फ्रांस ने जापान को 2-1 से हराकर अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल स्पर्धा के नॉकआउट में जगह पक्की

अमीन गोइरी के डबल के दम पर फ्रांस ने ग्रुप ‘ई’ में जापान को 2-1 से हराकर अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल स्पर्धा के नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली
इंदिरा गांधी स्टेडियम में फ्रांस ने शुरू से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उसकी तरफ से गोइरी ने 13वें और 71वें मिनट में गोलकर टीम को अगले दौर में पहुंचाया। जापान के लिए एकमात्र सांत्वना ताइसी मियाशीरो ने 73वें मिनट में किया।
गोइरी ने खेल के 13वें मिनट में जापानी गोलकीपर कोसेई तानी के पैरों के बीच से गेंद निकालकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। जापान ने शुरू में गोल गंवाने के बाद बेहतर खेल दिखाया और कुछ मौके बनाए। भाग्य भी उसके साथ नहीं था क्योंकि कीतो नाकामूरा का शॉट बेहद करीब से बाहर चला गया था। दूसरी तरफ फ्रांस के मैक्सेन काकरेट ने भी मध्यांतर से ठीक पहले गोल करने का अच्छा मौका गंवाया।
फ्रांस हालांकि दूसरे हाफ में फिर से हावी हो गया और उसे इसका फायदा 71वें मिनट में मिला जब गोइरी ने यासिन आदिल के पास पर खूबसूरत गोल करके बढ़त 2-0 कर दी। जापान को हालांकि इसके दो मिनट बाद पेनल्टी मिली, जिसे ताइसी मियाशीरो ने गोल में बदला। अपने पहले मैच में होंडुरस को 6-1 से शिकस्त देने वाले जापान के अब दो मैचों में तीन अंक हैं। उसे अगले मैच में अब शनिवार को कोलकाता में न्यू कैलेडोनिया से भिड़ना है। वहीं फ्रांस को उसी दिन इसी मैदान पर होंडुरस से खेलना है।

राहुल गांधी सभा के बाद पुरुषों की बजाय महिलाओं के टॉयलेट में चले गए

राहुल गांधी का गुजरात दौरा जारी है और वो अलग-अलग जगहों पर सभाएं करते हुए भाजपा को निशाना बना रहे हैं। इसी सिलसिले में वो छोटा उदयपुर पहुंचे जहां उन्होंने एक रैली को संबोधित किया।
राजनीतिक साभाओं और बयानबाजी के बीच राहुल की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि राहुल गांधी सभा के बाद जब टॉयलेट गए तो वो पुरुषों की बजाय महिलाओं के टॉयलेट में चले गए।
राहुल जिस टॉयलेट में गए उसके बाहर कोई साइन बोर्ड नहीं था लेकिन गुजराती में एक पर्चा चिपका हुआ था जिसपर लिखा था महिलाओं के लिए शौचालय। राहुल ने इस पर ध्यान नहीं दिया और अंदर चले गए। उनके अंदर जाते ही उनके सुरक्षा गार्ड टॉयलेट के बाहर तैनात हो गए लेकिन जैसे ही राहुल बाहर निकले मीडिया की नजरों में आ गए।

देश पहला एयरपोर्ट जिसकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था राजस्थान की महिला पुलिस बटालियन के हाथ में

राजस्थान के किशनगढ़ में आज से शुरू हो रहा एयरपोर्ट देश पहला एयरपोर्ट है, जिसकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था राजस्थान की महिला पुलिस बटालियन हाडी रानी बटालियन के हाथ में रहेगी। करीब 135 करोड़ रुपए की लागत से बने इस एयरपोर्ट की खास बात यह है कि इसका निर्माण निर्धारित समय से एक वर्ष पूर्व ही पूरा हो गया।
केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बुधवार दोपहर तीन बजे इसका लोकार्पण करेंगे। इस एयरपोर्ट के बनने से पुष्कर के प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर और ख्वाजा साहब की दरगाह जाने के लिए अब हवाई सेवा भी उपलब्ध जो जाएगी।
किशनगढ़ का मार्बल खरीदने के लिए आने वालों को भी अब काफी आसानी हो जाएगी। लोकार्पण के बाद अगले सप्ताह से यहां से उदयपुर और दिल्ली के लिए हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। रेस्पांस देखने के बाद यहां से अन्य शहरों के लिए भी हवाई सेवा शुरू हो सकती है। इस एयरपोर्ट को हवाई जहाज उडाने की ट्रेनिंग देने वाले सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना भी है।
इस एयरपोर्ट के लिए डीजीसीए की स्वीकृति मंगलवार को ही आई और एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसके उद्घाटन का निर्णाय कर लिया। इसके पीछे एक बड़ा राजनीतिक कारण बताया जा रहा है। दरअसल इस एयरपोर्ट की नींव यूपीए सरकार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रखी थी और उस समय यहां से सांसद सचिन पायलट ने इसके लिए काफी प्रयास किए थे। अब अजमेर में उपचुनाव है और राजे इसे लेकर कांग्रेस को श्रेय लेने का मौका नहीं देना चाहती। यही कारण रहा कि स्वीकृति के एक दिन बाद ही इसे लोकार्पित करने का निर्णय कर लिया गया।

पूरी नहीं हुई अभी जांच ‘खेत बचाओ किसान बचाओ’ आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और कपड़े उतारकर पिटाई करने के मामले की

टीकमगढ़ के ‘खेत बचाओ किसान बचाओ’ आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और आंदोलन से लौट रहे किसानों के कपड़े उतारकर पिटाई करने के मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई। जांच अधिकारी छतरपुर डीआईजी केसी जैन अभी कुछ और पीड़ित किसानों के बयान ले रहे हैं। हालांकि जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को दे दी गई है। दूसरी तरफ कांग्रेस राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में यह मामला ले जा रही है।
टीकमगढ़ के किसानों ने तीन अक्टूबर को आंदोलन किया था, जिसमें लाठीचार्ज हुआ था और फिर कथित रूप से वापस लौटने वाले किसानों को पुलिस ने रास्ते में गाड़ी से उतारकर थाने में बैठाया था। थाने में उनके कपड़े उतारकर पीटा गया।
दूसरे दिन गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने छतरपुर डीआईजी जैन को सागर आईजी सतीश सक्सेना के मार्गदर्शन में जांच करने का जिम्मा दिया था। जैन ने नवदुनिया से बातचीत में कहा है कि वे पीड़ितों के बयान लेने टीकमगढ़ गए थे, कुछ और पीड़ितों के बयान लेना बाकी हैं।
इस संबंध में डीजीपी ऋषि शुक्ला ने कहा कि पूरी रिपोर्ट आने के बाद उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने बताया कि वे टीकमगढ़ किसान आंदोलन की घटना की शिकायत करने शुक्रवार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे आंदोलनकारी पीड़ित किसानों को भी साथ लेकर जा रहे हैं। आयोग से घटना की जांच कराने की मांग करेंगे।