फीफा अंडर-17 विश्व कप को देश भर में 4.7 करोड़ लोगों ने देखा

भारत की मेजबानी में हुए फीफा अंडर-17 विश्व कप को देश भर में 4.7 करोड़ लोगों ने देखा। यह आंकड़ा ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने जारी किया है। भारत में पहली बार आयोजित अंडर-17 विश्व कप का प्रसारण भारत में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क (एसपीएन) पर किया गया था।
यह भारत में फुटबॉल के कई बड़े टूर्नामेंटों, जैसे फीफा कंफेडेरेशन कप-2017, इंग्लिश प्रीमियर लीग-2017, स्पेनिश लीग 2016-17 को देखने वाले दर्शकों की तादाद से कहीं ज्यादा है। 22 दिन तक चले इस टूर्नामेंट में दर्शकों की कुल तादाद का 40 फीसदी हिस्सा हिंदी और बंगाली भाषा में प्रसारण देखने वाले दर्शकों का था।
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में 28 अक्टूबर को इंग्लैंड और ब्राजील के बीच खेले गए अंडर-17 विश्व कप के फाइनल को देखने 67 हजार लोग पहुंचे थे। विश्व कप को देखने वालों की सबसे ज्यादा तादाद पश्चिम बंगाल, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों से थी।
वहीं, मेट्रो शहरों में भी विश्व कप ने लोगों को अपनी तरफ खींचा। रेटिंग के अनुसार 45 फीसदी महिलाओं ने भी विश्व कप में अपनी दिलचस्पी जताई।

नासा ने सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति की भेजी तस्वीरें

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जूनो यान ने सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के दक्षिणी गोलार्ध की तस्वीरें भेजी हैं।
इन तस्वीरों में रंग-बिरंगे बादल दिखाई दे रहे हैं जो ग्रह का चक्कर लगा रहे आठ बड़े बादलों का हिस्सा हैं। जूनो ने ये तस्वीरें पिछले माह नौवीं बार बृहस्पति के बेहद करीब जाकर जानकारी इकट्ठा करने के दौरान ली थीं।
इन तस्वीरों को लेते वक्त जूनो बृहस्पति ग्रह के बादलों के ऊपर 33,115 किलोमीटर की दूरी पर था। नासा ने जूनो अंतरिक्ष यान को 5, अगस्त 2011 को लांच किया था।
करीब पांच साल बाद इसने जुलाई 2016 में बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश किया था। जूनो का मुख्य काम बृहस्पति ग्रह की उत्पत्ति और विकास का अध्ययन करना है।
घने बादलों से ढके होने के कारण इस ग्रह की उत्पत्ति रहस्य बनी हुई है। जूनो द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से अन्य तारों की ग्रह प्रणाली का पता भी लग सकता है।

राष्ट्रपति की बेटी स्वाति अपने नाम के साथ नहीं लिखती सरनेम

एयर इंडिया ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बेटी स्वाति को एयर होस्टेस के काम से हटाकर ग्राउंड ड्यूटी में लगा दिया है। अब एअर इंडिया के हेड ऑफिस के को-ऑर्डिनेटर डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया गया है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि विमानन कंपनी ने सुरक्षा कारणों से यह फैसला किया है।
वे यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ईस्ट में जाने वाली फ्लाइट्स में जाती थीं। स्वाति कभी भी अपने नाम के साथ अपना सरनेम कोविंद नहीं लिखती थीं। अपनी पहचान छुपाई की बात पर उन्होंने कहा था कि बचपन से ही पिता ने उन्हें स्वावलंबी बनने की सीख दी है, इसलिए अपनी पहचान छिपाई।
उनसे जुड़े सूत्रों के अनुसार, असल में स्वाति कभी भी अपने पिता के राजनीतिक पद का फायदा नहीं उठाना चाहती थीं। स्वाति के क्रू मेंबर को ही अब तक ये जानाकारी नहीं थी कि उनके पिता रामनाथ कोविंद हैं। बताते चलें कि राम नाथ कोविंद 20 जुलाई 2017 को भारत के 14वें राष्ट्रपति बने हैं।
स्वाति ने बीते दिनों प्रिवलेज लीव के लिए अप्लाई किया, तब भी उन्होंने ये नहीं बताया कि वे अपने पिता के राष्ट्रपति चुनाव के लिए छुट्टी ले रही हैं।
मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, एअर इंड‍िया के एक सूत्र ने बताया था कि स्वाति हमारे सबसे अच्छे क्रू मेंबर्स में से एक हैं। उनके ऑफिशियल रिकॉर्ड्स में भी मां का नाम सविता और पिता का नाम आरएन कोविंद लिखा गया है।

भीषण जहरीली हवा में जी रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जल्द ही मिलने वाली है राहत

दिवाली के बाद प्रदूषण और पिछले एक सप्ताह से स्मॉग के चलते भीषण जहरीली हवा में जी रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जल्द ही इससे राहत मिलने वाली है। अगले 24 घंटे में बारिश से स्मॉग खत्म हो जाएगा और हवा में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा।
बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से कोहरे और कुहासे से परेशान रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस साफ हवा का तोहफा लेकर आ रहा है। इसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर में हवाएं शुरू हो चुकी हैं।
इसका नजारा मंगलवार सुबह देखने को भी मिला। आज सुबह कई इलाकों में हवाएं चल रही थीं, इससे स्मॉग नहीं के बराबर था। वहीं, दिल्ली के रायसीना हिल्स में मंगलवार सुबह हल्का स्मॉग नजर आया। लोगों ने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी की है।
वहीं, मौसम विभाग के हवाले से जानकारी आ रही है कि अगले 24 से 48 घंटे में यहां पर बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी और कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में तेज हवा और फिर बारिश होने के चलते अगले कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग खत्म हो जाएगा।
वहीं, मौसम विभाग की मानें तो उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने दस्तक दी है, जिसकी वजह से पंजाब और जम्मू-कश्मीर में मौसम में बदलाव है।
मौसम विभाग का यह भी कहना है कि इस वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते अगले तीन-चार दिनों तक जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली-एनसीआर में 14 नवंबर से लेकर 16 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में रात के तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जाएगी। ऐसा अनुमान है कि यहां पर रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास होने लगेगा।

शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस बढ़ा दी देश भर में भोपाल की शान

बेहतर यात्री सुविधाओं के लिए हमेशा सुर्खियां बटोरने वाली शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस ने देश भर में भोपाल की शान बढ़ा दी है। इस ट्रेन को रेलवे बोर्ड ने आदर्श ट्रेन का दर्जा (मेल एक्सप्रेस श्रेणी की ट्रेनों में) दिया है। अब इस ट्रेन की तर्ज पर हर मंडल की दो-दो ट्रेनों को अपग्रेड किया जाएगा।
यानी भोपाल एक्सप्रेस में यात्रियों को जो सुविधा दी जा रही हैं वे ही सुविधाएं अगले छह महीने में प्रत्येक मंडल की दो-दो ट्रेनों में यात्रियों को मिलेंगी। बोर्ड ने इसके लिए सभी जोन के जीएम को पत्र लिखकर भोपाल एक्सप्रेस से सीख लेने की सलाह दी है। 20 नवंबर तक मंडल स्तर से दो-दो ट्रेनों के नाम मंगाए हैं।
शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस (12155/12156) बीते 18 साल से राजधानी भोपाल के हबीबगंज स्टेशन से हजरत निजामद्दीन के बीच चल रही है। ट्रेन में कैटरिंग सुविधा नहीं है फिर भी यह ट्रेन यात्रियों को खूब पसंद आ रही है। तमाम सर्वे और यात्रियों के फीडबैक के बाद रेलवे बोर्ड ने यह पाया है कि भोपाल एक्सप्रेस सबसे अच्छी ट्रेन है।
रेलवे बोर्ड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ई एंड आर) विकास आर्य 8 नवंबर को रेलवे के सभी जोन के जीएम को लिखे पत्र में शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस को आदर्श बताते हुए मंडल स्तर पर दो-दो ट्रेनों का चयन कर 20 नवंबर तक उनके नाम बोर्ड को भेजने को कहा है।
ट्रेन में ये सुविधाएं सबसे अलग
– कोच में यात्रियों को ग्रीन-टी, लेमन-टी, शूप की सुविधा दी गई है।
– फर्स्ट एसी में मखबली कंबल मिलते हैं। (अभी इंडियन रेलवे की किसी भी ट्रेन में यात्रियों को ऐसे कंबल नहीं मिलते।)
– चुनिंदा कोचों में वॉटर वेंडिंग व कॉफी मशीनें हैं।
– डायबिटिक मरीजों के लिए लो-शुगर-टी की सुविधा दी गई है।
– कोच में यात्रियों के लिए नि:शुल्क लाइब्रेरी है। पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम का ट्रायल चल रहा है।
– जोन में ट्रेन सबसे पहले बायो टॉयलेट युक्त ट्रेन घोषित की है, टॉयलेट के अंदर डस्टबिन की सुविधा है।
– कोच में फ्लावर पॉट लगाए हैं, शौचालय में हैंड सावर की सुविधा है।
– ट्रेन में वाइल्ड लाइफ से जुड़ी तस्वीरें लगाई गईं हैं।