यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब कहा लोगों के जेहन में एक बार फिर राहुल गांधी की उम्र आ गई

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब संसद में कहा कि मैं राहुल गांधी से एक साल छोटा हूं और अखिलेश से एक साल बढ़ा, तो बरबस ही लोगों के जेहन में एक बार फिर राहुल गांधी की उम्र आ गई।
यूपी चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद से राहुल चर्चा में हैं। देश की सबसे पुरानी पार्टी में कोई उनका बचाव कर रहा है तो कोई खुली चुनौती दे रहा है कि आगे आकर नेतृत्व करें या पार्टी छोड़ दें।
बहरहाल, राहुल में हमेशा उनके पिता राजीव गांधी की झलक देखी जाती रही है। हालांकि दोनों की तुलना नहीं हो सकती, लेकिन देश की सियासत पर पैनी नजर रखने वाले बताते हैं कि दोनों की राजनीतिक उपलब्धियों में जमीन-आसमान का फर्क है। एक नजर इसी से जुड़ी अहम बातों पर- 20 अगस्त 1944 को जन्में राजीव गांधी 36 साल की उम्र में सियासत में आए थे और उसके अगले ही साल सांसद बन गए थे। उन्होंने भाई संजय गांधी के निधन के बाद 1981 में अमेठी लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी।
वहीं 19 जून 1970 को पैदा हुए राहुल गांधी महज 34 साल की उम्र में सांसद बन गए थे। राहुल ने 2004 के चुनाव में अपने पिता की सीट अमेठी से जीत दर्ज की थी।
राहुल 13 साल से सांसद हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई मंत्री पद नहीं मिला है, जबकि इस बीच लगातार दो बार केंद्र में यूपीए की सरकार रही।
दूसरी ओर राजीव गांधी 40 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बन गए थे। राहुल गांधी आज उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, तब तक तो राजीव पांच साल प्रधानमंत्री रह चुके थे। 46 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

भारत के सौमिल वैद्य का प्रोजेक्ट शोरटलिस्ट

भारत के पहले प्राइवेट लूनर मिशन ने मुंबई के सौमिल वैद्य का प्रोजेक्ट को शॉर्टलिस्ट कर लिया है। 15 मार्च को Lab2Moon काॅन्टेस्ट का आयोजन किया गया था, जिसमें मुंबई के सौमिल के प्रोजेक्ट के साथ-साथ इटली की एक टीम के प्रोजेक्ट टीम ईयर्स (इलेक्ट्रोस्टेटिक्स एक्टिव रेडिएशन शील्ड) को भी विनर घोषित किया गया था। सौमिल वैद्य के नेतृत्व में उनकी टीम इंडस ने यह कमाल कर दिखाया। उनकी टीम में गोवा यूनिवर्सिटी में छात्र ऐश्वर्य मुंगले और दूसरे कोल्हापुर के रहने वाले अनिकेत कुमार हैं।
सौमिल के मुताबिक उनका आइडिया चांद पर जाने वाली स्पेसक्राफ्ट और जनजीवन के बीच एक शील्ड बनाने की है जो हमारी रक्षा कर सके।
सौमिल की टीम के पास एक बड़ा टारगेट चार करोड़ की कॉर्पोरेट फंडिंग जुटाने का है। इसके बाद ही 15 अप्रैल तक अपने प्रोजेक्ट को भेज पाएंगे। उनके द्वारा बनाया गया डिजाइन केवल 250 ग्राम का है और तीन वाट की ऊर्जा से चलेगा। चयनित डिज़ाइन को एक मशीन से चांद पर भेजा जाएगा।
सौमिल की टीम गूगल लूनर एक्स प्राइज काम्पटीशन में भाग लेने वाली अकेली भारतीय टीम है।

खागरागढ़ में हुए ब्लास्ट के बाहरी तार जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश से जुड़े

साल 2015 के मुकाबले 2016 में पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की सीमाओं पर हरकत-उल-जिहादी अल-इस्लामी और जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकियों की घुसपैठ तीन गुना ज्‍यादा हुई है। घुसपैठ को लेकर बांग्लादेश सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2014 में बर्दवान जिले के खागरागढ़ में हुए ब्लास्ट की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेन्सी (एनआईए) ने जांच में पाया था कि उस ब्लास्ट के बाहरी तार जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश से जुड़े हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हूजी और जेएमबी के दो हजार से ज्‍यादा ऑपरेटिव इन तीनों राज्यों में घुस चुके हैं। इनमें से करीब 720 बंगाल की सीमा और बाकी 1,290 संदिग्ध असम और त्रिपुरा की सीमाओं से आए हैं। हालांकि रिपोर्ट को लेकर बंगाल सरकार के अधिकारियों को संदेह है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2014 में 800 और 2015 में 659 लोगों ने घुसपैठ की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, खागरागढ़ की घटना के बाद इन आतंकियों के काम करने के तरीके में बदलाव आया है जिससे इन्हें ट्रैक करने में मुश्किलें आ रही थीं। बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘पहले ये मालदा, मुर्शिदाबाद या नदिया जैसे जिले से आते थे। अब वे असम और त्रिपुरा से होते हुए पश्चिम बंगाल में घुस रहे हैं। यह उनके लिए ज्‍यादा आसान और सुरक्षित है।
बंगाल गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए जानकारी एक‍त्रित की जा रही है। वहीं असम पुलिस के अतिरिक्त मुख्य निदेशक (एसबी) पल्लब भट्टाचार्य मानते हैं कि आतंकी गतिविधि में निश्चित ही बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने के दौरान जेएमबी के 54 संदिग्‍धों को गिरफ्तार किया गया है। घुसपैठ पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारियों की एक कमेटी भी बनाई गई है जिसमें विधायक भी शामिल हैं।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक 12 जनवरी को जेएमबी का सचिव इफ्तादुर रहमान फर्जी पासपोर्ट पर भारत आया था और यहां पर उसने असम व बंगाल में कई लोगों से संपर्क साधा था। खुफिया जानकारी के मुताबिक वह दिल्ली भी आ सकता है और उसका असली नाम सज्जाद हुसैन है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि 18 जनवरी को बांग्लादेश के मायमेनसिंह जिले में असम, पश्चिम बंगाल और नई दिल्ली में बैठे लोगों और जेएमबी और हूजी के शीर्ष नेतृत्व के बीच मीटिंग हुई थी।

उपहार सिनेमा कांड के आरोपी गोपाल अंसल को सरेंडर के लिए और मोहलत देने से इन्कार

उपहार सिनेमा कांड के आरोपी गोपाल अंसल को सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर के लिए और मोहलत देने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद उन्हें तुरंत सरेंडर करते हुए सजा के लिए जेल जाना होगा। गोपाल अंसल को राहत दिलाने के उद्देश्य से वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी कोर्ट में उपस्थित हुए। लेकिन कोर्ट ने जेठमलानी की दलीलों को दरकिनार करते हुए गोपाल अंसल को सरेंडर करने के लिए और वक्त देने से मना कर दिया।
इससे पहले कोर्ट की ओर से गोपाल अंसल को राहत देते हुए 9 मार्च को उन्हें जेल नहीं भेजने की याचिका को खारिज करते हुए आत्मसमर्पण करने को लेकर 10 दिन की मोहलत दी गयी थी। जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस ए के गोयल की खंडपीठ ने अंसल को सजा की 7 महीने की बाकी अवधि को पूरा करने के लिए 20 मार्च को आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था। गोपाल अंसल अपने भाई सुशील अंसल के समान जेल की बाकी सजा में छूट की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर उनकी ओर से अपने स्वास्थ्य को एक बड़ी वजह बताया गया था। लेकिन गोपाल अंसल की दलीलों का कोर्ट पर कोई असर नहीं हुआ।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए गोपाल अंसल को जेल की बाकी सजा काटने का निर्देश दिया था, जबकि उनके बड़े भाई सुशील अंसल को जेल की सजा से राहत दी गयी थी। कोर्ट ने उनकी उम्र संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुये कहा था कि उन्होंने पहले ही जेल की सजा काट ली। साथ ही कोर्ट ने अंसल बंधुओं पर निचली अदालत की ओर से लगाये गये 30-30 करोड़ के जुर्माने को बरकरार रखा था।
गोपाल अंसल की ओर से भी इसी तरह की राहत का अनुरोध करते हुये दावा किया है कि उसकी आयु 69 वर्ष की है और अगर उसे जेल भेजा गया तो उसके स्वास्थ्य को नुकसान होगा। बता दें कि वर्ष 1997 में उपहार सिनेमा अग्निकांड उस वक्त हुआ जब उपहार सिनेमा में हिन्दी फिल्म ‘बॉर्डर’ चल रही थी। इस अग्निकांड में 59 दर्शकों की मृत्यु हो गई थी। जिसमें करीब दो दर्जन बच्चे शामिल थे। मामले में रियल स्टेट कारोबारी और उपहार सिनेमा के मालिक अंसल बंधुओं को लापरवाही बरतने का दोषी करार दिया गया।

छत्रपति शिवाजी का जन्मदिन साल में दो बार मनाने के सवाल के चलते खानी पड़ गई जेल की हवा

छत्रपति शिवाजी का जन्मदिन साल में दो बार मनाने के लेकर सवाल उठाने वाले एक प्रोफेसर को जेल की हवा खानी पड़ गई है। जिले के खालपुर स्थित केएमसी कॉलेज में कॉमर्स विभाग के हेड सुनिल वाघमारे ने अपने व्हाट्सऐप ग्रुप में पूछा था कि शिवाजी महाराज का जन्मदिन साल में दो बार क्यों मनाया जाता है।
बता दें कि माराठा योद्धा शिवाजी महाराज की जन्मतिथि को लेकर असमंजस के चलते उनका जन्मदिन साल में दो बार मनाया जाता है। उनका दूसरा जन्मदिन 15 मार्च को आता है और इसी पर वाघमारे ने सवाल उठाया था। रात 11.30 बजे उनके इस कमेंट को वाघमारे के साथ कॉलेज में ही पढ़ाने वाले अमोल नागरगोजे ने देखा और वाघमारे को डांट भी लगाई।
इसके बाद उन्होंने तुरंत ग्रुप को डिलिट भी कर दिया लेकिन इसके बावजूद अगले दिन पूरे कॉलेज में यह बात फैल गई। मामला इतना गर्मा गया कि अगले दिन कॉलेज में कुछ छात्रों और प्रोफेसर्स ने वाघमारे पर हमला कर दिया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बचाया। बाद में पुलिस ने वाघमारे को धारा 295 ए (जानबुझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) की धारा ते तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
वाघमारे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने वाले नागरगोजे जो कि व्हाट्सऐप ग्रुप के एडिमन भी थे उन्होंने बताया कि वाघमारे वरिष्ठ फैकल्टी हैं और उस रात उनके कमेंट का विरोध करते हुए मैंने उसे वापस लेने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया। इसके बाद मैंने ग्रुप डिलिट कर दिया। अगले दिन जब में स्टाफ रूम में था तो खबर मिली की उन पर हमला हुआ है। मैं ग्रुप एडमिन था इसलिए पुलिस ने मुझे शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा। पुलिस ने वाघमारे और नागरगोजे के फोन जब्त कर लिए हैं। खोपोली पुलिस थाना इंचार्ज सावता शिंदे के अनुसार दोनो फोन्स को सील किया गया और मामले की जांच चल रही है।

अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर 26 मार्च को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

गुजरात विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल ने भी अपने कैडर को तैयार करने के लिए हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया है। पाटीदार महासम्मेलन के स्थल पर ही हिन्दू संगठन अपनी ताकत बताऐंगे। 26 मार्च को विहिप व दल का विराट हिन्दू सम्मेलन बुलाया गया है।
आरक्षण की मांग को लेकर करीब दो साल पहले पाटीदार समाज का अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान पर पाटीदार महारैली का एतिहासिक आयोजन हुआ था, महारैली में आई लाखों की भीड़ के बाद कोई यादगार चुनावी सभा यहां नहीं हो सकी।
विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल अपनी ताकत बताने के लिए आगामी 26 मार्च को इसी मैदान पर विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया व बजरंग दल के प्रांतीय महामंत्री रणछोड भरवाड़ इस सम्मेलन का संयोजन कर रहे हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विहिप व दल की यह पहली विशाल रैली होगी। अभी तक दोनों ही प्रमुख संगठन व उनकी सहयोगी संस्थाएं हिन्दू समाज में जागृति व सेवा कार्य से जुड़े हुए थे। इससे पहले वर्ष 2012 में विहिप ने कांकरिया फुटबाल मैदान में सभा का आयोजन किया था जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत सहित कई जाने माने संत महात्मा शामिल हुए थे।

योगी आदित्यनाथ रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री रूप में शपथ लेंगे

शनिवार को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। साथ ही उनके मंत्रीमंडल के लिए 40 विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस मौके पर पीएम मोदी के अलावा कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लखनऊ के स्मृति उपवन में दोपहर 2.15 बटे शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा।
शपथ लेने के बाद योगी लोक भवन में मुख्यमंत्री का चार्ज संभालेंगे। इसके बाद वो अपने मंत्रियों की बैठक लेंगे और फिर शाम 5 बजे मीडिया से मुखातीब होंगे।
शपथ ग्रहण से पूर्व ही योगी सुबह 8 बचे स्मृति उपवन पहुंचे और तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने यहां अधिकारियों से भी बात की। इसके बाद योगी के गोरखपुर जाने की खबर है। जानकारी के अनुसार वो गोरखपुर मंदिर में पूजा करने के बाद अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पुष्प चढ़ाएंगे। इसके बाद वह गोशाला में भी जायेंगे जहाँ गायों को दाना खिलाएंगे। उनके आने की सूचना से मन्दिर परिसर में अभी से बड़ी संख्या में समर्थक एवम् भाजपा कार्यकर्ता पहुंच गए हैं।
यूपी में योगी आदित्यनाथ जहां सीएम पद की शपथ लेंगे वहीं केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। इनके अलावा चेतन चौहान, श्रीकांत शर्मा, रीत बहुगुणा जोशी, लक्ष्मी नारायण चौधरी, एसपी सिंह बघेल, राजेश अग्रवाल, धरमपाल सिंह, सुरेश खन्ना, आशुतोष टंडन, बृजेश पाठक, मुकुट बिहारी वर्मा और रमापति शास्त्री कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेंगे।
गुलाबो देवी, बलदेव ओलख, संदीप सिंह और मोहसीन रजा को राज्यमंत्री क दर्जा मिलेगा जबकि स्वाती सिंह, अनुपमा जैसवाल, डॉ. महेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, धरम सिंह सैनी और सुरेश राणा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात एसपी और 24 एएसपी समेत 34 कंपनी फोर्स समेत पुलिस का जबरदस्त अमला तैनात रहेगा। योगी बुलेट प्रूफ कार में आएंगे। मंत्रियों के लिए स्कोर्ट वाहन, शैडो और गनर के लिए डीजीपी को हिदायत दी गयी है।
अतिथियों के लिए श्रेणीवार दीर्घा बनाई गई है। हर निमंत्रण पत्र में शपथ ग्रहण स्थल के किस दीर्घा में स्थान ग्रहण किया जाना लिखा है। मुख्यमंत्री, मंत्री के लिए अलग दीर्घा और उनके परिवार और रिश्तेदारों के बैठने के लिए अलग श्रेणी की व्यवस्था होगी। शासन स्तर पर इस आयोजन को भव्य रूप देने के लिए तैयारी पूरी हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री, दर्जन भर राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योगपतियों समेत अति विशिष्ट अतिथियों के आने के संकेत मिले हैं। राजभवन की ओर से मानक सूची के अनुसार विशिष्ट अतिथियों को निमंत्रण पत्र निर्गत होंगे। मनोनीत मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के रिश्तेदारों, मित्रों एवं अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए भी आमंत्रण पत्र जाएंगे।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते एसपीजी की टीम लखनऊ में है। एडीजी दलजीत सिंह चौधरी के मुताबिक सुरक्षा के लिए सात पुलिस अधीक्षक, 24 अपर पुलिस अधीक्षक, 50 उपाधीक्षक, 550 दारोगा-इंस्पेक्टर, 3370 सिपाही, 18 कंपनी केंद्रीय अद्र्धसैनिक बल, 16 कंपनी पीएसी और 500 यातायात पुलिसकर्मी लगाए गये हैं। शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर भव्य मंच और पंडाल लगेगा। डीएम और एसएसपी को सोफे, कुर्सियों, माइक, पंखों के अलावा बैरीकेडिंग, वाटर प्रूफ शामियाने की व्यवस्था के निर्देश दिए गये हैं। समारोह स्थल पर वीवीआइपी श्रेणी के लिए निर्धारित दीर्घा के अलावा 70 हजार कुर्सियों की व्यवस्था के निर्देश दिए गये हैं। समारोह स्थल पर कई प्रवेश द्वार बनाये जाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर राष्ट्रीय गान होगा। इसके लिए पीएसी बैंड को अधिकृत किया गया है। जिम्मेदारी एसएसपी को दी गयी है।
यूपी सीएम रूप में शपथ लेने से पहले ही योगी एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने यूपी डीजीपी से कहा है कि जश्न के नाम पर किसी तरह का भी हुड़दंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा बहुमत नहीं बल्कि सर्वमत चाहिए

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश की सरकारों के बारे में कहा कि राज करने के लिए बहुमत नहीं बल्कि सर्वमत चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र कर कहा, ‘मैंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है। उनसे कई चीजें सीखीं हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री के काम करने का अपना तरीका है। मैं उनकी कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं।’
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में शुक्रवार को कहा कि वह अकेले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिनकी काम करने की शैली पूरी तरह अलग थी। वाजपेयी साथ काम करने वालों की कद्र करना जानते थे।
मुखर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मंत्रियों को काम करने की छूट दी थी। मुखर्जी ने देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी जिंदगी पर सबसे बड़ा प्रभाव पंडित जवाहरलाल नेहरू का था। पंडित नेहरू ने संसद को जीवंत बनाया। उन्होंने व्यक्ति पूजा को हतोत्साहित किया।
राष्ट्रपति ने सरदार पटेल के बारे में कहा, ‘उन्होंने देश को जोड़ने का काम किया।’ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र कर कहा, ‘इंदिरा गांधी एक बहुत मजबूत नेता और सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्री थीं। उनकी राजनीति का चरम बांग्लादेश की आजादी था।’
यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री का पद छोड़कर देश के 13वें राष्ट्रपति बने प्रणब ने कहा कि वह संसद में दो साल और काम करना चाहते थे। लेकिन संवैधानिक दायित्व ने ऐसा नहीं होने दिया। एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा,’कई जिम्मेदारियां थीं जिन्हें मैं पूरा करना चाहता था।’
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है। मुंबई विश्वविद्यालय में एक कंवोकेशन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि भारत एक भौगोलिक सत्ता ही नहीं है।
एक विचार और संस्कृति है। विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थानों इन विचारों के आदान-प्रदान का सर्वश्रेष्ठ जरिया हैं। इसलिए इन शिक्षण संस्थानों में असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

बेटे की गुमशुदगी पर चिंतित माँ बाप को मिला पर पुत्र नहीं लड़की बन चूका लड़का

अहमदाबाद के एक नामी जौहरी परिवार का तब खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब पुलिस ने उन्हें फोन करके बताया कि उनका लापता बेटा मिल गया है, लेकिन जौहर परिवार की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं थम सकी, क्योंकि अगले पल पुलिस ने जो जानकारी दी, उससे ज्वेलर का परिवार सकते में आ गया, क्योंकि पुलिस ने उन्हें बताया कि उनके लापता बेटे ने अब सेक्स चेंज करवाकर लड़की का रूप धारण कर लिया है।
गौरतलब है कि अहमदाबाद के माधवपुरा इलाके में एक ख्यात ज्वैलर्स का बेटा श्याम (बदला हुआ नाम) बीते दिनों दुकान से घर आते समय लापता हो गया था। परिवार वालों ने पुलिस में इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि श्याम इसीलिए घर से गायब हो गया था, क्योंकि उसने सेक्स चेंज सर्जरी करवाई थी।
इस खबर को सुनने के बाद से श्याम के माता-पिता और उसकी छोटी बहन अब तक सदमे में हैं। पुलिसवालों ने बताया कि श्याम ने स्नातक करने के बाद पारिवारिक बिजनेस में शामिल होने का मन बनाया। कुछ साल पहले उसे इस बात का अहसास हुआ है कि वह एक आदमी है, जो औरत के शरीर में कैद है।
श्याम ने अपने परिवारवालों को मनाने की बहुत कोशिश की कि वह उसे सेक्स चेंज ऑपरेशन करवाने की इजाजत दें लेकिन परिजनों ने श्याम की बात नहीं मानी। उस दिन के बाद से उसने अपने घर पर यह बात कभी नहीं की।
परिवारवालों को लगा कि अब सबकुछ ठीक हो गया है लेकिन तभी पिछले सप्ताह श्याम लापता हो गया। इस मामले की जांच कर रहे माधवपुरा के एएसआई केएन मनत ने बताया कि परिवारवालों ने श्याम की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। हमने उसके फोन को ट्रेस किया तो नवरंगपुरा में उसकी लोकेशन पता चली। पुलिसवालों ने देखा कि एक निजी अस्पताल के बाहर श्याम की मोटरसाइकल लगी हुई थी।
मनत ने कहा कि श्याम उस अस्पताल में सेक्स चेंज ऑपरेशन करवाने गया था। उसने हमें बयान दिया है कि उसने ये सब कुछ अपनी मर्जी से किया है। हमने परिवारवालों को इस बारे में सूचना दे दी और केस को बंद कर दिया।
लंबे समय से कर रहा था ऑपरेशन की तैयारी
पुलिस के मुताबिक श्याम लंबे समय से इस ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था। उसने ऑपरेशन से करीब डेढ़ साल पहले हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी भी ली थी। खबर मिलते ही परिवार वाले तुरंत अस्पताल पहुंचे लेकिन श्याम ने उन लोगों से मिलने से इनकार कर दिया। पुलिसवालों ने भी 25 साल के श्याम को समझाने की कोशिश की कि वह अपने परिवारवालों से बात करे लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा और किसी से मुलाकात नहीं की।

देश के 125 शहरों में 8 करोड़ से भी ज्यादा एलईडी बल्ब वितरित

भारत सरकार की उजाला योजना के तहत देश के 125 शहरों में एक साल के अंदर 8 करोड़ से भी ज्यादा एलईडी बल्ब वितरित किए हैं, लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि गुजरात की एक विधायक ने मात्र चार महीने में 6 लाख एलईडी बल्ब लोगों में बांट दिए।
सूरत के लिम्बायत विधानसभा सीट से विधायक संगीता पाटिल ने मात्र चार महीने में मोदी सरकार की उजाला योजना के तहत 6 लाख एलईडी बल्ब व लाइट का वितरण कर रिकॉर्ड बना दिया है। माना जा रहा है कि गुजरात में यह पहली ऐसी विधायक हैं जिन्होंने इतने कम समय में लाखों की संख्या में एलईडी बल्ब का वितरण किया है। सिर्फ इतना ही नहीं सरकार की योजना में शामिल ट्यूबलाइट और पंखे का वितरण भी वे कर रही हैं। इनके चुनावी क्षेत्र में लोग इन्हें बल्ब वाली विधायक के नाम से ज्यादा पहचानते हैं।
उल्लेखनीय है कि संगीता पाटिल को देश में सबसे लोकप्रिय युवा विधायक का पुरस्कार भी मिल चुका है। विधायक संगीता पाटिल का कहना है कि हमारा उद्देश्य है कि मोदी सरकार की उजाला योजना से लोगों को लाभ दिलाया जाए इसलिए हम अपने क्षेत्र में रोजाना 4 से 5 जगहों पर कैम्प लगाकर एलईडी बल्ब का वितरण करते रहे जो अभी भी जारी है। लोग भी इसके लिए अधिक जागरूक नजर आए। पहले कोई योजना आती थी तो लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती थी, लेकिन अब इस तरह के महत्वपूर्ण योजना लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
लोगों के घर उजाला रहे और वह भी सस्ते बिजली दरों में इसलिए भारत सरकार ने उजाला योजना की शुरुआत की। इसे क्रांतिकारी योजना बनाने के लिए भाजपा के हर एक कार्यकर्ता ने गुजरात में एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। गुजरात में उजाला योजना के माध्यम से भाजपा ऐसे विधानसभा क्षेत्रों में लोगों के बीच अपनी चुनावी पृष्ठभूमि तैयार कर रही है, जहां वह अब तक वोटरों के बीच जगह नहीं बना पाई थी। माना जा रहा है कि जिस तरह उत्तरप्रदेश में उज्ज्वला योजना ने महिलाओं के मन में भाजपा के लिए जगह बनाई वैसे ही गुजरात में उजाला योजना कारगर साबित होगी।