विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सूरत में सामने आया नया विवाद

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सूरत में सामने आया नया विवाद

गुजरात में जारी विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सूरत में नया विवाद सामने आया है। यहां के लिंबायत से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं विधायक संगीता पाटिल ने उर्दू में पम्पलेट छपवाए हैं।
अपने क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के लिए संगीता के प्रचार प्रभारियों ने उर्दू में प्रचार सामग्री छपवा ली। इस पर कांग्रेस नेता असलम साईकिलवाला का कहना है कि उर्दू में पम्पलेट छपवाकर बांटने से मुस्लिम समाज उनको मत देने वाला नहीं है। बहरहाल, गुजरात में पहली बार किसी विधायक ने उर्दू में पम्पलेट छपवाया है।
वरिष्ठ नेता शरद यादव ने गुजरात के आदिवासी इलाकों में भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करते हुए कहा कि आदिवासियों को जंगल, जल व जमीन का हक मिलना चाहिए। उनका उम्मीदवार उत्तम वसावा जेल से चुनाव लड़ रहा है।
यादव ने कहा कि आदिवासियों के हक व खनिज संपदा पर उनके अधिकार के लिए लड़ने के कारण वसावा जेल गया है, उसकी जरूर जीत होगी। आदिवासियों का एक-एक वोट जेल के दरवाजे तोड़ने का काम करेगा।
सोशल मीडिया पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के कुछ वीडिया वायरल हुए, जिसको लेकर भाजपा व हार्दिक समर्थक नेता आमने-सामने आ गए हैं। हार्दिक के साथियों, दिनेश बामणिया व निखिल सवाणी ने भाजपा पर हार्दिक व पाटीदार समाज के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता वरुण पटेल ने कहा भाजपा जैसी महान पार्टी को बदनाम करने के बजाए इन नेताओं को कानूनी मदद लेकर इस मामले में पुलिस शिकायत करनी चाहिए।

पति की हत्या कर उसके शव को बाथरूम के टैंक में दफना दिया

तेरह साल पहले एक महिला ने पति की हत्या कर उसके शव को बाथरूम के टैंक में दफना दिया और खुद आराम की जिंदगी जीने लगी। उसे अपने किये पर कोई पछतावा नहीं था, लेकिन गत सोमवार को सेक्स रैकेट में पकड़े जाने के बाद उसकी करतूत सबके सामने आ गई। बुधवार को पुलिस ने आरोपी महिला के घर से उसके पति सहदेव भारती के अवशेष बरामद किए हैं।
बोइसर पुलिस ने सोमवार को गांधीपड़ा इलाके स्थित एक घर पर छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने चार महिलाओं को छुड़ाया और फरीदा भारती (43) को एक ग्राहक के साथ गिरफ्तार किया था। फरीदा न सिर्फ सेक्स रैकेट चलाती थी, बल्कि अपने पति सहित कई लोगों की हत्याएं भी की हैं।
बोइसर थाने के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर किरन कबाड़ी ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने पति की हत्या करने का गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मंजूरी लेकर फरीदा के घर की खोदाई की गई और सहदेव भारती के अवशेष बरामद किए। अवशेष को फोरेंसिक लैब भेजा गया है। आगे की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, फरीदा ने बताया कि पति की गहरी नींद में सो रहा था। तभी उसने सिर पर तेज प्रहार किया, जिससे पति की मौत हो गई। इसके बाद उसने शव को बाथरूम के टैंक में दफना दिया। हालांकि उसने पति को क्यों मारा था, यह अभी पता नहीं चला है।

तेंदुए की नन्हीं मादा शावक नरसिंह बानो को दिल्ली की रहने वाली महिला राधा अहलुवालिया ने लिया गोद

वन विहार नेशनल पार्क में पल रही तेंदुए की नन्हीं मादा शावक नरसिंह बानो को दिल्ली की रहने वाली महिला राधा अहलुवालिया ने गोद ले लिया है। इसके लिए महिला ने मप्र टाइगर फाउंडेशन सोसायटी को एक लाख रुपए दिए हैं।
यह राशि नरसिंह बानो की परवरिश पर खर्च की जाएगी। बता दें कि शावक जन्म के बाद नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा जंगल में मां से बिछड़ गई थी। जिसे वन विभाग ने रेस्क्यू किया था। 3 नवंबर से शावक को वन विहार में रखा जा रहा है।
वन विहार की डायरेक्टर समीता राजोरा ने बताया कि राधा अहलुवालिया इनसाइट बियांड इनफॉरमेशन नामक कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वे बीते दिनों भोपाल आईं थी। उन्होंने मादा शावक नरसिंह बानो के बारे में अखबारों में खबरें पढ़ी थी वे वन विहार पहुंची और उन्होंने शावक को एक साल के लिए गोद लेने की इच्छा जताई।
इसके आधार पर शावक को गोद देने की प्रक्रिया पूरी की गई और एक साल के लिए गोद दे दिया गया। यानी एक साल तक नरसिंह बानो के इलाज, उसे दी जाने वाली डाइट आदि का खर्च राधा अहलुवालिया उठाएंगी। शावक की परवरिश पहले की तरह वन विहार में ही डॉक्टर करेंगे।
शावक नरसिंहपुर के जंगल में मिली थी। उस समय वह 3 से 5 महीने की थी। यानी उसका जन्म नरसिंहपुर के जंगल में हुआ था। इस आधार पर वन विहार प्रबंधन ने उसका नाम जन्म स्थल के आधार पर नरसिंह बानो रखा है।
नरसिंह बानो को इनक्लोजर में रखा गया है। उसकी देखरेख के लिए दो वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई है जो चौबीसों घंटे उसका ख्याल रखते हैं। इसके वन विहार के डॉ. अतुल गुप्ता उसके स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। वह डाइट में जिंदे मुर्गे खाना पसंद करती था। अब उसे मांस खिलाने की आदत डाली जा रही है।
मैंने जम्मू कश्मीर की वादियों में प्रकृति को करीब से देखा है। अब दिल्ली में प्रदूषण से चिंतित हूं। ऐसा लगता है कि कोई ठोस कदम नहीं उठाएं तो आने वाली पीढ़ी के लिए स्वस्थ प्रकृति और जंगल नहीं बचेंगे। मैं मानती हूं कि प्रकृति को बचाने में वन्यप्राणियों की अहम भूमिका होती है और यह मेरे विवेक से सही भी है क्योंकि मैंने महसूस किया है कि जहां प्राकृतिक जंगल होंगे वहां वन्यप्राणियों की बसाहट होगी।
इन दोनों के मौजूद रहने से हमें स्वस्थ्ा वातावरण मिलेगा और प्रदूषण जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकेगा। इसके लिए वन्यप्राणियों को सहेजकर रखना जरूरी है ताकि जंगल बचा रहे। भले ही मैं सभी वन्यप्राणियों को गोद नहीं ले सकती, पर नन्हें शावक की परवरिश में आने वाले खर्च में अपना योगदान देकर प्रकृतिक और वन्यप्राणियों के प्रति अपना फर्ज अदा करना चाहती हूं। यह एक छोटा संकल्प है लेकिन आज के परिवेश में इसकी जरूरत है। (जैसा कि एसडीओ रजनीश कुमार सिंह वन्यप्राणी मप्र को राधा अहलुवालिया ने शावक को गोद लेने से पहले बताया )