मुंबई धमाकों के लिए दोषी ठहराए गए फिरोज रशीद खान पर टाडा कोर्ट ने लगाया जुर्माना

1993 के मुंबई धमाकों के लिए दोषी ठहराए गए फिरोज रशीद खान पर टाडा कोर्ट ने दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। गवाही के लिए दो बंदियों को जेल से बुलवाने और फिर सुनवाई को स्थगित करने की अपील करने पर यह कार्रवाई की गई।
फिरोज के वकील वहाब खान ने अदालत में याचिका दायर की थी कि वह दो बंदियों से कुछ सवाल पूछना चाहता है। वकील की दलील थी कि इससे अदालत को पता चल जाएगा बम धमाकों में फिरोज का बहुत ज्यादा कसूर नहीं था। फांसी की सजा से बचने के लिए वकील ने यह पैंतरा चला था।
उनकी अपील पर पुलिस ने जेल से लाकर दोनों बंदियों को अदालत में पेश कर दिया, लेकिन वहाब ने अदालत से कहा कि वह दोनों बंदियों से सवाल नहीं पूछना चाहता। वजह का खुलासा करने से उसने इन्कार कर दिया, लेकिन विशेष अभियोजक दीपक साल्वी ने इस पर आपत्ति जताई।
उनका कहना था कि दोनों बंदियों को अदालत तक लाने के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था की गई है। इसमें न केवल पैसा खर्च हुआ बल्कि पुलिस व जेल प्रशासन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी।
अदालत ने फिरोज को आदेश दिया कि जुर्माने की रकम वह चार दिन में अदा करे। इससे पहले साल्वी ने फिरोज से कई सवाल किए, जिसमें दोषी ने बताया कि उस पर एक अन्य मामला लंबित है। इसमें उसके पिता भी शामिल हैं। बीते दिन फिरोज अदालत में रो पड़ा था।
उसकी अपील थी कि अदालत उसे फांसी न देकर उम्र कैद की सजा दे दे। संभावना है कि साल्वी गुरुवार को टाडा कोर्ट में दोषियों को दी जाने वाली सजा पर अपना पक्ष रखेंगे।

देश ही नहीं दुनिया में लोग योग कर मना रहे अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस

अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस पर देश ही नहीं दुनिया में लोग योग कर इसे मना रहे हैं। इसी मौके पर अहमदाबाद में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने योग गुरु बाबा रामदेव के साथ योग किया। इस दौरान यहां कई विश्व रिकॉर्ड बनाए गए।
कार्यक्रम में गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपानी भी रामदेव और अमित शाह के साथ मंच पर योग करते नजर आए। अमित शाह ने योग की महत्‍ता के बारे में बताते हुए ट्वीट किया, ‘योग शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को एकमसत करने का अद्वितीय माध्यम है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विश्व निरामय और विश्व कल्याण की कामना करता हूं|’
कार्यक्रम के दौरान अहमदाबाद में बारिश भी हुई, लेकिन लोगों की योग के प्रति रुचि में इससे कोई बाधा नहीं पड़ी। यहां उपास्थित लोग तेज बारिश में भी योग करते रहें। इस दौरान बाबा रामदेव ने दावा किया कि यहां पर सर्वाधिक लोग एक साथ योग कर रहे हैं, यह एक विश्व रिकॉर्ड है। बाबा रामदेव ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही जब सयुंक्त राष्ट्र में गए थे, तब उन्होंने योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। वहीं उनके कारण आज पूरी दुनिया योग कर रही है, और तीसरा योग दिवस मना रही है। बाबा रामदेव के साथ इस मैदान में लगभग सवा लाख लोग योग कर रहे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से कर दिया इन्कार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया जिसमें दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्जदाता को ब्याज के रूप में 60 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया था।
दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के संयुक्त उद्यम में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर साझीदार थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजय किशन कौल की अवकाशकालीन पीठ ने डीएमआरसी को हालांकि धनराशि का भुगतान करने के लिए एक और हफ्ते का समय दे दिया।
दरअसल, पंचाट ने 11 मई, 2017 को अपने एक फैसले में डीएमआरसी को आदेश दिया था कि वह दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को 4,670 करोड़ रुपये का भुगतान करे।
डीएएमईपीएल ने ही दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का निर्माण किया था। यह रिलांयस इंफ्रास्ट्रक्चर की सब्सिडिरी कंपनी है, लेकिन रिलांयस ने 2013 में खुद को एयरपोर्ट मेट्रो से अलग कर लिया था।
इसके बाद डीएएमईपीएल ने नीति आयोग के 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार 75 प्रतिशत रकम के भुगतान की मांग करते हुए हाई कोर्ट की शरण ली थी।
पंचाट न्यायाधिकरण ने उसे 13.5 प्रतिशत की ब्याज दर से 2,782.33 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश दिया था।
हाई कोर्ट में डीएमआरसी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा ने कहा कि पंचाट का फैसला 90 दिनों तक लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि पीड़ित पक्ष को यह समय फैसले को चुनौती देने के लिए दिया गया है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट उनकी दलील से सहमत नहीं हुआ।

आधार आईडी धारक को देना होगा होम सर्कल के बाहर सिम कार्ड खरीदने के दौरान लोकल रेफरेंस

एक आधार आईडी धारक को अपने होम सर्कल के बाहर सिम कार्ड खरीदने के दौरान लोकल रेफरेंस देना होगा। इसमें वहां के रहने वाले लोकल रेफरेंस का नाम, पता और कॉन्टेक्ट नंबर देना होगा। दूरसंचार विभाग ने सभी दूरसंचार कंपनियों को जारी किए गए नए निर्देश में यह जानकारी दी है।
उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति दिल्ली (सर्कल) का आधार कार्ड धारक है, तो उसे मुंबई (सर्कल) में नया सिम खरीदते समय मुंबई (सर्कल) के किसी व्यक्ति का नाम, पता और कॉन्टेक्ट नंबर देना होगा। ऐसा इसलिए जरूरी किया गया है क्योंकि आधार केवल पहचान का प्रमाण है, जिसमें व्यक्ति का नाम, उसकी उम्र और लिंग के बारे में जानकारी दी होती है, लेकिन वह पता या निवास का प्रमाण नहीं होता है।
दूरसंचार विभाग के निर्देश में कहा गया है कि आउट स्टेशन कस्टमर्स को नया सिम जारी कराने के लिए लोकल रेफरेंस की जरूरत होती है, जिनका आधार कार्ड किसी दूसरे लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में बना हुआ है। आउट स्टेशन ग्राहक को सबसे पहले स्थानीय पता मुहैया कराना होगा, जहां वह सिम हासिल करना चाहता है। सेल्स एजेंट द्वारा डिजिटल कस्टमर एक्विजिशन फार्म (सीएएफ) में इसे दर्ज किया जाएगा।
ईकेवायसी की प्रक्रिया और नए सिम कार्ड जारी करने से पहले सीएएफ में लोकल रेफरेंस का पता, नाम और कॉन्टेक्ट नंबर दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि सीएएफ फॉर्म पेपरलेस है और ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान डिजिटल फॉर्मेट में बायोमेट्रिक पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल में दर्ज किया जाता है।
कस्टमर को सिम कार्ड जारी करने से पहले, एजेंट को लोकल कॉन्टेक्ट को फोन करके कस्टमर के निवास की पुष्टि करनी होगी। इसके बाद ही ईकेवाईसी प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। पीओएस टर्मिनल बॉयोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिये ग्राहक की पहचान जैसे उसके नाम, आयु और लिंग की सत्यता की जांच करेगा और सीएएफ फॉर्म में इसे ग्राहक के सिग्नेचर के रूप में माना जाएगा।

मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में किसान आंदोलन शुरू

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में किसान आंदोलन शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ की ओर से गुरुवार से राजस्थान के 8 बड़े शहरों में महापड़ाव किया जाएगा।
किसान संघ के अध्यक्ष मणिलाल लबाना के अनुसार यह महापड़ा व तब तक जारी रहेगा जब तक कि सरकार किसानों की मांगों पर कोई लिखित ठोस आश्वासन नहीं देती। उधर किसान आंदोलन को देखते हुए राजस्थ्ज्ञान सकार ने सभी कलक्टरों व छुट्टियां निरस्त कर दी है और पुलिस को अलर्ट कर दिया हैं।
राजस्थान के आठ शहरों जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और सीकार में किसानों ने जुटना शुरू कर दिया है। संघ हालांकि यह स्पष्ट कर चुका है कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा लेकिन असमाजिक तत्वों के कारण कोई विवाद हुआ तो संघ के अनुसार उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
दूसरी और राज्य सरकार किसान आंदोलन को देखते हुए अलर्ट पर है। प्रदेश के सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए है।

5181 करोड़ की लागत से बनी कोच्चि में मेट्रो ट्रेन सेवा का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 5181 करोड़ की लागत से बनी कोच्चि में मेट्रो ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने इस मेट्रो की सवारी भी की। इस दौरान उनके साथ मेट्रो मेन ई श्रीधरन भी मौजूद थे। पीएम ने वह पलारीवट्टोम से ट्रेन में सवार होंगे और पथदिप्पलम तक मेट्रो के सफर का आनंद लिया।
जानकारी के अनुसार इस मेट्रो रूट की कुल लंबाई 27 किमी है जिस पर 22 स्टेशन होंगे। प्रधानमंत्री ने कोच्चि मेट्रो की लाइन-1 के 13 किलोमीटर के अलुवा-पलारीवट्टोम खंड पर व्यवसायिक सेवाओं का उद्घाटन कर दिया है।
उद्घाटन के दौरान केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू, केरल के राज्यपाल पी. सदाशिवम, मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला, एरनाकुलम के सांसद के वी थॉमस और मेट्रो मैन ई. श्रीधरन प्रधानमंत्री के साथ मौजूद थे।

राजनाथ सिंह और वैंकेया नायडू आज करेंगे सोनिया गांधी और सीताराम येचूरी से मुलाकात

राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गया है और वहीं राजनीतिक दल इसे लेकर किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना पाए हैं। इसके लिए भाजपा द्वारा बनाई गई कमेटी के राजनाथ सिंह और वैंकेया नायडू आज सोनिया गांधी और सीताराम येचूरी से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि भाजपा नेता दोनों विपक्षी नेताओं को अपने पसंद के उम्मीदवार को लिए मनाने की कोशिश करेंगे।
कांग्रेस नेता मल्‍लिकार्जुन खड्गे ने एएनआई को बताया कि इस मीटिंग में हुई चर्चा को पार्टी के अन्‍य सदस्‍यों और चुनाव के लिए गठित उपसमिति के साथ बांटा जाएगा। हम सबके मत को विचाराधीन रखेंगे। राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के समर्थन देने की बात को खारिज करते हुए खड्गे ने बताया कि सेक्‍युलर पार्टी होने के नाते कांग्रेस के विचार से राष्‍ट्रपति पद के लिए भागवत उपयुक्‍त उम्‍मीदवार नहीं हैं।
उन्‍होंने आगे कहा, ‘हम सेक्‍युलर पार्टी हैं। हम कभी मोहन भागवत को व अन्‍य पार्टियों को समर्थन नहीं देंगे। उनका नाम शिवसेना की ओर से प्रस्‍तावित किया गया है। हम नहीं जानते कि उनका भाजपा के साथ क्‍या संबंध हैं। हम सेक्‍युलर पार्टी से उम्‍मीदवार का चयन करेंगे।‘
पटेल और मिश्रा के जल्द ही समिति से मिलने की उम्मीद है। उनके बारे में कहा जाता है कि वे नायडू को आश्वस्त कर चुके हैं कि उनकी पार्टियां किसी उम्मीदवार के नाम पर बीजेपी समिति से चर्चा करने के बाद संज्ञान लेंगी। अब तक कांग्रेस, बीएसपी, एनसीपी, टीडीपी, सीपीएम और एआईएनसी(एनआर) से समिति की ओर से सम्पर्क किया जा चुका है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 12 जून को गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और नायडू को समिति में नियुक्त किया था जिससे कि राष्ट्रपति चुनाव में सर्वसम्मत उम्मीदवार चुनने के लिए विपक्षी दलों से बात की जा सके। वेंकैया नायडू ने गुरुवार को एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और टीडीपी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू से भी बात की। चंद्रबाबू ने वेंकैया से कहा है कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय के साथ खड़ी है। वहीं पवार ने कहा है कि वह आगे की बातचीत के लिए अगले कुछ दिन दिल्ली में है।
नायडू ने बुधवार को कहा था कि उन्‍होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से विचार विमर्श किया है और निर्णय लिया है कि वे विभिन्‍न पार्टियों से बात करेंगे। नायडू ने बताया, हमने विचार किया है और इस संबंध में विभिन्‍न दलों से बात करेंगे। ’17 जून को वित्‍त मंत्री वापस आएंगे। हम उनसे बात कर आगे बढ़ेंगे।‘
राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्‍त हो जाएगा और राष्‍ट्रपति चुनाव 17 जुलाई को है। नामांकन करने की अंतिम तारीख 28 जून है और मतगणना 20 जुलाई को होगी। राष्‍ट्रपति मुखर्जी 25 जुलाई को अपना पद छोड़ेंगे आर उप राष्‍ट्रपति हामिद अंसारी अपना दूसरा कार्यकाल अगस्‍त में पूरा करेंगे।

महाराष्ट्र की भाजपा ईकाई मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मुंबई आगमन से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने शिवसेना को लेकर अपने तेवर तीखे कर लिए हैं।
फड़नवीस ने कहा है कि महाराष्ट्र की भाजपा ईकाई मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है। अपने तीन दिन के मुंबई दौरे में इस बार अमित शाह शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से उनके घर मातोश्री जाकर मिलनेवाले हैं।
महाराष्ट्र के किसान आंदोलन के दौरान शिवसेना कई बार यह धमकी दे चुकी है कि जुलाई के बाद राज्य में राजनीतिक तूफान आ सकता है।
संभवतः इसीलिए गुरुवार सुबह दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए फड़नवीस ने शिवसेना का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग सरकार गिराने और समर्थन वापस लेने की बात करते हैं।
यदि ऐसा हुआ तो हम मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं। यदि कोई हमें मध्यावधि चुनाव की ओर ढकेलना चाहता है तो हमें पूरा भरोसा है कि हम दोबारा सरकार बनाने में कामयाब होंगे।
हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को मिली जबर्दस्त सफलता से उत्साहित फड़नवीस कहते हैं कि यह सफलता अभूतपूर्व थी।
कांग्रेस-राकांपा जैसी पार्टियां अपनी सफलता के चरम पर रहते हुए भी ऐसी सफलता हासिल नहीं कर पाईं। इसका मतलब है कि लोग हमारी सरकार पर भरोसा कर रहे हैं।
बता दें कि हाल ही में सूबे में 10 दिन चली किसान हड़ताल के दौरान सरकार में रहते हुए भी शिवसेना के तेवर विपक्ष जैसे ही रहे। उसी दौरान शिवसेना सांसद एवं प्रवक्ता संजय राउत ने कहा था कि जुलाई में राज्य में राजनीतिक तूफान आ सकता है।
हालांकि किसान हड़ताल खत्म होने के बाद सरकार ने बुधवार शाम अपने दो वरिष्ठ मंत्रियों को किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे से बात करने उनके घर भेजा था। लेकिन शिवसेना अभी भी सभी किसानों के पूरे कर्ज माफ न होने की स्थिति में सरकार से असहयोग करने की धमकी दे रही है।
माना जा रहा है कि इससे चिढ़कर ही फड़नवीस ने मध्यावधि चुनाव होने की स्थिति में चुनौती स्वीकार करने का बयान दिया है।
दूसरी ओर, गुरुवार शाम को ही महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे पाटिल ने भी फड़नवीस के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि हालांकि सूबे में मध्यावधि चुनाव की कोई संभावना नहीं दिख रही है।
लेकिन यदि ऐसी परिस्थिति आती है तो भाजपा उसके लिए भी तैयार है। पाटिल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिन के मुंबई दौरे की जानकारी देने के लिए पत्रकारों से बात कर रहे थे।
शाह शुक्रवार की सुबह मुंबई पहुंच रहे हैं। तीन रविवार तक यहां रहने के दौरान वह छोटी-बड़ी 25 बैठकों को संबोधित करेंगे। संगठन के नेताओं से लेकर सरकार के मंत्रियों तक से मिलेंगे।
इसी दौरान रविवार को उनका उद्धव ठाकरे के घर जाने का भी कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में शाह उद्धव से राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी से लेकर सूबे की सियासत तक पर चर्चा करेंगे।
उधर, उद्धव ने फड़नवीस के बयान का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा के पास पैसे ज्यादा हों तो उनका उपयोग चुनाव पर खर्च करने के बजाय किसानों की कर्ज माफी के लिए करना चाहिए।

जालसाजों ने भीम ऐप ही मदद से एक व्यक्ति को 11 लाख का चूना

डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ा रही केंद्र सरकार भले ही अपनी भीम ऐप को सुरक्षित बताए लेकिन जालसाजों ने इसकी ही मदद से एक व्यक्ति को 11 लाख का चूना लगा दिया है। पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
मामला वाराणसी का है जहां यह आरोपी इंटरनेट की कम समझ रखने वाले अपने पहचान वालों को निशाना बनाते थे। जानकारी के अनुसार 1 मार्च को इस मामले की शिकायत हुई जिसमें पीड़ित किसान राकेश मिश्रा ने कहा था कि उसके खाते से 11 लाख रुपए उड़ा लिए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मंगलवार को आरोपियों को फूलपुर से गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी नितिन तिवारी के अनुसार सभी आरोपी अपने पहचान वालों को पहले तो बैंक ले जाकर खाते खुलवाते थे। इसके बाद बैंक में दर्ज उनके मोबाइल नंबर बदल देते। इसके लिए वो एक नहीं कई एप्लिकेशन्स पर उस व्यक्ति के हस्ताक्षर करवा लेते। इससे जब भी वो पैसे निकालते पीड़ित व्यक्ति के मोबइल पर इसका मैसेज भी नहीं जाता था। आरोपी ऐप में बदला हुआ मोबाइल नंबर डालते जो खाते से लिंक होता। इसकी मदद से वो थोड़ा-थोड़ा कर पैसा निकालते रहते थे। इस पूरे अपराध में एक बैंककर्मी भी उनकी मदद करता था।

राजस्थान में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की ट्रैफिक जाम में हुई मौत

राजस्थान के करौली में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहा बच्चा सिर्फ इसलिए मौत का शिकार हो गए क्योंकि एंबुलेंस ट्रैफिक जाम में फंस गई। जहां एंबुलेंस फंसी वहां से अस्पताल सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर था। जाम खुलने में आधा घंटा लग गया और गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु दोनों की मौत हो गई।
यह दर्दनाक घटना करौली से करीब 36 किमी दूर गर्डे गांव में रहने वाले अमर सिंह की पत्नी तारा देवी के साथ हुई। सुबह दर्द उठने पर अमर सिंह ने एक निजी एंबुलेंस बुलवाई और करौली के लिए रवाना हुए। अस्पताल से 200 मीटर की दूरी पर एबुलेंस जाम में फंस गई, क्योंकि यहां सब्जी मंडी है और पूरा रास्ता अतिक्रमण की चपेट में था।
अमर सिंह ने एंबुलेंस से उतर कर लोगों से एंबुलेंस को रास्ता देने की गुहार भी की, लेकिन जाम खुलने में आधा घंटा लग गया। एंबुलेंस अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने तारादेवी और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, महिला एनिमिक थी और साथ ही निम्न रक्तचाप की शिकार थी। यदि समय पर लाया जाता और उसे बचाया जा सकता था। अमर सिंह ने इस मामले में पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं कराया है।