दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर ने किया।अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम

दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर ने रविवार को पोचेफ्स्ट्रूम में बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में इतिहास रच दिया। मिलर ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
मिलर ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंदों में शतक लगाया और अपने ही देश के रिचर्ड लेवी का रिकॉर्ड तोड़ा। मिलर ने 35 गेंदों में 7 चौकों और 9 छक्कों की मदद से शतक पूरा किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लेवी के नाम पर था जिन्होंने हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 फरवरी 2012 को 45 गेंदों में शतक जमाया था। दक्षिण अफ्रीका के फॉफ डु प्लेसिस और भारत के केएल राहुल 46-46 गेंदों पर शतक लगाकर इस सूची में तीसरे क्रम पर हैं। प्लेसिस ने जोहान्सबर्ग में 11 जनवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ और राहुल ने 27 अगस्त 2016 को लॉडरहिल में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था।
मिलर ने बांग्लादेशी गेंदबाजों की जमकर पिटाई की। उन्होंने हाशिम अमला (85) के साथ चौथे विकेट के लिए 79 रन जोड़े। इसके बाद मिलर फॉर्म में आए और उन्होंने फरहान बेहारदीन के साथ पांचवें विकेट के लिए 67 रनों की भागीदारी की जिसमें बेहारदीन का योगदान मात्र 6 रनों का था। मिलर के शतक से द. अफ्रीका ने 4 विकेट पर 224 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

रेलवे को एक “नई दिशा” देने की कोशिश पांच साल में दस लाख अतिरिक्त नौकरियां

भारतीय रेल की रफ्तार बढ़ाने के साथ ही रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए भी कोशिशें हो रही हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल की मानें तो रेलवे 150 अरब डॉलर(करीब 9,750 अरब रुपए) के निवेश की योजना बना रहा है।
इससे अगले पांच साल में दस लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने में मदद मिलेगी। कैबिनेट के पिछले फेरबदल में रेल मंत्रालय का कामकाज संभालने वाले गोयल ने यह भी कहा कि वह रेलवे को एक “नई दिशा” देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा-“अगले पांच सालों में रेलवे 150 अरब डॉलर (9,750 अरब रुपए) तक निवेश करने की तैयारी कर रहा है।
इसे जब रोजगार में परिवर्तित किया जाएगा तो मैं देखता हूं कि इसके जरिए सिर्फ रेलवे सेक्टर में दस लाख रोजगार पैदा होंगे। “एक अखबार की ओर से आयोजित एक अवार्ड समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के आरामदेह और सुरक्षित यात्रा के एजेंडे को पूरा करने में रेलवे अहम भूमिका निभा सकता है।
आधारभूत ढांचे पर ध्यान देने से स्थानीय रूप से निर्माण कार्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है। गोयल ने कहा कि मंत्रालय दस साल के बजाय अब चार साल में ही रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण के काम को पूरा करने में जुटा हुआ है।
घाटे में चल रहे रेलवे को इससे 30 फीसदी लागत कम करने में मदद मिलेगी। विद्युतीकरण से सालाना 10 हजार करोड़ रुपए का ईंधन बचेगा।

30 बार असफलता का दर्द झेल बुलेट ट्रेन के ‘लोगो’ स्पर्धा में जीत

सरकार की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन के ‘लोगो’ (प्रतीक चिह्न) के लिए स्पर्धा में जीत चक्रधर आला को कोई अचानक ही हासिल नहीं हुई। इस मुकाम पर पहुंचने से पहले उन्हें विभिन्न ‘लोगो’ स्पर्धाओं में 30 बार असफलता का दर्द झेलना पड़ा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद के द्वितीय वर्ष के छात्र 27 वर्षीय चक्रधर आला बताते हैं कि उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के आधिकारिक पोर्टल ‘mygov.in’ पर आए तकरीबन हर डिजाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। लेकिन बुलेट ट्रेन ‘लोगो’ स्पर्धा जीतने से पहले उनका भाग्य ने साथ नहीं दिया।
चक्रधर बताते हैं कि वह बेहद उत्साहित हैं और बुलेट ट्रेन से संबद्ध हर सरकारी दस्तावेज, लेटर हेड और सूचना पत्रों पर अपनी कृति देखने के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते।
लोगो का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई इसे करीब से देखे तो उसे ट्रेन जैसी आकृति नजर आएगी, जिसमें बनाई गई बिंदुएं हर स्टेशन और संबंधित मार्ग को दर्शाती हैं।
उनके डिजाइन में देश की इस हाई स्पीड ट्रेन के कई पहलुओं को समाहित किया गया है। यह डिजाइन दिखने में बेहद सरल है लेकिन इसमें गहरे अर्थ छिपे हैं।
चीता जहां तेज गति, विश्वसनीयता और भरोसे को दर्शाता है, वहीं इसके शरीर पर उकेरे गए रेल नेटवर्क के साथ वह किसी पारंपरिक ट्रेन का मानचित्र भी प्रदर्शित करता है।

महिला सशक्तिकरण के मामले में मप्र अमेरिका से बेहतर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिका में मप्र की सड़क पर दिए बयान को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। रविवार को अमेरिका यात्रा से लौटे शिवराज ने अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा कि मैं मप्र की ब्रांडिंग करने के लिए अमेरिका गया था। किसी गली की खराब सड़क की बात करने नहीं। अमेरिका के कई अध्ययन में बताया गया है कि वाशिंगटन की 92 प्रतिशत सड़कों की हालत खराब है।
रविवार शाम को राजधानी लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान समेत कई मंत्री और अन्य भाजपा पदाधिकारी स्टेट हैंगर पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में शिवराज ने कहा कि वाशिंगटन एयरपोर्ट से जिस सड़क से मैं वाशिंगटन पहुंचा, उसका अनुभव मैंने साझा किया। इसके मुकाबले भोपाल-इंदौर सुपर कॉरिडोर की सड़क ज्यादा अच्छी है।
सड़क से जुड़े बयान को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि मेरे बयान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने अमेरिका के राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग कर डाली। यह कांग्रेस की छोटी सोच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कई क्षेत्रों में मप्र को अमेरिका से आगे बताया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मामले में मप्र अमेरिका से बेहतर है, क्योंकि मप्र में महिलाओं को स्थानीय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिला है। इसके साथ ही स्वच्छता के मामले में भोपाल और इंदौर अमेरिका के न्यूयॉर्क से बेहतर हैं। भारत में जो अच्छा है, उसे डंके की चोट पर कहेंगे। जिसे लिखना है, लिखे।
मुख्यमंत्री शिवराज ने अमेरिका यात्रा की जानकारी देते हुुए बताया कि 400 डॉक्टर्स की एक टीम मप्र आकर लोगों का इलाज करना चाहती है। इसके साथ ही थैलीसीमिया के इलाज के लिए मप्र के डॉक्टरों को ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भी भेजा गया है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में थैलीसीमिया के ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार हो गए हैं। अमेरिका के कुछ डॉक्टर 2018 के अप्रैल-मई में आएंगे और ऑपरेशन करेंगे। सामान्यत: थैलीसीमिया के ऑपरेशन में 15 से 20 लाख रुपए लगते हैं, लेकिन इंदौर के एमवाय अस्पताल में सिर्फ पांच लाख रुपए खर्च आएगा। इसके अलावा इंदौर के गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बन रहे इनक्यूबेशन सेंटर में न्यूयॉर्क यूनीवर्सिटी मदद करेगी।
अमेरिका से लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्वागत के लिए राजधानी के सैकड़ों कार्यकर्ता स्टेट हैंगर पहुंचे। इसके साथ ही स्टेट हैंगर से सीएम हाउस तक जगह-जगह मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। स्टेट हैंगर पर हुई सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सात दिन कार्यकर्ताओं से दूर रहा, इसलिए मिलने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी गुलामी की मानसिकता में जी रही है।