पूरी नहीं हुई अभी जांच ‘खेत बचाओ किसान बचाओ’ आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और कपड़े उतारकर पिटाई करने के मामले की

टीकमगढ़ के ‘खेत बचाओ किसान बचाओ’ आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और आंदोलन से लौट रहे किसानों के कपड़े उतारकर पिटाई करने के मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई। जांच अधिकारी छतरपुर डीआईजी केसी जैन अभी कुछ और पीड़ित किसानों के बयान ले रहे हैं। हालांकि जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को दे दी गई है। दूसरी तरफ कांग्रेस राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में यह मामला ले जा रही है।
टीकमगढ़ के किसानों ने तीन अक्टूबर को आंदोलन किया था, जिसमें लाठीचार्ज हुआ था और फिर कथित रूप से वापस लौटने वाले किसानों को पुलिस ने रास्ते में गाड़ी से उतारकर थाने में बैठाया था। थाने में उनके कपड़े उतारकर पीटा गया।
दूसरे दिन गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने छतरपुर डीआईजी जैन को सागर आईजी सतीश सक्सेना के मार्गदर्शन में जांच करने का जिम्मा दिया था। जैन ने नवदुनिया से बातचीत में कहा है कि वे पीड़ितों के बयान लेने टीकमगढ़ गए थे, कुछ और पीड़ितों के बयान लेना बाकी हैं।
इस संबंध में डीजीपी ऋषि शुक्ला ने कहा कि पूरी रिपोर्ट आने के बाद उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने बताया कि वे टीकमगढ़ किसान आंदोलन की घटना की शिकायत करने शुक्रवार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे आंदोलनकारी पीड़ित किसानों को भी साथ लेकर जा रहे हैं। आयोग से घटना की जांच कराने की मांग करेंगे।

नोटबंदी पर ए आर रहमान का गाना “उड़ता कमल′, देखें विडियो

ऑस्कर अवार्ड विजेता संगीतकार एआर रहमान ने शुक्रवार को अपना एक नया गाना “द फ्लाइंग लोटस” जारी किया। रहमान का यह गाना नोटबंदी की थीम पर है। इस गाने को लांच करते समय एआर रहमान ने बताया कि वह अपने गाने के माध्यम से नोटबंदी पर लोगों की प्रतिक्रिया “प्रशंसा और नाराज़गी” दिखाना चाहते थे। रहमान ने इस दौरान कहा, “नवम्बर 2016 भारत के लिए एक दिलचस्प चरण था क्योंकि सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की थी। भारत जैसे लगातार प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है तो ऐसे में इस देश के नागरिकों की क्या सोच है। साधारण लोगों पर नोटबंदी के क्या प्रभाव पडे है।”

गौरतलब हो भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण, जिसे मीडिया में छोटे रूप में नोटबंदी कहा गया, की घोषणा 8 नवम्बर 2016 को रात आठ बजे (आईएसटी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अचानक राष्ट्र को किये गए संबोधन के द्वारा की गयी थी।

19 मिनट का है पूरा गाना

ऑस्कर अवार्ड विजेता संगीतकार एआर रहमान ने अपने एक बयान में कहा, “द फ्लाइंग लोटस के जरिये मैंने लोगों की अव्यक्त प्रशंसा को सामने लाने का प्रयास किया। इसके साथ ही संगीत की भाषा के जरिये इस ऐतिहासिक घटना के संबंध में असंतोष को भी दिखाने की कोशिश की।” रिकार्डो एवरबॉच द्वारा संचालित द फ्लाइंट लोटस 19 मिनट का संगीत सिंगल है जिसे अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त सिएटल सिम्फनी के सहयोग से बनाया गया है।

PM मोदी ने अनुपम खेर को दिया बड़ा तोहफा, बन गए यहाँ के प्रमुख

भाजपा के साथ तमाम मुद्दों पर साथ खड़े अभिनेता और नेता अनुपम खेर को समय-समय पर मोदी सरकार तो सम्मानित करती रही है। आपको बता दें की उन्हें 2004 में पद्मश्री और 2016 में पद्म भूषण का सम्मान से नवाजा गया था। लेकिन इस बार मोदी सरकार ने इन्हे कोई सम्मान नहीं दिया है बल्कि एक ऐसे संस्थान का प्रमुख बना दिया है जिसके चलते पिछले दिनों बहुत बड़ा बबल हुआ था। गौरतलब है की जिस संस्थान का प्रमुख इन्हे बनाया गया है वो पहले गजेंद्र चौहान के जिम्मे था और उनके कुछ कड़े फैसलों की बजह से जमकर बबाल हुआ था।

आपको बता दें की फिल्म एंड टीवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) पुणे के चेयरमैन गजेंद्र चौहान का कार्यकाल खत्म हो गया है और अब आज इस पद के लिए नए चेयरमैन के रूप में अभिनेता अनुपम खेर को चुना गया है जो लगातार भाजपा और मोदी के पक्षधर रहे है। इस पद के लिए अनुपम खेर के नाम की घोषणा होते ही विपक्ष ने इस इस बात के कयास लगाने शुरू कर दिए की ये प्रधानमंत्री मोदी ने अनुपम खेर को चाटुकारिता का इनाम दिया है।

गौरतलब है की पिछले साल जब गजेंद्र चौहान के नियुक्ति पर सवाल उठा था तो अनुपम खेर ने कहा था की “गजेंद्र चौहान के बारे में कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि वह उन्हें व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानते हैं।लेकिन अगर FTII जैसे संस्थान के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए जरूरी योग्यता की बात की जाए तो गजेंद्र निश्चय ही इस नियुक्ति के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं माने जा सकते हैं ”

FTII के अध्यक्ष चुने जाने पर चंडीगढ़ से भाजपा सांसद अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर ने ट्वीटर पर बधाई देते हुए कहा की “FTII चेरयरमैन बनने के लिए आपको बहु‍त-बहुत बधाई, मैं जानती हूं कि आप शानदार काम करेंगे।” आपको बता दें की अनुपम खेर एक्टर्स प्रिपेयर्स इंस्टीट्यूट के चेयरमैन भी है। अनुपम खेर मूल रूप से कश्मीरी है और वर्ष 1982 में फिल्म “आगमन” से बॉलीवुड में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।

मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सीनियर स्पिनर ब्रैड हॉग की मांग बढ़ती उम्र के बावजूद कम नहीं हुई है। 46 वर्षीय इस स्पिनर को बिग बैश लीग की टीम मेलबॉर्न रेनेगेड्स ने अगले एक वर्ष के लिए अनुबंधित किया है। पिछले सीजन में भी हॉग इसी टीम के लिए खेले थे।
हॉग ने कहा, मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं। मैं सिर्फ खेलते रहना चाहता हूं, फिर टीम चाहे जो हो। जब तक मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं, मेरे खेलते रहने की इच्छा है। मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं।
पिछले कुछ महीनों से सर्जरी की वजह से क्रिकेट से दूर रहने वाले हॉग ने कहा कि वो अपनी वापसी को लेकर उत्तेजित हैं। वो इस टीम के लिए पिछले सत्र यानी 2016-17 में खेले थे और एक बार फिर से वो अगले सत्र यानी 2017-18 में भी इस टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
ब्रैड हॉग ने वर्ष 2011 में टी20 लीग में अपना डेब्यू किया था। वो पहले पर्थ स्कॉचर्स के लिए खेलते थे और इस दौरान उन्हें फैंस के काफी सपोर्ट मिला। बीग बैश लीग में अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑस्ट्रेलिया टी20 टीम में शामिल किया गया था वो क्रिकेट के इस प्रारूप में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए थे जो अब तक एक रिकॉर्ड है।
हॉग दुनिया के कई लीग में खेल चुके हैं या फिर खेल रहे हैं। बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भी वो खेल रहे हैं साथ ही वो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपने साथी खिलाड़ी शेन वॉर्न के साथ खेल चुके हैं और कोलकाता नाइट राइडर्स का भी वो हिस्सा रह चुके हैं। ब्रैड हॉग वर्ष 2015 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ मैच खेलते ही आईपीएल में खेलने वाले सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बन गए थे और उस वक्त उनकी उम्र 44 साल थी। फिलहाल वो 46 वर्ष के हैं और इस उम्र में भी उन्हें कोई बड़ी इंजुरी नहीं है। हॉग ने कहा था कि वो टीम में वापसी को तैयार हैं।

सड़क-पुल समेत कई योजनाओं का भी पीएम करेंगे कार्यारंभ

केंद्र सरकार द्वारा राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की अपील की गई है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र से ही नई मांग रख दी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार इनकी बेस प्राइज कम करे, यह कम होगी तो बिहार में पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे।
बता दें कि बिहार में करीब 56 रुपये पेट्रोल का बेस प्राइस है, जबकि झारखंड में 51 रुपये बेस प्राइस है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के बेस प्राइस को री-कैल्कुलेट करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
1,अणे मार्ग स्थित लोक संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले कई तरह के टैक्स भी खत्म हुए हैं। बिहार में पेट्रोल पर 26% और डीजल पर 19% टैक्स लगता है।
ऐसे में अन्य टैक्स में छूट देनी चाहिए, जिससे बिहार में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस कम हो और लोगों को ये सस्ते मिले। बिहार एक-दो राज्यों को छोड़ कर लोवेस्ट (निम्नतम) वैट वाला राज्य है. बिहार सरकार ने पहले भी पेट्रोल-डीजल पर टैक्स को कम किया था, जिससे ये सस्ते हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाइपलाइन के जरिये लोगों को घरेलू गैस देने की योजना है। पिछले दिनों केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ज्यादा-से-ज्यादा शहरों और सभी लोगों को इससे जोड़ने की मांग की गयी है।
फिलहाल एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत हर घर में गैस पाइपलाइन का कनेक्शन दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र हर घर में गैस पहुंचा रही है और बिहार सरकार हर घर बिजली दे रही है, ऐसे में केरोसिन का उपयोग भी घटेगा। राज्य सरकार केरोसिन के आवंटन में कटौती का प्रस्ताव केंद्र सरकार को देने जा रही है।
इससे बिहार को केंद्र से 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी चर्चा हुई है। बिहार में कुशल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को कंप्यूटर ज्ञान, भाषा ज्ञान व संवाद और व्यवहार कौशल की जानकारी दी जा रही है।
हर प्रखंड में खुले सेंटर में अब तक एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग दे दी गयी है। इन युवाओं को अब टैबलेट भी देने की तैयारी की जा रही है। प्रेस काॅन्फ्रेंस में कई विभागों के मंत्री मौजूद थे।
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अक्तूबर को पटना विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे होने पर आयोजित समारोह में तो शामिल होंगे ही, मोकामा में कई योजनाओं के कार्यारंभ भी करेंगे। इनमें मोकामा में छह लेन का पुल, बख्तियारपुर फोरलेन, महेशखुंट-सहरसा-मधेपुरा-पूर्णिया सड़क और पुल-सड़क भी शामिल हैं।साथ ही पटना में अरबन डेवलपमेंट विभाग के चार प्रोजेक्ट का भी कार्यारंभ करेंगे।
विशेष राज्य के दर्जे की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे की मांग का कारण है। राज्य कितना भी औद्योगिक प्रोत्साहन नीति बना दे, निवेश कम होता है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर केंद्रीय टैक्स में छूट मिलती है। केंद्र अभी 60-40 के अनुपात में राज्य को प्रोत्साहन देती है, वह 90-10 अनुपात हो जायेगा। इससे निवेश की संभावना बढ़ेगी। बिहार लैंड लॉक्ड स्टेट है।
जब तक लोगों को विशेष छूट नहीं मिलेगी, वे क्यों निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास हो रहा है।बिहार के हर घर बिजली के तर्ज पर केंद्र में योजना शुरू की गयी है। ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार के ही केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने काम के लिए सकारात्मक संकेत दिये हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल भी रेलवे को लेकर बात करने को इच्छुक हैं। एेसे में बिहार में बहुत सारे ऐसे काम जो वर्षों से लंबित हैं, वे आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के कदम को सही बताया है। उन्होंने कहा, नोटबंदी के अच्छे परिणाम आयेंगे। इस पर बवेला मचाने की क्या जरूरत है?
नोटबंदी से केंद्र सरकार काले धन पर चोट कर रही है और करेगी। वहीं, जीएसटी के लिए यूपीए सरकार से हम पक्षधर थे। जीएसटी को लेकर जो समस्याएं आएं, उन्हें गठित कमेटी जरूर देखे और उसमें पारदर्शिता लाये।टैक्स देना गुनाह नहीं है, टैक्स से ही विकास होगा। इसे आर्थिक जगत में पारदर्शिता आयेगी।

जिनके बारूद से बेटे और पोते को खोया उनके ही गोदाम की चौकीदारी कर रहे

पटाखा दुकानों या फैक्टरी में आग लगने से इस साल अप्रैल व जून में इंदौर, बालाघाट और दतिया में तीन हादसे हुए। इनमें 39 लोगों की मौत हो गई। पटाखों ने यहां काम करने वाले या खरीदारी करने आए मासूम लोगों के घरों में कैसे जिंदगीभर के लिए अंधेरा कर दिया, यह जानिए इन तीन परिवारों के दास्तां से-
जिनके बारूद से बेटे और पोते को खोया, परिवार पालने के लिए उनके ही गोदाम की चौकीदारी कर रहे हैं धन्नालाल
इंदौर के रानीपुरा हादसे में बेटे और पोते को खो चुके धन्नालाल बोडाना की बदकिस्मती देखिए कि 75 साल की उम्र में उन्हें बेटे और पोते का परिवार पालने के लिए उसी मालिक के गोदाम में काम करना पड़ रहा है, जिसकी दुकान में रखे पटाखों से दोनों की जान चली गई।
हातोद में रह रहे धन्नालाल का परिवार तीन पीढ़ी से पटाखों के काम से जुड़ा हुआ है। वे खुद हातोद में बने गोदाम की चौकीदारी करते हैं, जबकि बेटा और पोता रानीपुरा में गुरविंदर सिंह की दिलीप पटाखा दुकान में काम करते थे। 19 अप्रैल को दुकान में आग लगने से 50 वर्षीय करन और 35 वर्षीय चेतन की मौत हो गई थी।
दो कमाऊ हाथ गंवाने के बाद अब इस परिवार की दो विधवा बहुओं और चेतन के तीन बच्चों को पालने की जिम्मेदारी धन्नालाल पर है। वे कहते हैं दो-दो लाख रुपए का जो मुआवजा मिला था, उससे घर पक्का कर लिया, ताकि पक्की दीवारों के पीछे महिलाएं तो महफूज रहें। बाकी घर का चूल्हा जलाने के लिए ये बूढ़ी हड्डियां अभी बाकी हैं।

ये है साल 2017 की सबसे फ्लॉप फिल्में

बॉलीवुड में हर शुक्रवार को फ़िल्में रिलीज़ होती हैं। लेकिन उनमे कुछ दर्शकों को पसंद नही आती हैं। और वो फ्लॉप हो जाती हैं। आईये देखते हैं इस साल की फ्लॉप फिल्मों के नाम क्या है। और उनका कलेक्शन।
2017 की फ्लॉप फिल्मों एक नाम Raabta है। बॉक्स ऑफिस आय: 27 करोड़ रुपये की कमाई
OK Jaanu बॉलीवुड में 2017 की फ्लॉप फ़िल्म हैं। बॉक्स ऑफिस आय: 23.6 करोड़ रुपये की कमाई
2017 की फ्लॉप फिल्मों एक Rangoon नाम है। बॉक्स ऑफिस संग्रहः 23 करोड़ रुपये की कमाई
Begum Jaan बॉक्स ऑफिस आय: रु। 20.75 करोड़
2017 की फ्लॉप फिल्मों एक नाम Sarkar 3 है। बॉक्स ऑफिस आय: 9.50 करोड़ रुपये की कमाई
Bank Chor बॉलीवुड में 2017 की फ्लॉप फ़िल्म हैं। बॉक्स ऑफिस आय: 8 करोड़ रुपये की कमाई
Aa Gaya Hero बॉलीवुड में 2017 की फ्लॉप फ़िल्म हैं। बॉक्स ऑफिस आय: 1 करोड़ रुपये की कमाई

इस खरगोश के खाने का खर्च जानकर आप भी रह जायेंगे हैरान

इस खरगोश का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड सबसे विशाल खरगोश होने का दर्जा पहले से मिल चुका है। जी, हां… इस खरगोश का नाम डेरियस है। डेरियस को वॉरचेस्टर में रहने वाले 62 साल के ऐनट एडवर्डस पालते हैं। डेरियस का कद कुल चार फुट चार इंच का है।

आपको बता दे की डेरियस का वजन 22 किलोग्राम है। इस खरगोश का कद ऐनट की 5 वर्षीय बेटी से भी बड़ा है। इस खरगोश के खाने की बात करे तो वह पूरे साल भर में 4 हजार से भी ज्यादा मात्रा में गाजर, पत्ता गोभी, सेब और अन्य फल खा जाता है। इस खरगोश के एक साल तक खाने का खर्च 2 लाख रूपये है।

दरअसल खरगोश के मालिक उसे भरपेट खाना खिलाते है तभी खरगोश का कद इतना बड़ा है। इस खरगोश को टीवी देखने का भी शौक है। यह डेरियस कॉनटीनेनटल जायन्ट खरगोश की प्रजाति का खरगोश है। ऐसे खरगोशों की आयु आमतौर पर 4-5 साल तक ही होत है लेकिन अगर इनकी ठीक से देखभाल की जाए तो ये 7 सालों तक भी जीवित रह सकते हैं।

62 साल के इस व्यक्ति की लव स्टोरी जानकर आप भी रह जायेंगे हैरान

कहते है प्यार अंधा होता है। क्या पता कब,कहां,किसे और किस समय प्यार हो जाए। प्यार ना उम्र देखता है… ना ही कुछ और देखता है बस प्यार हो जाता है। कुछ ऐसे ही इंडोनेशिया के रहने वाले इस 62 साल के व्यक्ति को हो गया वो भी अपने से 44 साल की छोटी लड़की से……

दरसल, इंडोनेशिया के रहने वाले Sulaeman Daeng Ngampa ने अपने से 44 साल छोटी लड़की ले प्यार किया और शादी भी की। बता दें कि सुलेमान की पहले शादी हो चुकी है जिसमें उनके 5 बच्चे हैं।  इतना ही नहीं 62 साल के सुलेमान 9 बच्चों के दादा भी हैं। बावजूद इसके सुलेमान का दिल 18 साल की डायना डाएंग नगनियांग पर आ गया। खास बात तो ये है कि डायना भी सुलेमान से प्यार कर बैठी। उससे ब्याह रचाने के लिए तैयार भी हो गई।

आपको बता दे सुलेमान अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद अकेले हो गए। डायना के पिता पेशे से लौहार हैं और वह अक्सर चाकू के अलावा दूसरा सामान खरीदने के लिए उनके घर जाया करते थे। डायना भी अक्सर उनके लिए कॉफी बनाकर लाती थी इस दौरान दोनों में प्यार हो गया। फिर सुलेमान ने एक साल बाद डायना को शादी के लिए प्रपोज भी किया। वह इसके लिए तैयार भी हो गई। उम्र के फर्क और समाज की अलोचना के बावजूद दोनों ने अपने-अपने परिवार के सामने शादी रचाई।

भारतीय टीम को फीफा अंडर-17 विश्व कप में दमदार प्रतिद्वंद्वी कोलंबिया के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा

पहले मैच में अपने जज्बे और जिजीविषा का अच्छा नमूना पेश करने के बावजूद पराजय का सामना करने वाली भारतीय टीम को फीफा अंडर-17 विश्व कप में सोमवार को एक अन्य दमदार प्रतिद्वंद्वी कोलंबिया के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा।
किसी भी तरह के विश्व कप में पहली बार खेल रहे भारत को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में अमेरिका के हाथों 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भारत ने जज्बा तो दिखाया लेकिन कौशल के मामले में अमेरिका उससे मीलों आगे रहा। मेजबान देश को फिर से इसी तरह की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। मध्यपंक्ति के मुख्य खिलाड़ी सुरेश सिंह का मानना है कि भारत को अपने अंतिम क्षणों के पास में सुधार करना होगा, लेकिन हर विभाग में मजबूत कोलंबिया के सामने एक विभाग में सुधार से ही काम नहीं चलने वाला है।
नाइजर से लेनी होगी प्रेरणा : मेजबान टीम विश्व कप में पहली बार भाग ले रही एक अन्य टीम नाइजर से प्रेरणा लेनी चाहेगी, जिसने उत्तर कोरिया को हराकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया। अगर अफ्रीकी देश ऐसा कर सकता है तो भारत क्यों नहीं। हालांकि ऐसा करने की तुलना में कहना आसान है। भारत ने कोशिश की, लेकिन वह दुनिया को नहीं दिखा पाया कि उसका स्तर इस टूर्नामेंट के लायक है, जिसने दुनिया को कई स्टार खिलाड़ी दिए हैं।
भारत को भुनाने होंगे मौके : अमेरिका के खिलाफ कुछ मौकों पर भारत ने अच्छे खेल की झलक दिखाई, लेकिन कोच लुई नोर्टन डि मातोस सोमवार को इससे भी बेहतर प्रदर्शन चाहते हैं। भारत ने मौके बनाए और अपने कौशल से भी उसने कुछ प्रभाव छोड़ा। एक अवसर पर टीम गोल करने के करीब भी पहुंची। लेकिन यह साफ नजर आ रहा था कि अमेरिका दोनों टीमों में बेहतर था। स्ट्राइकर कोमल थटाल ने अपनी तेज दौड़ और ड्रिबलिंग के कौशल से सभी का ध्यान खींचा है।
बाईचुंग भूटिया के राज्य सिक्किम के रहने वाले थटाल ने कुछ अच्छे मूव बनाए, लेकिन दूसरे हाफ में एक बार उन्होंने गोल करने का अच्छा मौका भी गंवाया। अग्रिम पंक्ति में उनके साथ अनिकेत यादव ने भी अपने खेल से प्रभावित किया। रक्षापंक्ति में अनवर अली और जितेंद्र सिंह ने अपनी तरफ से अच्छी कोशिश की, लेकिन शारीरिक और तकनीक दोनों के मामले भारत पिछड़ गया। यह अलग बात है कि गोलकीपर एम धीरज सिंह ने कुछ शानदार बचाव करके भारत को बड़े अंतर से नहीं हारने दिया। मैदान से बाहर मातोस को उम्मीद रहेगी कि उनकी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में दर्शक यहां मौजूद रहेंगे।
खाता खोलने को बेताब कोलंबिया : कोलंबिया ही कोलंबिया की पहले मैच में शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसे घाना से हार का सामना करना पड़ा था। वह अब खाता खोलने के लिए बेताब होगा और बड़े अंतर से जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा ताकि अपने गोल अंतर में सुधार कर सके। कोलंबिया अब तक पांच बार इस टूर्नामेंट में भाग ले चुका है और दो बार ही तीसरे स्थान पर रहा है। उसकी टीम यहां की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने के लिए काफी पहले यहां पहुंच चुकी थी। यह अलग बात है कि उसकी शुरुआत अनुकूल नहीं रही।