भारत ने दुनिया की तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम को एक रोमांचक मुकाबले में हरा दिया।

न्यूजीलैंड में चल रहे चार देशों के इंवीटेशनल हॉकी टूर्नामेंट में भारत ने दुनिया की तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम को एक रोमांचक मुकाबले में हरा दिया। भारत ने ये मैच 5-4 से जीता।
इससे पहले भारत इस टूर्नामेंट के फर्स्ट लेग के फाइनल में बेल्जियम के हाथों हार गया था। लेकिन अब भारतीय टीम ने गुरुवार को रोमांचक मैच में बेल्जियम को 5-4 से मात देकर पिछली हार का हिसाब बराबर कर लिया। एक वक्त मुकाबला ड्रॉ होता दिख रहा था, मगर आखिरी दो मिनट में भारत की तरफ से किए गए गोल की बदौलत टीम को जीत मिल गई।
मैच में भारत के लिए रूपिंदर पाल सिंह ( चौथा, 42वां मिनट), हरमनप्रीत सिंह ( 46वें), ललित उपाध्याय ( 53वें ) और दिलप्रीत सिंह (59वें मिनट) ने गोल किए। कोच शोर्ड मारिन की भारतीय टीम ने मैच में सधी हुई शुरुआत की और टू टच हॉकी खेलकर बेल्जियम पर हमले बोले। आक्रामक शैली का भारत को फायदा मिला और पहले पेनाल्टी कॉर्नर को रूपिंदर पाल सिंह ने गोल में बदला।
दूसरे क्वार्टर में यूरोपीय टीम ने मैच में वापसी की कोशिश की, बेल्जियम को 24वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर को टाम बून गोल में नहीं बदल सके। वहीं दूसरे क्वार्टर के हूटर से पहले भारत को भी पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन रूपिंदर इसे गोल में नहीं बदल सके।
बेल्जियम ने 37वें मिनट में गोल करके बढ़त हासिल कर ली। इसके कुछ मिनट बाद भारत ने पेनाल्टी कॉर्नर बनाया और रूपिंदर ने दूसरा गोल करके भारत को 42वें मिनट में 2-2 से बराबरी दिला दी। इसके बाद दोनों टीमों ने एक-एक गोल ठोककर स्कोर को 3-3 से बराबर कर दिया।
इस बीच विवेक प्रसाद ने ललित को पोस्ट के सामने गेंद सौंपी, जिसे गोल में बदलने में उसने गलती नहीं की।आखिरी पांच मिनट में भारत ने पेनल्टी कॉर्नर गंवाया, जिसे बून ने गोल में बदलकर बेल्जियम को फिर 4-4 से मैच में लौटाया। आखिरी कुछ सेकंड में दिलप्रीत ने टीम के लिए विजयी गोल दागा। भारतीय टीम 27 जनवरी को जापान से खेलेगी।

चीन की सेना ने एक बार फिर डोकलाम को लेकर साफ कर दिए अपने इरादे

चीन की सेना ने एक बार फिर डोकलाम को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। चीनी सेना का कहना है कि डोकलाम चीन का हिस्‍सा है। भारत को 73 दिनों तक डोकलाम पर चले गतिरोध से कुछ सीख लेनी चाहिए, ताकि भविष्‍य में इस तरह के विवाद ना हों।
चीनी सेना का ये बयान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्‍होंने डोकलाम को एक ‘विवादित क्षेत्र’ बताया था। चीन अब तक इस बात पर अड़ा हुआ है कि डोकलाम क्षेत्र को लेकर उनका भूटान से कोई विवाद नहीं है।
जनरल बिपिन रावत के डोकलाम पर दिए गए बयान के बाद चीनी सेना की ओर से यह पहली प्रतिक्रिया है, जिसने डोकलाम को लेकर चीन के इरादे जाहिर कर दिए हैं। गुरुवार को चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने कहा, ‘डोकलाम चीन का एक अभिन्‍न हिस्सा है।’
हाल ही में जनरल रावत ने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से लगती सीमा से ध्यान हटाकर चीन सीमा पर केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि चीन की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
12 जनवरी को सेना दिवस के अवसर पर सेना प्रमुख ने कहा था, ‘चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने उत्तरी डोकलाम के इलाके पर कब्जा कर लिया है। गतिरोध स्थल से दोनों पक्ष पीछे हट गए हैं। तंबू अब भी लगे हैं। निगरानी चौकियां मौजूद हैं। इस क्षेत्र को लेकर भूटान और चीन के बीच विवाद है।’ इस पर वू ने कहा, ‘भारत की ओर से की गई टिप्पणी से साफ है कि भारतीय सैनिकों ने अवैध तरीके से सीमा पार की है।’
सेना प्रमुख द्वारा भारत को पड़ोसी को साथ लेने के बयान पर वू ने कहा, ‘देश के साथ उनके आकार से इतर समान रूप से व्यवहार करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि प्रभाव क्षेत्र की इस तरह की धारणा से शीत युद्ध वाली सोच झलकती है जिसके खिलाफ चीन हमेशा रहा है। जनरल रावत ने कहा था कि चीन से निपटने की व्यापक रणनीति के तहत नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे देशों को भी साथ लेने की जरूरत है।
वू ने चीन द्वारा अफगानिस्तान में सैन्य अड्डा या आतंकियों के खिलाफ अभियान के लिए अड्डा बनाने की रिपोर्ट को बेबुनियाद बता कर खारिज किया।
ज्ञात हो कि पिछले साल 16 जून को भारतीय सेना ने विवादित डोकलाम क्षेत्र में चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। भारत और चीन की सेना के बीच 73 दिनों तक गतिरोध बना रहा था। दोनों देशों की सेना आमने-सामने थी। आखिरकार 28 अगस्त को डोकलाम विवाद सुलझा और चीनी सैनिक पीछे हट गए।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल के पलक्कड़ जिले के एक स्कूल में ध्वजारोहण किया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गणतंत्र दिवस के मौके पर केरल के पलक्कड़ जिले के एक स्कूल में ध्वजारोहण किया। इसके लिए लंबे समय से तैयारियां की जा रही थीं।
वहीं भारत के 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर एअाईएमअाईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
वहीं भारत के 69वें गणतंत्र दिवस के मौके पर एअाईएमअाईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
गौरतलब है कि पिछले साल 15 अगस्त को भी भागवत ने एक स्कूल में तिरंगा फहराया था जिसके बाद काफी बवाल हो गया था। बता दें कि इस साल भी भागवत के दौरे से ठीक पहले केरल सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया था कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, स्कूल और कॉलेजों में तिरंगे झंडे का झंडारोहण विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष ही करेंगे।
हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि ये दिशा-निर्देश केंद्र के वर्तमान नियमों और निर्देशों के आधार पर जारी किए गए हैं और इनमें कुछ भी नया नहीं है।
गौरतलब है कि केरल रवाना होने से पहले मुंबई में एक कार्यक्रम में भागवत ने जातिगत राजनीति को जरूरी बताते हुए कहा था कि यह इसलिए मौजूद है क्योंकि लोग जाति के नाम पर वोट देते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज में बदलाव आएगा तो राजनीति भी बदलेगी।
मोहन भागवत मुंबई शेयर बाजार के सभागार में ‘राष्ट्रवाद और व्यापार में नैतिकता’ विषय पर बोल रहे थे। भागवत ने कहा कि ‘आराम और प्रतिष्ठा’ अस्थायी हैं और लोगों को इससे प्रभावित हुए बिना इससे दूर रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना में तिरंगा फहराया।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना में तिरंगा फहराया। सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘गणतंत्र में तंत्र गण की सेवा के लिए है। मैं मध्यप्रदेश का सेवक हूं और सदैव बेहतर करने का प्रयास करता हूं।’
सीएम ने कहा – मध्यप्रदेश की धरती पर हर गरीब का पक्का मकान होगा। कोई भी गरीब 2022 तक बिना पक्के मकान के नहीं रहेगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय के लिए जो प्रेरणा दी है, उस पर चलकर हम रोटी, कपड़ा, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य की पूर्ति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, हमने इलाज के लिए जहां कई योजनाएं शुरू की, वहीं दवाएं और जांच की सुविधा नि:शुल्क कर दी। पैसे के अभाव में किसी को भी बीमारी से जूझने के लिए नहीं छोड़ा जाएगा।
मप्र में किसानों के हित के लिए समाधान योजना लाने वाले है। सरकार किसानों की भलाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। हम उन किसानों के लिए समाधान योजना ला रहे हैं, जिन्हें डिफाल्टर होने के चलते लोन नहीं मिल रहा है। उनका बकाया ब्याज सरकार भरेगी और किसान किश्तों में राशि लौटा सकेंगे। इससे किसान को फिर से लोन मिल सकेगा।
सीएम ने कहा कि बेटियों को हम देवी मानते हैं। शिक्षकों की भर्ती में उन्हें 50 प्रतिशत व पुलिस विभाग में फॉरेस्ट को छोड़कर 33 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं। बेटियों का सशक्तिकरण करना जरूरी है। हम इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहे हैं। आज मध्यप्रदेश में 27 लाख बेटियां लाडली लक्ष्मी हैं। जब ये बेटियां बड़ी होंगी तो इनके बैंक खातों में 31 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। महिला सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। मुझे गर्व है कि हमारी स्व-सहायता की बहनें उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। बहनों द्वारा निर्मित सामानों का बाजार बढ़े, इसलिए उनके सामानों की ब्रांडिंग सरकार करेगी।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों के लिए कहा कि 12वीं में 70 प्रतिशत अंक ले आओ और अपनी उच्च शिक्षा की फीस अपने हमसे भरवाओ। शासकीय कॉलेज हो या प्राइवेट कॉलेज, पूरी फीस प्रदेश सरकार भरेगी।
उन्होंने आज से एक दशक पहले मध्य प्रदेश की पहचान एक पिछड़े राज्य के रूप में होती थी। आज मुझे यह कहते हुए गर्व है कि हम सभी के प्रयासों से प्रदेश देश की औसत विकास दर से आगे है। कृषि विकास दर में दुनिया में हम सबसे आगे हैं। मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रदेश कृषि विकास दर में नंबर एक है। यूपीए की सरकार हो या एनडीए की, लगातार मध्यप्रदेश कृषि कर्मण पुरस्कार अपने नाम कर रहा है।
हमने प्रदेश का सिंचित जमीन का रकबा 40 लाख हेक्टेयर किया। करीब 1.50 लाख किलोमीटर नई सड़कें बनाईं। रिवल लिंकिंग प्रोजेक्ट के तहत नर्मदा नदी को क्षिप्रा नदी से जोड़ा। खेती को बढ़ावा देने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। सिंचाई की योजनाओं का ऐसा जाल बिछाया जाएगा कि अगले कुछ वर्षों में 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होगी।
प्रदेश की विकास दर डबल डिजिट में है, सीएम ने कहा कि मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं, जो इससे संतुष्ट हो जाए। जब तक विकास का प्रकाश आम आदमी तक न पहुच जाए, मेरे लिए वो समुचित विकास नहीं है।