भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा महिला डबल्स रैंकिंग में 12वें पायदान पर

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा महिला डबल्स रैंकिंग में शीर्ष दस से बाहर हो गई हैं। सोमवार को जारी रैंकिंग में वे महिला डबल्स में तीन स्थान के नुकसान के साथ 12वें पायदान पर पहुंच गईं। पिछले पांच वर्षों में यह पहला मौका है जब सानिया साल का समापन महिला डबल्स रैंकिंग में शीर्ष दस से बाहर रहते हुए करेंगी।
सानिया इस महीने के शुरू में चाइना ओपन में खेली थीं और अपनी जोड़ीदार चीन की पेंग शुई के साथ सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। घुटने के दर्द से परेशान सानिया ने बाकी सत्र में नहीं खेलने का फैसला किया, जिसके कारण वे डब्ल्यूटीए फाइनल्स की होड़ में शामिल नहीं हो पाईं। इसका नुकसान सानिया को रैंकिंग में उठाना पड़ा। सानिया ने लगातार दो साल 2015 और 2016 का समापन महिला डबल्स में नंबर एक पर रहते हुए किया था।
2014 के समापन पर वे नंबर छह पर थीं, जबकि 2013 का समापन उन्होंने रैंकिंग में नौवें पायदान पर रहते हुए किया था। पिछली बार साल के समापन पर वे शीर्ष दस से बाहर 2012 में रही थीं। तब उनकी रैंकिंग 12 थी।

भारत व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच रक्षा मामलों पर चर्चा

भारत व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच दूसरे दौर की रणनीतिक वार्ता में प्रमुख तौर पर रक्षा मामलों पर चर्चा की गई। भारत की तरफ से विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर व यूएई की तरफ से उनके समकक्ष अनवर गरगेश ने भागीदारी की।
दोनों देशों के बीच पहले दौर की वार्ता जनवरी माह में हुई थी, जबकि तीसरे दौर की वार्ता की तिथि अभी तय नहीं हुई है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को लेकर संतोष जताया। अकबर शनिवार को यहां दो दिन की यात्रा पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री व रक्षा राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अहमद अल बावर्दी से मुलाकात की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई का दौरा अगस्त 2015 में किया था। दोनों देशों के बीच सालाना 53 अरब डॉलर का कारोबार होता है। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2016-17 के दौरान भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति के मामले में यूएई पांचवे स्थान पर था।

सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी ने दिल्ली में रन फॉर यूनिटी को दिखाई हरी झंडी

देश के पूर्व गृहमंत्री सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी ने दिल्ली में रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। मेजर ध्यानंचद स्टेडियम से शुरू हुई रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे।
यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरदार पटेल की जयंती है वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि भी है। मुझे खुशी है कि देश के युवा रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
लोगों ने सरदार पटेल के देश के प्रति योगदान को भुलाने की पूरी कोशिश की लेकिन देश का युवा उनका और देश के निर्माण में उनके योगदान का सम्मान करता है।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, लौह पुरुष वल्‍लभभाई पटेल ने देश के लिए जीवन खपा दिया। आजादी के बाद अपने कौशल-दृढ़शक्ति के द्वारा देश को न सिर्फ बड़ी मुश्किलों से बचाया, बल्कि सैकड़ों राजे-रजवाड़े को भारत में मिलाया। ये सरदार साहब की दूरदृष्टि थी कि अंग्रेजों के मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया और देश को एक सूत्र में बांध दिया।’
उन्‍होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को सरदार पटेल से परिचित ही नहीं करवाया गया है। दरअसल, इतिहास के झरोखे से सरदार साहब के नाम को मिटाने का प्रयास हुआ या उनके नाम को छोटा करने की कोशिश की गई। कोई राजनीतिक दल उनके माहात्म्य को स्वीकार करे या न करे, लेकिन हमारी पीढ़ी उन्हें इतिहास से ओझल होने देने के लिए तैयार नहीं है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा भारत विविधताओं का देश है। जब तक विविधता से खुद को जोड़ेंगे नहीं तो राष्ट्र निर्माण में उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। भारत दुनिया के आचार-विचार को अपने में समेटे हुए है। हमारा देश एक रहे, सरदार साहब ने देश को जो एक किया, सवा सौ करोड़ लोगों की जिम्मेदारी है कि वो बनी रही। जब सरदार साहब की जयंती के 150 साल पर हम उन्हें क्या देंगे, इसका संकल्प लेना है। 2022 में आजादी के 75 साल हो रहे हैं, ऐसे में हर हिंदुस्तानी को संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए। ऐसा संकल्प जो देश की गरिमा को ऊपर ले जाना हो। ये समय की मांग है। मैं आपको राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ के लिए आमंत्रित करता हूं।
उन्‍होंने बताया कि एक बार पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने कहा था- आज सोचने और बोलने के लिए हमें भारत नाम का देश उपलब्ध है, यह सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टेट्समैनशिप और प्रशासन पर जबर्दस्त पकड़ के कारण हो पाया। ऐसा होने के बावजूद हम सरदार साहब को भूल बैठे हैं। राजेन्द्र बाबू ने सरदार साहब के भुला देने की पीड़ा व्यक्त की थी। आज राजेन्द्र बाबू की आत्मा जहां कहीं भी होगी, वो खुश हो रही होगी।
पीएम मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई, ‘मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आत्मनिष्ठा से शपथ लेता हूं। भारत माता की जय।’
इससे पहले पीएम मोदी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने ट्वीट के माध्यम से भी उन्हें याद किया। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान और चीरस्मरणीय सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।

जयपुर के पास नींदड गांव में 29 दिन से भूमि समाधि लिए बैठे किसानें का आंदेालन आखिर समाप्त

जयपुर के पास नींदड गांव में 29 दिन से भूमि समाधि लिए बैठे किसानें का आंदेालन आखिर समाप्त हो गया। नींदड बचाओ किसान संघर्ष समिति और यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी के बीच हुई वार्ता में समझौता हो गया है जिसपर किसानों ने अपनी सहमति दी है।
हालांकि किसानों ने कहा है कि किसान समाधि सत्याग्रह मंगलवार तक जारी रहेगा क्योंकि सरकार ने किसानों से जो वादा किया है उसे लेकर लिखित में आश्वासन मंगलवार तक ही मिल सकेगा जिसके बाद ही किसान सत्याग्रह समाप्त हो जाएगा।
सोमवार को हुई वार्ता में किसानों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस जमीन का दोबारा सर्वे होगा और तीन सदस्यीय कमेटी भी बनायी जायेगी जिसमे नींदड के किसान भी शामिल होंगे। वहीं मंदिर माफी की जमीन को लेकर भी किसानों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मंदिर माफी की जमीन पर जो निर्माण हो चुके हैं उनमें तोड़फोड़ नहीं की जायेगी।
नींदड मे मंदिर माफी की खाली पड़ी जमीन पर जेडीए कल से ही कब्जा कर लेगा जिसे लेकर किसानों के साथ सरकार की सहमति बन गई है। संघर्ष समिति के संयोजक नगेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि सरकार ने हमारी मांगे मान ली है, इसलिए अब हम लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर देंगे।

जिला प्रशासन ने की थीं-ताबड़तोड़ चार घोषणाएं

रमन बोरखड़े, सेंधवा (बड़वानी)। 31 अक्टूबर…ठीक इसी दिन सेंधवा के सोलवन गांव के किसान भीम सिंह ने कर्ज, सूखा और तंगहाली से लाचार होकर अपने ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। खुदकुशी की इस भयावह तस्वीर ने पूरे प्रदेश को नि:शब्द कर दिया था।
दो साल बाद जो बातें सामने आ रही हैं, वो भी स्तब्ध करने वाली हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने भीमसिंह के परिवार को सहारा देने के लिए ताबड़तोड़ चार घोषणाएं की थीं-परिवार सहायता, विधवा पेंशन, आवास योजना, कपिल धारा कुआं और पत्नी ख्यालीबाई को नौकरी। इनमें से 20 हजार रुपए की परिवार-सहायता छोड़ दें तो बाकी किसी भी योजना का लाभ उन तक नहीं पहुंच पाया है।
दो साल में भीम सिंह की बेवा ख्यालीबाई को आवास योजना का लाभ इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि बड़वानी स्थित जिला पंचायत कार्यालय में पहुंची फाइल को किसी अफसर-कर्मचारी ने खोलकर ही नहीं देखा। विशेष स्वीकृति के लिए जिला पंचायत कमेटी के अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ की मौजूदगी में जो बैठक होनी थी, दो साल से नहीं हुई।
इस बीच कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ, ग्राम पंचायत सीईओ सभी बदल गए। सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक विधवा पेंशन एक साल दस महीने बाद शुरू हुई, लेकिन इसकी सूचना भी 31 अक्टूबर 2017 तक ख्यालीबाई को नहीं मिली थी।