रूसी टेनिस सुंदरी मारिया शारापोवा की नजर समापन शानदार ढंग से करने पर टिकी

डोपिंग के प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाली रूसी टेनिस सुंदरी मारिया शारापोवा की नजर सत्र का समापन शानदार ढंग से करने पर टिकी हैं। शारापोवा ने बीते रविवार को चीन में खिताब जीता था जो दो साल से ज्यादा की अवधि में उनका पहला खिताब है।
विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने 15 महीनों के प्रतिबंध के बाद अप्रैल में वापसी की थी। उन्होंने रविवार को तिआनजिन ओपन के फाइनल में बेलारूस की 19 वर्षीय अर्याना सबलींका को 7-5, 7-6 से शिकस्त दी। इस खिताबी जीत से शारापोवा की रैंकिंग में 29 स्थान की उछाल आई। सोमवार को जारी हुई ताजा डब्ल्यूटीए रैंकिंग में वे 86वें से 57वें नंबर पर पहुंच गईं।
शारापोवा ने कहा कि वह आगे की ओर देख रही हैं और उनकी नजरें अगले सप्ताह मास्को में होने वाले क्रेमलिन कप में सफलता हासिल करने पर हैं। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 2007 के बाद से भाग नहीं लिया है। इस टूर्नामेंट के लिए वाइल्ड कार्ड हासिल करने वाली शारापोवा ने कहा, ‘निश्चित रूप से खिताब जीतने के बाद वहां जाने के बहुत मायने हैं, लेकिन मैं वास्तव में दमदारी के साथ समापन करना चाहती हूं। मुझे याद नहीं कि पिछली बार मैंने लगातार तीन स्पर्धाएं कब खेलीं, लेकिन मैं वहां अपना सबकुछ झोंक दूंगी। मैं जानती हूं कि मेरे वहां बहुत सारे प्रशंसक हैं।’
शारापोवा मास्को में शुरुआती दौर में स्लोवाकिया की माग्दालेना रायबारिकोवा का सामना करेंगी। पांच बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने कहा कि उनके करियर का 36वां खिताब तिआनजिन ओपन उनके लिए खास था। उन्होंने कहा, ‘करीब दो साल बाद ऐसा हुआ जब मैंने विजेता ट्रॉफी को थामा। यह बहुत जबरदस्त अहसास है।’

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। उसने प्रधानमंत्री पद से बेदखल किए गए नवाज शरीफ सहित 261 सांसदों और विधायकों को निलंबित कर दिया है।
इन विधि निर्माताओं ने चुनाव आयोग को अपनी संपत्तियों और देनदारियों के विवरण नहीं सौंपे थे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर में कहा गया है कि पाकिस्तानी निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं और सीनेट के 261 सदस्यों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित सांसदों में नवाज शरीफ के दामाद और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के सदस्य कैप्टन मुहम्मद सफदर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) की नेशनल असेंबली की सदस्य (एमएनए) आयशा गुलालेई, धार्मिक मामले के मंत्री सरदार यूसुफ और नेशनल असेंबली की पूर्व अध्यक्ष फहमिदा मिर्जा भी शामिल हैं।
ईसीपी की अधिसूचना के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है, सात सीनेटरों, नेशनल असेंबली के 71 सदस्य, सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा तथा बलूचिस्तान विधानसभाओं के क्रमशः 50, 38 व 11 सदस्यों को निलंबित किया गया है।
चुनाव आयोग ने संसद व विधानसभाओं के इन सदस्यों को अपनी, पत्नी या पति तथा आश्रितों की संपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा 30 सितंबर तक जमा करने को कहा था।
लेकिन ऐसा करने में ये माननीय असफल रहे, इसलिए इन्हें निलंबित किया गया है। चुनाव आयोग ने जन-प्रतिनिधित्व कानून अधिनियम (आरओपीए) की उपधारा 42ए के तहत यह कार्रवाई की है।
यह उपधारा कहती है कि सभी सांसदों व विधायकों को हर साल अपनी सभी परिसंपत्तियों व देनदारियों का विवरण प्रदान करना होगा।
सैन्य तानाशाह परवेश मुशर्रफ के शासनकाल में यह कानून लाया गया था, ताकि बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की जांच हो सके। हालांकि अब तक यह अप्रभावी ही साबित हुआ है।
निलंबित किए गए कई सांसदों ने इसे ‘टूथलेस’ या ‘अप्रभावी’ कहकर आलोचना की है, क्योंकि निर्वाचन आयोग को संपत्तियों का ब्योरा देकर कोई भी सांसद अपना निलंबन वापस करवा सकता है।

ताज महल पर फिर शुरू हुआ विवाद

आगरा के ताज महल पर फिर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। भाजपा नेता संगीत सोम के बयान पर असदुद्दीन औवेसी के बाद अब आजम खान का बयान आया है। आजम ने कहा है कि ताज के अलावा लाल किला, संसद और राष्ट्रपति भवन भी गुलामी की निशानी है।
खबरों के अनुसार आजम खान ने ताजमहल को गुलामी की निशाने बताए जाने पर संगीत सोम पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अब तक गुलामी की निशानियों को ना मिटाना राजनीतिक नपुंसकता है।
उन्होंने कहा कि देश में मौजूद उन सभी इमारतों को गिरा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती है। मैंने तो पहले भी कहा कि सिर्फ ताजमहल ही क्यों संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, लाल किला व कुतुब मीनार सब को गिरा देना चहिए।
आजम खान ने संगीत सोम का नाम लिए बिना कहा कि मैं किसी को जवाब नहीं दे रहा हूं क्योंकि गोश्त के कारखाने चलाने वालों को राय देने का अधिकार नहीं। प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ही अब फैसला करेंगे लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि उन सभी इमारतों को गिरा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती है।
उन्होंने कहा कि हम तो बादशाह से अपील करते हैं। छोटे बादशाह से तो हमने कहा कि आप आगे चलो हम साथ चलेंगे। पहला फावड़ा आपका होगा दूसरा हमारा होगा। इतना कुछ कहने के कदम पीछे हटा लेना राजनीतिक नपुंसकता है।
मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा बताया था। उन्होंने कहा था कि हम किस इतिहास के बारे में बात कर रहे हैं। ताजमहल के निर्माता (शाहजहां) ने अपने पिता को कैद कर दिया था।
वह हिंदुओं को समाप्त करना चाहता था। यदि ये लोग हमारे इतिहास का हिस्सा हैं, तो यह हमारे लिए बहुत दुख की बात है और हम इस इतिहास को बदल देंगे। इस दौरान उन्होंने गलत तथ्य जनता के सामने रखे, संगीत सोम को शायद ये नहीं पता था कि शांहजहां नहीं बल्कि औरंगजेब ने अपने पिता को कैद किया था।
इस पूरे मामले पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर ताजमहल गद्दारों ने बनवाया था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लालकिले पर तिरंगा फहराना बंद करना चाहिए।
लाल किला भी गद्दारों ने ही बनवाया था। दिल्ली में हैदराबाद हाउस को भी ‘गद्दार’ ने ही बनाया था। क्या मोदी विदेशी मेहमानों को यहां आने से रोकेंगे।
भाजपा नेता जीवीएल नरसिंह राव ने कल यह कहते हुए संगीत सोम का बचाव किया कि नेता को अपनी राय देने का हक है। राव ने आगे कहा कि भारतीय इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया गया है यह स्मारक बर्बरता का प्रतीक है, जहां तक संगीत सोम का संबंध है, उनके पास बोलने की स्वतंत्रता है यह उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण है और प्रत्येक वक्तव्य पर पार्टी लाइन की आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने किया संविदा शिक्षकों की भर्ती में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का फैसला

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले हुए। सरकार ने संविदा शिक्षकों की भर्ती में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्हें 9 साल की आयु में छूट भी दी जाएगी। 3 सालों से अधिक पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
किसानों को लेकर सरकार ने अहम फैसला लेते हुए दलहन के उत्पादन में तत्काल भुगतान करने को मंजूरी दी।सरकार ने तय किया है कि गर्मी की फसलों की खरीदी का भुगतान दीपावली से पहले किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दे दिए है। बैठक में ये भी तय किया गया कि औसत गुणवत्ता से एकम के अनाज की खरीदी को भी मान्य करते हुए किसानों को भुगतान किया जाएगा जिन समितियों में गड़बड़ियां हुई थी वहां जहां चलती रहेंगी।
सरकार ने जल संसाधन विभाग की 225 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 180 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। इस राशि से नहर बांध तालाब इन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि 14 समूहों का प्रस्तुतीकरण अब 29 अक्टूबर को होगा। ये 17 अक्टूबर को होना था। सरकार ने 15000 मीट्रिक टन मूंग औसत गवत्या से कम की खरीदी थी इसमें से समितियों ने कुछ मूंग को अपग्रेड कर भी लिया है। इसके अलावा रजिस्टार फर्म्स एंड सोसाइटी में 6 चौकीदार 6 फर्राश के पदों को निरंतर रखने का फैसला किया है।