भारतीय कुश्ती राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता में पति-पत्नी की चार जोड़ियां उतरेंगी

भारतीय कुश्ती के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता में पति-पत्नी की चार जोड़ियां उतरेंगी यानि कुल आठ पति-पत्नी पहलवान यहां जोर आजामाते हुए नजर आएंगे। यह सभी पहलवान हरियाणा के हैं जो अलग-अलग टीमों की तरफ से अपनी चुनौती पेश करेंगे।
गुरुवार से इंदौर (मध्यप्रदेश) में शुरू हो रही 62वीं पुरुष और 20वीं राष्ट्रीय महिला कुश्ती प्रतियोगिता में 59 किग्रा वर्ग में ओलिंपियन गीता फोगाट मैदान पर उतरेंगी। हालांकि उनके पति पवन कुमार भी 86 किग्रा वर्ग में खेलेंगे। गीता हरियाणा की तरफ से अपना दमखम दिखाएंगी, जबकि पवन रेलवे की ओर से अपना जोर लगाएंगे। हालांकि महिलाओं में सबकी नजर रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारत की स्टार पहलवान साक्षी मलिक पर रहेगी जो 62 किग्रा वर्ग में रेलवे की तरफ से खेलेंगी। वहीं, उनके पति सत्यवर्त कादयान भी रेलवे की ओर से 97 किग्रा वर्ग में अपनी चुनौती पेश करने उतरेंगे।
इसके बाद तीसरी जोड़ी के रूप में 65 किग्रा वर्ग में राहुल मान और उनकी पत्नी सरिता मोर 59 किग्रा में खेल रही हैं। यह दोनों पहलवान भी रेलवे की तरफ से खेल रहे हैं।
चौथी जोड़ी श्रीभगवान और रितु मलिक की है। श्रीभगवान ग्रीको रोमन स्पर्धा के 71 किग्रा वर्ग में, जबकि रितू मलिक रेलवे टीम की तरफ से 65 किग्रा वर्ग में खेलेंगी। रियो ओलंपिक के दौरान डोपिंग के चलते विवादों में रहने वाले पहलवान नरसिंह पंचम यादव की पत्नी शिल्पी हरियाणा टीम की तरफ से खेलेंगी। फिलहाल डोप टेस्ट में फंसने के कारण नरसिंह पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

चीन के एक विशेषज्ञ का मानना है डोकलाम और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों को सुलझा लेगा

चीन के एक विशेषज्ञ का मानना है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के दूसरे कार्यकाल में उनका देश भारत के साथ डोकलाम और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों को सुलझा लेगा।
अपने वैध हितों की रक्षा के लिए देश इनका सामना करेगा। चीन के समकालिक अंतरराष्ट्रीय संबंध संस्थान के उपाध्यक्ष युआन पेंग ने बुधवार को कहा, ‘पूर्व में हम सोचते थे कि हम विवाद को टाल देंगे।
अब हमें चौतरफा विवादों का सामना करना होगा।’ पेंग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की हाल ही में संपन्न पांच दिवसीय कांग्रेस के परिणाम पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पांचवीं कांग्रेस में पांच वर्षों के लिए शी को पार्टी के प्रमुख के रूप में मंजूरी दी गई है।
युआन ने कहा कि शी के नेतृत्व में चीन डोकलाम जैसे मुद्दे को निपटा सकता है। भारतीय सीमा पर चीन की सेना सड़क बनाने जा रही थी जिससे विवाद पैदा हुआ। इस क्षेत्र पर भूटान का दावा है।
72 दिनों तक जारी रहने के बाद 28 अगस्त को विवाद समाप्त हुआ। चीन ने सड़क निर्माण रोक दिया। विवाद थमने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी सेना वापस बुला ली।
इसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जाता है। हिंद-प्रशांत साबित होगा जाल युआन ने यह भी कहा कि अमेरिका ने हिंद-प्रशांत घोषित किया है। इस चतुर्भुज तंत्र में भारत, आस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल हैं।
अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान भारत को आगे कर रहे हैं। आगे चलकर यह एक प्रकार का जाल साबित होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह बुद्धिमानी नहीं है क्योंकि यह अमेरिका और चीन के साथ संतुलित रिश्ते निभाता है।

केंद्र सरकार के 36 राफेल विमानों सौदे पर कांग्रेस ने खड़े कर दिए सवाल

केंद्र सरकार द्वारा फ्रांस के साथ 36 राफेल विमानों सौदे पर कांग्रेस ने सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद जहां फ्रांस ने आरोपों से इन्कार किया है वहीं सौदे में शामिल अनील अंबानी की कंपनी ने कांग्रेस पर मुकदमे की धमकी दी है।
इस सौदे को भारत के फायदे में बताते हुए फ्रांस ने कहा है कि इसका चुनाव इसके शानदार प्रदर्शन और प्रतिस्पर्द्धात्मक कीमतों के चलते किया गया है। फ्रांसीसी दूतावास के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इसकी खरीद में पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया गया है। इस करार से भारत में रक्षा उत्पादन उद्योग का विकास होगा।
उल्लेखनीय है कि फ्रांस से 36 लड़ाकू विमानों की खरीद पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को सवाल उठाया था। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल सौदे में अपने उद्योगपति दोस्त के लिए देश की सुरक्षा से समझौता किया। इस डील से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचेगा।
फ्रांस के राजनयिक सूत्रों ने इसे घरेलू राजनीतिक मामला बताते हुए इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। लेकिन, साथ ही कहा कि किसी भी तरह का दावा करने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि क्या फ्रांस इस सौदे को आगे बढ़ाने के लिए भी उत्सुक है, सूत्रों ने कहा कि यह भारत पर निर्भर करता है। फिलहाल तो हमारा ध्यान भारत को 36 विमान उपलब्ध कराने पर है। राफेल फ्रांस की दासो कंपनी द्वारा बनाया गया दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। यह एक मिनट में 60,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। साथ ही यह 2200 से 2500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है।
इस डील में कांग्रेस ने अनील अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को लेकर कहा है कि इस सौदे में उसे ज्यादा पैसे दिए गए हैं। इससे नाराज कंपनी कहा है कि कांग्रेस अपना बयान वापिस ने नहीं तो केस किया जाएगा।

भिंडी बाजार की पुरानी इमारतें बनी मुसीबतें

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की मुंबई स्थित तीन इमारतें नीलाम हो गईं। इन्हें बुरहानी ट्रस्ट ने खरीदा है जो धर्मार्थ काम करता है। दाऊद की तीनों संपत्तियों – दिल्ली जायका होटल, शबनम गेस्ट हाउस और डामरवाला बिल्डिंग का भिंडी बाजार से सीधा संबंध है। पढ़ें इसी बारे में –
दरअसल, ये तीनों प्रॉपर्टी मुंबई के प्रसिद्ध भिंडी बाजार में हैं। बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट ने भिंडी बाजार को संवारने के लिए बहुत काम किया है, लेकिन ये तीन इमारतें बाधा बन रही थीं। इसलिए भी ट्रस्ट ने यह संपत्ति खरीदने में रुचि दिखाई और तीन गुना कीमत पर खरीदा।
बुरहानी ट्रस्ट के प्रवक्ता के मुताबिक, हमारा मकसद भिंडी बाजार में बिजनेस का बेहतर माहौल पैदा करना है। हम चाहते हैं कि यह मुंबई में बिजनेस का बड़ा सेंटर बने। यहां लोगों को सुविधाएं और सुरक्षा, दोनों मिले। इलाके में दाऊद की प्रॉपर्टी होने से इस काम में बाधा आ रही थी।
मुंबई की ज्यादातर पुरानी इमारतें भिंडी बाजार में हैं। इसी साल सितंबर में एक इमारत ढह गई थी, जिसमें 33 लोग मारे गए थे। अभी भी यहां 256 इमारतें पुनर्निर्माण के लायक हैं। 80 साल से ज्यादा पुरानी इन इमारतों में 4,221 परिवार रहते हैं।
चूंकि इस इलाके में रहनेवाले ज्यादातर लोग दाऊदी बोहरा समुदाय के हैं। इसलिए 2008 में दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुहम्मद बुरहानुद्दीन ने इस इलाके की सभी जर्जर इमारतों को गिराकर यहां रहने वाले लोगों को बेहतर आवास देने की योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इस कड़ी में 95 इमारतें गिराकर कुछ काम शुरू भी किया जा चुका है।

ऑनलाइन रेत बेचेगा खनिज विकास निगम

प्रदेश सरकार ने भले ही पंचायतों को रेत खदानें सौंपने का फैसला कर लिया हो पर खनिज विकास निगम भी रेत बेचेगा। पूरा कारोबार ऑनलाइन होगा। इसके लिए निगम पोर्टल बनाएगा। इसमें बेचने और खरीदने वाले का पंजीयन कर रेत की आपूर्ति की जाएगी। यह व्यवस्था अगले कुछ महीनों में लागू हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक खनिज विकास निगम रेत के कारोबार को पूरी तरह से अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहता है। यही वजह है कि विरोधों के बावजूद रेत की प्रति घनमीटर कीमत तय करने की भूमिका में उसने स्वयं को भी रखा है। हर दो से तीन साल में रेत की कीमत तय होगी।
इसके साथ ही निगम रेत के ऑनलाइन कारोबार में भी उतरेगा। सचिव खनिज मनोहर दुबे ने बताया कि निगम एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करेगा। इसमें ऑनलाइन शॉपिंग की तरह रेत का कारोबार होगा। जिसे रेत चाहिए वो पोर्टल पर अपनी मांग दर्ज कराकर ऑनलाइन भुगतान करेगा।
इसी तरह जो व्यक्ति रेत बेचना चाहता है वो भी पोर्टल पर पंजीयन कराएगा। खरीदार की मांग संबंधित रेत विक्रेता के पास जाएगी और वो रेत की आपूर्ति सुनिश्चित कर देगा। इस पूरी व्यवस्था को लागू करने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। आने वाले कुछ महीनों में यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।