पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा पर मौजूद गांवों को बनाया जा रहा लगातार निशाना

पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा पर मौजूद गांवों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भारतीय सेना इसका मुंहतोड़ जवाब भी दे रही है। पाकिस्तानी फायरिंग में सीमा पर मौजूद गांव के कई लोग घायल हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान ने दावा किया है भारत की तरफ से हो रही फायरिंग में उसके 6 लोगों की मौत हो गई है वहीं 20 से ज्यादा घायल हुए हैं।
पाक मीडिया द्वारा इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन द्वारा किए गए दावे की जानकारी देते हुए यह बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि भारत की तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है जिसके चलते चरवाह सेक्टर में बिनि सुनलारियान के गांव में 4 लोगों की मौत हुई है। डिप्टी कमिश्नर फारुख नावीद ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल डॉन को दिए इंटरव्यू में कहा कि इन चार को मिलाकर अब तक मरने वालों की संख्या 6 हो गई है।
इससे पहले भारतीय जवानों ने गुरुवार को जवाबी कार्रवाई में दुश्मन की चार चौकियां तबाह होने के साथ ही तीन रेंजर्स की मौत हो गई। एक सप्ताह में पाकिस्तान के सात रेंजर्स की मौत हो चुकी है और करीब 13 घायल हो चुके हैं। पाकिस्तान ने अरनिया में 14 सितंबर की रात को गोलाबारी शुरू की थी। लगातार चार दिन गोले दागने के बाद पाकिस्तान दो रात शांत रहा। अब तक गोलाबारी में दो लोगों की मौत हुई है व कई घायल हो चुके हैं।

भारत की तीसरी महामना एक्सप्रेस इंजीनियरों ने दिया आधुनिक रूप

भारत की तीसरी महामना एक्सप्रेस भी 15 से 20 वर्ष पुराने डिब्बों से बनाई गई है। ये डिब्बे भोपाल कोच फैक्ट्री में मरम्मत के लिए गए थे। उन्हें वहां के इंजीनियरों ने आधुनिक रूप दिया। प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को बनारस से इस नई ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। रिमोट से संकेत मिलते ही वड़ोदरा स्टेशन पर खड़ी नई महामना सुपरफास्ट एक्सप्रेस दोपहर दो बजे वाराणसी के लिए रवाना हो जाएगी।
यह सुनने में अजीब लगता है कि देश की सबसे हाई-फाई महामना एक्सप्रेस के कोच वर्षों पुराने हैं। करीब डेढ़ साल पहले दुल्हन की तरह सजाकर जिस वाराणसी-नई दिल्ली महामना एक्सप्रेस को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी उसके डिब्बे भी 15 से 20 साल पुराने थे।
अब बारी है वाराणसी-वड़ोदरा न्यू महामना एक्सप्रेस की। भोपाल स्थित रेल कोच फैक्ट्री ने पुराने कोच को नया जीवन दिया है। ये कोच रेलवे में 16 जोन से मरम्मत के लिए गए थे। फैक्ट्री मैनेजमेंट ने सभी को मॉडल ट्रेन के रूप में विकसित कर न केवल भोपाल बल्कि पूरे देश को हैरत में डाल दिया है।
फैक्ट्री के एक सेक्शन इंजीनियर के मुताबिक जिस कैटगरी का कोच उन्हें मिलता है वैसा ही उसे मेंटेन कर देते हैं। मसलन एसी फर्स्ट, एसी सेकेंड, एसी कार व स्लीपर कैटगरी के कोच कहीं से मरम्मत के लिए आते हैं तो उन्हें उसी कैटगरी में अलग तरह से बना दिया जाता है। यही कारण था कि महामना एक्सप्रेस में एसी थर्ड के कोच संचालन के समय नहीं लगे थे क्योंकि उस समय एसी थर्ड कोच मेंटनेंस के लिए पहुंचे ही नहीं थे।
ट्रेन के नए कोच बनाना आसान है लेकिन पुरानों को नया व माडल लुक देना आसान नहीं। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि महामना कोच में छोटी-छोटी सुविधाओं का ध्यान रखा गया। ऐसी व्यवस्था है कि बैठे-बैठे ही आप पता कर सकते हैं कि कौन टॉयलेट कहां खाली है। पूरी ट्रेन में जीपीआरएस सिस्टम है जिससे वाई-फाई सुविधा मिलेगी।
पहली महामना एक्सप्रेस वाराणसी-नई दिल्ली के बीच जबकि दूसरी भोपाल से खजुराहो के मध्य चलती है।
शताब्दी व राजधानी एक्सप्रेस के बाद किराए के मामले में महामना तीसरे नंबर की टे्रन है। इसमें सफर करने के लिए यात्रियों को सुपरफास्ट, मेल व एक्सप्रेस से अधिक किराया देना होता है।

पाक ने फिर तोड़ा सीजफायर, रिहाइशी इलाकों को बनाया निशाना

जम्मू। पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू के अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किया है, वहीं बीएसएफ के जवानों ने बताया कि आईबी पर पाकिस्तानी रेंजर्स की तरफ से पहले गोलीबारी हुई थी।

दरअसल आपको बता दें कि, पिछले दो दिन की खामोशी के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने आईबी सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी की है। वहीं इस मामले में पुलिस की मानें तो “पाकिस्तानी सैनिकों ने अरनिया उपक्षेत्र में भारतीय चौकियों पर 81 एमएम के मोर्टार दागे हैं व स्वचालित और छोटे हथियारों से भी चौकियों पर निशाना साधा है। वहीं बीएसएफ के जवान भी इस गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।

वहीं इस गोलीबारी में एक स्थानीय नागरिक व एक बीएसएफ जवान शहीद हो गया। इस हमले से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और प्रशासन ने आस-पास के क्षेत्रों के स्कूलों को बंद कर दिया है ।

प्रेमी जोड़ो को लेकर साक्षी महराज ने दिया विवादित बयान

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और सांसद साक्षी महराज ने प्रेमी-युगल के बारे में विवादित बयान दिया। उन्होनें कहा कि पब्लिक प्लेस पर प्रेमी जोड़ों के अश्लील व्यवहार के कारण ही बलात्कार जैसी घटनाएं होती हैं। साक्षी महराज ने कहा घटना के बाद लोग पुलिस को दोष देते हैं, जबकि असली दोषी ये लोग होते हैं।

साक्षी महराज ने कहा कि ऐसे प्रेमी युगल जो सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाते हैं उन्हें जेल में डाल देना चाहिए। अपने एक बयान में साक्षी महाराज ने कहा, जोड़े कार, पार्कों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर अश्लील अंदाज में दिखाई देते हैं। हर कोई उन्हें नजरअंदाज कर देता है, लेकिन जब रेप हो जाता है तो पुलिस से एक्शन लेने को कहते हैं। साक्षी महराज ने यह भी साफ करते हुए कहा कि राम रहीम जैसे संतों से उनका कोई सम्बन्ध नहीं है।

रोहिंग्या मुस्लिम रिफ्यूजी नहीं हैं, उन्हें हम डिपोर्ट करेंगे: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। भारत में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों पर केंद्र सरकार ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि वह शरणार्थी नहीं अवैध अप्रवासी हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्हें वापस भेजा जाएगा।वहीं एनएचआरसी ने साफ कर दिया है कि वह रोहिंग्या के पक्ष में अपनी दलील रखेगी।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के एक कार्यक्रम में राजनाथ ने कहा, ‘म्यांमार से अवैध तरीके से भारत में घुस आए रोहिंग्या शरणार्थी नहीं हैं। इसकी एक प्रक्रिया होती है। इनमें से किसी ने इसका पालन नहीं किया। राष्ट्रीय सुरक्षा अहम है। मानवाधिकार की बात करना सही नहीं।’

गृहमंत्री ने कहा, ‘पीएम के म्यांमार दौरे के बाद हाल में वहां की नेता सू ची ने रोहिंग्या लोगों को वापस लेने की बात कही। उम्मीद करता हूं, जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।’ साथ ही राजनाथ ने बताया कि हम बांग्लादेश में रोहिंग्या लोगों को मानवीय मदद पहुंचा रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, ‘रोहिंग्याओं को वापस भेजकर भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करेगा, क्योंकि भारत ने 1951 यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन पर हस्ताक्षर नहीं किया है।’

वहीं कार्यक्रम में मौजूद एनएचआरसी प्रमुख और पूर्व सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एचएल दत्तु ने कहा, ‘हम रोहिंग्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। इंसान होने के नाते उनके मानवधिकारों की रक्षा की जानी चाहिये। हम चाहेंगे कि केंद्र सरकार बिना पर्याप्त सुरक्षा दिए हुए रोहिग्या मुस्लिमों को वापिस ना भेजे।’

आपको बता दें कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में हुई हिंसा के बाद करीब 400,000 रोहिंग्या मुसलमानों बांग्लादेश पलायन कर चुके हैं। म्यांमार में 25 अगस्त को बौद्ध और मुस्लिम के बीच संघर्ष हुआ था। जिसके बाद से रोहिंग्या मुस्लिम पलायन कर रहे हैं।

वहीं भारत सरकार ने 2012 में हुई हिंसा के बाद भारत आए रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजने का फैसला किया है। सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। भारत में करीब 40000 रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं।

केंद्र ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों के भारत में रहने पर देश के संसाधन और देश की जनता के अधिकार प्रभावित होंगे। केंद्र ने कहा कि कई रोहिंग्या पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, आईएस और अन्य ऐसे उग्रवादी समूहों की संदिग्ध घातक योजनाओं में भी दिखे हैं जो भारत में संवेदनशील क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा भड़काकर अपने निहित स्वार्थो की पूर्ति करना चाहते हैं।

राजस्थान में छह फर्जी बाबाओं को दबोचा

फर्जी बाबाओं के सामने आने के दौर में राजस्थान में बाड़मेर जिले की पचपदरा पुलिस ने छह फर्जी बाबाओं को दबोचा है। ये बाबा दिन में भक्तों को झांसे में लेकर उनकी किस्मत बताते थे और रात में शराब पार्टियां करते थे।
पुलिस के मुताबिक, फर्जी बाबा भरतपुर जिले के सीकरी और अलवर के गोविंदगढ़ के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस इलाके के करीब ढाई सौ परिवार इसी तरह बाबा बनकर देशभर में फैले हुए हैं और ठगी कर रहे हैं।
ये अलग-अलग स्थानों पर घूमकर बड़े अधिकारियों को धार्मिक बातों में उलझाकर उनके साथ फोटो खिंचवाते हैं और फिर इन फोटो को दिखाकर ग्रामीणों में बताते हैं कि वो अधिकारी भी उनका भक्त है। भक्तों को विश्वास में लेने के बाद ये उन्हें नकली नगीने, अंगूठियां देकर ठगते हैं और रात में शराब पार्टियां करते हैं।
पुलिस द्धारा पकड़े जाने पर फर्जी बाबाओं ने बचने की काफी कोशिश की, पहले खुद को जूना अखाड़ा से जुड़ा बताया, फिर उदासीन अखाड़े से का साधु बताया।
पुलिस ने जूना अखाड़े के पदाधिकारी कनाना मठ के महंत परशुराम गिरि महाराज को थाने बुलवाकर इनके बारे में पूछा तो उन्होंने इन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में इन बाबाओं ने खुद को उदासीन अखाड़े से बताया। इस पर महंत ने उदासीन अखाड़े को लेकर इनसे सवाल-जवाब किए तो फिर फर्जी साबित हुए।

ग्रेस पिंटो की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इन्‍कार

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के रेयान स्कूल के मालिक रेयान ऑगस्टाइन पिंटो, रेयान ऑगस्टाइन फ्रांसिस पिंटो और ग्रेस पिंटो की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इन्‍कार कर दिया है। उनकी अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उनको इस मामले में कोई राहत देने से इन्‍कार दिया। वैसे, हाई कोर्ट ने इस मामले पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब जलब किया है। अब इस मामले पर सुनवाई सोमवार को हाेगी।
रेयान स्कूल के मालिक रेयान ऑगस्टाइन पिंटो, रेयान ऑगस्टाइन फ्रांसिस पिंटो और ग्रेस पिंटो द्वारा अग्रिम जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में जस्टिस इंदरजीत सिंह ने सुनवाई की। उन्‍होंने इस मामले में तीनों को कोई राहत देेने से मना कर दिया और कहा कि कोर्ट उनकी गिरफ्तारी पर राेक नहीं लगा सकती। हाई कोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को अपना जवाब देने को कहा। हाई कोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है आैर सभी पक्षों को सुने बिना इस पर कोई फैसला नहीं किया जा सकता।
रेयान स्‍कूल में मारे गए छात्र प्रद्युम्न के पिता की ओर से वकील सुशील टेकरीवाल ने हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट से कहा कि जिस तरीके से बच्चे की हत्या की गई है उसे देखते हुए रेयान रूकूल के मालिकों को किसी भी तरह की कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए।
इस मामले में चंडीगढ़ स्कूल पेरेंट्स एसोसिएसन ने अर्जी दायर कर इस मामले में अग्रिम जमानत का विरोध किया है। एसोसिएशन ने मामले में खुद को भी प्रतिवादी बनने की मांग की है। इन दोनों की मांग पर कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अभी तक कोर्ट ने नॉटिस जारी नहीं किया और वह अभी किसी भी अन्य पक्ष को नहीं सुनेगी।

राजस्थान में बदमाशों ने एक थानाधिकारी को गाड़ी से कुचल दिया

राजस्थान के नागौर जिले में मंगलवार रात बदमाशों ने एक थानाधिकारी को गाड़ी से कुचल दिया। थानाधिकारी की उपचार के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार श्रीबालाजी के थानाधिकारी पूरणमल बीती रात गाड़ियों की चैकिंग कर रहे थे। इस दौरान तेज गति से आ रही बोलेरो गाड़ी को उन्होंने रुकने का इशारा किया। लेकिन गाड़ी चालक ने स्पीड और तेज कर दी और थानेदार को जोरदार टक्कर मार दी।
मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार बोलेरो में करीब चार-पांच लोग सवाार थे। इसके बाद घायल थानेदार को नागौर के जेएलएन अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार सीकर के रहने वाले पूरणमल मीणा तीन दिन के अवकाश के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। पुलिस ने आरोपियो की तलाश कर रही है।

रेलवे की अव्यवस्था से पीड़त आउटर पर इंजन फेल

देश में बुलेट ट्रेन चलने की तैयारी पर सरकार भले ही उपलब्धि का बखान कर रही है लेकिन आम यात्री की रेलवे की अव्यवस्था से पीड़त है। बुधवार को इटारसी से जबलपुर की ओर जाने वाली फास्ट पैसेंजर का गोटेगांव के पास आउटर पर इंजन फेल हो गया।
जिससे ट्रेन करीब 2 घंट से भी ज्यादा समय तक खड़ी रही। ट्रेन में पानी की भी सुविधा नही होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को खेतों में जाकर पीने का पानी लेकर आए।
यात्रियों का कहना था‍ कि घंटों से रेलवे का कोई भी अधिकारी नहीं आया है। हमारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन है कि पहले रेलवे की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, बाद में बुलेट ट्रेन चले।

इस चिडिय़ाघर के जानवरों ने भी मनाया श्राद्ध, किया सिर्फ शाकाहारी भोजन

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर स्थित कमला नेहरू चिडिय़ाघर में मंगलवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। मंगलवार को यहां के सभी जानवरों ने भी श्राद्ध मनाया और मांस ना खाकर सिर्फ शाकाहारी भोजन खाया। जानकारी के अनुसार मंगलवार को सर्व पितृमोक्ष अमावस्या पर एक स्थानीय संस्था ने अनूठी पहल करते हुए वन्य प्राणियों को भोजन कराया। चिडिय़ाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि सामाजिक संस्था करुणा सागर और एक स्थानीय संत ने प्राणी संग्रहालय के प्राणियों को भोजन कराने की अनुमति चाही थी।

इस पर पशु चिकित्सकों के दल ने प्राणियों के अनुकूल शाकाहारी भोजन तैयार करने के संबंध में निर्देश जारी किए थे। उसके अनुसार भोजन तैयार कर मंगलवार को सभी जानवरों को एक साथ परोसा गया। यादव ने बताया कि ऐसे आयोजन से पशु-प्रेमियों के साथ आमजन में प्राणियों के प्रति स्नेह बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन निश्चित ही एक सकारात्मक माहौल तैयार करते हैं। इससे प्राणियों के स्वाभाव को समझने में आमजन को सहायता मिलती है। आयोजक लक्षमण दास महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में सर्व पितृमोक्ष अमावस्या पर भूले बिछड़े पुरखों को, पितरों को तर्पण के माध्यम से भोग अर्पित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि परोक्ष रूप से इस प्रकार हम प्रकृति को ही भोजन अथवा अन्य खाद्य सामग्री अर्पित करते हैं, जिसके फलस्वरूप वन्य प्राणियों को भोजन कराया गया। समूचे चिडिय़ाघर में लंगर की तरह आयोजित आयोजन देखते ही बनता था। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में पशु प्रेमी भी एकत्रित हुए।