आस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को 19 रन से मात देकर सीरीज़ पर जमाया कब्ज़़ा

आस्ट्रेलिया ने त्रिकोणीय टी-20 सीरीज के वर्षा बाधित फाइनल मैच में डकवर्थ-लुईस पद्धति से न्यूजीलैंड को 19 रन से मात देकर सीरीज़ पर कब्ज़़ा जमा लिया। एश्टन एगर (27/3) की गेंदबाजी और डार्सी शॉर्ट (50) की अर्धशतकीय पारी के दम पर आस्ट्रेलिया ने खिताब अपने नाम किया। आस्ट्रेलिया के एश्टन प्लेयर ऑफ द मैच और ग्लेन मैक्सवल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 150 रन ही बनाए थे। बारिश के शुरू होने तक आस्ट्रेलिया ने केवल तीन विकेट के नुकसान पर 14.4 ओवर खेलते हुए 121 रन बना लिए थे। बारिश के कारण गीली हुई पिच के जल्द सूखने की कोई गुंजाइश न देखते हुए अंपायरों ने डकवर्थ लुइस प्रणाली के आधार पर आस्ट्रेलिया को 19 रनों से विजेता घोषित कर दिया।
न्यूजीलैंड के लिए रॉस टेलर ने सबसे अधिक 43 रन बनाए। इसके अलावा, मार्टिन गप्टिल ने 21 और कोलिन मुनरो ने 29 रनों का योगदान दिया। इन तीन खिलाड़ियों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। इस पारी में एश्टन के अलावा, केन रिचर्डसन और एंड्रयू टाय ने दो-दो विकेट लिए वहीं बिली स्टेनलेक और मार्कस स्टोनिस को एक सफलता मिली।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया को शॉर्ट और कप्तान डेविड वॉर्नर (25) ने 72 रनों की शानदार साझेदारी कर अच्छी शुरुआत दी। टीम ने 121 रन बनाए थे कि तभी बारिश शुरू हो गई और खेल को बीच में रोकना पड़ा।
बारिश काफी देर तक होती रही। इसके बाद अंपायरों ने पिच के जल्द सूखने के आसार न देखते हुए आस्ट्रेलिया को डकवर्थ लुइस प्रणाली के तहत 19 रनों से जीत दिलाई। न्यूजीलैंड के लिए इस पारी में ईश सोढ़ी, मिशेल सेंटनर और कोलिन मुनरो ने एक-एक विकेट लिया।

अब पाकिस्तान ने एलओसी पर स्नाइपर शूटर्स कर दिए तैनात

नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की नापाक हरकतें बढ़ती जा रही हैं। भारतीय सेना पर बैट से हमला करने के लिए आतंकी संगठनों को लाने के बाद अब पाकिस्तान ने एलओसी पर स्नाइपर शूटर्स तैनात कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी स्नाइपर शूटर्स भी आतंकी ही हैं। इन्हें भारतीय जवानों निशाना बनाने के लिए लाया गया है और हर जवान को मारने के लिए इन्हें 50 हजार से 1 लाख तक इनाम देने की बात भी कही जा रही है।
पाक सेना ने उत्तरी कश्मीर में केरन सेक्टर से जम्मू में पलांवाला तक नियंत्रण रेखा पर 150 से ज्यादा आतंकियों को स्नाइपर शूटिंग के लिए तैनात किया है। पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर पिछले एक साल के दौरान करीब 32 सैन्यकर्मी पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए हैं। इनमें लगभग डेढ़ दर्जन जवानों को पाकिस्तानी चौकियों में बैठे जिहादी स्नाइपर शूटरों ने ही निशाना बनाया है।
मंगलवार को तंगधार में शहीद हुए बीएसएफ कर्मी एसके मुरमु को भी स्नाइपर शूटर ने ही निशाना बनाया था।खुफिया सूचनाओं के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने अल-बदर, जैश और लश्कर से जुड़े आतंकियों को ही मुख्य रूप से स्नाइपर शूटर के तौर पर भर्ती किया है। हिज्ब, जमायत-उल-मुजाहिदीन, हरकत और तहरीक उल मुजाहिदीन के भी लगभग दो दर्जन आतंकियों को स्नाइपर शूटिंग की ट्रेनिंग दी गई है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में चलने वाले आतंकी टे्रनिंग कैंपों में अक्सर पाकिस्तानी सेना के इंस्ट्रक्टर जिहादी तत्वों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देते हैं। यही इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग कर रहे जिहादी तत्वों में से कुछ को स्नाइपर शूटर बनाने के लिए चिन्हित करते हैं। उसके बाद उन्हें जिहादी कैंप से सीधे सेना के ट्रेनिंग सेंटर में विशेष ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। दस में से एक ही जिहादी को इस ट्रेनिंग के लिए चुना जाता है।
उपलब्ध सूचनाओं के मुताबिक, स्नाइपर शूटरों के लिए पाकिस्तानी सेना ही टारगेट तय करती है। टारगेट तय करने के बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकी संगठन के सरगना को स्नाइपर शूटर भेजने के लिए कहा जाता है। यह स्नाइपर शूटर अकेला नहीं होता बल्कि उसके साथ एक या दो और शूटर आते हैं। यह टारगेट को निशाना बनाने के बाद अपने शिविर में लौट जाते हैं। उन्हें टारगेट को निशाना बनाने के लिए दो से चार दिन तक पाकिस्तानी सेना की अग्रिम चौकियों पर तैनात रहना पड़ता है।
स्नाइपर शूटर बनकर पाकिस्तानी सेना की मदद करने वाले जिहादी तत्व अगर अपने मंसूबे में कामयाब होते हैं और उनकी गोली से कोई भारतीय जवान शहीद होता है तो शहीदों की संख्या व रैंक के हिसाब से ही उन्हें नकद इनाम दिया जाता है। यह राशि 50 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक होती है। अगर कोई भारतीय जवान सिर्फ जख्मी होता है तो यह राशि पांच से दस हजार तक सीमित रहती है।
स्नाइपर शूटिंग के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा ऑस्ट्रिया, अमेरिका और इंग्लैंड में बनी अत्याधुनिक राइफलें प्रदान की जाती हैं। इंग्लैंड में निर्मित 50/12.7 एमएम कैलिबर की स्नाइपर राइफल की मारक क्षमता लगभग दो किलोमीटर है और यह काफी हल्की है। इसकी लंबाई करीब 60 इंच है। जब इसका बट फोल्ड किया जाता है तो यह 48 इंच में सिमट जाती है। इसके अलावा वह ऑस्ट्रिया में बनी स्टेयर एसएसजी .22 राइफल भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह बटन के सुराख को भी सटीक निशाना बना सकती है।
भारतीय सेना के पास भी स्नाइपर शूटर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर नियंत्रण रेखा पर महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं। यह रूस में 1960 में बनी द्रगनोव राइफल ही मुख्य तौर पर इस्तेमाल करते हैं। यह अपेक्षाकृत काफी भारी और 800 मीटर तक ही सटीक मार करने में समर्थ है। 2012 में भारतीय सेना ने इस राइफल के विकल्प तलाशना शुरू किए थे। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है।

आठ माह में भाजपा के पांचवे बडे़ नेता का निधन

राजस्थान में भाजपा के एक और विधायक कल्याण सिंह का बुधवार को निधन हो गया। कल्याण सिंह नाथद्वारा से चुन कर आए थे और वर्ष 2008 के चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को एक वोट से हरा देश भर में सुर्खियां बटोरी थी।
विधायक कल्याण सिंह चौहान बीते करीब तीन वर्ष से कैंसर से ग्रसित थे। मंगलवार देर रात उनकी तबियत बिगड़ने पर उन्हें उदयपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां बुधवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली। भाजपा विधायक के निधन पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संवेदना व्यक्त की है।
वर्ष 2008 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कल्याण सिंह नाथद्वारा से कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी को एक वोट से हराकर चर्चा में आए थे। वर्ष 2008 में कांग्रेस ने राजस्थान में जीत हासिल की थी और सी.पी. जोशी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे।
राजस्थान में भाजपा के लिए पिछले आठ माह काफी कष्टकारक रहे है। इसके पांच बडे नेताओं की मौत इस दौरान हो गई। अगस्त में सांसद सांवरलाल जाट का निधन हुआ। इसके बाद खादी बोर्ड के अध्यक्ष शम्भुदयाल बडगुजर, फिर सांसद महंत चांदनाथ। इनके बाद विधायक कीर्तिकुमारी और अब एक और विधायक कल्याण सिंह का निधन हो गया।

देश के सबसे स्वच्छ शहर का ताज पाने वाले शहर के ट्रेंचिंग ग्राउंड ने हासिल की एक और उपलब्धि

पिछले साल देश के सबसे स्वच्छ शहर का ताज पाने वाले शहर के ट्रेंचिंग ग्राउंड ने आईएसओ सर्टिफिकेट पाकर एक और उपलब्धि हासिल कर ली। यहां देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को पर्यावरणीय सुरक्षा पैमानों पर खरा उतरने, गुणवत्ता प्रबंधन और स्वास्थ्य व सुरक्षा प्रबंधों के लिए तीन आईएसओ (इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन) प्रमाण-पत्र सिर्फ डेढ़ साल में किए गए इंतजामों के कारण मिले।
146 एकड़ में फैले ट्रेंचिंग ग्राउंड पर शहर से हर दिन निकलने वाले करीब 1100 टन कचरे का प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा रहा है। पेश है इन इंतजामों के लिए किए गए प्रयासों पर खास रिपोर्ट-
1. सबसे पहले ट्रेंचिंग ग्राउंड (लैंडफिल साइट या डंपिंग यार्ड) की आधारभूत सुविधाओं जैसे प्लांट, मशीनरी, सड़क और बिल्डिंग आदि को व्यवस्थित किया गया। पहले सूखा कचरा गीले कचरे में मिलकर आता था। अब यह समस्या खत्म हो गई है। इसके अलावा शहर से निकलने वाले मलबे और वेस्ट मटेरियल से ईंटपेवर ब्लॉक बनाने का प्लांट भी करीब ढाई करोड़ की लागत से स्थापित किया गया है।
2. ग्राउंड पर दो मटेरियल रिकवरी सेंटर शुरू किए गए, जहां रोज 450 टन सूखे कचरे का निपटान होता है। हाई और लो डेंसिटी पॉलिथीन को ग्राउंड पर लगी दो यूनिट में साफ कर रीसाइकिल किया जाता है। प्लास्टिक के कचरे से रॉ मटेरियल तैयार किया जाता है।
3. ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पड़ा पुराना 12-15 लाख मीट्रिक टन कचरा निगम के लिए बड़ी समस्या था। अब धीरे-धीरे वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर उसका निपटान किया जा रहा है। पुराने कचरे की मिट्टी के इस्तेमाल से ग्राउंड पर आठ बगीचे बनाए गए हैं। पुराने कचरे में बदबू ज्यादा होती है। उसमें बायो कल्चर जैविक पदार्थ डाला जा रहा है जो बदबू तो कम करते ही हैं, कचरे को कंपोस्ट में बदलने की प्रक्रिया भी तेज करते हैं।
4. हर वार्ड में कचरा बीनने वाले करीब 500 लोगों को जोड़ा गया और उन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर काम दिया गया। उन्हें प्रशिक्षण सहित सभी जरूरी सुविधाएं व साजोसामान दिए गए।
5. कुछ महीने में मजदूरों से लिया जाने वाला काम स्वचालित मशीनों से लिया जाने लगेगा। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की भी योजना है ताकि कचरे से बिजली पैदा की जा सके। कचरा प्रबंधन के लिए निगम के सलाहकार अरशद वारसी बताते हैं भीतरी उपायों के साथ बाहरी सूरत बदलने के लिए चारों ओर बांस लगाए गए हैं, जो बड़े होकर ग्राउंड को परदे की तरह ढंक लेंगे।

मैच दर मैच रिकॉर्ड ध्वस्त क्रिकेट के हर प्रारूप में ढेरों रन बना रहे भारतीय कप्तान विराट कोहली

भारतीय कप्तान विराट कोहली दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे हैं। वे क्रिकेट के हर प्रारूप में ढेरों रन बना रहे हैं और मैच दर मैच रिकॉर्ड ध्वस्त कर रहे हैं। अब उनकी निगाहें दो महान क्रिकेटरों सर डॉन ब्रैडमैन और कैरेबियाई विस्फोटक बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्‍स के कीर्तिमानों पर टिक गई हैं।
विराट इस दौरे पर अभी तक कुल 13 पारियों में 87 की औसत से 870 रन बना चुके हैं। उन्हें किसी एक दौरे पर 1000 रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज के लिए मात्र 130 रन और बनाने हैं।
किसी एक दौरे पर 1000 से ज्यादा रन बनाने का दुर्लभ कीर्तिमान रिचर्ड्‍स के नाम दर्ज है, जब उन्होंने 1976 में इंग्लैंड में 1045 रन बनाए थे। रिचर्ड्‍स ने चार टेस्ट मैचों में 829 रन बनाने के अलावा वनडे सीरीज में 216 रन बनाए थे।
डॉन ब्रैडमैन इंग्लैंड के दौरे पर 5 टेस्ट मैचों में 974 रन बना चुके हैं। उस दौरान वनडे नहीं खेले जाते थे, इसके चलते ब्रैडमैन एक दौरे पर 1000 रनों की उपलब्धि को हासिल नहीं कर पाए थे।
विराट को अब यदि ब्रैडमैन की रन संख्या को पार करना है तो शेष बचे दो टी20 मैचों में उन्हें 105 रन और बनाने होंगे। यदि विराट को रिचर्ड्‍स के कीर्तिमान को तोड़ना है तो उन्हें दो मैचों में 176 रन और बनाने होंगे।
कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के वर्तमान दौरे में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 286 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने एक शतक जड़ा था। इसके बाद कोहली का बल्ला वनडे सीरीज में खूब चला और उन्होंने तीन शतकों की मदद से 558 रन बनाए। वे द. अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच में 26 रन बना चुके हैं।

भारत में 60,000 नवजात की मौत हर साल

हिंदुस्तान में हर साल जन्म के 28 दिनों के अंदर 6 लाख नवजात मौत के मुह में समा जाते हैं। नवजातों की मौत का यह आंकड़ा दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। यूनिसेफ के द्वारा जारी की गई नई रिपोर्ट से इस बात का पता चलता है जो काफी चिंताजनक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व के एक चौथाई नवजातों की मौत केवल भारत में हो जाती है।
रिपोर्ट में ये कहा गया है कि 80 फीसदी इन मौतों का कोई गंभीर कारण नहीं है। दूसरी तरफ रिपोर्ट ये भी कहती है कि भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर कम हुई है। भारत में 60,000 नवजात की मौत हर साल होती है जो वैश्विक आंकड़े का एक चौथाई है। यूनिसेफ की रिपोर्ट ‘एवरी चाइल्ड अलाइव’ में ये बातें कही गई है।
यूनिसेफ की रिपोर्ट में विश्व के 184 देशों को कवर किया गया है। इसमें भारत को 25.4 फीसदी की नवजात मृत्यु दर (1000 जीवित बच्चों के बीच) के साथ 31वें रैंक पर रखा गया है। जबकि एक साल पहले भारत नवजात मृत्यु दर में 184 देशों में 28वें नंबर पर सबसे पुरी स्थिति में था।
नवजात के पहला 28 दिन बच्चे के सुरक्षित जीवित रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यूनिसेफ के अनुसार, वैश्विक दर के मुताबिक हर 1000 बच्चों में 19 नवजातों की मौत हो जाती है।
वैश्विक स्तर पर 2.6 मिलियन बच्चे जन्म के पहले माह में मर जाते हैं। उनमें 80 फीसदी से ज्यादा मौत बीमारी की सही रोकथाम न होने, समय से पहले जन्म, प्रसव के दौरान जटिलताओं, और न्यूमोनिया जैसे संक्रमण के कारण होती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि, हर मां और बच्चे के लिए उत्तम और उचित स्वास्थ्य सेवा मौजूद होनी चाहिए। इसमें साफ पानी, स्वास्थ्य सेवा के लिए बिजली, जन्म के पहले घंटे में स्तनपान, मां-बच्चे के बीच संपर्क आवश्यक कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्तमान में सतत विकास लक्ष्य को पूरा करने से काफी दूर है।

अयोध्या के रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प

अयोध्या के रेलवे स्टेशन का कायाकल्प होगा है और अब यह विश्व हिंदू परिषद के डिजाइन किए राम मंदिर की तरह नजर आएगा। यह कहना है केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा का। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिन्हा ने यह बात अयोध्या में जन समूह को संबोधित करते हु एकही। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय प्रस्तावित रामजन्मभूमि मंदिर से मिलते-जुलते रूप में पुनर्निर्माण को आगे बढ़ाएगा।
सिन्हा यहां रेलवे स्टेशन पर कुछ विकास कार्यों का शिलान्यास करने आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या में जैसा श्रीराम का मंदिर बनेगा वैसा ही यहां का रेलवे स्टेशन भी बनाया जाएगा। इसमें एक समय में 1 लोग रुक सकेंगे। इसमें सभी तरह की आधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी।
इस कार्यक्रम के दौरान रेल राज्य मंत्री ने अयोध्या रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण से जुड़ी 80 करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की। जिसमें अयोध्या जंक्शन रेलवे स्टेशन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाने की योजना शामिल है।इसके अलावा रेल राज्य मंत्री ने फैजाबाद में स्वचालित सीढ़ी और रेलवे प्लेटफार्म पर लिफ्ट का लोकार्पण किया ।

महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने से लिए सामाजिक बदलाव की जरूरत-

मैग्नेटिक महाराष्ट्र कन्वर्जेन्स 2018 के दौरान महाराष्ट्र को 12.10 लाख करोड़ के 4,106 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के अमल में आने पर रोजगार के 36.77 लाख नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। तीन दिन चले निवेशक सम्मेलन “मैग्नेटिक महाराष्ट्र” के अंतिम दिन पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उक्त प्रस्तावों के अतिरिक्त सरकारी परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार ने केंद्र के साथ भी 104 प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए हुए 3.90 लाख करोड़ के इन प्रस्तावों के अमल में आने से 2.06 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकारी परियोजनाओं के प्रस्तावो में से एक मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर जनपद में रेल कोच फैक्ट्री का प्रस्ताव भी शामिल है। 2,000 एकड़ भूखंड पर लगने वाली इस फैक्ट्री में मेट्रो रेल के कोच तैयार किए जाएंगे। संवाददाता सम्मेलन में मौजूद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अभी इस परियोजना के सिर्फ प्रथम चरण के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
फड़नवीस के अनुसार मैग्नेटिक महाराष्ट्र सम्मेलन के दौरान सूबे के सभी क्षेत्रों के लिए हर प्रकार के उद्योगों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें राज्य के वे पिछड़े क्षेत्र भी शामिल हैं, जिनके लिए राज्य सरकार विशेष प्रयासरत थी।
उद्यमी महिलाओं की तादाद बढ़ाने के लिए समाज में बड़े बदलाव की जरूरत है। इसके लिए लैंगिक समानता और शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। महाराष्ट्र में चल रहे निवेशक सम्मेलन “मैग्नेटिक महाराष्ट्र” में उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने मंगलवार को यह बात कही।
महिला उद्यमियों पर केंद्रित सत्र को संबोधित करते हुए मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट की संस्थापक रेणुका रामनाथ ने कहा, “महिलाएं आसानी से घर और ऑफिस के बीच संतुलन बना सकें, इसके लिए कार्यालयों में अनुकूल माहौल और सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है। इससे उत्पादकता भी बढ़ेगी। समाज में लैंगिक समानता और शिक्षा पर केंद्रित बदलाव होना चाहिए। सरकार को भी महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में ज्यादा खर्च करना चाहिए।”
कनाडा के हाउस ऑफ कॉमंस की नेता बार्डिश चेगर ने भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की जरूरत है। उन्हें कंपनियों के बोर्ड में जगह मिलनी चाहिए।
अमेजन इंडिया की अर्चना वोरा ने कहा कि ई-कॉमर्स के क्षेत्र में महिलाएं सबसे बड़ा अनछुआ संसाधन हैं। इस क्षेत्र में उनकी दखल बढ़ाने की जरूरत है।
इसरो की वैज्ञानिक मीनल रोहित ने भी इसी तरह का विचार रखा। उन्होंने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बहुत कम है। इसे बढ़ाना होगा।
महाराष्ट्र सरकार संघर्षरत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों (एमएसएमई) को उबारने के लिए योजना बनाने की तैयारी कर रही है। राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने यह बात कही।
मंत्री ने कहा, “एमएसएमई के समक्ष वर्किंग कैपिटल जुटाना सबसे बड़ी समस्या रहती है। हम वित्त मंत्रालय के समक्ष यह प्रस्ताव रखेंगे कि एक ऐसा पैकेज लाया जाए, जिससे एमएसएमई के लिए जरूरत पड़ने पर वर्किंग कैपिटल की व्यवस्था हो सके। 2025 तक महाराष्ट्र को एक ट्रिलियन डालर (करीब 65 लाख करोड़ रुपये) की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में इन कंपनियों की भूमिका अहम होगी।”
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमुख उदय कोटक ने वित्तीय सेवा देने वाले बैंकों और फर्मों की ऊंची परिचालन लागत पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत में ज्यादातर बैंकों की परिचालन लागत उनके कुल एसेट के दो से ढाई फीसद के बराबर है। वहीं, वैश्विक स्तर पर यह महज एक फीसद ही है। देश में परिचालन लागत को कम करना वित्तीय संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती है।

आप नया मोबाइल नंबर ले रहे हैं तो आपको दस के बजाय 13 अंकों का मिलेगा

1 जुलाई 2018 के बाद आप नया मोबाइल नंबर ले रहे हैं तो वह आपको दस के बजाय 13 अंकों का मिलेगा। केंद्रीय संचार मंत्रालय ने सभी राज्यों को इस संबध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बीएसएनएल ने भी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अधिकृत सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक में इस संबध में निर्णय लिया गया है। बैठक में कहा गया कि दस अंकों के लेवल में अब नए मोबाइल नंबरों की गुंजाइश नहीं बची है। इसी कारण दस से अधिक अंकों की सीरीज शुरू की जाए और बाद में सभी मोबाइल नंबरों को 13 अंकों का कर दिया जाए।
इस संबंध में सभी सर्कल की दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों को इसे लागू करने का आदेश जारी कर कहा गया है कि वे अपने सभी सिस्टम इसी अनुसार अपडेट कर लें। बीएसएनएल (इंदौर) के वरिष्ठ महाप्रबंधक सुरेश बाबू प्रजापति ने बताया कि दिसंबर 2018 तक पुराने मोबाइल नंबर भी इसी प्रक्रिया के तहत अपडेट होंगे।
सूत्रों के अनुसार वर्तमान में चल रहे 10 अंकों के मोबाइल नंबरों को अक्टूबर से 13 अंकों के अनुसार अपडेट करना शुरू किया जाएगा। यह काम 31 दिसंबर तक पूरा करना होगा। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि वर्तमान में चल रहे मोबाइल नंबरों में बदलाव कैसे होगा। नंबरों में 3 डिजिट आगे की तरफ से जुड़ेंगे या अंत में।
सूत्रों ने यह भी बताया कि इस संबध में मोबाइल हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने सॉफ्टवेयर को भी 13 अंकों के मोबाइल नंबर के अनुसार अपडेट कर लें, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।

पूर्व क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली की बल्लेबाजी के कायल

भारत के पूर्व क्रिकेटर गुंडप्पा विश्वनाथ भी अब मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली की बल्लेबाजी के कायल हो गए हैं उन्होंने विराट की तारीफ करते हुए कहा है कि कोहली में ही बल्लेबाजी की वो क्षमता दिखती है जो सचिन तेंडुलकर के 100 शतकों के के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने की क्षमता रखती है। मौजूदा दौर के बल्लेबाजों में सिर्फ कोहली के पास यह शानदार मौका है जो इस उपलब्धि को हासिल कर सकते हैं।
भारतीय कप्तान विराट कोहली इस समय अपने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में खेली गई द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रंखला में कोहली ने 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। किसी भी द्विपक्षीय वनडेसीरीज में एसा करने वाले विराट कोहली दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए सीरीज में एक के बाद एक करके तीन शतक जमाए। अब वनडे मैचों में उनके शतकों की संख्या भी 35 पहुंच गई है जो कि सचिन तेंडुलकर के बाद दूसरे नंबर पर है।
गुंडप्पा विश्वनाथ कोलकाता में अंडर-14 आमंत्रण क्रिकेट टूर्नामेंट में आये थे इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि, ‘कोहली ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अपने प्रदर्शन में लगातार निरंतरता दिखाई है। वह एक के बाद एक करके लगातार शतक बना रहे हैं। उनके पास सचिन तेंडुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने का पूरा मौका होगा, लेकिन यह थोड़ा सा कठिन होगा।’
विश्वनाथ ने कहा, ‘सब को पता है कि कोहली क्या कर रहे है, वह कमाल का प्रदर्शन कर रहे है। उनकी रन बनाने की भूख, आक्रमकता कमाल की है। रिकॉर्ड तो बनते ही हैं टूटने के लिए। मैं कोहली लिए खुश हूं और मुझे उम्मीद है कि सचिन भी इससे उतने ही खुश होंगे। हालांकि अभी कोहली का ये सफर लंबा है।’