भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह अगला प्रोफेशनल मुकाबला लड़ेंगे अगले साल

अजेय भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह अपना अगला प्रोफेशनल मुकाबला अगले साल कॉमनवेल्थ सुपर मिडिलवेट चैंपियन रॉकी फील्डिंग से लड़ेंगे। यह ब्रिटिश मुक्केबाज 30 मार्च को विजेंदर के खिलाफ ब्रिटेन में अपना खिताब बचाने उतरेंगे। मंगलवार को यह घोषणा की गई।
फील्डिंग ने गत 30 सितंबर को लीवरपूल में डेविड ब्रॉफी को मात देकर यह बेल्ट जीता था। दूसरी ओर 31 वर्षीय विजेंदर प्रो मुक्केबाज बनने के बाद से लगातार नौ मुकाबले जीत चुके हैं। दोनों के बीच इस मुकाबले के नियम एवं शर्तों की घोषणा अगले कुछ महीनों में की जाएंगी। फील्डिंग हालांकि डब्ल्यूबीओ एशिया पैसिफिक और अोरिएंटल सुपर मिडलवेट चैंपियन विजेंदर से कहीं ज्यादा अनुभवी हैं।
विजेंदर ने अगस्त में चीन के जुल्पिकार मैमतअली को दस राउंड के मुकाबले में मात देकर अपना डब्ल्यूबीओ एशिया पैसेफिक सुपर मिडिलवेट खिताब बरकरार रखने के साथ ही जुल्पिकार से उनका डब्ल्यूबीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट खिताब भी छीन लिया था। उसके बाद से वे पहली बार रिंग में नहीं उतरेंगे।

 

असम के स्वास्थ्य मंत्री मानते है कैंसर को पूर्वजन्म के पापो का नतीजा

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं लेकिन शायद ही किसी ने सोचा हो कि यह पूर्व जन्म के पापों की वजह से होती है। कोई और इस बात को माने या ना माने लेकिन असम के स्वास्थ्य मंत्री का तो यही मानना है।
दरअसल राज्य के मंत्री हेमत बिस्वा ने कैंसर को लेकर दिए अपने बयान में कहा है कि कैंसर होना या एक्सिडेंट होने पूर्व जन्म के पापों का नतीजा है। यह ईश्वर का न्याय है जो होकर रहता है। बिस्वा ने गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यहां तक कहा कि जरूरी नहीं यह गलती हमारी ही हो, कई बार माता-पिता द्वारा की गई गलती से भी यह हो सकता है।
कैंसर जैसी बीमारी को लेकर दिए अपने बयान पर बिस्वा विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। कांग्रेस नेता और पूर्व कैंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट कर बिस्वा पर निशाना साधा है। चिदंबरम ने लिखा है कि कैंसर पिछले जन्म के पाप का फल है? एक आदमी द्वारा पार्टी बदलने का क्या यही असर होता है। बता दें कि बिस्वा पहले कांग्रेस में थे और उनकी पार्टी के बड़े नेताओं में गिनती होती थी।
चिदंबरम के ट्वीट पर बिस्वा ने भी जवाब दिया और सफाई दी है कि ‘मेरे ट्वीट को तोड़े-मरोड़ें नहीं, हिंदू धर्म, कर्म के आधार पर मिलने वाले फल पर यकीन करता है। क्या आप इस पर यकीन नहीं रखते। मुझे नहीं लगता आपकी पार्टी में हिंदू दर्शन पर चर्चा होती भी होगी।

पासपोर्ट कार्यालय में अब ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार

पासपोर्ट कार्यालय में अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। लंबित आवेदन निपटाने और आवेदकों की सुविधा के लिए नए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी नीलेश श्रीवास्तव ने यह सुविधा शुरू की है। विदेश मंत्रालय ने मौजूदा पासपोर्ट अधिकारी मनोज राय को मुंबई के लिए रिलीव कर उनके स्थान पर श्रीवास्तव को तैनात किया है।
पासपोर्ट अधिकारी का पदभार संभालने के बाद श्रीवास्तव ने विशेष चर्चा में बताया कि अब तक आवेदन जमा कराने के लिए केवल ऑनलाइन सुविधा ही थी, लेकिन अब पेंडिंग प्रकरण निपटाने और आवेदकों की सुविधा के लिए पासपोर्ट मुख्यालय (बैक ऑफिस) में ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि आवेदकों की सुविधा के लिए यह विकल्प भी शुरू किया गया है। अभी तक जिन्हें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट मिलता था, केवल उनके ही आवेदन स्वीकार किए जाते थे। अब बिना अपॉइंटमेंट वाले आवेदकों को वापस नहीं लौटना पड़ेगा।
मंत्रालय ने अब तक पासपोर्ट अधिकारी रहे मनोज राय को भोपाल से रिलीव कर दिया है, उन्हें मुंबई में डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी के रूप में पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर मंत्रालय ने उन्हें अब तक डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी रहे श्रीवास्तव की क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी के रूप में पदस्थापना की है।