बाउंड्री पर एक फैन हाथ में विराट और अनुष्का का पोस्टर लहराने लगा।

विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका में वनडे सीरीज में बिजी है, जबकि उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भारत में फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त है। इसके बावजूद फैंस कुछ हद तक विराट को अनुष्का की कमी अखरने नहीं देते हैं।
सुपरस्पोर्ट पार्क में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में तो फैंस अनुष्का का पोस्टर लेकर मैदान में पहुंच गए थे। दक्षिण अफ्रीका 32 ओवरों में 118 रनों पर 9 विकेट खो चुका था और विराट उस वक्त बाउंड्री पर ‍फील्डिंग कर रहे थे। तभी एक फैन हाथ में विराट और अनुष्का का पोस्टर लहराने लगा। इस पोस्टर में विराट-अनुष्का की शादी का फोटो था और उस पर लिखा था, ‘शादी मुबारक’। यह फोटो देख विराट की शादी की यादें ताजा हो गई होगी, इसलिए वे इसे देखकर विराट मुस्कुरा दिए और उन्होंने पीछे की तरह देखकर हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकारा।
इसी दौरान कैमरों की नजर भी विराट और इस पोस्टर पर पड़ी और इस दृश्य को टेलीविजन के जरिए करोड़ों दर्शकों ने देखा। 33वें ओवर में ही दक्षिण अफ्रीका की पारी खत्म हो गई।
विराट की टीम इंडिया ने दूसरे वनडे में दक्षिण अफ्रीका पर 9 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर 6 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाई। भारत ने द. अफ्रीका की पारी को 32.2 ओवरों में 118 रनों पर समेटने के बाद 20.3 ओवरों में 1 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया। यह मैच युजवेंद्र चहल के लिए खास बन गया, उन्होंने मैच में 22 रन देकर 5 विकेट लिए। उन्होंने वनडे में पहली बार किसी मैच में 5 विकेट लिए। वे इसी के साथ द. अफ्रीका में वनडे में 5 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए। भारत ने द. अफ्रीका को 9 विकेट से हराते हुए 26 साल में उस पर सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

एक तरफ सीमा पर फायरिंग दूसरी तरफ कश्मीर का मुद्दा

पाकिस्तान एक तरफ सीमा पर फायरिंग कर रहा है वहीं दूसरी तरफ कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए धमकी दे रहा है। पाक ने अब कहा है कि कश्मीर मुद्दे का समाधान किए बिना शांति संभव नहीं है।
खबरों के अनुसार यह बात पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने यह बात कश्मीर दिवस पर दिए अपने अलग-अलग संदेशों में कही है।
दोनों नेताओं ने अपने संदेश में कश्मीर के लोगों की आत्मनिर्णय की मांग की पैरवी करते हुए उसका समर्थन बरकरार रखने का एलान किया है। राष्ट्रपति हुसैन ने कहा कि उनका देश कश्मीरी लोगों को संयुक्त राष्ट्र के संकल्प के मुताबिक आत्मनिर्णय का अधिकार दिए जाने की मांग का राजनीतिक, नैतिक और कूटनीतिक समर्थन करता है। जबकि खाकन ने कश्मीरी लोगों के संघर्ष में साथ होने का एलान किया।
राष्ट्रपति हुसैन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग बीते 70 साल से मानवाधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह आत्मनिर्णय का अधिकार पाने का इंतजार कर रहे हैं जिसका आश्वासन अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प के जरिये दिया था। उन्होंने कहा, भारत कश्मीर के हालात को दुनिया से छुपाना चाहता है। इसीलिए वहां पर मानवाधिकार संगठन के लोगों को जाने की अनुमति नहीं देता। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से कश्मीर समस्या पर ध्यान देने की मांग की है।
आपको बता दें कि मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच सीमा पर बेहद तनावपूर्ण माहौल है। पाकिस्‍तान लगातार सीजफायर उल्‍लंघन कर रहा है। हालांकि भारतीय जवान मुंहतोड़ जवाब देने में जुटे हुए हैं। पाकिस्‍तान पर जम्‍मू-कश्‍मीर के युवाओं को बरगला कर आतंकवाद की राह पर आगे बढ़ाने का आरोप भी है। इस संबंध में हाल ही में कई ठोस सबूत भी सामने आ चुके हैं। हालांकि पाकिस्‍तान अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इंकार करता रहा है।

पश्चिम अफ्रीका के नजदीक वाणिज्य पोत “मरीन एक्सप्रेस” समुद्री लुटेरों के चुंगल से आजाद

पश्चिम अफ्रीका के नजदीक से लापता वाणिज्य पोत “मरीन एक्सप्रेस” समुद्री लुटेरों के चुंगल से आजाद हो चुका है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसकी पुष्टि कर दी है। यह जहाज पिछले दिनों यह आइल टैंकर लापता हो गया था। इस पर 22 भारतीय सवार थे। इसके बाद जहाज की तलाश के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को अपने नाइजीरियाई समकक्ष ज्याफ्री ओनेमा से बात की।
नाइजीरियाई विदेश मंत्री ने सुषमा स्वराज को जहाज की तलाश के लिए हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। तेल से लदा “मरीन एक्सप्रेस” गिनी की खाड़ी में बेनिन तट के निकट से लापता हो गया था। इस क्षेत्र को दस्यु प्रभावित माना जाता है। यह जहाज जापानी कंपनी “ओशन ट्रांजिट कैरियर एसए” का है। जहाज पर 22 भारतीय नाविकों की नियुक्ति एंग्लो ईस्टर्न शिप मैनेजमेंट ने की थी।
जहाज के मुक्त होने की जानकारी विदेश मंत्री ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने लिखा है कि इस बात की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मरीन एक्सप्रेस जिस पर 22 भारतीय सवार थे वो आजाद हो चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोएडा में हुए जितेंद्र यादव एनकाउंटर मामले में प्रदेश की योगी सरकार को आड़े हाथों लिया

गुजरात के सूरत में आहिर समाज के समूह लग्न समारोह में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है। नोएडा में हुए जितेंद्र यादव एनकाउंटर मामले में अखिलेश ने कहा कि एनकाउंटर करना और लोगों को डराना और भय में रखना ही गुजरात मॉडल है। वहीं चंदन गुप्ता को मदद करने के मामले में भी योगी सरकार को आड़े हाथों लिया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। अखिलेश ने नोएडा में हुए जितेंद्र यादव एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रमोशन के लिए फर्जी एनकाउंटर करना और कानून व्यवस्था के नाम पर एनकाउंटर कर लोगों को डरवाना ही गुजरात मॉडल है। अखिलेश ने कहा कि यूपी में कानून व्यबस्था बुरी तरह से लचर हो गई है।
वहीं 2019 में राहुल गांधी को बतौर प्रधानमंत्री देखने की बात पर अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस को मौक़ा मिलेगा, लेकिन उसके लिए उन्हें सबको साथ लेकर चलना होगा।
अखिलेश ने मौजूदा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कोई घटना बनती थी तो हमारी सरकार पर आरोप लगता था कि मुस्लिमों को मदद का आरोप लगता था। चंदन गुप्ता मामले में सरकार चाहे तो एक करोड़ का मदद करें। राज्य और केंद्र सरकार भी उन्हीं की है। चाहे तो 50-50 लाख रुपए मदद कर सकते हैं, किसी ने रोका नहीं है।
हालांकि इस पर राजनीती नहीं होनी चाहिए। अखिलेश ने कहा कि वो चंदन के परिवार भी मिलने जाएंगे। साथ ही 2019 तक राम मंदिर बनने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि देश का संविधान सबके लिए है और सभी को कानून होगा।

अब नहीं हो पाएगी जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी

प्रदेश की जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी अब नहीं हो पाएगी। एमपी लैंड रिकॉर्ड ने अपने डाटा को सुरक्षित करने के लिए एक नए सिस्टम को शुरू किया है। इसमें लैंड रिकॉर्ड का मूल डाटा कितनी जगह सुरक्षित रखा जाएगा, ये पता ही नहीं चल सकेगा।
डाटा को हैक करने की कोशिश करने वाला बेसिक डाटा यानि मास्टर डाटा तक पहुंच ही नहीं पाएगा। डाटा की एक कॉपी को हैक कर भी लिया तो सर्वर में अलग अलग जगह सुरक्षित डाटा रहेगा जिससे हैकिंग का कोई मतलब ही नहीं रहेगा। लैंड रिकॉर्ड में यह प्रोसेस शुरु हो गई है जो कि जून तक पूरी कर ली जाएगी। जून के बाद डाटा 100 फीसदी सुरक्षित हो जाएगा।
ज्ञात रहे कि जमीनों के रिकॉर्ड में हेरफेर के कई मामले सामने आने के बाद से लैंड रिकॉर्ड विभाग ने यह तैयारी की है। प्रदेश में इंदौर,ग्वालियर सहित अलग अलग जगह सरकारी भूमि को लैंड रिकॉर्ड के डाटा में निजी बनाने की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है। जिसमें शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। डिजिटल रिकॉर्ड में पटवारी को जारी किए गए लॉग-इन आईडी व पासवर्ड को हैक करके यह कारनामा किया जाता था। वहीं इसकी पड़ताल तक में यह साफ नहीं हो पाता था कि कितने रिकॉर्ड में गडबड़ी की गई है।
लैंड रिकॉर्ड का बेसिक डाटा सर्वर में सुरक्षित रहेगा। इसके बाद इस डाटा की सैकड़ों कॉपियां तैयार की जा रही हैं और उन्हें अलग अलग जगह सुरक्षित रखा जाएगा। विभाग के टॉप चुनिंदा अधिकारियों के पास ही मास्टर डाटा को एक्सेस करने की अथॉरिटी रहेगी। कॉपियों में जो डाटा रहेगा वह विभाग के चैनल में रहेगा। डाटा की एक कॉपी में यदि छेड़छाड़ की जाती है तो विभाग को पता चल जाएगा कि कहां हैकिंग की कोशिश की गई है।
इंदौर में लैंड रिकॉर्ड डाटा में गड़बड़ी का मामला सामने आ चुका है। जिले के भितरवार में फर्जी एंट्रियां पकड़ी गई थीं, जिसमें अधिकारियों की जानकारी के बिना ही उनकी आईडी का इस्तेमाल किया गया था। ग्वालियर में क्राइम ब्रांच ने बिलौआ के पास जमीन के रिकॉर्ड में डिजिटल हेराफेरी पकड़ी थी, जिसमें लैंड रिकॉर्ड के कर्मचारी व रिटायर्ड पटवारी पकड़े गए थे।
लैंड रिकॉर्ड के डाटा को पूरी तरह सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी के मामले पहले सामने आ चुके हैं, हैकिंग भी की गई है। अभी यही चुनौती है कि डाटा को प्रोटेक्ट किया जाए। गड़बड़ आगे न हो इसके लिए तैयारी की जा रही है। डाटा इतनी जगह सुरक्षित होगा कि गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी।