रोटोमैक कंपनी के विक्रम कोठारी पर 3695 करोड़ के घोटाले के आरोप

रोटोमैक कंपनी के विक्रम कोठारी पर 3695 करोड़ के घोटाले के आरोप लगने के बाद कानपुर में उनके ठिकानों पर सीबीआई और ईडी की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी है। इस बीच सीबीआई की एक टीम विक्रम कोठारी की पत्नी को लेकर बैंक पहुंची है।
करीब 11:20 पर सीबीआई की एक टीम विक्रम कोठारी की पत्नी साधना कोठारी को भूरे रंग की कार में बैठाकर ले गई है माना जा रहा है कि उन्हें बैंक ले जाया गया है जहां पर खातों की और लाकर की जांच हो सकती है इसके अलावा एनसीएलटी की टीम के भी आने की संभावना जताई जा रही है
विक्रम कोठारी के मामले में सीबीआई की जांच में यह बिंदु भी शामिल है कि किसी भी मैन्यूफैक्चरिग यूनिट को कितना बड़ा ऋण दिया जा सकता है और कितना दिया गया है। इस बिंदु पर जांच होने से यह पता चलेगा कि ऋण देने में कितने नियमों का पालन किया गया। ऋण के मुताबिक कितनी सिक्योरिटी ली गई और कितनी ली जानी चाहिए थी। जांच में इन बिंदुओं के शामिल होने के बाद से बैंक के अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
2006 में जारी स्माल एंड मीडियम स्केल इंटरप्राइजेज एक्ट 2006 में प्रावधान किया गया था कि निर्माण क्षेत्र की किसी भी इकाई में मशीनरी और इक्विपमेंट में 25 लाख से पांच करोड़ रुपये तक का निवेश करने पर उसे एसएमई सेक्टर की कंपनी माना जाएगा। यानी कंपनी का पूंजी निवेश पांच करोड़ से कम होगा। अब इसे पांच करोड़ से बढ़ाकर दस करोड़ रुपये कर दिया गया है। जब रोटोमैक पेन कंपनी को ऋण दिया गया था, तब मशीनरी एवं इक्विपमेंट में निवेश पांच करोड़ से कम था। ऐसे में फैक्ट्री लघु उद्योग की श्रेणी में आती है।
एक अधिकारी ने बताया कि एक कंपनी को आखिर कितना ऋण दिया जा सकता है। स्माल स्केल इंडस्ट्री को इतना बड़ा लोन देने के लिए कंसोर्टियम बनाने की जरूरत क्यों पड़ी, यह सवाल भी सबके जेहन में है। ऐसे में ऋण देने में कितने नियमों का पालन किया गया और क्या गारंटी ली गई, जांच का यह भी अहम बिंदु है। सूत्रों का कहना है कि इस दिशा में भी काम हो रहा है। बैंकों से ऋणों की पूरी डिटेल भी ली जा रही है।
विक्रम कोठारी पंजाब नेशनल बैंक के भी देनदार हैं। बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख एसके सिंह ने बताया कि बैंक कंसोर्टियम में शामिल नहीं है। उनकी कंपनी पर बैंक का एक कार लोन बकाया है। यह राशि तीस लाख रुपये से कम है।

राजस्थान सरकार अधिकारियों और नेताओं को बचाने वाला विवादित ‘दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक 2017’ वापस

राजस्थान सरकार अधिकारियों और नेताओं को बचाने वाला विवादित ‘दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक 2017’ वापस ले लिया। मुख्मयंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को अपने बजट भाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की।
विधानसभा में वसुंधरा राजे ने कहा कि इस विधेयक के अध्यादेश को सरकार ने ही लैप्स होने दिया। विधेयक भी प्रवर समिति को भेजा। ऐसे में वर्तमान में यह कानून है ही नहीं। फिर भी अब उसे हम प्रवर समिति से वापस ले रहे हैं। हालांकि, इस दौरान सीएम वसुंधरा राजे आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधने से नहीं चूकी।
राजे ने कहा कि 70 के दशक मे जब देश में आपातकाल लगाया गया था। लोगों को जेल में डाल दिया गया। प्रेस का दमन किया गया, लेकिन उसके लिए कांग्रेस ने आज तक देश से माफी नहीं मांगी है। राजे ने कहा कि तब एक व्यक्ति को सत्ता में बनाए रखने के लिए कई लोगों को गिरफ्तार कर यातनाएं दी गई।
गौरतलब है कि इस कानून के कारण राजे सरकार को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था, क्योंकि इसमें यह प्रावधान था कि सरकार की अनुमति के बिना न्यायिक अधिकारी किसी भी सरकारी अधिकारी या मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दे सकते। इसके साथ ही अनुमति नहीं मिलने तक मीडिया में इस बारे में समाचार प्रकाशित करने पर भी रोक लगाई गई थी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री राजे ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा देने का कानून लाने की घोषणा भी की।

भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन में वैष्णव संप्रदाय की पांच हवेलियां मनाया जाता है 40 दिन तक फाग उत्सव

महाकाल की नगरी और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन में वैष्णव संप्रदाय की पांच हवेलियां हैं, जहां ब्रज की तर्ज पर होली के रंग बिखरते हैं। इन हवेलियों में 40 दिन तक फाग उत्सव मनाया जाता है। कान्हा की भक्ति में रमे भक्त आस्था का गुलाल उड़ाते हैं। आकर्षक बगीचा सजाया जाता है। वसंत पंचमी से शुरू होने वाले उत्सव का समापन डोल उत्सव (धुलेंडी) पर होता है।
महाप्रभुजी की बैठक के ट्रस्टी विजय गुप्ता ने बताया उज्जयिनी भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली है। इसलिए प्राचीनकाल से वैष्णवजनों का लगाव इस भूमि से रहा है। पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की पांच हवेलियां भी प्राचीनकाल से यहां स्थित हैं। देश में महाप्रभुजी की 84 बैठकें हैं। इनमें से 73वीं बैठक उज्जैन में सांदीपनि आश्रम के समीप है।
यहां महाप्रभुजी द्वारा रोपित करीब 500 वर्ष पुराना पीपल का वृक्ष भी है। मध्य प्रदेश में स्थित यह एक मात्र बैठक है। ठाकुरजी की इस हवेली के साथ ढाबा रोड पर श्रीनाथजी की हवेली, गोलामंडी में पुरुषोत्तमजी की हवेली, कार्तिक चौक में गोवर्धननाथजी की हवेली तथा छोटा सराफा रामजी की गली में मदनमोहनजी की हवेली है। इन प्रसिद्ध स्थानों पर वसंत पंचमी से 40 दिवसीय फाग उत्सव की शुरुआत हो जाती है। भक्त प्रतिदिन गुलाल होली खेलते हैं।
रंगभरी ग्यारस से डोल उत्सव तक पांचों हवेलियों में बगीचा सजाया जाता है। ठाकुरजी के साथ चांदी की पिचकारी से टूसे के फूलों से बनाए गए रंग से होली खेली जाती है। कान्हा के रंग में रंगे भक्त एक दूसरे पर खुशी का गुलाल उड़ाते हैं। इन छह दिनों में लाल, हरा, नीला, पीला तथा गुलाबी रंग का गुलाल उड़ाया जाता ह
फाल्गुन पूर्णिमा पर इस बार शाम 7.40 के बाद होलिका पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त है। ज्योतिषियों के अनुसार पूर्णिमा पर सुबह 8.59 बजे से शाम 7.40 बजे तक भद्रा रहेगी। भद्रा में शुभ कार्य तथा पूजन निषेध माना गया है। इसलिए शाम 7.40 बजे के बाद होलिका पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त है। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार इस बार फाल्गुन पूर्णिमा 1 मार्च को गुरुवार के दिन मघा नक्षत्र तथा सिंह राशि के चंद्रमा की साक्षी में आ रही है।
इस दिन सुबह 8.59 बजे से भद्रा शुरू होगी, जो शाम 7.40 बजे तक रहेगी। भद्राकाल में शुभ कार्य व मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए की जानी वाली पूजा नहीं की जाती है। इसलिए भद्राकाल के बाद पूजा करना शुभफलदायी रहेगा। 23 फरवरी से होलाष्टक पंचागीय गणना के अनुसार 23 फरवरी से होलाष्टक की शुरुआत होगी। धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार होलाष्टक के आठ दिन विशेष माने गए हैं। इनमें किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलाष्टक के आठ दिनों में तंत्र से संबंधित साधना विशेष शुभफल प्रदान करती है।

हीरों के व्यापारी मेहुल चौकसी ने सिर्फ बैंकों को ही चूना नहीं लगाया बीटेक के सात छात्रों के साथ भी की धोखा-धड़ी

हीरों के व्यापारी मेहुल चौकसी ने सिर्फ बैंकों को ही चूना नहीं लगाया है। उसने कई व्यापारियों और यहां तक कि बीटेक के सात छात्रों के साथ भी धोखा-धड़ी की है। जयपुर के राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज के सात छात्रों ने दो साल पहले मेहुल के खिलाफ कोर्ट में केस किया था।
बीटेक के ग्रैजुएट छात्रों ने लोगों से दान लेकर, सामान गिरवी रखकर और अपने माता-पिता से पैसे लेकर 3 करोड़ रुपए जमा किए थे। इन पैसों से उन्होंने दिल्ली के रजौरी गार्डन में अक्टूबर 2013 में गीतांजलि ज्वैलरी की रीटेल फ्रेंचाइजी खोली थी। इस फ्रेंटाइजी की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर वैभव खुरानिया (24) और आईटी इंजीनियर दीपक बंसल (23) ने किया था।
इस ग्रुप ने आरएम ग्रीन सॉल्यूशन्स नाम से कंपनी खोली थी। अच्छी कमाई करने के उनके सपने तब चकनाचूर हो गए जब उन्हें अहसास हुआ कि डेढ़ करोड़ रुपए की सुरक्षा जमा राशि के बदले उन्हें थर्ड ग्रेड के क्षतिग्रस्त और पुराने हीरे व रत्न भेजे गए हैं।
इसके बाद इंजीनियर साकेत कोर्ट पंहुचे, जिसने चौकसी पर लगे आरोपों को सही पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इंजीनियरों का आरोप है कि चौकसी की कंपनी ने कई बार मैसेज, फोन कॉल और ईमेल्स के करने के बावजूद जमा राशि के बदले स्टॉक बदलने से इंकार कर दिया था।
इस बारे में चौकसी को बता दिया गया था कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। शिकायत से परेशान होकर चौकसी ने अगस्त 2017 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।
सीबीआई ने गीतांजलि कंपनी समूह की भारत स्थित 18 सहयोगी कंपनियों की बैलेंस शीट की जांच शुरू कर दी है। ये कंपनियां मेहुल चौकसी ने बनाई हैं। जांच के जरिए पीएनबी घोटाले की राशि कहां-कहां आई गई, इसका पता लगाया जा रहा है।
उधर, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का ओर एक कांड सामने आया है। दोनों ने भावनगर के एक ज्वेलर्स मालिक को 60 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में केस किया गया है।
करोड़ों की ठकी का शिकार हुए भावनगर में दिव्यनिर्माण ज्वेलर्स के मालिक दिग्वविजयसिंह जाडेजा ने बताया कि वर्ष 2010 में गीतांजली फ्रेन्चाइजी खरीदने के लिए मेहुल चौकसी को 36 करोड़ रुपए का 100 किलो सोना और 24 करोड़ रुपए नगद दिए थे।
मगर, आज तक न ही फ्रेन्चाईजी मिली है और न ही रुपए लौटाए गए हैं। उन्होंने इस संबंध में वर्ष 2015 में मेहुल चौकसी के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई और इसके जरिए हाईकोर्ट में भी केस किया है।
जाडेजा ने बताया कि मेहुल चौकसी के घोटाले को बारे में उन्होंने उच्च अधिकारियों और सरकार से भी बात की थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम उहीं उठाया गया। जाडेजा ने कहा कि पीएनबी के 11,330 करोड़ का घोटाला तो शुरुआत है। दोनों ने मिलकर देश के कई पूंजी निवेशकों व बैंकों को भी चूना लगाया है।

राजसमंद के लाइव मर्डर के आरोपी शंभूलाल का एक अब नया वीडियो

राजसमंद के लाइव मर्डर के आरोपी शंभूलाल का एक अब नया वीडियो बनाया है, जिसमें वह अपनी जान को खतरा बता रहा है। खास बात यह कि शंभू इस समय जोधपुर की हाई सिक्योरिटी जेल में है और यह वीडियो जेल से ही आया है।
वीडियो में शंभू कह रहा है कि वैसे तो जेल प्रशासन ने उसे काफी सुरक्षित सैल में रखा हुआ था, लेकिन पिछले कुछ दिन पश्चिम बंगाल से कोई वासुदेव नाम का आदमी उसकी सैल में आया है और उसकी गतिविधियों को देखते हुए मुझे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने जेल में तलाशी अभियान चलाया तो यहां कैदियों के पास एक दर्जन ने ज्यादा मोबाइल मिले। इस बीच शंभू की सुरक्षा भी बढाई गई है।
गौरतलब है कि शंभू ने कुछ समय पहले राजसमंद में अफराजुल नाम के एक व्यक्ति को जला कर मार दिया था और इसका लाइव वीडियो बना कर वायरल किया था।
उसने इसे लव जिहाद के विरोध का नाम दिया था, लेकिन बाद में सामने आया कि उसकी अफराजुल से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी थी।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में हार्दिक पटेल भाजपा के खिलाफ करेंगे चुनाव प्रचार

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में हार्दिक पटेल भाजपा के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे। भोपाल पहुंचे हार्दिक ने खुद यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘ हमें मप्र में शकुनी मामा नहीं चाहिए, मामा बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। यह मामा देने वाला नहीं, लेने वाला है।’
हार्दिक ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय पर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘मंदसौर गोलीकांड में विजयवर्गीय का हाथ हो सकता है। क्योंकि उन्हें सीएम बनना है। विजयवर्गीय भूमाफिया और गुंडे हैं। मंदसौर में गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर यदि सीएम शिवराज सिंह चौहान कार्रवाई करेंगे तो हम उन्हें अपना नेता मानेंगे।’
हार्दिक ने मप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पर भी निशाना साधा और कहा कि ‘ कपड़ा बेचने के रोजगार के लिए उनके बेटे संजय और बेटी हैं, अभी दूसरों की जमीन क्यों हड़पी।’ उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा‍ कि ‘मोदी पंजाब बैंक घोटाले पर कुछ नहीं बोल रहे, क्योकिं नीरव मोदी अंबानी का दामाद है।’

दिल और पेट से जुड़ी दो बच्चियों एना और होप रिचर्ड्स को मिल गई नई जिंदगी

दिल और पेट से जुड़ी दो बच्चियों एना और होप रिचर्ड्स को नई जिंदगी मिल गई है। सात घंटे के ऑपरेशन के बाद उन्हें सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया। 29 दिसंबर 2016 को जिल रिचर्ड्स ने सीजेरियन सर्जरी के बाद बच्चियों को जन्म दिया था।
वह और उनके पति माइकल यह खबर सुनकर खुश हो गए थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि बच्चियां छाती और पेट से जुड़ी हुई हैं, तो उनकी परेशानी बढ़ गई थी। हालांकि, जुड़वा बच्चों की इस हालत के बारे में नियमित अल्ट्रासाउंड के दौरान पता चल गया था।
बच्चियों को जन्म के बाद दो साल तक अस्पताल में ही बिताने पड़े। इस दौरान उनकी छाती की दीवार, दिल, यकृत और डायाफ्राम जुड़ा हुआ था। मगर, ह्यूस्टन के टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल में एनआईसीयू में विशेषज्ञों की एक टीम ने सात घंटे के ऑपरेशन के बाद उन्हें सफलतापूर्वक अलग कर दिया।
टेक्सास चिल्ड्रन हॉस्पिटल में बाल चिकित्सा सर्जन डॉ. ओलुयिंका ओलुटॉय ने बताया की इस तरह के जुड़वा बच्चों को जिंदा रखना और स्वस्थ रखने काफी मुश्किल काम होता है। ऐसे बच्चों के जन्म के पहले से ही काफी प्लानिंग की जरूरत होती है।
अस्पताल द्वारा जारी एक बयान में डॉ. ओलुटॉय कहा कि इस तरह की सर्जरी से पहले इमेजिंग, मॉडलिंग और काफी रिसर्च की जरूरत होती है, जो महीनों तक चलती है। इसके बाद जब यह पुष्टि हो जाती है कि बच्चों को अलग किया जा सकता है, तो ऑपरेशन किया जाता है।
मगर, इसके पहले चरण में डॉक्टरों को छाती में टिशू एक्सपेंडर्स को डालने की जरूरत होती है। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऑपरेशन के बाद बच्चों के अंगों को कवर करने के लिए पर्याप्त त्वचा उपलब्ध हो सके।

विदेश मंत्रालय ने मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए

पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ के महाघोटाला में घिरी मोदी सरकार ने आरोपियों की घेराबंदी और तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय ने मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए। उनका पता लगाने व गिरफ्तार करने के लिए सीबीआई ने इंटरपोल से मदद मांगी है।
इस बीच, सीबीआई ने उम्मीद जताई कि आरोपियों की लोकेशन जल्द पता चल जाएगी। खबर है कि नीरव यादव अपने परिवार के साथ अमेरिका भाग सकता है। ऐसा में सीबीआई अमेरिका से मदद मांगेगी।
सीबीआई ने मोदी, उनकी पत्नी एमी व बिजनेस पार्टनर मेहुल चौकसी के खिलाफ इंटरपोल का “डिफ्यूजन नोटिस” जारी किया है। यह नोटिस इंटरपोल (अंतरराष्ट्रीय पुलिस) के सदस्य देशों में किसी व्यक्ति का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने के लिए जारी किया जाता है। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ 29 जनवरी को लुकआउट नोटिस जारी किया था, लेकिन ये जनवरी के पहले हफ्ते में ही देश छोड़कर जा चुके थे।
शुक्रवार को नीरव मोदी व चौकसी के 61 ठिकानों पर ईडी व सीबीआई ने छापे मारे। पीएनबी की 13 फरवरी को मिली नई शिकायत के बाद सीबीआई ने गुरुवार देर शाम चौकसी, उसकी तीन कंपनियों, इन कंपनियों के निदेशकों और दो बैंक अधिकारियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की।
इसके बाद शुक्रवार को सीबीआई ने चौकसी और नीरव मोदी के 26 ठिकानों पर छापा मारा। जबकि सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करते हुए ईडी ने भी 35 जगहों पर तलाशी ली।
छापे के दौरान ईडी ने शुक्रवार को 549 करोड़ रुपए बुक वैल्यू की ज्वेलरी, सोना, हीरे और जब्त किए। इस तरह कुल जब्त अचल संपत्तियों की बुक वैल्यू 5649 करोड़ रुपए पहुंच गई है। 5100 करोड़ रुपए की चल संपत्ति ईडी ने गुरुवार को जब्त की थी।
ईडी ने नीरव मोदी के विदेश स्थित चार शोरूमों में बिक्री बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। नीरव मोदी के मुंबई स्थित हेड ऑफिस से न्यूयॉर्क, लंदन, मकाऊ और बीजिंग स्थित शोरूम को निर्देश जारी करवाया गया है कि इनमें एक भी सामान नहीं बेचा जाए।
सीबीआई की टीम पीएनबी के चार अधिकारियों से दिनभर पूछताछ करती है। इनमें नरीमन प्वाइंट स्थित ब्रांच में फरवरी 2015 से अक्टूबर 2017 के बीच मुख्य प्रबंधक रहे बेचू तिवारी, ब्राडी हाउस ब्रांच में मई 2016 से मई 2017 के बीच सहायक महाप्रबंधक रहे संजय कुमार प्रसाद, जोनल ऑडिट ऑफिस में मई 2015 से जुलाई 2017 के बीच कॉनकरेंट ऑडिटर रहे और अभी मुख्य प्रबंधक मोहिंदर कुमार शर्मा के साथ-साथ नवंबर 2014 से दिसंबर 2017 तक एसडब्ल्यूओ रहे मनोज खराट शाामिल हैं।
उधर, पीएनबी ने अपने एक महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी समेत आठ और अफसरों को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया। ये भी घोटाले में लिप्त पाए गए हैं। इससे पहले बुधवार को 10 अफसर सस्पेंड किए गए थे। पीएनबी इस मामले में दूसरी सभी बैंकों की फंसी राशि 31 मार्च तक अपने आंतरिक स्रोत से चुकाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 11,400 करोड़ रुपए के कुल घोटाले में चौकसी की तीन कंपनियों को कुल 4886 करोड़ रुपए के लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) जारी किए थे। बाकी की रकम के एलओयू नीरव मोदी की कंपनियों को जारी किए गए थे।
आरोपियों का कारोबार करने का तरीका बड़ा ही शातिराना था। एक बार एलसी और एलओयू जारी करने के बाद वे उनकी मियाद खत्म होने के ठीक पहले नया एलओयू और एलसी जारी करा लेते थे। यानी बैंक का पैसा ही बैंक में घुमाते रहते थे। कोर बैंकिंग सिस्टम में इस रकम को चढ़ाया (एंट्री) ही नहीं जाता था। इसी कारण पीएनबी को सात साल तक घोटाले की भनक नहीं लगी।
आयकर विभाग ने भी शुक्रवार को नीरव मोदी पर शिकंजा कस दिया। उसकी 29 संपत्तियों और 105 बैंक खातों को अस्थाई तौर पर जब्त कर लिया। विभाग ने विदेश में संपत्ति रखने पर मोदी के खिलाफ कालेधन विरोधी नए कानून में केस दर्ज कर लिया है।
नए कानून में अघोषित संपत्ति पर 120 फीसदी टैक्स व पेनल्टी के साथ 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। 150 शेल कंपनियों की पहचानसरकार ने नीरव मोदी, उसके संबंधियों और सहयोगियों से जुड़ी करीब 150 शेल (मुखौटा) कंपनियों की पहचान की है। कारपोरेट मामलों के मंत्रालय ने यह कार्रवाई की है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए “हैशटैगमोदीरॉब्सइंडिया” से ट्वीट करते हुए घोटालेबाजों के भागने का नया फॉर्मूला बताया-“”ल (मो)+ नी (मो) के साथ न (मो) द भा (गो)””। उन्होंने लगातार दूसरे दिन इसे विजय माल्या व ललित मोदी मामले से जोड़ा।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यदि घोटाले की सभी परतें खोली जाएंगी, तो यह 30,000 करोड़ का निकलेगा। उन्होंने तंज करते हुए मोदी सरकार ने “उड़ान” योजना को नई परिभाषा देते हुए कहा इसमें “हर घोटालेबाज बिना रोकटोक के देश से भाग सकता है।”
इलाहाबाद बैंक के पूर्व निदेशक दिनेश दुबे ने दावा किया है कि घोटाला 2013 से चल रहा है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन संप्रग सरकार घोटाले को लेकर चेत जाती तो आज यह 10 गुना से बढ़कर 50 गुना नहीं होता।

मानहानि मामले में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी के बाद अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दूसरे वकील करेंगे खुद को अलग

अरुण जेटली मानहानि मामले में वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी के बाद अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दूसरे वकील ने भी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के आपराधिक मानहानि मामले में केजरीवाल की तरफ से वकील अनूप जार्ज चौधरी पैरवी कर रहे थे।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में अरुण जेटली के अध्यक्ष रहने के दौरान वित्तीय अनियमितता बरती गई। इस मामले में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट कई बार केजरीवाल के आरोपों पर सवाल खड़े कर चुका है।
इस मुकदमे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आप नेता आशुतोष, कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक वाजपेयी आरोपित हैं। राम जेठमलानी के बाद अनूप जार्ज चौधरी इस मामले में उनकी तरफ से पैरवी कर रहे थे। चौधरी ने मुकदमे से खुद को अलग करने के लिए 15 फरवरी को केजरीवाल के काउंसल अनुपम श्रीवास्तव को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा कि मुकदमे के बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे 12 फरवरी को हुई सुनवाई में उन्हें कोर्ट के सामने अपमानित होना पड़ा था।

हरियाणा के बाद गुजरात भी लागू कर सकता है भावांतर भुगतान योजना

मध्यप्रदेश की भावांतर भुगतान योजना को हरियाणा के बाद गुजरात भी लागू कर सकता है। इसके लिए गुजरात सरकार ने अपने अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को योजना समझने भोपाल भेजा है। प्रसाद ने शुक्रवार को मंत्रालय में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की।
उन्होंने प्रमुख सचिव कृषि डॉ.राजेश राजौरा को गुजरात कैबिनेट में आकर योजना का प्रस्तुतिकरण करने का न्यौता भी दिया। हालांकि, आमंत्रण लिखित तौर पर नहीं दिया गया है इसलिए डॉ.राजौरा ने हामी नहीं भरी है। वैसे भी इसके लिए पहले मुख्यमंत्री से इजाजत लेनी होगी।
सूत्रों के मुताबिक गुजरात सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लगभग साढ़े चार हजार करोड़ रुपए की नौ लाख मीट्रिक टन मूंगफली खरीदी है। सरकार अब खरीदी में लगने वाले व्यवस्था से बेहतर मध्यप्रदेश के भावांतर भुगतान के मॉडल को मान रही है।
इसमें सरकार पूरी तरह से फ्री रहती है। उसे न तो खरीदी करनी है और न ही भंडारण या अन्य कोई इंतजाम करना है। दो राज्यों की अधिकृत मंडियों में संबंधित उपज के जो प्रचलित भाव हैं, उनका औसत निकालकर औसत दर घोषित कर दी जाती है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत दर के बीच जो अंतर आता है, उसका भुगतान सरकार किसानों को अंतर की राशि के तौर पर कर देती है। इससे जहां किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की गारंटी मिल जाती है। शुक्रवार को प्रदेश के इस मॉडल को गुजरात सरकार के अधिकारियों ने समझा। अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने बैठक के बाद प्रमुख सचिव कृषि डॉ.राजेश राजौरा को गुजरात कैबिनेट के सामने योजना का प्रस्तुतिकरण देने आने का न्यौता दिया।