ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले ही दिन चौंकाने वाले परिणाम

साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले ही दिन चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। महिला सिंगल्स में दिग्गज अमेरिकी महिला खिलाड़ी वीनस विलियम्स और यूएस ओपन चैंपियन स्लोएने स्टीफेंस उलटफेर का शिकार होकर बाहर हो गई। पुरुष वर्ग में दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी केविन एंडरसन भी पहले दौर में हारकर बाहर हो गए। दूसरी ओर, चोट के बाद वापसी कर रहे स्पेन के राफेल नडाल ने पहली बाधा पार करते हुए दूसरे दौर में जगह बनाई। भारत की एकमात्र उम्मीद युकी भांबरी का भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वह पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गए।
1997 के बाद पहली बार : दिन का सबसे चौंकाने वाला परिणाम रहा वीनस का, जिन्हें स्विट्जरलैंड की टेनिस खिलाड़ी बेलिंडा बेनकिक ने पहले दौर में 6-3, 7-5 से हराकर बाहर कर दिया। यह वीनस की बेनकिक के खिलाफ हुए पांच मुकाबलों में पहली हार है। बेनकिक का मानना है कि पांचवीं विश्व वरीयता प्राप्त वीनस को उन्होंने पिछले मैच में काफी सम्मान दिया था।
मैच के बाद बेनकिक ने कहा कि मैंने काफी सुरक्षित और ध्यानपूर्वक अपना मैच खेला। इस बार मैंने बड़े स्तर पर खेलने का फैसला किया। आपको यहां अपने मैच में अपनी सीमा में रहकर खेलना होता है। वीनस ने कहा कि बेनकिक ने बेहतरीन खेल दिखाया। यह हार निराशाजनक है। मुझे नहीं लगता कि मैंने खराब मैच खेला है, लेकिन हो सकता है कि मैंने कई गलतियां की हों। मुझे लगता है कि उन्होंने अच्छा खेला। मालूम हो कि दिग्गज खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने ऑस्ट्रेलियन ओपन से अपना नाम वापस ले लिया था। वीनस के पहले दौर में ही बाहर होने से 1997 के बाद से ऐसा पहली बार होगा जब विलियम्स बहनों में से कोई भी इस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में नहीं होगी।
स्टीफेंस को भी झटका : अमेरिकी ओपन चैंपियन स्लोएने स्टीफेंस की भी साल के पहले ग्रैंड स्लैम में शानदार प्रदर्शन करने की उम्मीदों पर पानी फिर गया। चीन की झांग शुआई ने स्टीफेंस को 2-6, 7-6, 6-2 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई।
नडाल की एकतरफा जीत : स्पेन ने राफेल नडाल ने एकतरफा मुकाबले को जीतकर पहली बाधा पार की। उन्होंने पहले दौर में विक्टर एस्ट्रेला बुर्गोस को आसानी से 6-1, 6-1, 6-1 से हराकर बाहर कर दिया। हालांकि, यह मुकाबला करीब 94 मिनट तक चला। घुटने की चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहे नडाल पहली बार अपने करियर में बिना कोई वार्मअप मैच खेले ग्रैंड स्लैम में उतरे हैं।
एंडरसन बाहर : पुरुष वर्ग में ब्रिटेन के केल एडमंड ने विजयी शुरुआत की। उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए 12वीं विश्व वरीयता प्राप्त केविन एंडरसन को मात दी। 49वीं विश्व वरीयता प्राप्त एडमंड ने इस जीत के साथ सिंगल्स वर्ग के दूसरे दौर में स्थान बना लिया है। पहले दौर में एडमंड ने केविन को 6-7, 6-3, 3-6, 6-3, 6-4 से मात दी। वह इस टूर्नामेंट में पुरुष सिंगल्स वर्ग में ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं। दूसरे दौर में एडमंड का सामना उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्टोमिन से होगा।
महिला सिंगल्स के अन्य परिणामों में फ्रेंच ओपन की चैंपियन जेलेना ओस्तापेंको ने 37 वर्षीय फ्रांसेस्का को 6-1, 6-4 से हराया। टीमिया बाबोस ने वानडेवेगे को 7-6, 6-2 से शिकस्त दी। शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों में 2014 ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनलिस्ट डोमिनिक किबुलकोवा को कायरा केनपई से और इकातेरिना माकारोवा को इराना कैमेलिया से हार का सामना करना पड़ा।
पहले दौर की बाधा पार नहीं कर सके युकी : भारत के युकी भांबरी तीसरी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन में पहले दौर की चुनौती पार नहीं कर पाए। 122 वीं रैंकिंग के खिलाड़ी युकी के कायप्रियोट के खिलाफ जीतने की उम्मीद थी, लेकिन खुद के द्वारा की गई गलतियों का खामियाजा युकी को भुगतना पड़ा। युकी पहले दौर में 6-7, 4-6, 3-6 से हारकर बाहर हो गए। 2015 में युकी को पहले दौर में एंडी मरे ने और 2016 में थॉमस बर्डिच ने पहले दौर में हराकर बाहर कर दिया था। इस तरह युकी लगातार तीसरी बार पहले दौर की बाधा पार करने में नाकाम रहे।

अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल का नया बयान जजों के बीच विवाद फिलहाल नहीं सुलझा

सुप्रीम कोर्ट जजों के बीच विवाद सुलझने की बात कहने वाले अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल का नया बयान आया है। इस बार उन्होंने अपने पूर्व के बयान से यू-टर्न लेते हुए कहा है कि यह विवाद फिलहाल नहीं सुलझा है और इसे सुलझने में दो-तीन दिन और लग सकते हैं। एक न्यूज चैनल से सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच हुए विवाद पर बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि मतभेद अभी बना हुआ है।
इससे पहले सोमवार को अटॉर्नी जनरल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा था कि यह एक आतंरिक विवाद था जो अब सुलझ गया है। जैसे की आप देख सकते हैं मुद्दे को खत्म कर दिया गया है और सभी कोर्ट रूम में सामान्य कामकाज हो रहा है।
सोमवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने चारों जजों के साथ लाउंज में बैठकर कॉफी पी और अनौपचारिक चर्चा की। इस दौरान कोर्ट के पूरे स्टाफ को बाहर कर दिया गया था। इसके बाद अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि मामला सुलझ गया है।

खुले में शौच करने वाले युवक की वीडियो वायरल

जयपुर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सोमवार सुबह से वायरल हो रहा है जिसमें खुले में शौच करने वाले युवक की निगमकर्मी डंडे से पिटाई करते हुए दिख रहे हैं। यह वीडियो स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) के दावों की पोल खोल रहा है।
वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि नगर निगम के कर्मचारी एक युवक को शौच करते समय दौड़ा-दौड़ा कर पीट रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जयपुर के महापौर अशोक लाहोटी ने माना कि खुले में शौच को रोकने के लिए टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार फील्ड में रहती है।
लेकिन, इस बात से इन्कार किया कि शौच करने वालों पर डंडे बरसाए जाते हैं। हालांकि, लाहोटी ने वीडियो की जांच कराने की बात कही। गौरतलब है कि पिछले माह जयपुर जिले को सरकार ने राज्य का पहला ओडीएफ जिला घोषित किया है।

छात्रों ने सवाल किया पढ़ाई में मन नहीं लग रहा क्या करूं

मैडम, मैं दमोह से अभिषेक बोल रहा हंू। मैंने पेपर में विज्ञापन देखा है कि बिना 10वीं-12वीं पास किए ग्रेजुएशन में प्रवेश लें। क्या यह सही है? ऐसा होता है क्या कि बिना बोर्ड परीक्षा दिए ग्रेजुएशन हो जाए? सोमवार को यह सवाल मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा छात्रों के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन में पूछा गया। हेल्पलाइन शुरू होने के पहले ही दिन प्रदेशभर से करीब 400 कॉल आए।
बिना हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा पास किए ग्रेजुएश्ान के सवाल पर काउंसलर्स ने कहा कि यह भ्रामक विज्ञापन है। ऐसे विज्ञापनों के बहकावे में बिल्कुल ना आएं। छात्र से कहा गया कि वह अपनी बोर्ड परीक्षा के लिए मन लगाएं। इस तरह के विज्ञापन कॅरियर खराब कर सकते हैं। ये भोले-भाले छात्रों से पैसा ऐंठने का जरिया है।
काउंसलिंग में भोपाल के एक छात्र ने पूछा कि वह जो भी पढ़ता है भूल जाता है। कई बार पढ़ने में मन नहीं लगता। इसके लिए क्या करूं। काउंसलर ने उससे कहा कि पढ़ाई के समय वह कॉपी-पेन लेकर बैठे। जिस पॉइंट पर भी वह अटक रहा है उसे कॉपी में लिखे। इसके बाद उसे रिकॉल करे अगर फिर वह उसी पर अटक रहा है तो कॉपी देखे। इस प्रक्रिया को अगर वह दोहराएगा तो यह समस्या आसानी से दूर हो जाएगी।
कुछ छात्रों ने सवाल किया कि उन्हें परीक्षा से डर लगता है। घबराहट होती है कि पता नहीं पेपर कैसा आएगा? काउंसलर्स ने कहा कि वे अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। इसकी चिंता बिल्कुल न करें कि पेपर कैसा आएगा। पेपर सिलेबस में से ही आएगा कहीं बाहर से बनकर नहीं आएगा, इसलिए पढ़ाई करें अच्छे नंबर आएंगे। छात्रों ने यह भी पूछा कि अच्छे नंबर लाने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए ? काउंसलर्स ने कहा कि पेपर में जो पूछा गया है उसके मुताबिक उत्तर दें। लिखने पर ध्यान रखें इसी के साथ प्रश्न के मुताबिक शब्द सीमा भी देखें। जिन छात्रों को विषय संबंधित समस्या थी उन्हें विषय के शिक्षकों के नंबर भी दिए गए ताकि वे उनसे दिए गए समय पर सीधे बात कर सकें। काउंसलर्स ने बताया कि जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक आएगा कॉल करने वालों की संख्या भी बढ़ती जाएगी। गौरतलब है कि यहां तीन शिफ्टों में चार काउंसलर छात्रों-अभिभावकों की चिंता और समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। यहां नीता तिवारी, शबनम खान आदि काउंसलिंग कर रही हैं।
ये मंत्र भी दिए
– हल्का भोजन लें, पर्याप्त नींद लें।
– परीक्षा से घबराएं नहीं पढ़ें, पेपर सिलेबस मे से ही आएगा।
– जहां अटकते हैं या कमजोर हैं, उसे कॉपी में लिखें।
– पढ़ने के बाद रिवीजन जरूर करें।
– प्रश्न के मुताबिक उत्तर लिखें, शब्द सीमा का ध्यान रखें।
– किताब से भी पढ़ें, कई बार प्रश्न पाठ के बीच में से भी पूछे जाते हैं।
– पढ़ाई के बीच थोड़ा अंतराल लें।