राजधानी जयपुर में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन लूट की बड़ी वारदात

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन लूट की बड़ी वारदात हुई। लुटेरों ने मुथूट फाइनेंस कंपनी के कार्यालय से करोड़ों रुपए का सोना लूटा।
इस कंपनी से कितना सोना लूटा गया इसे लेकर विरोधाभासी खबरें सामने अा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 किलो सोना व छह लाख रुपये लूट लिये। इसकी कीमत सात करोड़ रुपये बताई जा रही है। जबकि एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 20 किग्रा सोना और छह लाख रुपए नकट लूट लिए गए।
इससे पहले गुरुवार को लुटेरों ने बैंक से 15 लाख रुपये लूट लिए थे। दोनों वारदात शहर के व्यस्ततम इलाकों में दिनदहाड़े हुई हैं। मानसरोवर स्थित मुथूट फाइनेंस के रजत पथ ऑफिस में शुक्रवार की सुबह को प्रतिदिन की तरह कार्य चल रहा था। कार्यालय में चार कर्मचारी और दो ग्राहक थे। इसी दौरान एक युवक चेन गिरवी रखने के लिए कार्यालय में पहुंचा। उसके साथ तीन और युवक हेलमेट लगाए हुए थे। उन्होंने पिस्तौल के बल पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
एक बदमाश मैनेजर के कमरे में गया और तिजोरी की चाबी मांगी। चाबी नहीं देने पर मैनेजर से मारपीट की और चाबी छीनकर स्ट्रांगरूम से गहने और नकदी लूट ली। इस दौरान मैनेजर ने बाथरूम में जाकर आपातकालीन अलार्म बजा दिया। अलार्म बजते ही चारों लुटेरे मौके से फरार हो गए। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई, लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात ऑफिस के सीसीटीवी में कैद हो गई है। रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। लुटेरों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

अब बाजार में ऐसा उपकरण आ गया है जिससे मोबाइल नम्बर बदल उपयोग विभिन्न अपराधों मे किया जा सकता है

अब तक यह माना जाता रहा है कि मोबाइल का आईएमईआई नंबर याद है तो खोया या चोरी गया मोबाइल भी वापस मिल सकता है, लेकिन अब बाजार में ऐसा उपकरण आ गया है जिससे मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदला जा सकता है।
राजस्थान की अलवर पुलिस ने अलवर शहर में महंगे मोबाइल फोन की आईएमईआई बदलने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग एक उपकरण से यह नम्बर बदल देता था। इसके बाद इन मोाबइल फोनों का उपयोग विभिन्न अपराधों मे किया जाता था।
अलवर शहर में 7 मोबाइल की दुकान पर चोरी लूट और अपराध में उपयोग में लिए गए मोबाइलों की आईएमईआई बदल कर उसे उपभोक्ता को वापस बेचा जा रहा था। इससे पुलिस को चोरी के मोबाइल को ट्रेस करना नामुमकिन हो जाता है। पुलिस ने 7 दुकानों से ऐसे चार उपकरण और 200 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए हैं और आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद एसपी राहुल प्रकाश में एक टीम बनाकर गुप्त तरीके से जांच करवाई और उनकी निगरानी की गई।
पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश के निर्देश पर अलवर के चार थानों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि इस उपकरण के जरिए 1000 से 1500 रुपए लेकर आईएमईआई नम्बर बदल दिया जाता है। इसके बाद पुलिस को उस मोबाइल को ट्रेस करना असंभव हो जाता है।
पुलिस फिलहाल इन मोबाइलों की जांच करने में जुटी हुई है कि इनमें से कितने मोबाइल की आईएमईआई बदली गई है और अपराधियों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने अब तक कितने मोबाइलों की आईएमईआई बदली है और इस नेटवर्क के साथ कहां कहां जुड़े हुए हैं।

गुजरात आधारित एक कंपनी ने चीन के विरोध में प्रदर्शन का एक यूनिक तरीका निकाला

चीन और भारत के बीच बढ़ते तनाव को लेकर काफी लोगों ने विरोधस्वरुप अपनी आवाज उठाई है। गुजरात आधारित एक कंपनी ने चीन के विरोध में प्रदर्शन का एक यूनिक तरीका निकाला है। कंपनी ने अपने 400 डीलर और असोशियेट्स को चीनी मोबाईल फोन का बहिष्कार कर भारतीय मोबाईल फोन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया है।
फेसबुक पेज पर कंपनी के द्वारा पोस्ट बयान में कहा गया कि चीन को रोकने का एक ही रास्ता है कि उनके मोबाईल फोन का बहिष्कार किया जाए। कंपनी ने अपने डीलरों को ‘मेड इन चाइना’ फोन को न खरीदने की सलाह दी है। कंपनी ने चाईनीज फोन Intex S1 और Karbonn K95 का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। पोस्ट में ये भी कहा गया है कि देश के सभी नागरिकों का भारतीय सेना के प्रति दायित्व होना चाहिए।
रुद्रा टीएमएक्स के प्रबंध निदेशक निखिल गुप्ता ने दिव्य भास्कर से कहा, चीन काफी समय से भारत को उकसाता रहा है। अगर हमें उनसे लड़ना है तो सबसे पहले हमें उनके अर्थव्यवस्था पर चोट पहुंचाना होगा। इसलिए हमने चीन की जगह भारतीय फोन का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। सभी नागरिकों को आगे बढ़कर चाईनीज फोन का बहिष्कार करना चाहिए।

बसपा प्रमुख मायावती ने दिया राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा

बसपा प्रमुख मायावती ने तल्ख अंदाज दिखाते हुए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनकी शिकायत है कि वे दलितों की आवाज संसद में रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सत्ता पक्ष बोलने नहीं दे रहा। बहरहाल, यह पहला मौका नहीं है जब माया ने दलितों के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया है। देखा जाए तो उनके करियर की शुरुआत की ऐसे तेवरों से हुई थीं। हम यहां आपको ऐसे ही एक घटनाक्रम के बारे में बताएंगे जहां मायावती ने तब के दिग्गज नेताओं की धज्जियांं इसलिए उड़ा दी थीं कि दलितों के लिए हरिजन शब्द का इस्तेमाल किया गया था।
बात सितंबर 1977 की है। तब मायावती 21 साल थीं। आपातकाल खत्म हो चुका था और उसके बाद हुए चुनावों में जनता पार्टी की सरकार बनी थी। दलितों के हक में आवाज उठाने के लिए इस सरकार ने दिल्ली में तीन दिनी कॉन्फ्रेंस बुलाई थी।
मंच पर सरकार के तमाम दलित नेता बैठे थे और उनसे सामने थे देशभर से आए दलित प्रतिनिधि। इस आयोजन के हीरो थे राजनारायण। राजनारायण वह शख्स हैं, जिन्होंने 1971 में इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से चुनाव लड़ा था और हार गए थे। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और इंदिरा गांधी का निर्वाचन रद्द हो गया था। फिर 1977 में हुए चुनाव में राजनारायण ने इंदिरा को 50,000 से ज्यादा वोटों से हराया था।

गोवा में इसकी कमी नहीं होने देंगे बीफ को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा

बीफ को लेकर भले ही देश में बवाल मचा हो लेकिन गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वो गोवा में इसकी कमी नहीं होने देंगे। उन्होंने इसके लिए उनकी सरकार ने कर्नाटक से इसे आयात करने का विकल्प खुला रखा है।
पर्रिकर ने मंगलवार को राज्य विधानसभा को यह जानकारी दी। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पर्रिकर ने एक प्रश्न के जवाब में कहा, ‘हमने (कर्नाटक में) बेलगाम से बीफ आयात करने का विकल्प बंद नहीं किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां कोई कमी नहीं हो।’
उन्होंने यह जवाब भाजपा विधायक नीलेश कबराल के सवाल पर दिया। पर्रिकर ने कहा, ‘मैं आपको भरोसा दे सकता हूं कि पड़ोसी राज्य से आने वाले बीफ की जांच उचित तरीके से और अधिकृत चिकित्सक द्वारा की जाएगी।
यही नहीं यहां से करीब 40 किमी दूर पोंडा स्थित गोवा मीट कांप्लेक्स में सूबे के एकमात्र वैध बूचड़खाने में रोजाना लगभग 2,000 किलोग्राम बीफ तैयार होता है।’
इस बीच, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने पूर्व रक्षा मंत्री के इस बयान पर उनकी चुटकी ली है। उन्होंने कहा, ‘गोवा के भाजपा सीएम कह रहे हैं कि वह राज्य में बीफ की कमी नहीं होने देंगे। यह अत्यधिक हास्यास्पद है।’

सांसद वैंकेया नायडू को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार चुना

एनडीए ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद वैंकेया नायडू को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार चुना है। नायडू कभी लोकसभा सदस्य नहीं रहे लेकिन उन्होंने अपनी संगठन क्षमता का लोहा मनवाया है। उनके आरएसए और फिर भाजपा ने आने की कहानी बेहद रोचक है।
70 के दशक में जब दक्षिण में जनसंघ का नाममात्र का वजूद था, एक युवा पार्टी कार्यकर्ता अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी के पोस्टर दीवारों पर चिपकाया करता था। वह युवा कार्यकर्ता ही आज राजग की तरफ से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया गया है। वैसे मुप्पावरापु वेंकैया नायडू गारु का राजनीति में आना खेल-खेल में शुरू हुआ था।
छात्र जीवन में 1963 में वह पहली बार आरएसएस से कबड्डी के प्रति लगाव के चलते जुड़े थे। धीरे-धीरे यह बढ़ता गया। वहीं रहते 1967 में पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी से मिले। उस वक्त वाजपेयी एक कार्यक्रम में आए थे और उद्घोषणा की जिम्मेदारी वेंकैया को मिली थी। युवावस्था में आए तो जेपी आंदोलन ने लुभाया। बहरहाल उसके बाद से वह राजनीति के रथ पर सवार हो गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी पहली मुलाकात 1993 में तब हुई थी, जब दोनों पार्टी महासचिव थे। मोदी गुजरात में थे और वेंकैया केंद्र में। वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के बाद पार्टी में सबसे वरिष्ठ वेंकैया खुद को आडवाणी का शिष्य करार देते हैं।
यूं आए राष्ट्रीय राजनीति में
आंध्र प्रदेश के नैल्लोर जिले में उदयगिरी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने जाने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनका प्रवेश हुआ। वह खुद इसका इजहार करते रहे हैं कि आडवाणी के अध्यक्षीय काल में उन्हें महासचिव पद की जिम्मेदारी दी गई थी।
संगठन की कला उन्होंने आडवाणी से ही सीखी। यह राजनीति का खेल है कि जिस रामनाथ कोविंद को वेंकैया ने दलित मोर्चे का अध्यक्ष बनाया था, अब वह उनके ऊपर राष्ट्रपति पद पर आसीन होंगे।
जनसंघ में आए तो डराया था
68 वर्षीय वेंकैया ने जब पहली बार जनसंघ में प्रवेश के बारे में सोचा था तो उन्हें डराया गया था। कहा गया वहां गए तो मांस-मछली बंद करना होगा। मुखर वेंकैया ने तत्काल पता लगाया। जब स्पष्ट हो गया कि जनसंघ में आहार पर पाबंदी नहीं तो वह आश्वस्त हुए।
इसी साल मई में पत्रकारों के सवाल पर वेंकैया ने खुद को राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर बताया था। उन्होंने कहा था, “न मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, न उपराष्ट्रपति…। मैं “उषापति” बनकर ही खुश हूं…।” मालूम हो, उनकी पत्नी का नाम एम. उषा है। इनके एक बेटा और एक बेटी है।

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू 18 अहम बिल होंगे पास

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इससे ठीक पहले पीएम मोदी ने मीडिया से बात की। संसद भवन पहुंचे पीएम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जैसे वर्षा नई सुगंध मिट्टी में भरती है वैसे ही मानसून सत्र जीएसटी की सफल वर्षा के कारण नई उमंग से भरे होगा। पीएम ने कहा कि जीएसटी का दूसरा मतलब ग्रोइंग स्ट्रॉन्गर टुगेदर है।
संसद के मानसून सत्र के लिए विपक्ष ने पहले से कमर कसर ली है। कई अहम मसलों पर विपक्ष सरकार को घेरने के मंसूबे पाले हुए है। इनमें पाकिस्तान द्वारा गोलाबारी, चीन से सीमा पर तनातनी, आतंकवाद, वस्तु एवं सेवा कर और गोरक्षकों के मसले प्रमुख हैं। 11 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में ही राष्ट्रपति व उप राष्ट्रपति चुनाव भी होंगे। अहम बिल भी पारित होंगे।

सत्र में 18 बिल चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तावित हैं। इनमें शिक्षा या शैक्षिक संस्थानों के उत्थान से जुड़े छह अहम बिल शामिल हैं। इनमें द फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्‌यूट बिल 2017, द नेशनल इंस्टीट्‌यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (दूसरा संशोधन) बिल 2016, द इंडियन इंस्टीट्‌यूट्‌स ऑफ मैनेजमेंट बिल 2017, द राइट ऑफ चिल्ड्रेन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन (संशोधन) बिल 2017, द इंडियन इंस्टीट्‌यूट्‌स ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (संशोधन) बिल 2017 प्रमुख हैं।
अन्य प्रमुख बिल
– द कंपनीज (संशोधन) बिल 2016
– ‘द फैक्ट्रीज(संशोधन) बिल 2016
– द व्हिसल ब्लोवर्स प्रोटेक्शन (संशोधन) बिल 2015
– द कांस्टिट्‌यूशन (123वां संशोधन) बिल 2017
– द प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (संशोधन) बिल 2013
– द सिटीजनशिप (संशोधन) बिल 2016
– द मोटर व्हीकल्स (संशोधन) बिल 2016
16 बिल होंगे पेश
16 बिलों को पेश, चर्चा और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनमें बैंकों के फंसे कर्ज से संबंधित निर्णय लेने के लिए द बैंकिंग रेगुलेशन (संशोधन)ऑर्डिनेंस 2017, जम्मू-कश्मीर में केंद्र के जीएसटी को लागू करने संबंधी द सेंट्रल गुड्‌स एंड सर्विसेज टैक्स (एक्सटेंशन टू जम्मू एंड कश्मीर) ऑर्डिनेंस 2017 और द इंटीग्रेटेड गुड्‌स एंड सर्विसेज टैक्स (एक्सटेंशन टू जम्मू एंड कश्मीर) ऑर्डिनेंस 2017 शामिल हैं।
अन्य प्रमुख बिल
– द स्टेट बैंक्स (रिपील एंड एमेंडमेंट) बिल 2017
– द कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2017
– द नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (संशोधन) बिल 2017
– द नेशनल स्पोट्‌र्स यूनिवर्सिटी बिल 2017
– द लेबर कोड ऑन वेजेज बिल 2017
दो बिल वापसी के लिए सूचीबद्ध
– द पार्टिसिपेशन ऑफ वर्कर्स इन मैनेजमेंट बिल 1990
– द नॉर्थ ईस्टर्नकाउंसिल (संशोधन) बिल 2013
बजट सत्र रहा था बेहतर
इस साल जनवरी और मार्च में दो भागों में चले बजट सत्र का कामकाज बेहतर रहा था। उसमें लोकसभा की उत्पादकता 108 फीसद और राज्यसभा की उत्पादकता 86 फीसद थी।

लाल किला को उड़ाने की सूचना देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया

शनिवार देर शाम लाल किला को उड़ाने की सूचना देने वाले युवक को स्पेशल सेल ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने एक युवक नितिन कुमार के मोबाइल पर फोन करके खुद को पाकिस्तानी बताते हुए लाल किले और कनॉट प्लेस के एक होटल को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। पुलिस ने आरोपी महफूज (22) को पहाड़गंज के एक होटल से पकड़ लिया।
रोहिणी निवासी युवक नितिन कुमार अपनी डिजिटल मार्केटिंग की क्लास में था। शनिवार शाम करीब 7 बजे उसके मोबाइल पर कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि वह पाकिस्तान से बोल रहा है। 8 बजकर 30 मिनट पर लाल किले में धमाका होगा। कनॉट प्लेस स्थित एक होटल में भी उसने बम रखा है।
मोबाइल नंबर दिल्ली का होने के कारण नितिन ने इसकी जानकारी बेगमपुर पुलिस स्टेशन और पुलिस कंट्रोल रूम को दी। चंद मिनट में ही पीसीआर वैन उसके घर पहुंच गई तो उसकी मां घबरा गई। इस बीच नितिन से मिले आरोपी युवक के मोबाइल नंबर को पुलिस ने ट्रेस किया तो नंबर पहाड़गंज स्थित एक होटल का निकला।
पहाड़गंज थाना पुलिस की एक टीम तुरंत होटल पहुंची और आरोपी महफूज को गिरफ्तार कर लिया। मूलरूप से बिहार के किशनगंज का रहने वाला महफूज कई साल से होटल में काम कर रहा है। उसने बताया कि मजाक में उसने यह कॉल की थी और कई अन्य नंबरों पर डायल किया था। नितिन के अलावा किसी और ने फोन नहीं उठाया।

जब आप अंत में सोचते हैं कि आपके पास समय है, तो आपको लगता है कि आप उस काम के लिए बूढ़े हो चुके एक जोड़ी ने दिखा दिया उम्र कोई बाधा नहीं

अचानक लंबी सड़क यात्रा के बारे में हम में से कई लोग सोचते हैं। मगर, कभी भी पर्याप्त समय नहीं होता या कभी पर्याप्त संसाधन नहीं होते। और जब आप अंत में सोचते हैं कि आपके पास समय है, तो आपको लगता है कि आप उस काम के लिए बूढ़े हो चुके हैं।
हालांकि, मुंबई की एक जोड़ी ने दुनिया को दिखा दिया है कि सपनों को पूरा करने में उम्र कोई बाधा नहीं है। 73 वर्षीय बद्री बलदावा और उनकी 63 वर्षीय पत्नी ने 10 साल की पोती के साथ मुंबई से लंदन का सफर सड़क से पूरा किया। बद्री बाल्दावा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सभी तस्वीरें डाली हैं। जहां से आप यात्रा के बारे में और भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
वे मार्च 23 को अपने बीएमडब्लू एक्स 5 पर रवाना हुए और 19 देशों को पार करते हुए 72 दिनों में 22,200 किलोमीटर की दूरी कवर करके लंदन पहुंचे। उन्होंने इंफाल से यात्रा को शुरू किया और फिर म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, चीन और रूस होते हुए लंदन पहुंचे।
द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में बद्री बलदावा ने कहा कि मुंबई से लंदन में जाने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग नहीं था। अगर मैं पाकिस्तान और अफगानिस्तान होते हुए जाता, तो इस बात की कोई गारंटी नहीं थी कि मैं जिंदा बचता। हम तिब्बत रास्ते उत्तर की ओर नहीं जा सकते थे क्योंकि चीन इसकी इजाजत नहीं देता।

सरकार न तो देश के अंदर मौजूद अलगाववादियों के सामने झुकेगी और न ही चीन से डरेगी

राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दे पर देश में एक राय बनाने के लिए सरकार ने विपक्षी दलों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा व वित्त मंत्री अरुण जेटली और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में विपक्षी दलों को यह स्पष्ट कर दिया गया कि सरकार न तो देश के अंदर मौजूद अलगाववादियों के सामने झुकेगी और न ही चीन से डरेगी।
शुक्रवार को सरकार ने विपक्ष के नेताओं को चीन से गतिरोध व कश्मीर के हालात की जानकारी देने के लिए बैठक बुलाई थी। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व विदेश सचिव एस. जयशंकर ने सिक्किम-भूटान सीमा (डोकलाम) पर चीन के साथ जारी विवाद पर प्रेजेंटेशन दिया। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले बुलाई गई बैठक में विपक्षी दलों ने चीन के मुद्दे पर तो सरकार को साथ देने का भरोसा दिया, लेकिन कश्मीर की स्थिति को लेकर चिंता जताई।
कश्मीर को लेकर गृह सचिव राजीव गौबा ने ब्योरा दिया।कूटनीतिक विकल्प तलाशें : कांग्रेसबैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने कहा कि चीन और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर उन्होंने अपनी शंकाएं सरकार के प्रतिनिधियों के सामने रखीं। सरकार को तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक विकल्प तलाशने की सलाह दी गई है।
आनंद शर्मा ने कहाकि उनकी पार्टी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है, लेकिन विपक्ष के रूप में सरकार की नीति की खामियों को संसद में उजाग र करने से भी नहीं चूकेंगे। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के अनुसार सरकार ने सिक्किम विवाद को सुलझाने का भरोसा दिया है। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ”ब्रॉयन ने कहा कि उनकी पार्टी ने कुछ गंभीर सवाल उठाए। सरकार के पास उन घटनाओं से निपटने को लेकर कोई जवाब नहीं था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले के मुताबिक बैठक में यह आम सहमति थी कि भारत और चीन विवाद को अस्ताना में हुई बातचीत के मुताबिक सुलझाया जाए। कुछ विपक्षी नेताओं ने कश्मीर की स्थिति को लेकर सवाल उठाया। गृह मंत्रालय का कहना था कि जमीनी हालात अब भी बेकाबू नहीं हैं। 19 प्रमुख नेता मौजूद थेराजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ने विपक्षी नेताओं का आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की।
रक्षा मंत्री अरुण जेटली और एनएसए डोभाल भी बैठक में मौजूद थे। विपक्षी नेताओं में दो पूर्व रक्षामंत्रियों शरद पवार और मुलायम सिंह यादव को भी बुलाया गया था। बैठक में विभिन्न दलों के कुल 19 सांसद मौजूद थे। डोभाल जाएंगे चीनशीर्ष मंत्रियों ने विपक्ष के नेताओं को बताया कि एनएसए डोभाल 26-27 जुलाई को चीन जाएंगे और चीन के वार्ताकारों के समक्ष भारत का पक्ष रखेंगे।