैं टेनिस करियर पर ही ध्यान केंद्रित कर रही हूं। हालांकि मैं अपनी फिटनेस और खेल दोनों पर समान रूप से ध्यान देती हूं।
24 साल की म्लादेनोविच ऑस्ट्रिया के सितारा टेनिस खिलाड़ी डॉमिनिक थिएम के साथ डेटिंग कर रही हैं। लंबे समय से थिएम उनके पसंदीदा हीरो हैं।
उन्होंने कहा- मैं फिल्में देखती हूं और कई फिल्में पसंद हैं। मेरी पसंदीदा अभिनेत्री जुलिया रॉबर्ट्स हैं। जहां तक पसंदीदा हीरो की बात है तो वह मेरे बॉयफ्रेंड थिएम हैं। मैं उनके साथ खुश हूं। वे मुझे बहुत प्यार करते हैं और उनकी नजर में मैं बहुत खूबसूरत हूं। यह मेरे लिए सबसे खुशी की बात है।

भारतीय महिला टीम ने दूसरे वन-डे मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 178 रनों से हरा दिया

स्मृति मंधाना (135) और झूलन गोस्वामी (200 विकेट) के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से भारतीय महिला टीम ने दूसरे वन-डे मैच में मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 178 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वन-डे सीरीज 2-0 से जीत ली है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 302 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 30.5 ओवर में 124 रनों पर सिमट गई।
लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज एल. ली (73) के जूझारू अर्धशतक के अलावा कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सकी। उनके अलावा एम काप (17*) ही दोहरी रन संख्या तक पहुंचने में सफल रहीं। पूनम यादव ने 4 जबकि राजेश्वरी गायकवाड़ व दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। झूलन गोस्वामी ने एक विकेट लिया। इस विकेट के साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला वन-डे क्रिकेट में 200 विकेट पूरे कर लिए। वह यह कारनामा करने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। वह सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाजों में शीर्ष पर हैं।
इससे पहले टॉस जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने भारत को बल्लेबाजी का न्यौता दिया। स्मृति ने 129 गेंदों पर 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 14 चौके और एक छक्का शामिल रहा। साथ ही उन्होंने अपने नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। वे भारत के ‍बाहर तीन देशों में शतक लगाने वाली भारत की पहली महिला बल्लेबाज बनीं। स्मृति इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी शतक जड़ चुकी हैं। उनके अलावा उपकप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 55 और वेदा कृष्णमूर्ति ने 33 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए।
स्मृति ने पूनम राउत (20) के साथ आक्रामक शुरुआत की, लेकिन पूनम जल्दी आउट हो गईं। स्मृति ने कप्तान मिताली राज (20) के साथ 51 रन और इसके बाद स्मृति और हरमनप्रीत ने तीसरे विकेट के लिए 134 रनों की साझेदारी कर टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया। स्मृति को स्पिनर राइसिबे नोजखे ने चलता किया। वेदा और हरमनप्रीत ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 61 रन जोड़ टीम को 300 पार पहुंचाया।

रजत पदक विजेता पीवी सिंधु की अगुआई में भारतीय महिला टीम ने हांगकांग को 3-2 से हरा दिया

एजेंसी ओलिंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु की अगुआई में भारतीय महिला टीम ने एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में सकारात्मक शुरुआत करते हुए हांगकांग को 3-2 से हरा दिया।
गुरुवार को भारत की भिड़ंत जापान की मजबूत टीम से होगी, जिसमें दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची और गत विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा शामिल हैं। मांसपेशियों की चोट के कारण लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल के हटने के बाद सिंधु ने अपनी उपयोगिता साबित करते हुए पहले एकल मैच जीता और फिर एन. सिक्की रेड्डी के साथ मिलकर युगल में भी जीत हासिल की।
सिंधु ने एकल मैच में हांगकांग की यिप पुई यिन को 21-12, 21-18 से हरा दिया। अश्विनी पोनप्पा व प्राजक्ता सावंत को महिला युगल में कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद एनज विंग युंग व युंग एनगा टिंग के खिलाफ 52 मिनट में 22-20, 20-22, 10-21 से पराजय मिली। दूसरे एकल मैच में युवा श्री कृष्णा प्रिया कुदारावली को युंग यिंग मेई को कड़ी चुनाती देने के बावजूद 19-21, 21-18, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे भारत पांच मैचों में 1-2 से पिछड़ गया।
सिंधु ने इसके बाद सिक्की के साथ मिलकर एनजी टीज याऊ व युन यिन यिंग को 21-15, 15-21, 21-14 से हराकर भारत को बराबरी दिलाई। अब भारत की जीत का दारोमदार रुत्विका शिवानी गाडे पर था जिन्होंने तीसरे एकल मैच में पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए युंग सम यी को 16-21, 21-16, 21-13 से हराकर भारत को जीत दिलाई।
उबेर कप फाइनल का क्वालीफायर : यह चैंपियनशिप उबेर कप फाइनल का क्वालीफायर भी है और यहां सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली टीमों को मई में बैंकॉक में खेलने का अधिकारी मिलेगा। एशियाई टीम चैंपियनशिप उबेर कप फाइनल का क्वालीफायर भी है और यहां सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली टीमों को मई में बैंकाक में खेलने का अधिकार मिलेगा।

बाउंड्री पर एक फैन हाथ में विराट और अनुष्का का पोस्टर लहराने लगा।

विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज में बिजी है, जबकि उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भारत में फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त है। इसके बावजूद फैंस कुछ हद तक विराट को अनुष्का की कमी अखरने नहीं देते हैं।
सुपरस्पोर्ट पार्क में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में तो फैंस अनुष्का का पोस्टर लेकर मैदान में पहुंच गए थे। दक्षिण अफ्रीका 32 ओवरों में 118 रनों पर 9 विकेट खो चुका था और विराट उस वक्त बाउंड्री पर ‍फील्डिंग कर रहे थे। तभी एक फैन हाथ में विराट और अनुष्का का पोस्टर लहराने लगा। इस पोस्टर में विराट-अनुष्का की शादी का फोटो था और उस पर लिखा था, ‘शादी मुबारक’। यह फोटो देख विराट की शादी की यादें ताजा हो गई होगी, इसलिए वे इसे देखकर विराट मुस्कुरा दिए और उन्होंने पीछे की तरह देखकर हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकारा।
इसी दौरान कैमरों की नजर भी विराट और इस पोस्टर पर पड़ी और इस दृश्य को टेलीविजन के जरिए करोड़ों दर्शकों ने देखा। 33वें ओवर में ही दक्षिण अफ्रीका की पारी खत्म हो गई।
विराट की टीम इंडिया ने दूसरे वनडे में दक्षिण अफ्रीका पर 9 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर 6 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई। भारत ने द. अफ्रीका की पारी को 32.2 ओवरों में 118 रनों पर समेटने के बाद 20.3 ओवरों में 1 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया। यह मैच युजवेंद्र चहल के लिए खास बन गया, उन्होंने मैच में 22 रन देकर 5 विकेट लिए। उन्होंने वनडे में पहली बार किसी मैच में 5 विकेट लिए। वे इसी के साथ द. अफ्रीका में वनडे में 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए। भारत ने द. अफ्रीका को 9 विकेट से हराते हुए 26 साल में उस पर सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

ऑस्ट्रेलियाई ओपन से बाहर रही भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने कहा चोट से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण

चोट के कारण ऑस्ट्रेलियाई ओपन से बाहर रही भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने कहा कि उनके लिए यह इस चोट से निपटना बेहद चुनौतीपूर्ण है।
पिछले साल (2017) ऑस्ट्रेलियाई ओपन के मिश्रित युगल में उपविजेता और 2016 में महिला युगल की विजेता रही सानिया ने कहा- चोट के दौरान सबसे मुश्किल मानसिक चुनौती से निपटना होता है। ऑस्ट्रेलियाई ओपन में नहीं खेलना और टेलीविजन पर उसे देखना काफी मुश्किल था। एक खिलाड़ी के तौर पर यह स्वीकार करना की आप नहीं खेल सकते काफी तकलीफदेह होता है। जब आप संन्यास लेते है तो स्थिति थोड़ी अलग होती है। यह पहली बार नहीं है जब मैं चोटिल हुई हूं। इससे पहले भी मेरी 3 बार सर्जरी हुई है, एक खिलाड़ी के तौर पर मैं इसकी अभ्यस्त हूं। मेरे लिए यह मानसिक चुनौती की तरह है, क्योंकि मैं घर में होती हूं और लगता है कि कुछ कर ही नहीं पा रही हूं।
साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन में वापसी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- उम्मीद है अगले ग्रैंड स्लैम में वापसी होगी, लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि यह मेरे हाथ में नहीं है। अगले ग्रैंड स्लैम में अभी थोड़ा समय है देखते है क्या होता है। अभी इस बारे में पूरी तरह कुछ भी नहीं पता कि कोर्ट में कब तक वापसी करूंगी।
उन्होंने कहा- मैं अभी लगभग दो महीने तक कोर्ट से दूर रहूंगी। सर्जरी के बाद भी इस बात की गारंटी नहीं की यह पूरी तरह ठीक हो। मैं पिछले दो साल से इस चोट के साथ खेल रही थी। इस बीमारी को जंपर्स नी (घुटने में दर्द संबंधी) कहा जाता है। दर्द इतना बढ़ गया था कि मुझे खेल से ब्रेक लेना पड़ा । यह अब ठीक हो रहा, मैं चाहूंगी कि यह जल्दी ठीक हो लेकिन ऐसा नहीं हो रहा, जो मेरे लिए थोडा हतोत्साहित करने वाला है। हां अभी भी दो महीने का समय लगेगा।
एशियाई खेलों में देश को कई पदक दिलाने वाली सानिया से जब जकार्ता में इस होने वाले इन खलों में खेलने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- जहां तक एशियाई खेल का सवाल है मैंने पहली बार 2002 में इसमें भाग लिया था। उस वक्त मेरी उम्र 15 साल थी यह काफी लंबा सफर रहा है और अगर मौका मिला तो फिर इसमें खेलना और देश के लिए पदक जीतना चाहूंगी। मैं जब भी इसमें खेली हूं पदक जीतने में कामयाब रही हूं। सुपरटेक स्पोर्ट विलेज में अपनी टेनिस अकादमी से जुड़े कार्यक्रम में यहां पहुंची सानिया ने कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए ये जरूरी नहीं की वे किस अकादमी में खेल रहे, सबसे पहले यह जरूरत इस बात की है कि खेल संस्कृति का निर्माण हो। खेल सिर्फ चैंपियन बनाने के लिये नहीं होते यह जिंदगी के हर क्षेत्र में सिख देने वाला होता है।