बड़ी कंपनियों के लिए सौगात 10 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की बस बेशकीमती कार भी हो जाएगी पार्क

लग्जरी मोटरहोम बनाने वाली कंपनी वॉकनर मोबिल ने ऐसी बस बनाई है, जिसमें रहने-खाने की पूरी व्यवस्था के साथ ही आपकी बेशकीमती कार भी पार्क हो जाएगी और किसी को नजर नहीं आएगी। यह मोटरहोम ऐसे लोगों के लिए सौगात है, जो वीकेंड मनाने के लिए शहर से दूर जाना पसंद करते हैं और साथ ही वहां से छोटी-मोटी यात्रा पर जाते हैं।
इस बस की कीमत 10 करोड़ रुपए (12 लाख पौंड) से अधिक है। इस बस में न केवल सोने की पर्याप्त जगह है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किचन और बाथरूम भी है। 40 फीट लंबी इस बस में कार को पार्क करने के लिए एक विशेष इलेक्ट्रोहाइड्रोलिक लिफ्ट लगी है, जो कार को बस के नीचे की तरफ पार्क कर लेती है।
इस जर्मन कंपनी के निदेशक स्टीफैन वॉकनर के मुताबिक, अधिकांश मोटरहोम में लग्जरी सुविधाओं वाला किचन नहीं मिलता, लेकिन इस बस में यह कमी भी पूरी कर ली गई है। इसे चलित घर कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।

हो चुकी महाभारत में पांडवों के लाक्षागृह ढूंढने की तैयारियां पुरातत्व विभाग ने खुदाई की अनुमति दी

महाभारत में पांडवों के जिस लाक्षागृह का जिक्र है अब उसे ढूंढने की तैयारियां हो चुकी हैं। सालों के अनुरोध के बाद पुरातत्व विभाग ने उस जगह खुदाई की अनुमति दे दी है जहां पांडवों का लाक्षागृह होने का दावा किया गया है।
यह जगह यूपी के बागपत जिले के बरनावा में स्थित है। यह वर्णाव्रत का परिववर्तित नाम है जो उन पांच गांवों में शामिल है जिनकी मांग पांडवों ने कोरवों से की थी।
एक अंग्रेजी अखबार के ने अधिकारियो के हवाले से दी खबर के अनुसार महाभारत में कौरवों द्वारा लाख से बनाए लाक्षागृह का जिक्र मिलता है। यह लाक्षागृह कौरवों में पांडवों को जिंदा जलाने के लिए बनाया था लेकिन षडयंत्र की भनक लगने पर पांडवों ने लाक्षागृह के नीचे सुरंग बनाकर ऐन वक्त पर अपनी जान बचाई थी।
पुरातत्व विभाग के निदेशक ने बताया कि काफी विचार विमर्श के बाद हमने अनुमति दी है। अधिकारियों के अनुसार यह खुदाई 3 महीने तक चलेगी।

पद्मावती के खिलाफ भाजपा ने चुनाव आयोग से इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की

राजस्थान की रानी की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म पद्मावती के खिलाफ भाजपा ने राजपूत समाज के साथ अपना सुर मिला लिया है। पार्टी ने फिल्म को ऐतिहासिक तथ्यों से परे बताते हुए बुधवार को सौंपी गई अर्जी में चुनाव आयोग से इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
गुजरात में राजपूत समाज के अग्रणी लोगों में गिने जाने वाले और भाजपा के प्रवक्ता आई के जाडेजा ने बताया कि राज्य के क्षत्रिय राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार के आला मंत्री भूपेंद्र सिंह चूडास्मा, प्रदीप सिंह जाडेजा, किरीट सिंह राणा आदि से मुलाकात कर राज्य में पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।
उनका दावा है कि फिल्म में राजस्थान की गौरवशाली परंपरा के साथ खिलवाड़ किया गया है। फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी व पद्मावती की मुलाकात का दृश्य है जबकि दोनों के बीच कभी मुलाकात हुई ही नहीं थी। इससे राजपूत और क्षत्रिय समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा है।

मप्र विकास यात्रा की शुरुआत भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों को बताने वाले को 1 लाख का पुरस्कार

भानपुरा (मंदसौर)। अगले साल विधानसभा चुनावों की तैयारियों में मप्र विकास यात्रा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भानपुरा में कहा कि अब मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा। साथ ही इन्हें बताने वाले को 1 लाख का पुरस्कार भी दूंगा।
इसी तरह ईमानदारी से अच्छे कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को गले लगाकर सम्मानित भी करूंगा। मप्र सरकार शीतकालीन सत्र में विधेयक लाएगी, जिसमें बधिायों, लड़कियों व महिलाओं के साथ व्यभिचार और अश्लीलता करने वाले अपराधियों को फांसी की सजा का प्रावधान रहेगा।
वे बुधवार को यहां लगभग 6 अरब रुपए की योजनाओं के लोकार्पण व भूमिपूजन पर बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चंबल नदी से नहर द्वारा रेवा नदी में पानी डाले जाने की भानपुरा नहर परियोजना का लोकार्पण किया। साथ ही गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना का भूमिपूजन किया।
इसके अलावा शामगढ़-सुवासरा तहसील के लिए 800 करोड़ की सिंचाई योजना को स्वीकृत करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को विकास दिखाई नहीं देता है। मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूं कि मप्र की कई सड़कें अमेरिका से अच्छी हैं। और हमारा प्रदेश कई क्षेत्रों में अमेरिका से आगे हैं। इसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर रही है, जिनकी आंखों में गुलामी का चश्मा लगा हो उन्हें मप्र का विकास दिखाई नहीं देता है।
शामगढ़-सुवासरा तहसील के लिए 800 करोड़ रुपए की सिंचाई योजना से गरोठ, शामगढ़ व सुवासरा तहसील के 189 गांव लाभान्वित होंगे और इस क्षेत्र की 40 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। शिवराजसिंह के शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि दुनिया और पूरे भारत में भानपुरा पहला ऐसा क्षेत्र है जहां एक नदी का पानी दूसरी नदी में मिलाकर सिंचाई योजना प्रारंभ की गई है। चंबल का पानी आज से रेवा नदी में मिल गया है, यह ऐतिहासिक क्षण है। इन सिंचाई योजनाओं से 126 गांव की 37 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। 57 वर्षों पहले गांधीसागर बांध के लिए इस क्षेत्र ने बहुत बड़ा बलिदान दिया था। पहली बार मंदसौर जिले को इसका लाभ मिलेगा। पूरा क्षेत्र चंबल के पानी से सिंचित होगा और पेयजल भी उपलब्ध होगा।
भानपुरा में कार्यक्रम के दौरान जब सीएम शिवराजसिंह चौहान मंच से लोगों का अभिवादन करने दूसरे कोने जा रहे थे, तभी एक स्पीकर के यहां केबल में उनका पैर अटका और हल्की-सी ठोकर लगने के साथ वे लड़खड़ाए। इस दौरान साथ चल रहे मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने उन्हें पकड़कर सहारा दिया। हालांकि सीएम तत्काल संभल गए।

भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत ने कहा लिन डेन और ली चोंग वेई के दबदबे के दिन पूरे

भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत ने कहा है कि लिन डेन और ली चोंग वेई के दबदबे के दिन पूरे हो गए हैं। अब टूर्नामेंट में किसी खिलाड़ी की जीत की भविष्यवाणी करना मुश्किल है।
फ्रेंच ओपन जीतकर एक कैलेंडर वर्ष में चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने श्रीकांत ने कहा कि आजकल उनके सहित कई खिलाड़ी शीर्ष टूर्नामेंट जीतने की क्षमता रखते हैं।
गुंटुर के 24 वर्षीय खिलाड़ी श्रीकांत ने मंगलवार को कहा, ‘मुझे लगता है कि लंबे समय तक (मलेशिया) चोंग और (चीन) लिन डेन का बैडमिंटन में दबदबा रहा। लेकिन अब ऐसा नहीं है। मैं, विक्टर एक्सेलसन और यहां तक कि अन्य भारतीय भी टूर्नामेंट जीत रहे हैं। अब मुकाबला सभी के लिए खुला है। यह हमेशा खेल के लिए अच्छा होता है जब इतने सारे चैंपियन होते हैं।
लगातार दो खिताब डेनमार्क और फ्रेंच ओपन जीतने के बाद श्रीकांत को पुलेला गोपीचंद अकादमी में सम्मानित किया गया। उन्होंने जून में इंडोनेशिया ओपन और ऑस्ट्रेलिया ओपन जीते थे। उन्होंने कहा, ‘आजकल कई खिलाड़ी काफी अच्छा खेल रहे हैं और किसी भी दिन कोई भी किसी को भी हरा सकता है। इसलिए किसी के भी खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है।
यह पूछने पर कि क्या लिन और चोंग अपने करियर के अंतिम चरण के करीब हैं, श्रीकांत ने कहा कि मैं यह नहीं कह सकता कि यह उनका अंत है। वे शीर्ष स्तर पर खेले और उनके पास वापसी करने के लिए जरूरी अनुभव है। कोई उन्हें हल्के में नहीं ले सकता। लिन विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेले थे। उनका सामना करना आसान नहीं है लेकिन हमें खुद पर विश्वास रखना होगा कि हम उनका सामना कर सकते हैं।
श्रीकांत अगले हफ्ते पुणे में होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेंगे। उसके बाद चाइना ओपन और हांगकांग ओपन और फिर दिसंबर में दुबई में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर सीरीज फाइनल्स में चुनौती पेश करेंगे।

बेहतर संवाद के लिए हिंदी सीखें चीनी सैनिक

जैसे नई दिल्ली, चीन सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को मंदारिन भाषा सिखा रहा है, उसी तरह बीजिंग को भी अपने सैनिकों को हिंदी भाषा सिखानी चाहिए। इससे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के अधिकारियों का उनके भारतीय समकक्षों के साथ संवाद बेहतर होगा और बेवजह की गलतफहमियां नहीं होंगी।
शंघाई अकादमी ऑफ सोशल साइंसेज इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल में रिसर्च फेलो हू जियांग ने अपने देश की सेना को यह सलाह दी है। गत सप्ताह गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-तिब्बत सीमा बल (आइटीबीपी) के जवानों और अफसरों की इसलिए सराहना की थी, क्योंकि उन्होंने संगठन के मूल प्रशिक्षण में मंदारिन भाषा शामिल की है।
आइटीबीपी ने ऐसा इसलिए किया ताकि पीएलए के अधिकारियों से आमना-सामना होने पर संवाद में उन्हें मदद मिल सके। हू जिंयाग के हवाले से सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स लिखता है, डोकलाम विवाद के बाद से चीन को लेकर भारत की चिंता बढ़ी है, इसलिए उसने सैनिकों को मंदारिन भाषा सीखने का निर्देश दिया है, ताकि चीनी सैन्यकर्मियों के साथ वह संवाद कर सकें और व्यर्थ की गलतफहमियां ना पैदा होने पाएं।
यह संकेत है कि भारत, चीन से खुद को और लक्ष्य को जानना सीख रहा है, तभी हमेशा जीत हासिल हो।’ हू जियांग ने सुझाव दिया, ‘दोनों पक्षों के अग्रिम पंक्ति के जवानों को एक दूसरे की संस्कृति, भाषा और परंपराओं की जानकारी लेनी चाहिए। इससे उनके बीच दोस्ती बढ़ेगी।’

कर्नाटक में रहने वाले हर शख्स को सीखना होगा कन्नड

दक्षिण भारत के राज्यों में भाषा को लेकर अक्सर विवाद सामने आते रहे हैं। इस बार राज्य के मुख्यमंत्री खुद इस विवाद में कूद पड़े हैं। उन्होंने एक बयान में कहा है कि कर्नाटक में रहने वाले हर शख्स को कन्नड सीखना होगा।
मुख्यमंत्री यहां आयोजित 62वें कर्नाटक राज्योत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां जो भी रहता है वो कन्नडिगा है, यहां जो भी रहता है उसे कन्नड सीखनी होगी और अपने बच्चों को भी सिखानी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि मैं किसी अन्य भाषा को सीखने की खिलाफ नहीं हूं, लेकिन आप अगर कन्नड नहीं सीखते हैं तो यह माना जाएगा कि आप भाष का अपमान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिए की राज्य के सभी स्कूल भी कन्नड सिखाएं।

राजस्थान सरकार ने लाभ तो दिया लेकिन कर्मचारी खुश नहीं कारण 21 महीने का एरियर

राजस्थान सरकार ने करीब डेढ साल तक कर्मचारियों को तरसाने के बाद सातवें वेतनमान का लाभ तो दिया, लेकिन इससे कर्मचारी खुश नहीं है। इसका कारण यह है कि सरकार अक्टूबर 2017 से नया वेतनमान लागू तो कर रही है लेकिन 21 महीने का एरियर नहीं दे रही है।
राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों को सातवे वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा तो दिवाली से पहले कर दी थी, लेकिन इसके लिए आदेश सोमवार को जारी हुआ। इस आदेश में कर्मचारियों को नए वेतनमान का लाभ अक्टूबर 2017 से देने की बात कही गई है। यानी राजस्थान के कर्मचारियों को नवम्बर से बढा हुआ वेतन मिलेगा, लेकिन इस बढे हुए वेतन के साथ कर्मचारियों को 21 माह का एरियर मिलने की उम्भीद भी थी। जो सरकार नहीं दे रही है। इससे कर्मचारियो में भारी रोष है।
दरअसल राजस्थान में कर्मचारियों और सरकार के बीच काफी पहले यह समझौता हो चुका है कि यहां के कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों के समान ही वेतन दिया जाएगा। चूंकि केन्द्र सरकार ने जनवरी 2016 से सातवां वेतन आयोग लागू किया था, इसलिए यहां भी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार इसे जनवरी 2016 से लागू करेगी और बढ़े हुए वेतन के साथ एरियर की मोटी राशि भी मिलेगी। लेकिन खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रही राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों का फिक्सेशन अक्टूबर 2017 से ही करने का आदेश दिया है।
ऐसे में कर्मचारियों को एरियर मिलने की सम्भावना पूरी तरह खत्म हो गई। इसके अलवा कुछ विसंगतियों के कारण बडी संख्या में कर्मचारियों को नए वेतनमान में बढा हुआ वेतन मिलने के बजाए कटौती हो रही है। इससे भी कर्मचारियों में रोष है।
सरकार के आदेश के बाद राजस्थान के सभी प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने मंगलवार को जयपुर में बैठक की और एक संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया। राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश मंत्री तेज सिंह राठौड ने बताया कि कर्मचारी बुधवार से प्रदेश भर में आंदोलन शुरू करेंगे। इसके तहत वेतनमान के आदेश की होली जलाई जाएगी और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे। सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला तो आगे आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सीबीआई ने दी व्यापमं मामले में क्लीनचिट

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सीबीआई ने व्यापमं मामले में क्लीनचिट दे दी है। मंगलवार को भोपाल अदालत में सीबीआई ने रिपोर्ट पेश करते हुए साफतौर पर कहा है कि हार्ड डिस्क में 15 जुलाई 2013 के बाद कोई भी छेड़छाड़ नहीं हुई है। सीबीआई ने यह भी कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व एक अन्य द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट और सीबीआई को सौंपी गई दो पेन ड्राइव झूठे दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई थीं।
भोपाल अदालत में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एससी उपाध्याय की अदालत में मंगलवार को पीएमटी 2013 के मामले में 490 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने चालान पेश किया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर व्यापमं मामले में हार्ड डिस्क में छेड़छाड़ को लेकर हुई विवेचना की रिपोर्ट भी भोपाल की अदालत में प्रस्तुत की गई।
सीबीआई ने हार्ड डिस्क छेड़छाड़ मामले में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और एक अन्य द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट और सीबीआई को जो दो पेन ड्राइव दी गई थीं, उनमें सीएम शब्द जोड़ने के तथ्य को हैदराबाद की सेंट्रल फॉरेंसिंक साइंस लेबोरेटरीज (सीएफएसएल) ने 18 जुलाई 2013 को जोड़ा जाना पाया है। जबकि सीएफएसएल ने हार्ड डिस्क में 15 जुलाई 2013 के बाद कोई भी तथ्य नहीं जोड़े गए।
15 जुलाई 2013 को यह हार्ड डिस्क सील की गई थी। इस तरह सीबीआई ने दो पेन ड्राइव को झूठे दस्तावेजों के आधार पर बनाने की बात कही है। इधर, सीबीआई ने पीएमटी 2013 के मामले में जिन 490 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया है, उनमें तीन व्यापमं के अधिकारी, तीन रैकेटियर, 17 बिचौलिए, 297 सॉल्वर और 170 वे अभिभावक हैं, जिनके बच्चों को परीक्षा में फायदा हुआ है। उधर, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को सीबीआई द्वारा क्लीनचिट दिए जाने के मामले में कहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है।