दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा पांच दिसंबर से आठ दिसंबर तक

दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती (एग्जीक्यूटिव) परीक्षा-2016 की लिखित परीक्षा मंगलवार पांच दिसंबर से आठ दिसंबर तक तीन पालियों में होगी। कर्मचारी चयन आयोग यह परीक्षा आयोजित करा रहा है और इसके मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में कुल 33 हजार 999 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
आयोग ने परीक्षार्थियों के लिए कई दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। एसएससी के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आगरा में 11 हजार परीक्षार्थी, बरेली में 5778 पंजीकृत हैं। इन दोनों जिलों में परीक्षा पांच से आठ दिसंबर तक होगी।
गोरखपुर में 790 परीक्षार्थी, कानपुर में 6480 परीक्षार्थी, लखनऊ में 5985 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इन जिलों में परीक्षा पांच से सात दिसंबर तक होगी। वाराणसी में 1092 परीक्षार्थी, पटना में 1488 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
इन जिलों में परीक्षा पांच से छह दिसंबर तक होगी तथा इलाहाबाद में कुल 1386 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं और इन जिलों में परीक्षा केवल मंगलवार यानी पांच दिसंबर को ही होगी। परीक्षाएं तीन पालियों में सुबह दस से 11.30 बजे तक, दोपहर 1.30 से तीन बजे तक और शाम 4.30 से छह बजे तक होगी।

भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच टाई

यूपी निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान मथुरा में एक ऐसी स्थिति बनी जब भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच टाई हो गई। दोनो उम्मीदवारों को एक समान 874 वोट मिले। यह दोनों उम्मीदवार वार्ड नंबर 56 के लिए मैदान में उतरे थे।
टाई होने के बाद असमंजस की स्थिति पैदा हो गई और फिर फैसला लिया गया कि विजेता उम्मीदवार का चुनाव लक्की ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। लक्की ड्रा में भाजपा उम्मीदवार मीरा अग्रवाल जीत गईं हैं।
बता दें कि राज्य में पिछले दिनों तीन चरणों में 16 नगर निगमों, 198 नगर पालिकाओं और 438 नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ जिसके बात मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू हुई।
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनावों के लिए मतगणना जारी है। अब तक आए रुझानों में मेयर की 16 में से 13 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं वहीं 3 पर बसपा ने बढ़त बना रखी है। बसपा ने मेरठ, झांसी और आगरा बढ़त बना रखी है। 75 जिलों में मतगणना अब भी जारी है। इन जिलों के 334 केंद्रों पर काउंटिंग की जा रही है। इस चुनाव में 79, 113 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है।

ब्रिटेन यात्रा पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

ब्रिटेन यात्रा पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लंदन में नमामि गंगे को लेकर आयोजित रोड शो में भागीदारी की। उन्होंने भारतीय मूल के उद्योगपतियों से मिशन में शामिल होने की अपील की।
एक अधिकारी ने बताया कि दो निवेशकों ने कानपुर व पटना के प्रोजेक्टों में काम करने पर अभी तक सहमति जताई है।
गडकरी का कहना था कि गंगा सफाई के लिए कुल 150 प्रोजेक्टों पर मार्च 2018 तक टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उनका कहना था कि इसमें 15 साल की मेंटीनेंस की शर्त पर कंपनियों को प्रोजेक्ट दिए जा रहे हैं।
गंगा व इसकी बीस सहायक नदियों के लिए सरकार के पास बेहतरीन योजना है। इसके तहत विभिन्न व्यावसायिक घरानों व कंपनियों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिससे अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके गंगा की कायाकल्प की जा सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रोड शो के आयोजन के बाद कुछ और उद्योगपति मिशन से जुड़ने को रजामंद हो सकते हैं। उनका कहना था कि कानपुर जैसे शहरों में गंगा को ज्यादा प्रदूषित किया जा रहा है।
सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि गंगा को प्रदूषण मुक्त किया जा सके।
अपने मिशन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और उद्योगपतियों से अपील करती है कि वह इसमें भागादारी करें। एक अधिकारी का कहना है कि बातचीत सार्थक है और जल्द परिणाम मिलेंगे।

जनता के पैसे से राजनीतिज्ञों को सरकार सुरक्षा क्यों मुहैया करा रही

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि जनता के पैसे से राजनीतिज्ञों को सरकार सुरक्षा क्यों मुहैया करा रही है। एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी की।
चीफ जस्टिस मंजुला छेल्लर व जस्टिस एमएस सोनक ने कहा कि राजनेता अपनी सुरक्षा का खर्च अपनी पार्टी के खाते से वहन कर सकते हैं तो उन्हें सरकार अपने खर्च पर बॉडीगार्ड क्यों दे रही है। आखिर इसकी जरूरत क्या है।
एक वकील ने याचिका दायर करके अदालत से अपील की है कि पुलिस को आदेश दिया जाए कि ऐसे लोगों की सुरक्षा तत्काल वापस की जाए।
याचिका में कहा गया है कि राजनतिज्ञों के साथ फिल्म अभिनेताओं व अन्य वीआइपी लोगों को भी सरकार अपने खर्च पर सुरक्षा मुहैया करा रही है। इन लोगों ने सरकार को एक पैसे का भुगतान इसकी एवज में नहीं किया है।
याचिका के अनुसार तकरीबन एक हजार जवान सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किए गए हैं। अदालत ने सरकार से कहा कि जिन लोगों को सुरक्षा दी गई है, उनकी लगातार निगरानी करके यह पता लगाया जाए कि उन्हें सुरक्षा की जरूरत अब भी है या नहीं। सरकार को लगता है कि इन लोगों के जीवन पर अब कोई संकट नहीं है तो सुरक्षा तत्काल वापस की जाए।
अदालत ने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों को छह माह बाद दूसरे काम पर लगाया जाए, जिससे वह अपने काम के प्रति सजग रहें। यह भी कहा गया कि जवानों की फिटनेस को भी लगातार परखा जाए।
हल्के मूड में उन्होंने कहा कि वह अपने बाडीगार्ड से तेज भाग सकती हैं। हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी के मामले से सबक लेने की नसीहत दी। पूर्व प्रधानमंत्री को कहा गया था कि वह अपने बॉडीगार्ड बदल लें, लेकिन उन्होंने इसकी अनदेखी की, नतीजा सबके सामने है।

12वीं विज्ञान के एक छात्र ने कमरे में फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या

राजकोट में दोस्त के बाद नहीं करने से दुःखी 12वीं विज्ञान के एक छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को हॉस्टल के कमरे में एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मूला मोरबी तहसील के वाघपर पिलुडी गांव का निवासी छात्र जैनिक सुराणी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता अरविंद भाई दूसरों के खेत में मजदूरी करते हैं। जैनिक टंकारा स्थित आर्यम विद्यालय नामक निजी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। दोस्तों के मुताबिक, वह बहुत भावुक व जज्बाती स्वभाव का लड़का था।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को जब स्कूल के सहपाठी मैच खेलने के लिए जैनिक को बुलाने गए तो उसका शव कमरे में पंखे से लटक रहा था। स्कूल संचालकों ने इस बारे में तुंरत ही पुलिस को सूचना दी।
बताया जा रहा है कि फांसी लगाने से पहले जैनिक ने एक सुसाइड नोट लिखी थी, जो उसके कमरे से बरामद की गई है। सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि शुक्रवार को किसी बात को लेकर उसकी अपने दोस्त से अनबन हुई थी और इस वजह से ही वो उससे बात नहीं कर रहा था। इसकी वजह से वह काफी दुखी था और उसने आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
छात्र के आत्महत्या करने की खबर से स्कूल कैम्पस में सनसनी मच गई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मिस वर्ल्ड 2017 मानुषी छिल्लर ने किए सिद्धिविनायक मंदिर में बप्पा’ के दर्शन

मिस वर्ल्ड 2017 मानुषी छिल्लर ने सोमवार सुबह यहां सिद्धिविनायक मंदिर में ‘गणपति बप्पा’ के दर्शन किए। उनके साथ उनके परिजन भी थे। प्रसिद्ध मराठी अभिनेता और मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आदेश सी बांदेकर ने बताया, ‘वह यहां सुबह 5ः15 बजे अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए पहुंचीं। उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया।’
बाद में ट्वीट के जरिये मानुषी ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा, ‘मुंबई के दादर (प्रभादेवी) में सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश से आशीर्वाद लिया। मंदिर के आसपास सकारात्मकता थी।’
हरियाणा की मेडिकल की छात्रा मानुषी ने साल 2000 के बाद भारत को यह ताज दिलाया है। उन्होंने हल्के नीले रंग का घाघरा-चोली-दुप्पटा पहना हुआ था। वह भगवा रंग की स्टॉल के साथ माथे पर बड़ा तिलक लगाए हुईं थीं। इस दौरान उनकी मां नीलम छिब्बर, पिता मित्रवासु और भाई भी थे।
मानुषी का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में हुआ है। उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। शनिवार सुबह ही वह स्वदेश लौटी हैं। मुंबई पहुंचने पर उनका यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत हुआ था।

देशभर में सैकड़ों गांव-कस्बे नाना और नानी के नाम पर

“मुहल्ले की वो सबसे निशानी पुरानी वो बुढ़िया जिसे लोग कहते थे नानी वो नानी की बातों में परियों का डेरा वो चेहरे की झुर्रियों में सदियों का फेरा।” सुदर्शन फाकिर द्वारा लिखीं ये पंक्तियां जगजीत सिंह की मधुर आवाज पाकर अमर हो गईं। इस गीत को गुनगुनाते ही शहर से कोसों दूर गांव में नानी के साथ बिताए पलों की याद हमें अपने बचपन में ले जाती है, लेकिन हमारे बच्चे इस स्नेह भरे रिश्ते से दूर जा रहे हैं।
सिर्फ नानी ही क्यों, नाना, दादा-दादी, मामा-मामी, चाचा-चाची जैसे तमाम रिश्ते बस्तों के बोझ तले दब रहे हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि देशभर में सैकड़ों ऐसे गांव-कस्बे हैं, जहां से इन रिश्तों की खुशबू आती है। इनमें सबसे ज्यादा गांव-कस्बे नाना और नानी के नाम पर हैं। 200 गांव-कस्बों के नाम के आगे या पीछे नाना या नानी जुड़ा हुआ है। जितने नाना उतने नानी।
जिस गुजरात में मोटा भाई सबसे ज्यादा बोला जाता है, वहां 91 गांव-कस्बे नानी और 82 नाना के नाम पर हैं। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में चार, राजस्थान में दो, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में एक-एक गांव नाना के नाम पर हैं। नानी के नाम पर हिमाचल प्रदेश में एक, राजस्थान में छह, मध्य प्रदेश में चार गांव हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में एक भी नहीं। दादा-दादी के नाम पर सिर्फ 30 गांव हैं। इनमें से 16 दादा और 14 दादी के नाम पर हैं।
दादा के नाम पर सबसे ज्यादा चार-चार गांव हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हैं, वहीं उत्तराखंड में तीन, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में दो-दो व पंजाब में एक गांव है। दादी की बात करें तो सबसे ज्यादा छह गांव या कस्बे मध्य प्रदेश में हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में चार, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक है। इसके अलावा काका-काकी के नाम पर भी अलग-अलग राज्यों में 11 गांव हैं।
भैया और दोस्त बनाने में उत्तर प्रदेश वाले पीछे नहीं हैं। देशभर में 21 गांव या कस्बे के नाम में भैया शब्द जुड़ा हुआ है। इनमें से अकेले 13 गांव उत्तर प्रदेश में हैं। इसके अलावा बिहार व राजस्थान में तीन-तीन और पश्चिम बंगाल में दो गांव भैया के नाम पर हैं। दोस्त के नाम पर 15 गांवों में से 11 उत्तर प्रदेश और चार बिहार में हैं। भाई के नाम पर 30 गांवों में से अकेले 10 पंजाब में हैं। भाभी के नाम पर भी दो गांव हैं, एक उत्तर प्रदेश में तो दूसरा बिहार में।
दुनिया के सबसे पवित्र रिश्ते यानी मां के नाम पर देश में कोई गांव या कस्बा नहीं है। जबकि, बहन के नाम पर आठ, पिता के नाम पर छह, मामा के नाम पर तीन और एक गांव मामी के नाम पर है।

दिल्ली में स्मॉग संकट गहराया तो ऊंची इमारतों पर चढ़ की गई पानी की बौछार

पिछले दिनों दिल्ली में स्मॉग संकट गहराया तो ऊंची इमारतों पर चढ़ पानी की बौछार की गई। हेलिकॉप्टर से पानी का छिड़काव करने की योजना बनी। उदाहरण देकर कहा गया कि हमें चीन से सीखना चाहिए, वह मशीनों के जरिये स्मॉग को हटाता है। सोचने वाली बात है कि हम जिस चीन की मिसाल दे रहे थे, वह खुद भारत में बनी एंटी स्मॉग मशीनों का इस्तेमाल करता है।
बहरहाल, दिल्ली सरकार ने इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। क्लाउड टेक कंपनी के सीईओ यमुना नगर(हरियाणा) के रहने वाले सुशांत सैनी ने बताया कि मशीन का ट्रायल जल्द ही दिल्ली में होगा। सुशांत मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उनका दावा है कि देश में सिर्फ उनके पास इस तरह की तकनीक है।
इंजीनियरिंग करने के बाद सुशांत ने हीरो होंडा कंपनी में नौकरी की। कुछ खास करने की चाह मे नौकरी छोड़ दी। यमुनानगर आ गए। वर्ष 2005 में क्लाउड टेक कंपनी बनाई। उन्होंने पांच तरह की मशीनें बनाईं जो स्मॉग (वातावरण में धूल, कार्बन और सूक्ष्म धातु कणों की मात्रा बढ़ जाना), फॉग (कोहरा), मिस्ट (धुंध), डस्ट (धूल), नमी, गंध व कीट नियंत्रण के काम आती हैं। इनकी कीमत छह से तीस लाख रुपए तक है। इनमें फॉग कैनन डस्ट सप्रेशन सिस्टम स्मॉग दूर करने में इस्तेमाल होती है।
सुशांत ने यमुनानगर के मानकपुर और अहमदाबाद में दो प्लांट लगाए हैं। खनन, थर्मल, सीमेंट, स्टील, एनटीपीसी, पेट्रोलियम कंपनियों, चाय बागानों और दूसरी औद्योगिक इकाइयों में उनकी मशीन इस्तेमाल हो रही हैं। कंपनी का टर्नओवर 25 करोड़ से अधिक पहुंच गया है।
ऐसे काम करती है स्मॉग-फॉग कैनन मशीन
– सेंसर के कारण प्रदूषण पीएम 2.5 से ज्यादा होते ही मशीन स्वतः कार्य शुरू कर देती है।
– पानी को इतने अधिक प्रेशर पर निकालते हैं कि उसकी बूंदें धूल के कण के आकार (0.5 से 2 माइक्रोन) की हो जाएं।
– इनके आपस में टकराते ही धूल कण का वजन बढ़ता है और वह नीचे आ जाता है।
-15 मिनट का स्प्रे 5 घंटे की बारिश जितना असर डालता है। – 4 से 6 किमी तक वातावरण एक दम साफ हो जाता है।

मंत्री अर्जुन खोटक को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका

महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के कोटे से मंत्री अर्जुन खोटक को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान विधायक खोटकर की सदस्यता रद्द कर दी है।
खोटकर जालना विधानसभा सीट से विधायक हैं और मौजूदा भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में टेक्सटाइल, पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के जस्टिस टीवी नालावाडे ने याचिकाकर्ता कैलाश गोरंत्यल की याचिका पर अपना फैसला सुनाया। गोरंत्यल ने अपनी याचिका में दावा किया है कि खोटकर ने नामांकन की समय सीमा खत्म होने के बाद पर्चा दाखिल किया था। उन्होंने अदालत से खुद को जालना से विजेता घोषित करने की मांग भी की।
याचिकाकर्ता कैलाश ने कांग्रेस की टिकट पर खोटकर के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

15 दिसंबर से शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र

संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरू होगा और 5 जनवरी तक चलेगा। शुक्रवार को दिल्ली में हुई संसदीय समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसकी पुष्टि करते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि सत्र 15 दिसंबर से शुरू होकर 5 जनवरी तक चलेगा। यह 14 दिन का सत्र होगा जिसमें 25 और 26 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी रहेगी।
उन्होंने आगे कहा कि मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि सत्र में सहयोग करें ताकि यह सफल और परिणामदायक रहे। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि संसद के इस सत्र में सभी की उपस्थिति शत प्रतिशत रहेगी जिसमें नया साल भी शामिल है।
बता दें कि इस बार संसद का यह शीत सत्र कई मायनों में अहम होगा। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिलों को पेश किया जाएगा। इनमें हाल ही में कैबिनेट द्वारा दिवालियापन को लेकर कानून में संशोधन को लेकर विधेयक भी शामिल है।