मिस वर्ल्ड 2017 मानुषी छिल्लर ने किए सिद्धिविनायक मंदिर में बप्पा’ के दर्शन

मिस वर्ल्ड 2017 मानुषी छिल्लर ने सोमवार सुबह यहां सिद्धिविनायक मंदिर में ‘गणपति बप्पा’ के दर्शन किए। उनके साथ उनके परिजन भी थे। प्रसिद्ध मराठी अभिनेता और मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आदेश सी बांदेकर ने बताया, ‘वह यहां सुबह 5ः15 बजे अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए पहुंचीं। उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया।’
बाद में ट्वीट के जरिये मानुषी ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा, ‘मुंबई के दादर (प्रभादेवी) में सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान गणेश से आशीर्वाद लिया। मंदिर के आसपास सकारात्मकता थी।’
हरियाणा की मेडिकल की छात्रा मानुषी ने साल 2000 के बाद भारत को यह ताज दिलाया है। उन्होंने हल्के नीले रंग का घाघरा-चोली-दुप्पटा पहना हुआ था। वह भगवा रंग की स्टॉल के साथ माथे पर बड़ा तिलक लगाए हुईं थीं। इस दौरान उनकी मां नीलम छिब्बर, पिता मित्रवासु और भाई भी थे।
मानुषी का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में हुआ है। उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। शनिवार सुबह ही वह स्वदेश लौटी हैं। मुंबई पहुंचने पर उनका यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत हुआ था।

सेंधवा में दुष्कर्म से जुड़े दो मामले सामने आने के बाद हलचल

सेंधवा जिले में दुष्कर्म से जुड़े दो मामले सामने आने के बाद हलचल मच गई है। मिली जानकारी के मुताबिक बीती 26 नवंबर की रात को वरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत पांजरिया गांव में दो आरोपियों ने घर में घुसकर एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
विवाहित महिला ने आरोप लगाया है कि दोनों आरोपियों ने पहले घर में घुसकर मारपीट की, उसके बाद दुष्कर्म किया। इस वारदात के अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों के नाम अब्दुल बारेला और श्रीराम बारेला है, जिनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं दोनों फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
इसके अलावा जननी एक्सप्रेस में भी एक आशा कार्यकर्ता के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मिली जानकारी की मुताबिक जननी एक्सप्रेस के चालक के भाई ने प्रसव मामले की जानकारी लेने के बहाने आशा कार्यकर्ता को बुलाया और जननी एक्सप्रेस में ही दुषकर्म किया। पुलिस ने बताया कि यह घटना 11 नवंबर की रात 10 बजे हुई। इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस कर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने नया चुनाव कराने से किया इन्कार

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने नया चुनाव कराने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही नई सरकार का गठन करना चाहती हैं।
न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, मर्केल ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि चुनाव नतीजे को लेकर अगर हम कुछ नहीं कर सके तो लोगों से फिर मतदान के लिए कहा जाए।
उन्होंने कहा कि जर्मनी में एक स्थिर सरकार होनी चाहिए। वह शनिवार को अपनी पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन के सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।
12 साल से सत्ता संभालने वाली मर्केल को सबसे गंभीर राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि 24 सितंबर को हुए संघीय चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला।
19 नवंबर को सरकार गठन को लेकर फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी और ग्रीन्स के साथ उनकी बातचीत विफल हो गई थी। जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमियर ने मर्केल, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता मार्टिन शुल्ज और बेवेरियन
क्रिश्चियन सोशल यूनियन के नेता हॉर्स्ट सीहोफर को महागठबंधन बनाने को लेकर चर्चा के लिए अगले सप्ताह बुलाया है।

देशभर में सैकड़ों गांव-कस्बे नाना और नानी के नाम पर

“मुहल्ले की वो सबसे निशानी पुरानी वो बुढ़िया जिसे लोग कहते थे नानी वो नानी की बातों में परियों का डेरा वो चेहरे की झुर्रियों में सदियों का फेरा।” सुदर्शन फाकिर द्वारा लिखीं ये पंक्तियां जगजीत सिंह की मधुर आवाज पाकर अमर हो गईं। इस गीत को गुनगुनाते ही शहर से कोसों दूर गांव में नानी के साथ बिताए पलों की याद हमें अपने बचपन में ले जाती है, लेकिन हमारे बच्चे इस स्नेह भरे रिश्ते से दूर जा रहे हैं।
सिर्फ नानी ही क्यों, नाना, दादा-दादी, मामा-मामी, चाचा-चाची जैसे तमाम रिश्ते बस्तों के बोझ तले दब रहे हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि देशभर में सैकड़ों ऐसे गांव-कस्बे हैं, जहां से इन रिश्तों की खुशबू आती है। इनमें सबसे ज्यादा गांव-कस्बे नाना और नानी के नाम पर हैं। 200 गांव-कस्बों के नाम के आगे या पीछे नाना या नानी जुड़ा हुआ है। जितने नाना उतने नानी।
जिस गुजरात में मोटा भाई सबसे ज्यादा बोला जाता है, वहां 91 गांव-कस्बे नानी और 82 नाना के नाम पर हैं। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में चार, राजस्थान में दो, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में एक-एक गांव नाना के नाम पर हैं। नानी के नाम पर हिमाचल प्रदेश में एक, राजस्थान में छह, मध्य प्रदेश में चार गांव हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में एक भी नहीं। दादा-दादी के नाम पर सिर्फ 30 गांव हैं। इनमें से 16 दादा और 14 दादी के नाम पर हैं।
दादा के नाम पर सबसे ज्यादा चार-चार गांव हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हैं, वहीं उत्तराखंड में तीन, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में दो-दो व पंजाब में एक गांव है। दादी की बात करें तो सबसे ज्यादा छह गांव या कस्बे मध्य प्रदेश में हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में चार, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक है। इसके अलावा काका-काकी के नाम पर भी अलग-अलग राज्यों में 11 गांव हैं।
भैया और दोस्त बनाने में उत्तर प्रदेश वाले पीछे नहीं हैं। देशभर में 21 गांव या कस्बे के नाम में भैया शब्द जुड़ा हुआ है। इनमें से अकेले 13 गांव उत्तर प्रदेश में हैं। इसके अलावा बिहार व राजस्थान में तीन-तीन और पश्चिम बंगाल में दो गांव भैया के नाम पर हैं। दोस्त के नाम पर 15 गांवों में से 11 उत्तर प्रदेश और चार बिहार में हैं। भाई के नाम पर 30 गांवों में से अकेले 10 पंजाब में हैं। भाभी के नाम पर भी दो गांव हैं, एक उत्तर प्रदेश में तो दूसरा बिहार में।
दुनिया के सबसे पवित्र रिश्ते यानी मां के नाम पर देश में कोई गांव या कस्बा नहीं है। जबकि, बहन के नाम पर आठ, पिता के नाम पर छह, मामा के नाम पर तीन और एक गांव मामी के नाम पर है।

व्यापमं घोटाले में शातिर आरोपियों के साथ कई निर्दोष भी चपेट में

बहुचर्चित व्यापमं घोटाले में शातिर आरोपियों के साथ कई निर्दोष भी चपेट में आ गए। एसटीएफ ने बगैर कोई पुख्ता सबूत या जांच के उन्हें सिर्फ इसलिए आरोपी बना दिया, क्योंकि वे संदिग्ध परिस्थिति के घेरे में आ रहे थे। बाद में एसटीएफ उनके खिलाफ सबूत जुटा भी नहीं पाई। ऐसे ही 27 आरोपियों को सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में क्लीनचिट दे दी है।
विशेष न्यायधीश डीपी मिश्र की अदालत में पेश की गई चार्जशीट में सीबीआई ने सबूत नहीं होने, आवेदक के निर्दोष होने के पूरे प्रमाण होने, जांच से पहले ही मौत होने या ऐसे साक्ष्य जो कोर्ट में जिरह के दौरान टिक नहीं पाएंगे, के आधार पर 27 लोगों को निर्दोष बताया है।
एसटीएफ द्वारा दीपा देवी, रोहित कुमार, धर्मेंद्र शुक्ला, अरविंद पुरी, इरफान खान और भारत बघेल को बतौर इंजन और सतेंद्र सिंग को बोगी बताते हुए आरोपी बनाया गया था। सीबीआई को जांच में इन सातों आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले, क्योंकि ये इन लोगों ने फॉर्म तो भरे थे लेकिन वे परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।
सीबीआई की जांच में मोनिका सेठ का मामला बेहद रोचक निकला। मोनिका के मकान का पता, फोन नंबर, ईमेल आईडी और आवेदन फॉर्म सहित अन्य सभी जानकारियां सही पाई गईं। उसके नंबर भी आगे, पीछे, दाएं और बाएं में बैठे परीक्षार्थियों से भी कम हैं। इसके बाद भी एसटीएफ ने मोनिका को बोगी बताकर आरोपी बना दिया था।
एसटीएफ ने अमित निमावत, बालेंद्र राजपूत और सुनीता सागर को बतौर दलाल आरोपी बनाया था। सीबीआई को जांच में इन तीनों लोगों से जुड़ा कोई भी आवेदक या आरोपी नहीं मिला। कोई ऐसा साक्ष्य भी नहीं मिला जिससे यह साबित किया जा सके कि उक्त तीनों ने पीएमटी परीक्षा में दलाली की है।
एसटीएफ ने 12 ऐसे लोगों को भी क्लीनचिट दी है, जिनके खिलाफ एसटीएफ के पास सबूत तो थे लेकिन वे इतने पुख्ता नहीं थे कि कोर्ट में जिरह के दौरान टिक पाते। इन लोगों में बदन सिंग यादव, गोपाल सिंग, नरेंद्र कौशिक, ठाकुर प्रसाद, जीवन लाल कुशराम, देवाराम, प्रकाश सिंग दापकरा, छोटेलाल जाटव, भूप सिंह सुमन, जीएस सुमन, बाबू लाल चौपड़ा, चीमा चौधरी शामिल हैं। वहीं जांच के दौरान मौत होने के कारण चंद्र सिंग, शैलेंद्र सिंग, ब्रजेश गर्ग और भारत सिंह सोलंकी को आरोपी नहीं बनाया गया।

रितु फोगाट ने पोलैंड में चल रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर खुशी ला दी।

हरियाणा की पहलवान रितु फोगाट (48 किग्रा) ने पोलैंड में चल रही पहली अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में शुक्रवार को रजत पदक जीतकर भारतीय खेमे में खुशी ला दी।
पिछले तीन दिन से भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। ओलिंपियन गीता फोगाट की बहन रितु को टूर्नामेंट के चौथे दिन फाइनल में तुर्की की इविन डेमारहन के हाथों शिकस्त खाकर रजत से ही संतोष करना पड़ा। इससे पहले वॉकओवर से सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने वाली रितु ने बुल्गारिया की मिगलेना जॉर्जिवा को 4-2 से, जबकि सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में चीन की जियांग जुहु को 4-3 से पराजित किया।
एक अन्य भारतीय पहलवान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की दिव्या सेन (69 किग्रा) रेपचेज के मुकाबले में लिथुआनिया की डेनॉट से 4-2 से हराकर कांस्य पदक की दौड़ से बाहर हो गई। वहीं पिंकी जागड़ा (53 किग्रा) क्वालीफाइंग दौर में ही यूक्रेन की पहलवान बेरेजा से 4-0 से हराकर बाहर हो गईं।

दिल्ली में स्मॉग संकट गहराया तो ऊंची इमारतों पर चढ़ की गई पानी की बौछार

पिछले दिनों दिल्ली में स्मॉग संकट गहराया तो ऊंची इमारतों पर चढ़ पानी की बौछार की गई। हेलिकॉप्टर से पानी का छिड़काव करने की योजना बनी। उदाहरण देकर कहा गया कि हमें चीन से सीखना चाहिए, वह मशीनों के जरिये स्मॉग को हटाता है। सोचने वाली बात है कि हम जिस चीन की मिसाल दे रहे थे, वह खुद भारत में बनी एंटी स्मॉग मशीनों का इस्तेमाल करता है।
बहरहाल, दिल्ली सरकार ने इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। क्लाउड टेक कंपनी के सीईओ यमुना नगर(हरियाणा) के रहने वाले सुशांत सैनी ने बताया कि मशीन का ट्रायल जल्द ही दिल्ली में होगा। सुशांत मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उनका दावा है कि देश में सिर्फ उनके पास इस तरह की तकनीक है।
इंजीनियरिंग करने के बाद सुशांत ने हीरो होंडा कंपनी में नौकरी की। कुछ खास करने की चाह मे नौकरी छोड़ दी। यमुनानगर आ गए। वर्ष 2005 में क्लाउड टेक कंपनी बनाई। उन्होंने पांच तरह की मशीनें बनाईं जो स्मॉग (वातावरण में धूल, कार्बन और सूक्ष्म धातु कणों की मात्रा बढ़ जाना), फॉग (कोहरा), मिस्ट (धुंध), डस्ट (धूल), नमी, गंध व कीट नियंत्रण के काम आती हैं। इनकी कीमत छह से तीस लाख रुपए तक है। इनमें फॉग कैनन डस्ट सप्रेशन सिस्टम स्मॉग दूर करने में इस्तेमाल होती है।
सुशांत ने यमुनानगर के मानकपुर और अहमदाबाद में दो प्लांट लगाए हैं। खनन, थर्मल, सीमेंट, स्टील, एनटीपीसी, पेट्रोलियम कंपनियों, चाय बागानों और दूसरी औद्योगिक इकाइयों में उनकी मशीन इस्तेमाल हो रही हैं। कंपनी का टर्नओवर 25 करोड़ से अधिक पहुंच गया है।
ऐसे काम करती है स्मॉग-फॉग कैनन मशीन
– सेंसर के कारण प्रदूषण पीएम 2.5 से ज्यादा होते ही मशीन स्वतः कार्य शुरू कर देती है।
– पानी को इतने अधिक प्रेशर पर निकालते हैं कि उसकी बूंदें धूल के कण के आकार (0.5 से 2 माइक्रोन) की हो जाएं।
– इनके आपस में टकराते ही धूल कण का वजन बढ़ता है और वह नीचे आ जाता है।
-15 मिनट का स्प्रे 5 घंटे की बारिश जितना असर डालता है। – 4 से 6 किमी तक वातावरण एक दम साफ हो जाता है।

मंत्री अर्जुन खोटक को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका

महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना के कोटे से मंत्री अर्जुन खोटक को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान विधायक खोटकर की सदस्यता रद्द कर दी है।
खोटकर जालना विधानसभा सीट से विधायक हैं और मौजूदा भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में टेक्सटाइल, पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के जस्टिस टीवी नालावाडे ने याचिकाकर्ता कैलाश गोरंत्यल की याचिका पर अपना फैसला सुनाया। गोरंत्यल ने अपनी याचिका में दावा किया है कि खोटकर ने नामांकन की समय सीमा खत्म होने के बाद पर्चा दाखिल किया था। उन्होंने अदालत से खुद को जालना से विजेता घोषित करने की मांग भी की।
याचिकाकर्ता कैलाश ने कांग्रेस की टिकट पर खोटकर के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

आपबीती :- लगा था नहीं बच पाऊंगा, लेकिन आज नई जिंदगी मिल गई

भोपाल से सटे जंगल में बाहरी दखल से बाघ आक्रामक हो गए हैं। इसी का नतीजा है कि अब वे इंसानों पर हमला करने लगे हैं। शुक्रवार को पहली बार भोपाल से सटे मेंडोरा के जंगल में एक बाघ ने वनकर्मी पर हमला कर दिया।
इससे वनकर्मी घबरा गया और शोर मचाने लगा, तब तक बाघ झाड़ियों की तरफ भाग गया। हमले में वनकर्मी के बाएं पैर पर दो जगह बाघ के नाखून से गहरे घाव लगे। घायल वनकर्मी का जेपी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घायल वनकर्मी नारायण सिंह मीना ने बताया कि रोज की तरह वह शुक्रवार सुबह 9 बजे समरा रेंज की मेंडोरा बीट में पैदल गश्ती पर निकला था। तभी सामने से बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ का पंजा उसके बाएं पैर पर जांघ और घुटने के नीचे दो जगह लगा। घटना से वह घबरा गया और बचाओ-बचाओ कहकर शोर मचाने लगा। तब तक बाघ झाड़ियों की तरफ निकल गया। शोरगुल सुनकर पास में काम कर रहे मजदूर आए और उन्होंने डिप्टी रेंजर, नाकेदारों को सूचना देकर वनकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया।
रोज की तरह मैं जंगल में झाड़ियों के बीच पगडंडियों से पहाड़ी की तरफ जा रहा था। अचानक सामने से बाघ आ गया। मैंने सोचा अब नहीं बच पाऊंगा। मेरे हाथ-पांव कांप रहे थे, तब तक बाघ ने मुझ पर हमला कर दिया। मैं चिल्लाने लगा तो वह जंगल की तरफ चला गया।
गनीमत रही कि वह अपने मुंह और पंजे से मुझे पकड़ नहीं पाया और मैं बच गया। आज मुझे नहीं जिंदगी मिली है। 25 साल से जंगल में बाघ की देखरेख कर रहा हूं, कई बार आमना-सामना हो चुका था, लेकिन ऐसी नौबत कभी नहीं बनी। आज के बाद कभी पैदल गश्ती पर जंगल नहीं जाऊंगा, चाहे भले ही नौकरी चली जाए। आज मेरी जान चली जाती तो मेरा परिवार अकेला हो जाता। (जैसा कि घायल वनकर्मी ने नईदुनिया को बताया।)
वनकर्मी को पता था कि क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट है। ऐसे में उसे अकेले गश्ती पर नहीं जाना था। वन विभाग की तरफ से घायल का इलाज कराया जा रहा है। बाघ की देखरेख बढ़ा दी है। अलग से गश्ती करने दो टीमें बनाई गईं हैं। – डॉ. एसपी तिवारी, वन संरक्षक, भोपाल
इस घटना से वन विभाग को सीख लेनी चाहिए। क्योंकि बाघ बाहर निकलकर हमला नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके क्षेत्र में बाहरी दबाव बढ़ने के कारण खुद की सुरक्षा में वे हमला
कर रहे हैं। राजानी से सटे जंगल में अतिक्रमणकारियों को हटाकर बाघों की सुरक्षा बढ़ानी होगी।

भारतीय स्टार महिला खिलाड़ी पीवी सिंधू ने गुरुवार को विजयी अभियान जारी किया।

रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारतीय स्टार महिला खिलाड़ी पीवी सिंधू ने गुरुवार को अपना विजयी अभियान जारी रखते हुए हांगकांग ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी साइना नेहवाल और एचएस प्रणय अपने-अपने मुकाबलों में हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सिंधू ने महिला सिंगल्स के मुकाबले में जापान की अया ओहोरी को 21-14, 21-17 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। विश्व की तीसरे नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने दूसरे दौर का यह मुकाबला 39 मिनट में अपने नाम किया।
सिंधू की यह जापानी खिलाड़ी पर तीसरी जीत है। सिंधू का अगले दौर में एक और जापानी खिलाड़ी अकोन यामागुची से शुक्रवार को मुकाबला होगा। विश्व की दसवें नंबर की खिलाड़ी नेहवाल अपनी लय में नहीं दिखी और महिला सिंगल्स के दूसरे दौर के मुकाबले में आठवीं वरीय चीन की चेन युफेई 21-18, 19-21, 10-21 से हार गई।
चीनी खिलाड़ी ने नेहवाल को एक घंटे से भी कम समय में शिकस्त देकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया। पुरुष सिंगल्स में भारतीय खिलाड़ी एचएस प्रणय को हार का सामना करना पड़ा। वह जापान के कजूमासा सकाई से 21-11, 10-21, 15-21 से 54 मिनट में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
प्रणय को तीसरी बार सकाई से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले अन्य भारतीय खिलाड़ी पारूपल्ली कश्यप और सौरव वर्मा पहले दौर में हार गए थे।