ल्यूज एथलीट शिवा केशवन अपने करियर के आखिरी ओलिंपिक रेस में 34वें स्थान पर

भारत के ल्यूज एथलीट शिवा केशवन अपने करियर के आखिरी ओलिंपिक रेस में 34वें स्थान पर रहे। करीब दो दशक तक भारत का शीतकालीन ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व करने वाले शिवा पुरुषों के ल्यूज सिंगल्स मुकाबले की तीसरी हीट में 48.900 सेकेंड के साथ 30वें स्थान पर रहे।
अंतिम 20 में शामिल नहीं होने की वजह से वह चौथी हीट के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, जिसमें पदकों का फैसला होना था। शनिवार को हुए दो हीट के बाद भी शिवा 34वें स्थान पर रहे थे। इस वर्ग का स्वर्ण पदक ऑस्ट्रिया के डेविड ग्लेर्चर ने हासिल किया, जबकि अमेरिका के क्रिस माज्दजेर को रजत और जर्मनी के जोहानिस लुडविग को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
छह ओलिंपिक का हिस्सा रहे शिवा ने अपनी आखिरी रेस जैसे ही पूरी की उनके चेहरे पर खुशी देखने लायक थी। दर्शकों में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों की ओर उन्होंने स्लेड को ऊपर उठाते हुए एक आखिरी बार इशारा किया। भारतीय दर्शक तिरंगा लिए गो शिवा और नथिंग कैन स्टॉप द फायर लिखे हुए बैनर के साथ उनका उत्साह बढ़ा रहे थे। मनाली से संबंध रखने वाले 36 वर्षीय शिवा का ओलिंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में देखने को मिला जब उन्होंने 25वां स्थान हासिल किया। शिवा के पिता केरल से हैं, जबकि उनकी मां इटली से संबंध रखती हैं। 16 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार 1998 के शीतकालीन ओलिंपिक में भाग लिया था। वो 2011, 2016 और 2017 के एशियन ल्यूज चैंपियनशिप के विजेता रहे।

लंदन सिटी एयरपोर्ट में बम मिलने से हड़कंप

लंदन सिटी एयरपोर्ट में बम मिलने से हड़कंप मच गया है। हालांकि, बाद में पता चला कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है। बम मिलने के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही बंद कर दी गई और एयरपोर्ट को खाली कराकर बंद कर दिया गया।
यह बम टेम्स नदी के जॉर्ज वी डॉक के पास मिला। बम की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया और इस निष्क्रिय करने में जुग गया है। लंदन सिटी एयरपोर्ट के यात्रियों को भी निर्देश दिया गया है कि एयरपोर्ट के तरफ न जाएं। यात्रियों को अगर अपनी फ्लाइट से संबंधित कोई भी जानकारी चाहिए, तो उसके लिए सीधा एयरलाइन से संपर्क करें।
बम के मिलने के बाद से संभावित खतरे को देखते हुए एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। बम निरोधक दस्ता और रॉयल नेवी इस बम को डिफ्यूज करने के काम में जुट गए हैं। एयरपोर्ट की आस-पास की कई सड़कों को भी बंद कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
पुलिस ने ऐहतियातन इलाके को बंद करने का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक कर्मचारी ने काम के दौरान इस बम को देखा था। उसने तुरंत इस बारे में एयरपोर्ट अधिकारियों को बताया। गौरतलब है कि यह एयरपोर्ट लंदन के उस इलाके में है, जहां सिंतबर 1940 से मई 1941 के बीच जर्मन एयरफोर्स के विमानों ने हजारों बम गिराए थे।

संघ ने दी सफाई मोहन भागवत द्वारा सेना को लेकर राजनीति

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सेना को लेकर दिए गए बयान पर राजनीति शुरू हो गई है। जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनके बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी है वहीं पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भी संघ पर निशाना साधा है। इस बीच संघ में आरएसएस चीफ के बयान को लेकर सफाई दी है।
खबरों के अनुसार संघ प्रमुख ने रविवार को मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि उनके स्वयंसेवक देश की रक्षा के लिए तैयार हैं। देश को जरूरत पड़ी और संविधान इजाजत दे, तो तीन दिनों में ही वे सेना के रूप में मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार हो जाएंगे। उनके इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पर ट्वीट करते हुए कहा है कि ‘संघ प्रमुख का बयान हर भारतीय का अपमान है क्योंकि यह उनका सम्मान नहीं करता जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। यह हमारे तिरंगे का भी अपमान है क्योंकि यह बयान हर उस सैनिक का भी अपमान करता है जिसने इस तिरंगे को कभी सलाम किया था। हमारे शहीदों और सेना का अपमान करने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए मिस्टर भागवत।’
वहीं हार्दिक पटेल ने लिखा है कि ‘संघ प्रमुख अब हमारी सेना पर आक्षेप करते है। सेना को कमजोर बताने वाले मोहन भागवत से राष्ट्रभक्ति किसको सिखनी हैं !!! भक्त जवाब जरूर देना नहीं तो साहब तनख्वाह काट लेंगे। सेना का अपमान करने वाले भागवत पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए।’
संघ प्रमुख अब हमारी सेना पर आक्षेप करते है।सेना को कमज़ोर बताने वाले मोहन भागवत से राष्ट्रभक्ति किसको सिखनी हैं !!! भक्त जवाब ज़रूर देना नहीं तो साहब तनख़्वाह काट लेंगे ।। सेना का अपमान करने वाले भागवत पर मुक़दमा दर्ज होना चाहिए ।।
मोहन भागवत के बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा कि संघ प्रमुख के बयान का गलत मतलब निकाला जा रहे हैं। सेना और स्वयंसेवकों की तुलना नहीं की है बल्कि यह कहा है कि आम लोगों को सैनिक बनाने में 6 महीने लगते हैं लेकिन स्वयंसेवक को ट्रेनिंग मिले तो तीन दिन में सैनिक बना जाएगा।

क्या है सेवन चैलेंज -ऐसा करने वाले एशिया के पहले शख्स बने रोहन

भारत के मोरे ने 32 साल की उम्र में किया यह कारनामा
मुंबई। भारत के तैराक रोहन मोरे ओशियन सेवन चैलेंज पूरा करने वाले दुनिया के सबसे युवा स्विमर बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा 32 साल की उम्र में किया। रोहन ने रविवार को सबसे कम उम्र में ओशियन सेवन चैलेंज पूरा कर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले रोहन एशिया के पहले शख्स बन गए हैं। महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले रोहन ने सातवें चैलेंज के तौर पर न्यूजीलैंड के कुक स्ट्रेट को पार करने के बाद तिरंगा फहराया।
रोहन से पहले दुनिया के आठ लोग ही ओशियन चैलेंज पूरा कर सके हैं। रोहन ने कुक स्ट्रेट में करीब 22 किमी दूरी को 8 घंटे 37 मिनट में तैरकर पूरा किया। उन्होंने सुबह 9.30 बजे उत्तरी आइलैंड से स्विमिंग शुरू की। पहले पांच घंटे तक पानी में सब कुछ ठीक था। तापमान 19 डिग्री के आसपास था।
जैसे ही रोहन ने दक्षिणी आइलैंड में प्रवेश किया, पानी का तापमान गिरकर चार डिग्री पर पहुंच गया। ठंडे पानी में भी रोहन ने हिम्मत नहीं हारी। वह इस पानी में 8 घंटे 37 मिनट तक तैरते रहे। रोहन ने बताया कि वह 2015 से इसके लिए कोशिश कर रहे थे। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने कहा, “आज मेरे लिए बहुत ही गर्व का दिन है।”
इस मैराथन स्वीमिंग चैलेंज में तैराक को सात लंबी दूरियां अलग-अलग समंदर में पार करनी होती है। इसे सात महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वतों पर चढ़ने के बराबर माना जाता है। इस चैलेंज में नॉर्थ चैनल, द कुक स्ट्रेट, द मोलोकई चैनल, द इंग्लिश चैनल, द कैटालिन चैनल, द सुगारू स्ट्रेट और स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर शामिल हैं।

जंबूरी मैदान पर होगा बड़ा किसान सम्मेलन

राजधानी के जंबूरी मैदान पर सोमवार को बड़ा किसान सम्मेलन होगा। चुनावी साल में होने जा रहे इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगभग चार लाख किसानों के खातों में भावांतर भुगतान योजना के 620 करोड़ रुपए एक क्लिक पर खाते में हस्तांतरित करेंगे।
इस दौरान जीरो परसेंट ब्याज की मूल रकम नहीं चुका पा रहे किसानों को ब्याज माफी देने कृषक सहायता योजना, स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने और न्यूनतम समर्थन से डेढ़ गुना लागत मूल्य देने सहित कुछ अन्य घोषणाएं हो सकती हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में दिसंबर में भावांतर भुगतान योजना के तहत फसल बेचने वाले किसानों को भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्मेलन में चुनिंदा किसानों को भुगतान के प्रमाण-पत्र देंगे।
सूत्रों का कहना है कि इस दौरान रबी फसलों को भी भावांतर योजना के दायरे में लाने की घोषणा के साथ किसानों का पंजीयन शुरू हो जाएगा। रबी की चना, मसूर, सरसों और प्याज की फसलें खरीदी जाएंगी। सरकार कार्यक्रम में प्याज के न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित कर सकती है।
बताया जा रहा है कि प्याज का समर्थन मूल्य आठ रुपए प्रति किलोग्राम रहेगा। भंडारण के लिए किसानों को अनुदान भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री किसानों के बकाया बिजली बिल फ्रीज कर नियमित बिल अदायगी योजना, उद्यानिकी, पशुपालन और सहकारिता विभाग से जुड़ी कुछ अन्य घोषणाएं भी कर सकते हैं।
सम्मेलन में सरकार कृषि से जुड़ी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगी। इसके लिए जगह-जगह एलसीडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इसके साथ ही कृषि अधिकारी किसानों को विभिन्न् पंडालों में योजनाओं की जानकारी देंगे।
सम्मेलन से ठीक एक दिन पहले रविवार को दोपहर में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से जंबूरी मैदान पर व्यवस्था बिगड़ गई। पंडाल में लगाई गईं कुर्सियां बिखर गईं और कनात उड़कर नीचे आ गई। साथ ही रास्ते में लगाए कट-आउट भी गिर पड़े। देर शाम तक प्रबंधक व्यवस्थाओं को बनाने में लगे रहे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भोपाल के आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसान सम्मेलन में हिस्सा लेने आएंगे। करीब दो लाख लोेगों के आने की संभावना है। हालांकि बारिश और ओलावृष्टि के कारण सम्मेलन के प्रभावित होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।
अशोकनगर की मुंगावली और शिवपुरी की कोलारस विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर दोनों जिलों में भावांतर भुगतान योजना के तहत अंतर की राशि का भुगतान फिलहाल नहीं होगा। कांग्रेस की शिकायत पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने कृषि विभाग से जवाब-तलब किया था। विभाग ने साफ किया है कि जहां आचार संहिता प्रभावी है, वहां राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।