आठवीं बार राष्ट्रीय सीनियर टेबल टेनिस चैंपियनशिप के पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता

शरत कमल ने रिकॉर्ड आठवीं बार राष्ट्रीय सीनियर टेबल टेनिस चैंपियनशिप के पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता। महिलाओं का खिताब सुर्थीता ने अपने नाम किया। 36 वर्षीय शरत ने मंगलवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पेट्रोलियम स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (पीएसपीबी) के ही एंथोनी अमलराज को 6-11, 11-6, 15-13, 11-8, 11-7 से पराजित किया।
शरत ने आठ बार सिंगल्स खिताब जीत अनुभवी खिलाड़ी कमलेश मेहता के आठ खिताबी जीत के रिकॉर्ड की बराबरी की। महिला सिंगल्स के फाइनल में पश्चिम बंगाल की सुर्थीता ने पीएसपीबी की मनिका बत्रा को 11-4, 11-13, 11-6, 5-11, 11-2, 9-11, 12-10 से पराजित कर खिताब पर कब्जा जमाया।
पुरुष डबल्स के फाइनल में हरियाणा के सौम्यजीत घोष व जुबीन कुमार की जोड़ी ने हरियाणा के ही मोहित वर्मा व सौरभ साहा को तीन सेटों में 11-2, 11-6,11-6 से पराजित किया। महिला डबल्स में मौसमी पॉल व कृत्विका सिन्हा राय की जोड़ी ने मनिका बत्रा व मलिका भंडारकर को 11-9, 8-11, 11-8, 9-11, 4-11, 11-5, 12-10 से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मिक्स्ड डबल्स के फाइनल में राज मंडल व अकुला श्रेजा की जोड़ी ने आकाश नाथ व अंकिता दास की जोड़ी को 11-8, 11-9, 9-11, 6-11, 11-6 से हराया।

मोदी नीति से विदेशों में बढ़ी भारत की साख

डोकलाम विवाद, भारत की सख्ती और पाक की नजदीकियों के बावजूद चीन ने मोदी के करिश्माई नेतृत्व को कमाल का बताया है। चीन के प्रमुख सरकारी थिंक टैंक का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के तहत भारत की विदेश नीति आक्रामक और मुखर हो गई है। इसमें जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है।
चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (सीआइआइएस) के वाइस प्रेसिडेंट रोंग यिंग ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में भारत की कूटनीति ने विशिष्ट एवं अद्वितीय “मोदी डॉक्ट्रिन” (मोदी सिद्धांत) का निर्माण किया है। यह नए हालात में बड़ी ताकत के रूप में भारत के उभरने की रणनीति है।
सीआइआइएस चीन के विदेश मंत्रालय से जुड़ा है। थिंक टैंक की पत्रिका में प्रकाशित लेख में रोंग ने भारत के चीन, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ संबंध और अमेरिका एवं जापान के साथ करीबी संबंध पर नजर डाली है।
रोंग राजनयिक के तौर पर भारत में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति तेजी से मुखर हो रही है और आपसी फायदे पेश कर रही है।
भारत-चीन संबंधों पर रोंग ने कहा कि जब से मोदी ने सत्ता संभाली है, तब से दोनों देशों ने संबंधों में स्थिर गति बनाए रखी है। उन्होंने कहा ‘कि डोकलाम घटना ने न केवल भारत-चीन सीमा मुद्दे को उभारा बल्कि कुल मिलाकर दोनों देशों के संबंधों को खतरे में डालने वाला भी बना।’
रोंग ने कहा कि ‘भारत और चीन को एक दूसरे के विकास के लिए आपसी सहयोग की रणनीतिक सहमति बनानी चाहिए। चीन भारत के विकास में बाधा नहीं है बल्कि भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। वह भारत के उदय को न रोकेगा और न ही रोक सकता है। चीन के लिए भारत एक अहम देश है।’
रोंग ने कहा कि मोदी की शासन शैली के प्रभाव के तहत भारत की कूटनीति में जोखिम और व्यावहारिकता भी बढ़ी है। उन्होंने इस संबंध में म्यांमार में भारतीय सेना द्वारा उग्रवादियों के अड्डों को ध्वस्त करने का जिक्र किया। साथ ही कहा कि 2016 में भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष का जोखिम उठाया और सीमा पार गुलाम कश्मीर में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया।दक्षिण एशिया की कूटनीति में मोदी डॉक्ट्रिन की अवधारणा और प्रयास झलकता है।

सरकार शुरू करने जा रही 1200 करोड़ रुपए खर्च कर एक नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए बड़े ऐलान किए। सरकार 1200 करोड़ रुपए खर्च कर एक नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम शुरू करने जा रही है, जिसमें 10 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा ‘आयुष्मान भारत’ प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत देशभर में 1.50 लाख हेल्थ सेंटर बनाकर दवा और जांच की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। कुल मिलाकर देश की 40 फीसदी यानी 50 करोड़ आबादी के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।
देशभर में 24 नए मेडिकल कॉलेज
– हर परिवार को सालाना मिलेगा 5 लाख रुपए मेडिकल खर्च।
– टीबी मरीजों को हर माह 500 रुपए की मदद देने की घोषणा।
– हेल्थ वेलनेस केंद्र बनाने के लिए 1200 करोड़ का फंड।
– देशभर में 24 नए मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा।
– 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए होगी हेल्थ बीमा स्कीम।
– नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम लॉन्च।
– 50 करोड़ लोगों को मिलेगा हेल्थ बीमा का लाभ।
– देश की 40 फीसद आबादी को हेल्थ बीमा की सुविधा देने की योजना।
– आयुष्मान भारतः नेशनल हेल्थ पॉलिसी के तहत डेढ़ लाख सेंटर बनाए गए।

गुजरात में 36 करोड़ की मुंगफली जलकर खाक

गुजरात में राजकोट के गोंडल में मुंगफली के गोदाम में भीषण आग लगने से 36 करोड़ रूपये मूल्य की दो लाख बोरी मुंगफली जलकर खाक हो गई। अधिकारियों ने आशंका जाहिर की है कि आग अपनेआप नहीं लगी है, बल्कि लगाई गई है, वहीं इस मामले में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी आगजनी के जरिए भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
जानकारी के मुताबिक शहर के उनवाड़ा रोड पर स्थित दिनेशभाई सेलाणी के रामराज जिनिंग मिल के गोदाम में गुजकोट और नाफेड द्वारा रखी गयी अनुमानित दो लाख मुंगफली की बोरी में करीब पांच बजे अचानक आग लग गयी। जिसके बाद आग के गोले दूर-दूर तक दिखने लगे। सूचना पाते ही राजकोट फायरबिग्रेड का काफिला आ पहुंचा।
आग को बेकाबु होता देख जेतपुर, धोराजी और गोंडल से फायरब्रिगेड बुलाए गए। फायर ब्रिगेड के जवानों ने मंगलवार शाम को लगी आग पर बुधवार सुबह तक भारी जहमत के बाद काबू पाया।
राजकोट जिला कलेक्टर विक्रांत पांडे ने बताया कि आग को जब तक काबू में किया गया तब तक सरकार की ओर से किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदी गयी करीब 36 करोड़ रूपये की मुंगफली जल कर राख हो चुकी थी।
आग किस कारण से लगी इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। फिलहाल एफएसलएल, गुजरात सरकार वेयरहाउस कॉर्पोरेशन सहित अधिकारी मामले की जांच कर रहे है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा किया जायेगा ।
उधर गुजकोट वेयर हाउस के जनरल मैनेजर मंगनभाई ने गोंडल सिटी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
गोंडल के उनवाड़ा रोड़ पर स्थित रामराज जिनिंग मिल के गोदाम में कोई बिजली का कनेक्शन नहीं होने से आग किस तरह लगी या किसी ने लगाई है, यह जांच का विषय है। गुजकोट और नाफेड अधिकारी के मुताबिक यह आकस्मिक आग नहीं है यह आग किसी के द्वारा लगाई गई है। मुंगफली की खरीदी में करोड़ो रुपये का भ्रष्टाचार की आशंका है।
चर्चा यह भी है कि किसानों से समर्थन मूल्य पर मुंगफली खरीद कर सरकारी अधिकारी बोरियों में से आधी मुंगफली निकाल लेते है। इसके बाद आधी मुंगफली में मिट्टी और छिलके भरकर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया जाता है।
मुंगफली की बोरी में मिलावट के बाद उसका वजन किया जाता है, बाकी मुंगफलियों को संग्रहित कर गोदाम रख बाद में उसे बेचकर करोड़ो रुपये का मुनाफा कमाया जाता है।
गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने गोंडल और कच्छ में सरकारी गोदाम में आग लगने के बाद गुजरात की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
परेश धानाणी ने कहा कि जिस तरह मुगंफली के बोरियों में मिलावट कर करोड़ो रुपये के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था उसे छुपाने के लिए सरकार ने ही इन गोदामों आग लगवाई है। यह आग मुंगफली में नहीं किसानों के दिल में लगाई गयी है।
भाजपा ने किसानों के पसीने की कमाई छीन ली है। परेश धानाणी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों के हित में लड़ती आई है। कांग्रेस ने जांच आयोग का गठन कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।