कब तक खेलते रहेंगे अंतरराष्ट्रीय टेनिस उनको नहीं पता

ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने वाले दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रॉजर फेडरर ने कहा कि उनको नहीं पता कि वे अंतरराष्ट्रीय टेनिस कब तक खेलते रहेंगे।
स्विट्जरलैंड के इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल में अपने करियर का 20वां ग्रैंड स्लैम खिताब रविवार को फाइनल में मारिन सिलिच 6-2, 6-7, 6-3, 3-6, 6-1 से हराकर जीता था। विश्व के नंबर दो खिलाड़ी फेडरर ने पिछले साल फाइनल में राफेल नडाल को हराया था।
यह पूछने पर कि वह कितने समय तक और पुरुष टेनिस पर अपनी बादशाहत कायम रखेंगे तो उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता। ईमानदारी से कहूं तो बिल्कुल नहीं जानता। मैंने पिछले 12 महीने में तीन ग्रैंड स्लैम जीते हैं। खुद पर यकीन नहीं होता। मेरे भीतर जीत की भूख अभी खत्म नहीं हुई है। उम्र कोई मसला नहीं है, वह बस एक आंकड़ा है, लेकिन मुझे सोच समझकर अपनी प्राथमिकताएं तय करके खेलना है। मैं हर टूर्नामेंट नहीं खेल सकता, लेकिन मुझे अभ्यास में मजा आता है और सफर में भी। मेरे पास अच्छी टीम है जिसकी वजह से यह संभव हुआ।’
उन्होंने कहा, ‘यह देखकर अच्छा लगता है कि मेरे माता-पिता को मुझ पर गर्व है। उन्हें टूर्नामेंट देखने आना अच्छा लगता है। इससे मुझे और अच्छा खेलने की प्रेरणा मिलती है।’

महात्मा गांधी की 70वीं पुण्यतिथि पर राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि

महात्मा गांधी की 70वीं पुण्यतिथि पर पूरा देश बापू को याद कर रहा है। वहीं राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने उन्हें राजघाट जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इनके अलावा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, अध्यक्ष राहुल गांधी, उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू ने भी बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि हम उन सभी शहीदों के नमन करते हैं जिन्होंने हमारे देश की सेवा में खुद को बलिदान किया है। हम देश के प्रति उनके साहस और समर्पण को हमेशा याद रखेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी की 70वीं पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
साबरमती आश्रम में लोगों बापू को उनकी पुण्य तिथि पर याद कर रहे हैं। यहां पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। साबरमती आश्रम महात्मा गांधी के दिल के बहुत करीब था। वह अपना अधिकतर समय यह बिताया करते थे।
बापू की 30जनवरी 1948 को हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या से पूरा विश्व सदमे में था। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कोई गांधी की भी हत्या कर सकता है। शाम को दिल्ली के बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा के लिए जाते हुए गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मार दी। ऐसा कहा जाता है कि बापू के मुंह से निकले आखिर शब्द ‘हे राम’ थे।
30 जनवरी को शहीद दिवस भी मनाया जाता है। शहीद दिवस पर हम महात्मा गांधी और उन अनगिनत स्वतन्त्रता सेनानियों को कृतज्ञता के साथ याद करते हैं जिन्होने हमारी आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

बेंगलुरु में है होम डिलीवरी की व्यवस्था-

दिल्ली में अगले साल से शराब की होम डिलीवरी हो सकती है। शराब बनाने वाली कई कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए तैयार हो रही आबकारी नीति में शराब की होम डिलीवरी की अनुमति देने का सुझाव दिया है। आबकारी विभाग ने गत वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सार्वजनिक सूचना जारी कर 15 दिन के भीतर सुझाव मांगे थे।
शराब बनाने वाली कई कंपनियों ने सुझाव दिया है कि नई आबकारी नीति में शराब की होम डिलीवरी की योजना शामिल की जाए। ऐसा करने से शराब पीने के शौकीन लोगों को घर बैठे मनपसंद ब्रांड की शराब मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ेंगे। इससे कंपनियों का कारोबार बढ़ेगा और होम डिलीवरी के कार्य में लगने से बहुत से लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
शराब खरीदने की उम्र कम की जाए आबकारी विभाग के पास दिल्ली में शराब खरीदने वालों की उम्र सीमा कम किए जाने का भी सुझाव आया है। कहा गया है कि कुछ राज्यों में शराब खरीदने के लिए 18 साल की उम्र निर्धारित है तो किसी राज्य में 21 साल का व्यक्ति शराब खरीद सकता है और बार में शराब पी सकता है।
वहीं दिल्ली में शराब खरीदने और पीने की उम्र 25 साल है। इसलिए दिल्ली में भी शराब खरीदने और पीने की उम्र घटाकर 21 साल की जाए। शराब की तस्करी पर रोक के लिए उठाए जाएं सख्त कदम हरियाणा में दिल्ली की अपेक्षा शराब सस्ती है। इसके चलते दिल्ली में हरियाणा की शराब की तस्करी हो रही है।
आबकारी विभाग ने कई लोगों को पकड़ा है। इसमें कई लोग ऐसे भी हैं जो तस्कर नहीं थे, मगर सस्ती होने के चलते शराब की कुछ बोतल लेकर दिल्ली में आ रहे थे। ऐसे लोगों पर भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं और उनके वाहन भी जब्त किए गए हैं। शराब बनाने वाली कंपनियों ने नई आबकारी नीति में इस मामले में और सख्ती किए जाने के सुझाव दिए हैं।
बेंगलुरु में शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था है। वहां शराब की दुकानों, बार-रेस्तरां को होम डिलीवरी करने की स्वीकृति दी जाती है। इस नीति को वहां सफल माना जा रहा है। शराब की होम डिलीवरी के लिए दुकान का लाइसेंस देते समय एरिया निर्धारित किया जाता है। दुकान से खरीदी जाने वाली और होम डिलीवरी वाली शराब के दाम अलग निर्धारित हैं।

पिछोर उपजेल में कैदी ने बैरक के टॉयलेट में अंडरवियर की इलास्टिक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

पिछोर उपजेल में रविवार-सोमवार की रात कैदी ने बैरक के टॉयलेट में अंडरवियर की इलास्टिक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब दूसरा कैदी टॉयलेट के लिए गया तब उसने कैदी को फांसी के फंदे पर लटका देखा। पीएम के बाद शव को परिजन को सौंप दिया है।
हत्या के आरोप में बंद कैदी राजकुमार उर्फ राजू साहू पुत्र जेबू साहू निवासी गरैंठा (24) ने अपने दोस्त की 24 जनवरी को हत्या कर दी थी। पुलिस ने उसे 25 जनवरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। पिछोर जेलर आरआर पीकले ने बताया कि कैदी राजकुमार ने 28 जनवरी की रात बैरक के टॉयलेट में अंडरवियर की इलास्टिक से फांसी लगा ली। रात 12.30 बजे एक दूसरे कैदी ने इसे फांसी पर लटका देखा और जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों और परिजन को बुलाया। सुबह पीएम कराकर शव परिजन को सौंप दिया है। मामले की जांच की जा रही है।