पोलावरम राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना के डूबान से दो करोड़ दस लाख की राशि उपलब्ध

आंध्रप्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में गोदावरी नदी पर निर्माणाधीन पोलावरम राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना के डूबान से सुकमा जिले के प्रभावित होनें वाले क्षेत्र के संयुक्त सर्वेक्षण के लिए आंध्रप्रदेश शासन ने छग शासन को दो करोड़ दस लाख सनतावन हजार रूपए की राशि उपलब्ध करा दी है। राशि का डिमांड ड्राफ्ट आंध्रप्रदेश से जलसंसाधन संभाग सुकमा को दो दिन पहले भेजी गई है। सर्वे में दो करोड़ सत्तर लाख रूपए खर्च होनें का अनुमान लगाया गया है।
इसमें से 59 लाख 43 हजार रूपए आंध्रप्रदेश दस साल पहले ही दे चुका है। अंतर राशि अभी उपलब्ध कराई गई है। यह राशि ऐसे समय में मिली है जब सुकमा जिलें में नक्सली एक बार फिर उग्र हो गए हैं। ऐसी स्थिति में डूबान प्रभवित क्षेत्र का संयुक्त सर्वे वर्तमान परिस्थितियों में शुरू हो पाएगा इसे लेकर संदेह भी गहरा गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल डेढ़ साल से सुकमा जिले में नक्सली गतिविधियों के हिसाब से शांति की स्थिति को देखते हुए छग शासन ने शांत जल्दी से जल्दी डूबान प्रभावित क्षेत्र के सर्वे के लिए आंध्रप्रदेश से पैसा भेजने का अनुरोध किया गया था। इसके लिए साल भर पहले आंध्रप्रदेश को डिमांड नोट यहां से भेजा गया था। सर्वे करने एजेंसी भी तय कर ली गई थी पर राशि समय पर नहीं मिलने से एजेंसी तय होनें के बाद निविदा निरस्त करनी पड़ गई थी।
पैसे के आभाव में पहली निविदा निरस्त कर दुबारा निविदा बुलाकर हाल ही में नई एजेंसी सर्वे कार्य के लिए चिन्हित की गई है। विदित हो कि सुकमा जिले में नक्सलियों की सक्रियता के कारण पोलावरम बांध के बैक वाटर से डूबान प्रभावित संभावित क्षेत्र का संयुक्त सर्वे का काम करीब दस सालों से रूका पड़ा है। सर्वे नहीं होने से छग शासन को अभी तक डूबान से प्रभावित होनें वाले क्षेत्र की जमीनी हकीकत की भी अच्छी तरह से जानकारी नहीं है। डूबान से प्रभावित क्षेत्र की जो थोड़ी बहुत जानकारी उपलब्ध है वह आंध्रप्रदेश शासन द्वारा सालों पहले छग शासन से मिले राजस्व व वन भूमि से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर है।
पोलावरम बांध के बैक वॉटर से सुकमा जिले के डूब वाले क्षेत्रों के संयुक्त सर्वे के लिए दस साल पहले 18 सितंबर 2007 को 59 लाख 43 हजार रूपए आंध्रप्रदेश शासन ने दंतेवाड़ा जलसंसाधन संभाग के पास जमा कराया था। उस समय सर्वे शुरू करने की तैयारी चल रही थी कि सुकमा जिले के एर्राबोर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन दर्जन जवान शहीद हो गए थे। इस घटना के बाद सर्वे का विचार उस समय रोक दिया गया था। पिछले कुछ समय से शांति का माहौल बना हुआ था और इसी को ध्यान में रखकर आंध्रप्रदेश से सर्वे स्टीमेट दो करोड़ सत्तर लाख रूपए में से दो करोड़ दस लाख सन्तावन हजार रूपए की राशि जल्दी से जल्दी भेजने का अनुरोध शासन ने किया था। विदित हो कि हाल ही में नक्सलियों ने भेज्जी क्षेत्र में मुठभेड़ में 12 जवानों को शहीद करके अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। जिसके बाद से एक बार फिर क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
पोलावरम बांध के डूबान से सुकमा जिले के कोंटा नगर पंचायत और पांच ग्राम पंचायतों के अठारह बसाहट क्षेत्रों के डूबने की आशंका है। करीब सात हजार राजस्व व वन भूमि के भी डूबने की संभावना जताई गई। डूबान से करीब 35 हजार तथा एर्राबोर-कोंटा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब13 किलोमीटर के हिस्से के भी प्रभावित होनें की संभावना है। छग शासन ने परियोजना के निर्माण में समझौते के उल्लंघन का आरोप आंध्रप्रदेश शासन पर लगाते हुए 20 अगस्त 2011 को सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर किया है।

अनाज गोदामों में सड़े इससे बेहतर है कि गरीबों में बांट दे

प्रदेश में अनाज भंडारण को लेकर सरकार कितनी लापरवाह है इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि पिछले दो साल में प्रदेश के सरकारी गोदामों में रखा 157 लाख टन अनाज सड़ गया, जिसकी अनुमानित कीमत पांच हजार करोड़ रुपए थी। इसमें 54 लाख टन गेहूं व 103 लाख टन चावल शामिल था। ये खुलासा हुआ है उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की रिपोर्ट में।
यह स्थिति तब है जब वर्ष 2010 में सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दे चुकी है कि अनाज गोदामों में सड़े इससे बेहतर है कि गरीबों में बांट दे।
अनाज की ज्यादा पैदावार के लिए लगातार चार बार कृषि कृर्मण अवॉर्ड जीतने वाली मप्र सरकार पांचवी बार भी इसकी दावेदार है, लेकिन अनाज की अधिक पैदावार के बाद भी रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रदेश में अनाज भंडारण का जिम्मा एफसीआई, मार्कफेड और नागरिक आपूर्ति निगम पर है।
गोदामों में अनाज के खराब होने की बात अधिकारी भी छिपाते हैं। खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने जुलाई 2016 में जबलपुर के सहकारी गोदाम में औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने पाया कि बड़े पैमाने पर अनाज सड़ चुका था। आकलन करने पर यह मात्रा करीब दस हजार क्विटंल अनाज की निकली। इससे पूर्व 2013 में सिंगरौली में 26 हजार क्विंटल और सीधी में चार हजार क्विंटल धान सड़ चुका है।
नाम न छापने के शर्त पर वेयरहाउस से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने बताया कि अनाज खराब होने की एक बड़ी वजह मिलीभगत है, जिसका फायदा शराब कंपनियों को पहुंचाना है। अनाज जानबूझकर सड़ने दिया जाता है जिससे शराब कंपनियां बीयर व अन्य मादक पेय बनाने के लिए सड़े हुए अनाज खासतौर से गेहूं को औने-पौने दाम में खरीद सके।
वर्ष 2013-14 और 2014-15 में मध्यप्रदेश में गोदामों में जो अनाज सड़ा उसकी कीमत पांच हजार करोड़ से ज्यादा की थी। इसमें चावल जो सरकार 2800 रुपए क्विंटल खरीदती है, के हिसाब से 157 लाख टन यानी 15 करोड़ 70 लाख क्विंटल की कीमत ही चार हजार 396 करोड़ होती है। वहीं गेंहू का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1700 रुपए होता है। इस हिसाब से 54 लाख टन गेंहू यानी पांच करोड़ 40 लाख क्विंटल गेहूं की कीमत 918 करोड़ रुपए होती है।
जानकार बताते हैं कि अनाज की खरीदी में समर्थन मूल्य की राजनीति भी जमकर चलती है। सरकार किसानों से अनाज को खरीद लेती है, लेकिन सही भंडारण और भ्रष्टाचार पर लगाम न होने के चलते अनाज सड़ जाता है। वर्ष 2016 में प्याज की हुई बंपर पैदावार के बाद भी ऐसा हुआ था। सरकार ने छह रुपए किलो से प्याज खरीदा, लेकिन हजारों टन प्याज गोदामों में ही सड़ गया। प्याज खरीदी में सरकार को 60 करोड़ से ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा ।
अनाज जो सड़ गया पिछले सालों में
अनाज—- 2013-14—-2014-15
गेहूं —- 54.077—- शून्य
चावल—- 22.865—-80.183
मैं वर्ष 2016 में ही आया हूं। इसलिए मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन जहां तक बात अनाज खराब होने की है तो उस वक्त गोदामों की क्षमता कम थी और अनाज ज्यादा था जिस वजह से बाहर कैंप में भी रखना पड़ा। संभवत: यह उसी समय के आकड़े है। लेकिन अब स्थिति ऐसी नहीं है। वर्ष 2015-16 में कितना अनाज खराब हुआ अभी यह नहीं बता सकता पर पूर्व के सालों की तुलना में यह बेहद कम है।

चैत्र नवरात्र 12 बजे से पहले प्रवेश करेंगे आदित्यनाथ सीएम हाउस में

बीते दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि योगी आदित्यनाथ किस दिन यूपी सीएम के सरकारी आवास में प्रवेश करेंगे? अब तस्वीर साफ हो गई है।
खबर है कि आदित्यनाथ चैत्र नवरात्र के पहले दिन सीएम हाउस में प्रवेश करेंगे। चैत्र नवरात्र की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है और उसी दिन दोपहर में सवा 12 बजे से पहले उनके प्रवेश करने का समय तय हुआ है।
बता दें, कहीं-कहीं चैत्र नवरात्र 29 मार्च से शुरू होना भी बताया गया है।
इससे पहले 20 मार्च को 5, कालीदास मार्ग स्थित सीएम के इस सरकारी आवास पर विशेष पूजा-पाठ की गई थी। गोरखपुर से आए पंडितों की एक टीम पूरे सीएम हाउस का शुद्धिकरण किया था।
सीएम हाउस के गेट की सफेद रंग से पुताई पहेल ही हो चुकी है। पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ यहां स्वास्तिक बनाया।
गोरखपुर में गोरक्षमठ की गायों से निकला 11 लीटर दूध लाया गया था, जिससे शुद्धिकरण और रुद्राभिषेक किया गया।

गुजरात में राजनीतिक गर्माहट शुरू

गुजरात में विधानसभा चुनाव से पूर्व राजनीतिक गर्माहट शुरू हो गई है। कांग्रेस टिकट के दावेदार तलाशने में जुट गई है।
भाजपा ने 2012 की तरह इस बार भी विधानसभा की 182 में से 150 सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा है। हालांकि कांग्रेस ने गुजरात में समय से पहले विधान सभा चुनाव कराए जाने की अटकलें लगाई हैं।
चर्चा है कि प्रदेश सरकार अगले महीने विधानसभा को भंग कर जून में चुनाव करा सकती है। वहीं, कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर मचे बवाल के बीच नेता प्रतिपक्ष शंकर सिंह वाघेला ने खुद को इस दौड़ से बाहर बताया है।
इससे पहले आशंका जताई जा रही थी कि वह राकांपा प्रमुख शरद पवार से मिल कर कोई नई योजना बना रहे हैं, जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विधानसभा में कांग्रेस की विजय ही उनका सपना है। मालूम हो, पांच प्रदेशों से फुर्सत मिलते ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपना ध्यान इस वर्ष दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों पर केंद्रित कर दिया है।
कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए भाजपा सूबे में सैकड़ों जगह विजय उत्सव का आयोजन करेगी। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बंपर जीत के लिए शाह के भव्य स्वागत की तैयारी है।

मंडला की सुरभि को मिली इसरो में २२ वी रैंक

जब वह छठी कक्षा में थी तभी से अंतरिक्ष के बारे में जानने की जिज्ञासा होने लगी थी। अंतरिक्ष के बारे में किताबें पढ़ने में रुचि रखने वाली आदिवासी जिले मंडला की बिटिया सुरभि नामदेव वैज्ञानिक बनने का सपना देखती था। इसरो में चयन होते ही उसका यह सपना पूरा हो गया।
पहले ही अटेम्प्ट में ही इसरो में वैज्ञानिक के लिए चयनित हुई सुरभि को यह तोहफा भी 8 मार्च विश्व महिला दिवस पर मिला। इस खुशी को उसने अपने फेसबुक अकाउंट में परफेक्ट गिफ्ट ऑन परफेक्ट डे लिखकर शेयर किया है।
सुरभि ने प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के बारे में बहुत पढ़ा था। उन्हीं से प्रेरित होकर बीटेक (मेकेनिकल) किया। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद से भी प्रभावित रही। उनकी आटो बायोग्राफी ‘अग्नि की उड़ान’ पढ़ी। इनसे भी इसरो में जाने की प्रेरणा मिली । सुरभि उद्यान विभाग में अधीक्षक चंद्रगुप्त नामदेव और हाईस्कूल बिंझिया की प्राचार्य कल्पना नामदेव की बेटी है।
सुरभि ने लोगों को संदेश दिया है कि प्रतियोगी छात्र फेलुअर से डिमोरलाइज न हों। फेलुअर आने से रूकें नहीं। अपने ड्रीम पर फोकस रखें और उसे पूरा करें। असफलता के बाद ही सफलता मिलती है।
सुरभि ने बताया कि जुलाई 2016 में दिल्ली में ही रिटन एग्जाम दिया था। इसके बाद 21 दिसंबर को साक्षात्कार दिया। परीक्षा पास करने के बाद देशभर के 900 लोगों को बुलाया गया था। जिसमें से मात्र 90 को चयनित करना था। इसमें 62वीं रैंक सुरभि को मिली है। 8 मार्च का दिन उसके लिए कभी न भूलने वाला दिन हो गया। उसने प्रतिस्पर्धा भी आरक्षित कोटे की बजाय सामान्य वर्ग से की है।
तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की सुरभि ने अपनी पढ़ाई मंडला और जबलपुर से हिंदी मीडियम से की है। प्राइमरी शिक्षा मंडला जिले के बिछिया तहसील के सिझौरा के मिशन स्कूल से ली। मिडिल स्कूल की पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई। जिला मुख्यालय मंडला के निर्मला हाईस्कूल से दसवीं की पढ़ाई की।
11वीं और बारहवीं की पढ़ाई जबलपुर के सरकारी स्कूल एमएलबी से करने के बाद 2011 में ट्रिपल आईटी में चयन हुआ और इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंफार्मेशन टेक्नालाजी डिजाइन एंड मेन्युफैक्चरिंग जबलपुर से पढ़ाई पूरी की। 2015 में पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल दिल्ली में रहकर कोचिंग ली और पहले ही अटेम्प्ट में इसरो में चयनित हो गई।

परिवार नियोजन करने पर अब मिलेगा स्मार्ट फ़ोन

राजस्थान के झालावाड़ में चिकित्सा विभाग ने परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट फोन देना शुरू किया है। इस योजना का फायदा यह हुआ कि नसबंदी का 96 लक्ष्य प्राप्त हो चुका है।
राजस्थान में सरकार की ओर से पुरुषों कोे नसबंदी कराने पर 2000 रुपए दिए जाते हैं। जबकि महिलाओं को 1400 रुपए दिए जाते हैं।
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झालावाड़ में नसबंदी कराने पर एक 4जी स्मार्टफोन या पांच हजार रुपए दिए जा रहें है। चिकित्सा विभाग इस योजना को दानदाताओं के सहयोग से चला रहा है।
जिले को इस वर्ष 8703 नसबंदी आॅपरेशन करने का लक्ष्य मिला हैं और इसका 96 फीसदी लक्ष्य हासिल हो चुका है।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब कहा लोगों के जेहन में एक बार फिर राहुल गांधी की उम्र आ गई

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब संसद में कहा कि मैं राहुल गांधी से एक साल छोटा हूं और अखिलेश से एक साल बढ़ा, तो बरबस ही लोगों के जेहन में एक बार फिर राहुल गांधी की उम्र आ गई।
यूपी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद से राहुल चर्चा में हैं। देश की सबसे पुरानी पार्टी में कोई उनका बचाव कर रहा है तो कोई खुली चुनौती दे रहा है कि आगे आकर नेतृत्व करें या पार्टी छोड़ दें।
बहरहाल, राहुल में हमेशा उनके पिता राजीव गांधी की झलक देखी जाती रही है। हालांकि दोनों की तुलना नहीं हो सकती, लेकिन देश की सियासत पर पैनी नजर रखने वाले बताते हैं कि दोनों की राजनीतिक उपलब्धियों में जमीन-आसमान का फर्क है। एक नजर इसी से जुड़ी अहम बातों पर- 20 अगस्त 1944 को जन्में राजीव गांधी 36 साल की उम्र में सियासत में आए थे और उसके अगले ही साल सांसद बन गए थे। उन्होंने भाई संजय गांधी के निधन के बाद 1981 में अमेठी लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी।
वहीं 19 जून 1970 को पैदा हुए राहुल गांधी महज 34 साल की उम्र में सांसद बन गए थे। राहुल ने 2004 के चुनाव में अपने पिता की सीट अमेठी से जीत दर्ज की थी।
राहुल 13 साल से सांसद हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई मंत्री पद नहीं मिला है, जबकि इस बीच लगातार दो बार केंद्र में यूपीए की सरकार रही।
दूसरी ओर राजीव गांधी 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बन गए थे। राहुल गांधी आज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, तब तक तो राजीव पांच साल प्रधानमंत्री रह चुके थे। 46 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

भारत के सौमिल वैद्य का प्रोजेक्ट शोरटलिस्ट

भारत के पहले प्राइवेट लूनर मिशन ने मुंबई के सौमिल वैद्य का प्रोजेक्ट को शॉर्टलिस्ट कर लिया है। 15 मार्च को Lab2Moon काॅन्टेस्ट का आयोजन किया गया था, जिसमें मुंबई के सौमिल के प्रोजेक्ट के साथ-साथ इटली की एक टीम के प्रोजेक्ट टीम ईयर्स (इलेक्ट्रोस्टेटिक्स एक्टिव रेडिएशन शील्ड) को भी विनर घोषित किया गया था। सौमिल वैद्य के नेतृत्व में उनकी टीम इंडस ने यह कमाल कर दिखाया। उनकी टीम में गोवा यूनिवर्सिटी में छात्र ऐश्वर्य मुंगले और दूसरे कोल्हापुर के रहने वाले अनिकेत कुमार हैं।
सौमिल के मुताबिक उनका आइडिया चांद पर जाने वाली स्पेसक्राफ्ट और जनजीवन के बीच एक शील्ड बनाने की है जो हमारी रक्षा कर सके।
सौमिल की टीम के पास एक बड़ा टारगेट चार करोड़ की कॉर्पोरेट फंडिंग जुटाने का है। इसके बाद ही 15 अप्रैल तक अपने प्रोजेक्ट को भेज पाएंगे। उनके द्वारा बनाया गया डिजाइन केवल 250 ग्राम का है और तीन वाट की ऊर्जा से चलेगा। चयनित डिज़ाइन को एक मशीन से चांद पर भेजा जाएगा।
सौमिल की टीम गूगल लूनर एक्स प्राइज काम्पटीशन में भाग लेने वाली अकेली भारतीय टीम है।

खागरागढ़ में हुए ब्लास्ट के बाहरी तार जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश से जुड़े

साल 2015 के मुकाबले 2016 में पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की सीमाओं पर हरकत-उल-जिहादी अल-इस्लामी और जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकियों की घुसपैठ तीन गुना ज्‍यादा हुई है। घुसपैठ को लेकर बांग्लादेश सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2014 में बर्दवान जिले के खागरागढ़ में हुए ब्लास्ट की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेन्सी (एनआईए) ने जांच में पाया था कि उस ब्लास्ट के बाहरी तार जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश से जुड़े हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हूजी और जेएमबी के दो हजार से ज्‍यादा ऑपरेटिव इन तीनों राज्यों में घुस चुके हैं। इनमें से करीब 720 बंगाल की सीमा और बाकी 1,290 संदिग्ध असम और त्रिपुरा की सीमाओं से आए हैं। हालांकि रिपोर्ट को लेकर बंगाल सरकार के अधिकारियों को संदेह है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2014 में 800 और 2015 में 659 लोगों ने घुसपैठ की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, खागरागढ़ की घटना के बाद इन आतंकियों के काम करने के तरीके में बदलाव आया है जिससे इन्हें ट्रैक करने में मुश्किलें आ रही थीं। बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘पहले ये मालदा, मुर्शिदाबाद या नदिया जैसे जिले से आते थे। अब वे असम और त्रिपुरा से होते हुए पश्चिम बंगाल में घुस रहे हैं। यह उनके लिए ज्‍यादा आसान और सुरक्षित है।
बंगाल गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए जानकारी एक‍त्रित की जा रही है। वहीं असम पुलिस के अतिरिक्त मुख्य निदेशक (एसबी) पल्लब भट्टाचार्य मानते हैं कि आतंकी गतिविधि में निश्चित ही बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने के दौरान जेएमबी के 54 संदिग्‍धों को गिरफ्तार किया गया है। घुसपैठ पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारियों की एक कमेटी भी बनाई गई है जिसमें विधायक भी शामिल हैं।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक 12 जनवरी को जेएमबी का सचिव इफ्तादुर रहमान फर्जी पासपोर्ट पर भारत आया था और यहां पर उसने असम व बंगाल में कई लोगों से संपर्क साधा था। खुफिया जानकारी के मुताबिक वह दिल्ली भी आ सकता है और उसका असली नाम सज्जाद हुसैन है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि 18 जनवरी को बांग्लादेश के मायमेनसिंह जिले में असम, पश्चिम बंगाल और नई दिल्ली में बैठे लोगों और जेएमबी और हूजी के शीर्ष नेतृत्व के बीच मीटिंग हुई थी।

उपहार सिनेमा कांड के आरोपी गोपाल अंसल को सरेंडर के लिए और मोहलत देने से इन्कार

उपहार सिनेमा कांड के आरोपी गोपाल अंसल को सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर के लिए और मोहलत देने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद उन्हें तुरंत सरेंडर करते हुए सजा के लिए जेल जाना होगा। गोपाल अंसल को राहत दिलाने के उद्देश्य से वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी कोर्ट में उपस्थित हुए। लेकिन कोर्ट ने जेठमलानी की दलीलों को दरकिनार करते हुए गोपाल अंसल को सरेंडर करने के लिए और वक्त देने से मना कर दिया।
इससे पहले कोर्ट की ओर से गोपाल अंसल को राहत देते हुए 9 मार्च को उन्हें जेल नहीं भेजने की याचिका को खारिज करते हुए आत्मसमर्पण करने को लेकर 10 दिन की मोहलत दी गयी थी। जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस ए के गोयल की खंडपीठ ने अंसल को सजा की 7 महीने की बाकी अवधि को पूरा करने के लिए 20 मार्च को आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था। गोपाल अंसल अपने भाई सुशील अंसल के समान जेल की बाकी सजा में छूट की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर उनकी ओर से अपने स्वास्थ्य को एक बड़ी वजह बताया गया था। लेकिन गोपाल अंसल की दलीलों का कोर्ट पर कोई असर नहीं हुआ।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए गोपाल अंसल को जेल की बाकी सजा काटने का निर्देश दिया था, जबकि उनके बड़े भाई सुशील अंसल को जेल की सजा से राहत दी गयी थी। कोर्ट ने उनकी उम्र संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुये कहा था कि उन्होंने पहले ही जेल की सजा काट ली। साथ ही कोर्ट ने अंसल बंधुओं पर निचली अदालत की ओर से लगाये गये 30-30 करोड़ के जुर्माने को बरकरार रखा था।
गोपाल अंसल की ओर से भी इसी तरह की राहत का अनुरोध करते हुये दावा किया है कि उसकी आयु 69 वर्ष की है और अगर उसे जेल भेजा गया तो उसके स्वास्थ्य को नुकसान होगा। बता दें कि वर्ष 1997 में उपहार सिनेमा अग्निकांड उस वक्त हुआ जब उपहार सिनेमा में हिन्दी फिल्म ‘बॉर्डर’ चल रही थी। इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी। जिसमें करीब दो दर्जन बच्चे शामिल थे। मामले में रियल स्टेट कारोबारी और उपहार सिनेमा के मालिक अंसल बंधुओं को लापरवाही बरतने का दोषी करार दिया गया।