उत्तर कोरिया ने नई मिसाइल का परीक्षण कर अमेरिका को और सख्‍त रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर किया

उत्तर कोरिया ने हाल ही में नई मिसाइल का परीक्षण कर अमेरिका को और सख्‍त रुख अख्तियार करने के लिए मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने नवीनतम मिसाइल परीक्षण के जवाब में उत्‍तर कोरिया पर ‘बड़े प्रतिबंध’ लगाने की घोषणा की है।
डोनाल्‍ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बात करने के बाद उत्तर कोरिया पर बड़े प्रतिबंध लगाने के कदम का खुलासा किया। ऐसा लगता है कि ट्रंप को प्‍योंगयांग पर अधिक दबाव बनाने में चीन का साथ मिल गया है। उत्‍तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण और परमाणु कार्यक्रम को अमेरिका अंतराराष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इसलिए चीन और अन्‍य देशों को साथ लेकर प्योंगयांग पर दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि उत्‍तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग-उन बाज आने वाला है।
ट्रंप ने ट्वीट कर बताया, ‘उत्तर कोरिया के उकसावे वाले कार्यों (हालिया मिसाइल परीक्षण) के संबंध में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अभी बातचीत हुई। उत्तर कोरिया पर कुछ अतिरिक्त बड़े प्रतिबंध आज से लगाए जाएंगे। इस स्थिति को संभाल लिया जाएगा!’
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया के सरकारी समाचार चैनल ने बुधवार को परमाणु परीक्षण की पुष्टि करते हुए कहा कि यह आईसीबीएम मॉडल की मिसाइल हवासोंग-15 है, जिसकी जद में पूरा अमेरिका है। उत्तर कोरिया के केसीटीवी की दिग्गज न्यूज रीडर री-चुन ही ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का ऐलान किया, जिसके गवाह किम जोंग उन भी बने। इसके बाद से चीन और जापान समेत कई देश चिंतित हैं।

भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच टाई

यूपी निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान मथुरा में एक ऐसी स्थिति बनी जब भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही उम्मीदवारों के बीच टाई हो गई। दोनो उम्मीदवारों को एक समान 874 वोट मिले। यह दोनों उम्मीदवार वार्ड नंबर 56 के लिए मैदान में उतरे थे।
टाई होने के बाद असमंजस की स्थिति पैदा हो गई और फिर फैसला लिया गया कि विजेता उम्मीदवार का चुनाव लक्की ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। लक्की ड्रा में भाजपा उम्मीदवार मीरा अग्रवाल जीत गईं हैं।
बता दें कि राज्य में पिछले दिनों तीन चरणों में 16 नगर निगमों, 198 नगर पालिकाओं और 438 नगर पंचायतों के लिए मतदान हुआ जिसके बात मतों की गिनती शुक्रवार सुबह शुरू हुई।
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनावों के लिए मतगणना जारी है। अब तक आए रुझानों में मेयर की 16 में से 13 सीटों पर भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं वहीं 3 पर बसपा ने बढ़त बना रखी है। बसपा ने मेरठ, झांसी और आगरा बढ़त बना रखी है। 75 जिलों में मतगणना अब भी जारी है। इन जिलों के 334 केंद्रों पर काउंटिंग की जा रही है। इस चुनाव में 79, 113 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है।

डाक्टरों की हडताल के दौरान हुई मौत का हर्ज़ाना देना होगा डॉक्टरों को

राजस्थान में पिछले दिनों हुई डाक्टरों की हडताल के दौरान जिन मरीजों की इलाज के अभाव में मौत हुई, उनका हर्जाना डाॅक्टरों से वसूला जाएगा। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों से 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने भी इस बारे में सरकार को निर्देश दिए थे।
राजस्थान में नवम्बर में सरकारी डाॅक्टरों ने सात दिन की हड़ताल की थी। इस दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था ठप हो गई थी और तीन बार की वार्ता के बाद समझौता हो पाया था। हड़ताल के बाद खुद चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने स्वीकार किया था कि हड़ताल के दौरान करीब तीस मरीजों की मौत हुई है। इसे लेकर राजस्थ्ज्ञान हाईकोर्ट ने भी पिछले दिनों सरकार से कहा था कि जिन मरीजों की मौत हुई है, उनके परिजनों का मुआवजा दिया जाए।
अब सरकार ने इसके लिए सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि वे हडताल अवधि के दौरान अस्पताल में पहुंचे मरीजों और इलाज के अभाव में मौत का शिकार हुए मरीजों की रिपोर्ट 15 दिन में भेजे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर एक कमेटी का गठन कर इसकी जांच करने को कहा है। कमेटी जिले के संबंधित अस्तपताल में इस बात की जानकारी लेगी कि हड़ताल के कारण चिकित्सा सेवाएं नहीं मिलने से कितने मरीजों की मौत हुई, साथ ही इन मौतों के लिए कौन से डॉक्टर जिम्मेदार हैं।
यह कमेटी प्रदेश सरकार को 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने बताया कि कमेटी अगले कुछ दिनों में जिले के सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच करेगी और 21 दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट तैयार करके स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी, ताकि संबंधित दोषी चिकित्सक के वेतन से मृतक मरीज के परिजनों को देने के लिए हर्जाना वसूला जा सके।

हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगी नयी डिज़ाइन में मार्कशीट

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को इस बार नए प्रारूप वाली अंकसूची देगा। मंडल ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। दसवीं की वार्षिक परीक्षा मार्च में होगी। हाई स्कूल की परीक्षा होने के बाद परिणाम घोषित होने पर जो अंकसूची दी जाएगी वह नए प्रारूप में होगी। इसमें सर्वाधिक अंक प्राप्त होने वाले पांच विषयों के अंक ही महायोग में जोड़े जाएंगे।
नए प्रारूप वाली अंकसूची के में छह में से केवल पांच विषयों के अंक ही महायोग में जोड़े जाएंगे। बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति के तहत ऐसा किया जाएगा। हाई स्कूल में छह विषय हिंदी, इंग्लिश, गणित, विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन होते हैं। इन विषयों में छात्र के जिन पांच विषयों में सर्वाधिक अंक आएंगे केवल उन्हें ही जोड़ा जाएगा। जिस एक विषय में सबसे कम आएंगे उसे महायोग में नहीं जोड़ा जाएगा। सबसे कम अंक वाले विषय के अंक अलग से दिए जाएंगे।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाई स्कूल में छह विषयों में से अगर छात्र किसी एक विषय में फेल भी हो जाता है और शेष पांच में पास होता है तो उसे पास माना जाएगा। इसकी मुख्य वजह है कि बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति में केवल पांच सबसे ज्यादा अंक वाले विषय के अंक ही जुड़ेंगे।
उस विषय को छोड़ दिया जाएगा जिसमें छात्र फेल हुआ है या उसके कम अंक आए हैं। लेकिन अगर वह दो विषयों में फेल होता है तो उसे दो विषयों में ही पूरक की पात्रता भी होगी। कुल मिलाकर हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम बढ़ाने के लिए यह कवायद की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले पांच सालों से दसवीं का परीक्षा परिणाम करीब 55 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है।
मंडल के अधिकारियों के मुताबिक हाई स्कूल के छात्रों को दी जाने वाली नई अंकसूची का फार्मेट तैयार हो गया है। इसमें सुरक्षा के फीचर भी बढ़ाए गए हैं। पहली बार छात्रों को पांच विषयों के महायोग वाली अंकसूची दी जाएगी।