बल्लेबाज सुरेश रैना ने खुद बताया वो करेंगे 2018 के लिए टीम की उपकप्तानी

चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बल्लेबाज सुरेश रैना ने खुद बताया कि वो आईपीएल सीजन 2018 के लिए टीम की उपकप्तानी करेंगे।
बाएं हाथ के बल्लेबाज रैना उन तीन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिसे सीएसके ने नीलामी से पहले रिटेन किया था। रैना के साथ धोनी और जडेजा भी रिटेन किए गए थे। मध्यक्रम के बल्लेबाज सुरेश रैना ने कहा कि टीम के कप्तान धोनी होंगे जबकि मैं उप कप्तान की जिम्मेदारी निभाउंगा।
सुरेश रैना ने नीलामी को लेकर चेन्नई फ्रेचाइजी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट और रिटेन प्लेयर जल्द ही बेंगलुरु में 27 और 28 जनवरी को होने वाली नीलामी को लेकर बैठक करेंगे जिसमें चर्चा होगी कि क्या करना है। 31 वर्षीय रैना ने कहा कि उन्हें लगता है कि सीएसके आईपीएल की बेस्ट टीम होगी। सुरेश रैना और धोनी ने एक साथ घरेलू स्तर पर और इंटरनेशनल स्तर पर कई मैच खेले हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के इस अनुभव का फायदा टीम फेंचाइजी नीलामी में जरूर उठाएगी। रैना और धोनी को पता है कि उनकी टीम के लिए सही खिलाड़ी कौन होगा और उसका क्या रोल होगा।
रैना ने कहा कि मुझे लगता है कि इस सीजन में सीएसके एक बेस्ट टीम के तौर पर सामने आएगी क्योंकि दो वर्ष मैंने गुजरात के लिए खेला है और धोनी पुणे के लिए खेले थे साथ ही भारत के लिए भी उन्होंने काफी मैच खेले हैं और मैंने काफी घरेलू मैच खेले हैं। इसकी वजह से हमें टीम के लिए बेस्ट खिलाड़ी चुनने में काफी मदद मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा न्यायपालिका की स्थिति को लेकर मुद्दे को सुलझाने की कोशिशें तेज

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा फ्रेस कॉन्फ्रेस कर न्यायपालिका की स्थिति को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। खबरों के अनुसार पीएम मोदी के प्रमुख सचिव ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से उनके आवास पर मुलाकात की है वहीं बार एसोसिएशन ने भी बैठक बुलाई है।
खबरों के अनुसार एसोसिएशन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बैठक करेगा और इसके बाद मीडिया को संबोधित भी किया जा सकता है। वहीं चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा भी सुप्रीम कोर्ट के जजों से मुलाकात कर अपना पक्ष रख सकते हैं। माना जा रहा है कि आज की इन कवायदों के बाद विवाद सुलझ सकता है।
अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों से जुड़ा मामला कल सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘आज की प्रेस कांफ्रेस को टाला जा सकता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों के पास अपार अनुभव और जानकारी है। मुझे पूरा यकीन है की इस पूरे मसले को कल सुलझा लिया जाएगा।’
बता दें कि एक अभूतपूर्व घटना में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक मोर्चा खोल दिया। आगाह किया कि संस्थान में सब कुछ ठीक नहीं है। स्थिति नहीं बदली तो संस्थान के साथ साथ लोकतंत्र भी खतरे में है। मीडिया के सामने आने के न्यायाधीशों के चौंकाने वाले फैसले ने न सिर्फ आंतरिक कलह को खोलकर सामने रख दिया है, बल्कि कानूनविदों को भी खेमे में बांट दिया।

2006 की पटवारी परीक्षा निरस्त कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं दिया

साल 2006 में हुई पटवारी चयन परीक्षा का मामला अभी भी ग्वालियर हाईकोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं दिया लेकिन, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव अस्र्ण पाण्डेय ने 2006 की पटवारी परीक्षा को निरस्त कर दिया है।
इतना ही नहीं इस परीक्षा में चयन हुए 77 पटवारियों पर एफआईआर के लिए श्योपुर प्रशासन को पत्र भेजा है। पीएस पाण्डेय ने चयनित पटवारियों पर एफआई का जिम्मा कलेक्टर पीएल सोलंकी व एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह को दिया है।
गौरतलब है कि पटवारी परीक्षा का यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की सभी दलीलेें खारिज करते हुए दिसंबर 2014 में चयनित पटवारियों के पक्ष में फैसला देते हुए मप्र शासन को आदेश दिए थे कि वह पटवारियों को ज्वाइनिंग दें। लेकिन, राजस्व विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी चयनित उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग नहीं दी।
दो साल तक भोपाल व श्योपुर के अफसर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। इससे परेशान चयनित उम्मीदवारों ने कोर्ट की अवमानना की याचिका ग्वालियर हाईकोर्ट में लगा दी । ग्वालियर हाईकोर्ट में पिछले दो महीने में इस मामले में 5 तारीखें लग चुकी हैं।
इस मामले में अब 18 जनवरी की तारीख लगी है। यानी, हाईकोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करवाने का मामला अभी विचाराधीन है लेकिन, राजस्व विभाग के पीएस अरुण पांडेय ने पिछले महीने इस मामले को अलग ही रुख दे दिया। श्री पांडेय ने सभी पटवारियों को पद से बर्खास्त करने के आदेश देकर उन पर एफआईआर के निर्देश दिए।
इस आदेश में तकनीकी खामी यह है कि, जब पटवारियों को अब तक ज्वाइन ही नहीं किया तो बर्खास्तगी कैसी? इस सवाल का जवाब कोई अफसर देना नहीं चाहता। अलबत्ता 15 दिसंबर को पीएस अरुण पांडेय ने 2006 पटवारी भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया एवं आदेश श्योपुर भी भेज दिए। मंगलवार को श्री पांडेय का एक और पत्र श्योपुर कलेक्टर-एसपी के पास पहुंचा है जिनमं 77 पटवारी उम्मीदवारों पर एफआईआर कराने के आदेश हैं।
राजस्व विभाग ने जिन 77 पटवारी उम्मीदवारों पर एफआईआर का जिम्मा श्योपुर कलेक्टर-एसपी को सौंपा है उनमें से तीन की मौत हो चुकी है। लता शर्मा ने तो सदमें में फांसी लगा ली थी और नौकरी न मिलने के सदमें भी एक अन्य युवक मदन सोनी की जान चली गई थी। इतना ही नहीं कई युवाओं की संविदा शिक्षक के तौर पर नौकरी लग चुकी है। करीब 6 युवा ऐसे हैं जिन्होंने दोबारा 2013 में हुई पटवारी चयन परीक्षा पास की उसके बाद पटवारी की नौकरी ज्वाइन कर ली। यदि इन पर भी एफआईआर हुई तो इनकी नौकरी संकट में आ जाएगी।
पटवारी चयन भर्ती प्रक्रिया में शासन ने सबसे पहले अफसरों को दोषी माना था इसीलिए, साल 2008 में ही श्योपुर के तत्कालीन कलेक्टर सहित 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शासन के आदेश पर तत्कालीन कलेक्टर एमएस भिलाला, डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, एसएलआर हरफूल सिंह गुर्जर, जिला शिक्षा अधिकारी रामजीलाल उपाध्याय, एसएलआर एमपी बदरेंठिया, एमएल गुप्ता, नायब तहसीलदार रामदीन सेमिल, आरआई प्रभूलाल नारौलिया, काशीराम लखन, अशोक निर्मल, रघुवीर जाटव, मुश्ताक अहमद, पीएस धाकड़ और बलराम जाटव पर श्योपुर कोतवाली में कार्य के प्रति लापरवाही सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।
चयनित पटवारियों की ओर से हरिओम गौतम व अन्य ने ग्वालियर हाईकोर्ट में मामला लगाया है। पिछली तीन तारीखों से हाईकोर्ट प्रमुख सचिव राजस्व का शपथ पत्र मांग रहा है लेकिन, सरकारी वकील कोई न कोई दलील देकर प्रमुख सचिव का शपथ पत्र अब तक पेश नहीं कर पाए हैं। गुरुवार को लगी तारीख में हाईकोर्ट न्यायाधीश ने सरकारी वकील को भी फटकारा क्योंकि, इस प्रकरण को लड़ने के लिए वकील ने अपना हलफनामा नहीं लगाया। पक्षकार हरिओम गौतम ने बताया कि 18 जनवरी को हाईकोर्ट ने पीएस अरुण पांडेय और श्योपुर कलेक्टर को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
राजस्व विभाग से 2006 के चयनित पटवारियों पर एफआईआर कराने के निर्देश मिले हैं। इस संबंध में पुराने रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं। जल्द ही निर्देशों का पालन कराया जाएगा।