भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बोला हमला

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल की मांग को लेकर भाजपा ने आक्रामक रुख अपना लिया है। अमित शाह द्वारा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाने के बाद अब भाजपा के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव का बयान आया है।
भाजपा प्रवक्ता ने ट्वीट करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बाबर का भक्त और खिलजी का रिश्तेदार तक करार दे दिया है।
राव ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसिस, जिलानिस से हाथ मिला लिया है। राहुल गांधी निश्चित रूप से एक “बाबर भक्त” और “खिलजी के रिश्तेदार” हैं। बाबर ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया और खिलजी ने सोमनाथ को लूट लिया। नेहरू वंश दोनों इस्लामी आक्रमणकारियों के पक्ष में है।’
गौरतलब है कि सुप्रीमकोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान सुन्नी वक़्फ बोर्ड की तरफ़ से पैरवी कर रहे वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि अपील पर सुनवाई अगले लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई, 2019 में की जाए क्योंकि मौजूदा समय में माहौल सुनवाई के लिए माकूल नहीं हैं।
कपिल सिब्बल के दलील के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि जब भी कांग्रेस किसी मुद्दे पर एक अलग तरह का स्टैंड लेना चाहती है तब कपिल सिब्बल को आगे करती है। टू जी घोटाला हुआ तब भी कपिल सिब्बल आगे आए थे और गुजरात में आरक्षण का मसला आया तब भी पचास प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण संभव है, ऐसा एक ओपिनियन लेकर कपिल सिब्बल ही आए थे। अब राम जन्मभूमि केस के रास्ते में रोड़े अटकाने के लिए कपिल सिब्बल कांग्रेस पार्टी की ओर से सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के वकील के तौर पर आए हैं। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के सवाल पर कांग्रेस से उसका रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि रामजन्मभूमि केस की सुनवाई जल्द से जल्द हो, इस बात पर कांग्रेस सहमत है या नहीं? या कांग्रेस पार्टी भी चाहती है कि 2019 के चुनाव तक रामजन्मभूमि केस की सुनवाई न हो।

जिले के कुछ क्षेत्रों में थोड़ी देर तेज बारिश

सोमवार देर रात से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह का नजारा बदला हुआ था। कई शहरों-कस्बों के आसमान पर बादलों के कब्जे के चलते सूरज के दर्शन नहीं हो पा रहे थे तो कहीं बूंदाबांदी लोगों को भिगो रही थी।
यह बदलाव दक्षिण भारत व महाराष्ट्र में आए ओखी चक्रवात व दिल्ली में बने निम्नदाब के क्षेत्र की वजह से आया है। ग्वालियर के मौसम वैज्ञानिक सुनील गोधा के अनुसार अगले 48 घंटे में सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। आसमान साफ होने के बाद कोहरा दस्तक देगा।
जानकारों के मुताबिक ठंड नहीं पड़ने की वजह से रबी व सब्जी की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा था, लेकिन अब फसलों को फायदा होगा। वहीं बादलों भरा मौसम ऐसा ही बना रहा तो अफीम की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
झाबुआ: जिले के कुछ क्षेत्रों में थोड़ी देर तेज बारिश हुई। झकनावदा में ईंट भट्टे गल गए।
नीमच: सोमवार रात से जारी रिमझिम का दौर मंगलवार को भी बना रहा। न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा।
धार: राजगढ़ मंडी में खुले में पड़ी सोयाबीन बूंदाबांदी से हल्की भीग गई।
खंडवा: दिनभर बादल छाए रहे। ओंकारेश्वर में शाम को बूंदाबांदी हुई।
बुरहानपुर: कोहरे के चलते कई ट्रेनें देरी से पहुंची।
खरगोन: जिले के कई क्षेत्रों में बारिश हुई।
बड़वानी: पहले बूंदाबांदी और फिर रिमझिम बारिश से मौसम सर्द हो गया।
मंदसौर: सोमवार रात से शुरू हुई रिमझिम मंगलवार को भी जारी रही।
शाजापुर: दिन के पारे में 4.5 डिग्री तक की गिरावट आई।
आगर: कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। मंगलवार को दिनभर मौसम सर्द रहा।
इंदौर: तेज रफ्तार सर्द हवा और बूंदाबांदी ने शहर को हिल स्टेशन में तब्दील कर दिया। दिन का पारा 4 डिग्री लुढ़ककर 22.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
रतलाम: जिले में मावठे और कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ा है।
उज्जैन: जिले में दिनभर हल्की बारिश होती रही। देर रात तक सर्द हवा से लोग ठिठुरे। दिन का तापमान 6 डिग्री लुढ़का।
देवास: जिले में मंगलवार दिनभर बादल छाए रहे, वहीं दोपहर 3.45 बजे घना अंधेरा छा गया और हल्की बारिश शुरू हो गई। शाम तक बूंदाबांदी का क्रम चलता रहा।
ग्वालियर: मंगलवार को बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई।

विश्व हॉकी लीग फाइनल में भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन

विश्व हॉकी लीग फाइनल में सोमवार को भी भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन जारी रहा। पूल-बी के मैच में जर्मनी ने भारत को 2-0 से हराया। भारतीय टीम अपने पूल में एक भी मैच जीतने में कामयाब नहीं हो सकी। भारतीय टीम इससे पहले इंग्लैंड से भी हारी थी, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसका मुकाबला ड्रॉ रहा था।
भारत ने एक अंक के साथ पूल-बी में सबसे निचला स्थान प्राप्त किया। प्रशंसकों को उम्मीद थी कि भारतीय टीम जबर्दस्त खेल दिखाएगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर बहुत जल्द ही पानी फिर गया। दूसरे क्वार्टर में 17वें मिनट में ही जर्मनी के कप्तान मार्टिन हैनर ने गोल करके अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिला दी।
इसके बाद मैट्स ग्रैमबच ने 20वें मिनट में गोल करके जर्मनी की बढ़त को 2-0 कर दिया। जर्मनी के खिलाड़ियों ने पहले क्वार्टर से ही भारतीय टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन किसी तरह से भारतीय टीम उनका सामना करने में सफल रही।
पहला क्वार्टर भारत ने कड़े संघर्ष के साथ गोलरहित कराया। जर्मनी ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही मौका पाया और हैनर ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर दिया। इसके कुछ मिनट बाद ही ग्रैमबच ने भारत के बीरेंद्र लाकरा को छकाते हुए शानदार गोल कर डाला।
भारतीय टीम को मैच में कुछ अच्छे मौके भी मिले, लेकिन जर्मनी के गोलकीपर टोबियास वाल्टर के शानदार प्रदर्शन से ये गोल में तब्दील नहीं हो सके। वाल्टर ने पहले मनदीप सिंह के शॉट को रोका, तो बाद में आकाशदीप सिंह के शॉट को नेट तक नहीं पहुंचने दिया।

दिल्ली पुलिस सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा पांच दिसंबर से आठ दिसंबर तक

दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती (एग्जीक्यूटिव) परीक्षा-2016 की लिखित परीक्षा मंगलवार पांच दिसंबर से आठ दिसंबर तक तीन पालियों में होगी। कर्मचारी चयन आयोग यह परीक्षा आयोजित करा रहा है और इसके मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में कुल 33 हजार 999 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
आयोग ने परीक्षार्थियों के लिए कई दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। एसएससी के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत आगरा में 11 हजार परीक्षार्थी, बरेली में 5778 पंजीकृत हैं। इन दोनों जिलों में परीक्षा पांच से आठ दिसंबर तक होगी।
गोरखपुर में 790 परीक्षार्थी, कानपुर में 6480 परीक्षार्थी, लखनऊ में 5985 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इन जिलों में परीक्षा पांच से सात दिसंबर तक होगी। वाराणसी में 1092 परीक्षार्थी, पटना में 1488 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
इन जिलों में परीक्षा पांच से छह दिसंबर तक होगी तथा इलाहाबाद में कुल 1386 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं और इन जिलों में परीक्षा केवल मंगलवार यानी पांच दिसंबर को ही होगी। परीक्षाएं तीन पालियों में सुबह दस से 11.30 बजे तक, दोपहर 1.30 से तीन बजे तक और शाम 4.30 से छह बजे तक होगी।

प्रदेश के 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान नहीं

राज्य सरकार छह साल में भी आरटीई (नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009) की शर्तें पूरी नहीं कर पाई है। अब भी प्रदेश के 44 हजार 754 स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं। ऐसा तब है जब प्रदेश सरकार स्कूलों में खेल गतिविधियां अनिवार्य कर चुकी है।
यह खुलासा सीएजी की रिपोर्ट में हुआ है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 5 हजार 176 सरकारी स्कूलों में पानी की सुविधा तक नहीं है। बच्चों को घर से पानी लेकर आना पड़ता है। पानी के अभाव में इन स्कूलों में शौचालय व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। जबकि सात हजार 180 स्कूलों में छात्रों और पांच हजार 945 स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय नहीं हैं। रिपोर्ट 30 नवंबर को विधानसभा में पेश हुई है। प्रदेश में एक लाख 14 हजार 255 सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूल हैं।
देश में एक अप्रैल 2010 से आरटीई कानून लागू हुआ है। इसमें प्रावधान है कि कानून लागू होने के बाद तीन साल में सभी राज्यों को तमाम मापदंड पूरे करने पड़ेंगे, लेकिन राज्य सरकार कुछ विशेष नहीं कर पाई है। सीएजी ने सरकारी स्कूलों की वर्तमान परिस्थितियों पर तीखी टिप्पणी की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कानून लागू होने के पहले से चल रहे सरकारी स्कूल मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। सीएजी ने प्रदेश के 390 स्कूलों में अधोसंरचना की नमूना जांच की। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के दस्तावेजों का परीक्षण भी किया, जिसके बाद ये स्थिति सामने आई है।
प्रदेश के 53 हजार 345 सरकारी स्कूल वर्तमान हालात में बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। दरअसल, इन स्कूलों में अब तक बाउंड्रीवॉल नहीं बनी है। इसलिए असामाजिक तत्वों का स्कूल के अंदर तक आना-जाना है। वर्तमान में बच्चों के अपहरण की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में स्कूलों में बाउंड्रीवॉल न होना खतरनाक हो सकता है।
10 हजार 763 ऐसे भी स्कूल हैं, जिनमें पुस्तकालय ही नहीं है। मुख्यमंत्री ने सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से पुस्तकालय शुरू करने के निर्देश दिए थे। वहीं 64 हजार 278 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में प्रधानाध्यापक के लिए अलग से कक्ष नहीं हैं। वे शिक्षकों के साथ बैठते हैं।

उत्तर कोरिया ने नई मिसाइल का परीक्षण कर अमेरिका को और सख्‍त रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर किया

उत्तर कोरिया ने हाल ही में नई मिसाइल का परीक्षण कर अमेरिका को और सख्‍त रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने नवीनतम मिसाइल परीक्षण के जवाब में उत्‍तर कोरिया पर ‘बड़े प्रतिबंध’ लगाने की घोषणा की है।
डोनाल्‍ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बात करने के बाद उत्तर कोरिया पर बड़े प्रतिबंध लगाने के कदम का खुलासा किया। ऐसा लगता है कि ट्रंप को प्‍योंगयांग पर अधिक दबाव बनाने में चीन का साथ मिल गया है। उत्‍तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण और परमाणु कार्यक्रम को अमेरिका अंतराराष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इसलिए चीन और अन्‍य देशों को साथ लेकर प्योंगयांग पर दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि उत्‍तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग-उन बाज आने वाला है।
ट्रंप ने ट्वीट कर बताया, ‘उत्तर कोरिया के उकसावे वाले कार्यों (हालिया मिसाइल परीक्षण) के संबंध में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अभी बातचीत हुई। उत्तर कोरिया पर कुछ अतिरिक्त बड़े प्रतिबंध आज से लगाए जाएंगे। इस स्थिति को संभाल लिया जाएगा!’
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया के सरकारी समाचार चैनल ने बुधवार को परमाणु परीक्षण की पुष्टि करते हुए कहा कि यह आईसीबीएम मॉडल की मिसाइल हवासोंग-15 है, जिसकी जद में पूरा अमेरिका है। उत्तर कोरिया के केसीटीवी की दिग्गज न्यूज रीडर री-चुन ही ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का ऐलान किया, जिसके गवाह किम जोंग उन भी बने। इसके बाद से चीन और जापान समेत कई देश चिंतित हैं।

भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच टाई

यूपी निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान मथुरा में एक ऐसी स्थिति बनी जब भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच टाई हो गई। दोनो उम्मीदवारों को एक समान 874 वोट मिले। यह दोनों उम्मीदवार वार्ड नंबर 56 के लिए मैदान में उतरे थे।
टाई होने के बाद असमंजस की स्थिति पैदा हो गई और फिर फैसला लिया गया कि विजेता उम्मीदवार का चुनाव लक्की ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। लक्की ड्रा में भाजपा उम्मीदवार मीरा अग्रवाल जीत गईं हैं।
बता दें कि राज्य में पिछले दिनों तीन चरणों में 16 नगर निगमों, 198 नगर पालिकाओं और 438 नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ जिसके बात मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू हुई।
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनावों के लिए मतगणना जारी है। अब तक आए रुझानों में मेयर की 16 में से 13 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं वहीं 3 पर बसपा ने बढ़त बना रखी है। बसपा ने मेरठ, झांसी और आगरा बढ़त बना रखी है। 75 जिलों में मतगणना अब भी जारी है। इन जिलों के 334 केंद्रों पर काउंटिंग की जा रही है। इस चुनाव में 79, 113 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है।

डाक्टरों की हडताल के दौरान हुई मौत का हर्ज़ाना देना होगा डॉक्टरों को

राजस्थान में पिछले दिनों हुई डाक्टरों की हडताल के दौरान जिन मरीजों की इलाज के अभाव में मौत हुई, उनका हर्जाना डाॅक्टरों से वसूला जाएगा। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने भी इस बारे में सरकार को निर्देश दिए थे।
राजस्थान में नवम्बर में सरकारी डाॅक्टरों ने सात दिन की हड़ताल की थी। इस दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गई थी और तीन बार की वार्ता के बाद समझौता हो पाया था। हड़ताल के बाद खुद चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने स्वीकार किया था कि हड़ताल के दौरान करीब तीस मरीजों की मौत हुई है। इसे लेकर राजस्थ्ज्ञान हाईकोर्ट ने भी पिछले दिनों सरकार से कहा था कि जिन मरीजों की मौत हुई है, उनके परिजनों का मुआवजा दिया जाए।
अब सरकार ने इसके लिए सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि वे हडताल अवधि के दौरान अस्पताल में पहुंचे मरीजों और इलाज के अभाव में मौत का शिकार हुए मरीजों की रिपोर्ट 15 दिन में भेजे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर एक कमेटी का गठन कर इसकी जांच करने को कहा है। कमेटी जिले के संबंधित अस्तपताल में इस बात की जानकारी लेगी कि हड़ताल के कारण चिकित्सा सेवाएं नहीं मिलने से कितने मरीजों की मौत हुई, साथ ही इन मौतों के लिए कौन से डॉक्टर जिम्मेदार हैं।
यह कमेटी प्रदेश सरकार को 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि कमेटी अगले कुछ दिनों में जिले के सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच करेगी और 21 दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट तैयार करके स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी, ताकि संबंधित दोषी चिकित्सक के वेतन से मृतक मरीज के परिजनों को देने के लिए हर्जाना वसूला जा सके।

हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगी नयी डिज़ाइन में मार्कशीट

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को इस बार नए प्रारूप वाली अंकसूची देगा। मंडल ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। दसवीं की वार्षिक परीक्षा मार्च में होगी। हाई स्कूल की परीक्षा होने के बाद परिणाम घोषित होने पर जो अंकसूची दी जाएगी वह नए प्रारूप में होगी। इसमें सर्वाधिक अंक प्राप्त होने वाले पांच विषयों के अंक ही महायोग में जोड़े जाएंगे।
नए प्रारूप वाली अंकसूची के में छह में से केवल पांच विषयों के अंक ही महायोग में जोड़े जाएंगे। बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति के तहत ऐसा किया जाएगा। हाई स्कूल में छह विषय हिंदी, इंग्लिश, गणित, विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन होते हैं। इन विषयों में छात्र के जिन पांच विषयों में सर्वाधिक अंक आएंगे केवल उन्हें ही जोड़ा जाएगा। जिस एक विषय में सबसे कम आएंगे उसे महायोग में नहीं जोड़ा जाएगा। सबसे कम अंक वाले विषय के अंक अलग से दिए जाएंगे।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाई स्कूल में छह विषयों में से अगर छात्र किसी एक विषय में फेल भी हो जाता है और शेष पांच में पास होता है तो उसे पास माना जाएगा। इसकी मुख्य वजह है कि बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति में केवल पांच सबसे ज्यादा अंक वाले विषय के अंक ही जुड़ेंगे।
उस विषय को छोड़ दिया जाएगा जिसमें छात्र फेल हुआ है या उसके कम अंक आए हैं। लेकिन अगर वह दो विषयों में फेल होता है तो उसे दो विषयों में ही पूरक की पात्रता भी होगी। कुल मिलाकर हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम बढ़ाने के लिए यह कवायद की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले पांच सालों से दसवीं का परीक्षा परिणाम करीब 55 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है।
मंडल के अधिकारियों के मुताबिक हाई स्कूल के छात्रों को दी जाने वाली नई अंकसूची का फार्मेट तैयार हो गया है। इसमें सुरक्षा के फीचर भी बढ़ाए गए हैं। पहली बार छात्रों को पांच विषयों के महायोग वाली अंकसूची दी जाएगी।