दुनिया के अकेले शख्स जिनके अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन किम जोंग से अच्छे संबंध

अमेरिका के पूर्व बास्केटबॉल (NBA) खिलाड़ी डेनिस रोडमैन चर्चा में हैं। इस बार अपने खेल या अजीब-गरीब स्टाइल के कारण नहीं, बल्कि उत्तर कोरिया के अपने लगातार दौरों को लेकर। डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के बीच जैसी तनातनी चल रही है, उसमें सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर डेनिस ऐसा क्यों कर रहे हैं और उनका मकसद क्या है? यहां हम आपको इसी बारे में बताएंगे।
56 साल के डेनिस बास्केटबॉल से रिटायर हो चुके हैं। वे खुद को बैड बॉय बताते हैं। उनकी पहचान शानदार खेल के साथ ही अजीब हेयरस्टाइल और टैटू के कारण भी है।
मेडोना के साथ उनके संबंध रहे, लेकिन उन्होंने शादी रचाई हॉलीवुड अभिनेत्री कारमैन एलेक्ट्रा से। हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला। डेनिस ने रेसलिंग और एक्टिंग में भी हाथ आजमाया। साथ ही कई ऑटोबायोग्राफी भी लिखी हैं।
डेनिस के बारे में कहा जाता है कि वे दुनिया के अकेले शख्स हैं, जिनके अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और आज की तारीख में अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन किम जोंग उन से अच्छे संबंध हैं।
ऐसे हुई तानाशाह से दोस्ती
डेनिस 2013 में पहली बार नॉर्थ कोरिया गए थे। तब उन्होंने एक मीडिया कंपनी के साथ मिलकर बास्केटबॉल को प्रमोट करने का बीड़ा उठाया था। तभी उनकी किम जोंग उन से पहली मुलाकात हुई थी। बाद में डेनिस ने तानाशाह को अपना दोस्त बताया था।
जब डेनिस अपने राष्ट्रपति से मिले तो उन्होंने किम जोंग की तारीफ की थी और कहा था कि दोनों नेताओं को बास्केटबॉल पसंद है, इसलिए उन्हें दोस्ती कर लेना चाहिए।
किम जोंग से मुलाकात के बारे में डेनिस ने एक टीवी शो में कहा था कि हमने काफी अच्छा वक्त बिताया। हम स्कीईंग की, हॉर्स राइडिंग की और खूब मजे किए।
जुलाई 2013 में डेनिस ने घोषणा की थी कि उनका मकसद दोनों देशों के बीच जमी रिश्तों की बर्फ को पिघलाना है। इसके बाद 2014 में प्योंगयांग के इन्डोर स्टेडियम में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बास्केटबॉल का प्रदर्शन मैच हुआ। तब भी स्टेडियम में ये दोनों साथ बैठे नजर आए थे।
इसके बाद डेनिस कई बार उत्तर कोरिया जा चुके हैं और उनका हालिया दौरा जून 2017 में हुआ था। कुल मिलाकर वे पांच बार उत्तर कोरिया जा चुके हैं।
अमेरिका ने माना है कि डेनिस बार-बार उत्तर कोरिया जा रहे हैं, लेकिन ये उनकी निजी यात्राएं हैं, अमेरिकी सरकार उन्हें आधिकारिकतौर पर नहीं भेज रही है।

एटीएम हैक कर सात राज्यों के 300 लोगों के खातों से करोड़ों रुपये निकालने वाले गिरोह के तीन गिरफ्तार

राजस्थान पुलिस ने एटीएम हैक कर सात राज्यों के 300 लोगों के खातों से करोड़ों रुपये निकालने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी उत्तराखंड के रहने वाले सगे भाई हैं। तीनों आरोपियों ने राजस्थान, गुजरात, पंजाब, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के करीब 300 लोगों के साथ धोखाधड़ी कर तीन करोड़ रुपये की ठगी की बात कुबूली है।
13 नवंबर को उत्तराखंड में रुड़की निवासी अजय राठौड़ और सचिन राठौड़ व उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी विजेंद्र सिह चौहान ने पाली जिले के रायपुर से सुरेंद्र सिह नामक व्यक्ति के खाते से 35 हजार रुपये निकाले थे। यह रकम एटीएम कार्ड बदलकर निकाली गई।
सुरेंद्र सिह को अपने खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिली तो उसने जैतारण पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। इस पर पुलिस ने जांच शुरू की और मुखबिर से सूचना मिलने पर थाना अधिकारी राजेंद्र सिह ने अपनी टीम के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में तीनों ने राजस्थान में 22 और अन्य राज्यों में 50 से अधिक शहरों व कस्बों में लोगों से धोखाधड़ी की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार ये तीनों आरोपी पिछले कई दिन से राजस्थान के अलग-अलग शहरों में घूमकर एटीएम हैक कर लोगों के खातों से पैसे निकाल रहे थे। इनका एक साथी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

अब आपका बिजली कनेक्शन भी आधार नंबर से लिंक होगा

बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के बाद अब आपका बिजली कनेक्शन भी आधार नंबर से लिंक होगा। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस बारे में अपने वितरण केंद्रों को आदेश जारी कर दिए हैं। इंदौर-उज्जैन संभाग में फौरी तौर पर 11 लाख उपभोक्ताओं के नंबर लिंक करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बिजली कंपनी के एमडी आकाश त्रिपाठी ने अपने सभी 475 विद्युत वितरण केंद्रों के प्रभारियों को उपभोक्ताओं से आधार नंबर लेने के निर्देश दिए हैं। इसमें कहा है कि बिल बांटते या बिल जमा करते वक्त सभी उपभोक्ताओं से आधार नंबर ले लिए जाएं और उन्हें उनके कनेक्शन के साथ कम्प्यूटर में फीड किए जाएं।
बिजली कंपनी ने आधार नंबरों के लिए अपने सॉफ्टवेयर में परिवर्तन करते हुए उपभोक्ता के नाम के साथ नया कॉलम भी जोड़ दिया है। फिलहाल कंपनी ने आधार नंबर देना उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य नहीं किया है। इन्हें स्वेच्छा से लिया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के कनेक्शन से आधार लिंक करने की कोई खास वजह बिजली कंपनी नहीं बता रही। न ही शासन से इस बारे में आदेश जारी हुआ है। कंपनी कह रही है कि डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए यह किया जा रहा है।
कंपनी सूत्रों के मुताबिक कंपनी धीरे-धीरे इस दिशा में आगे बढ़ रही है जिससे सभी उपभोक्ताओं की जानकारी सीधे आधार से लिंक हो जाएगी। ऐसे में सरकार की योजना, किसानों या गरीबी रेखा से नीचे लाभ दिए जाने पर सीधे आधार से कनेक्शन का वेरीफिकेशन हो सकेगा।
कनेक्शन से आधार जुड़ने पर नए कनेक्शनों में भी दस्तावेजी औपचारिकताओं की जरूरत खत्म होगी। वसूली और डिफॉल्टर की स्थिति में भी आधार से लिंक होना कंपनी के लिए खासा मददगार होगा।