मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के सीनियर स्पिनर ब्रैड हॉग की मांग बढ़ती उम्र के बावजूद कम नहीं हुई है। 46 वर्षीय इस स्पिनर को बिग बैश लीग की टीम मेलबॉर्न रेनेगेड्स ने अगले एक वर्ष के लिए अनुबंधित किया है। पिछले सीजन में भी हॉग इसी टीम के लिए खेले थे।
हॉग ने कहा, मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं। मैं सिर्फ खेलते रहना चाहता हूं, फिर टीम चाहे जो हो। जब तक मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं, मेरे खेलते रहने की इच्छा है। मैं 50 वर्ष की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं।
पिछले कुछ महीनों से सर्जरी की वजह से क्रिकेट से दूर रहने वाले हॉग ने कहा कि वो अपनी वापसी को लेकर उत्तेजित हैं। वो इस टीम के लिए पिछले सत्र यानी 2016-17 में खेले थे और एक बार फिर से वो अगले सत्र यानी 2017-18 में भी इस टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
ब्रैड हॉग ने वर्ष 2011 में टी20 लीग में अपना डेब्यू किया था। वो पहले पर्थ स्कॉचर्स के लिए खेलते थे और इस दौरान उन्हें फैंस के काफी सपोर्ट मिला। बीग बैश लीग में अच्छे प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑस्ट्रेलिया टी20 टीम में शामिल किया गया था वो क्रिकेट के इस प्रारूप में खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए थे जो अब तक एक रिकॉर्ड है।
हॉग दुनिया के कई लीग में खेल चुके हैं या फिर खेल रहे हैं। बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भी वो खेल रहे हैं साथ ही वो आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपने साथी खिलाड़ी शेन वॉर्न के साथ खेल चुके हैं और कोलकाता नाइट राइडर्स का भी वो हिस्सा रह चुके हैं। ब्रैड हॉग वर्ष 2015 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ मैच खेलते ही आईपीएल में खेलने वाले सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बन गए थे और उस वक्त उनकी उम्र 44 साल थी। फिलहाल वो 46 वर्ष के हैं और इस उम्र में भी उन्हें कोई बड़ी इंजुरी नहीं है। हॉग ने कहा था कि वो टीम में वापसी को तैयार हैं।

सड़क-पुल समेत कई योजनाओं का भी पीएम करेंगे कार्यारंभ

केंद्र सरकार द्वारा राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की अपील की गई है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र से ही नई मांग रख दी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार इनकी बेस प्राइज कम करे, यह कम होगी तो बिहार में पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे।
बता दें कि बिहार में करीब 56 रुपये पेट्रोल का बेस प्राइस है, जबकि झारखंड में 51 रुपये बेस प्राइस है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के बेस प्राइस को री-कैल्कुलेट करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
1,अणे मार्ग स्थित लोक संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले कई तरह के टैक्स भी खत्म हुए हैं। बिहार में पेट्रोल पर 26% और डीजल पर 19% टैक्स लगता है।
ऐसे में अन्य टैक्स में छूट देनी चाहिए, जिससे बिहार में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस कम हो और लोगों को ये सस्ते मिले। बिहार एक-दो राज्यों को छोड़ कर लोवेस्ट (निम्नतम) वैट वाला राज्य है. बिहार सरकार ने पहले भी पेट्रोल-डीजल पर टैक्स को कम किया था, जिससे ये सस्ते हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाइपलाइन के जरिये लोगों को घरेलू गैस देने की योजना है। पिछले दिनों केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ज्यादा-से-ज्यादा शहरों और सभी लोगों को इससे जोड़ने की मांग की गयी है।
फिलहाल एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत हर घर में गैस पाइपलाइन का कनेक्शन दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र हर घर में गैस पहुंचा रही है और बिहार सरकार हर घर बिजली दे रही है, ऐसे में केरोसिन का उपयोग भी घटेगा। राज्य सरकार केरोसिन के आवंटन में कटौती का प्रस्ताव केंद्र सरकार को देने जा रही है।
इससे बिहार को केंद्र से 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी चर्चा हुई है। बिहार में कुशल युवा कार्यक्रम के तहत युवाओं को कंप्यूटर ज्ञान, भाषा ज्ञान व संवाद और व्यवहार कौशल की जानकारी दी जा रही है।
हर प्रखंड में खुले सेंटर में अब तक एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग दे दी गयी है। इन युवाओं को अब टैबलेट भी देने की तैयारी की जा रही है। प्रेस काॅन्फ्रेंस में कई विभागों के मंत्री मौजूद थे।
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अक्तूबर को पटना विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे होने पर आयोजित समारोह में तो शामिल होंगे ही, मोकामा में कई योजनाओं के कार्यारंभ भी करेंगे। इनमें मोकामा में छह लेन का पुल, बख्तियारपुर फोरलेन, महेशखुंट-सहरसा-मधेपुरा-पूर्णिया सड़क और पुल-सड़क भी शामिल हैं।साथ ही पटना में अरबन डेवलपमेंट विभाग के चार प्रोजेक्ट का भी कार्यारंभ करेंगे।
विशेष राज्य के दर्जे की मांग के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे की मांग का कारण है। राज्य कितना भी औद्योगिक प्रोत्साहन नीति बना दे, निवेश कम होता है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर केंद्रीय टैक्स में छूट मिलती है। केंद्र अभी 60-40 के अनुपात में राज्य को प्रोत्साहन देती है, वह 90-10 अनुपात हो जायेगा। इससे निवेश की संभावना बढ़ेगी। बिहार लैंड लॉक्ड स्टेट है।
जब तक लोगों को विशेष छूट नहीं मिलेगी, वे क्यों निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास हो रहा है।बिहार के हर घर बिजली के तर्ज पर केंद्र में योजना शुरू की गयी है। ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार के ही केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह ने काम के लिए सकारात्मक संकेत दिये हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल भी रेलवे को लेकर बात करने को इच्छुक हैं। एेसे में बिहार में बहुत सारे ऐसे काम जो वर्षों से लंबित हैं, वे आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के कदम को सही बताया है। उन्होंने कहा, नोटबंदी के अच्छे परिणाम आयेंगे। इस पर बवेला मचाने की क्या जरूरत है?
नोटबंदी से केंद्र सरकार काले धन पर चोट कर रही है और करेगी। वहीं, जीएसटी के लिए यूपीए सरकार से हम पक्षधर थे। जीएसटी को लेकर जो समस्याएं आएं, उन्हें गठित कमेटी जरूर देखे और उसमें पारदर्शिता लाये।टैक्स देना गुनाह नहीं है, टैक्स से ही विकास होगा। इसे आर्थिक जगत में पारदर्शिता आयेगी।

जिनके बारूद से बेटे और पोते को खोया उनके ही गोदाम की चौकीदारी कर रहे

पटाखा दुकानों या फैक्टरी में आग लगने से इस साल अप्रैल व जून में इंदौर, बालाघाट और दतिया में तीन हादसे हुए। इनमें 39 लोगों की मौत हो गई। पटाखों ने यहां काम करने वाले या खरीदारी करने आए मासूम लोगों के घरों में कैसे जिंदगीभर के लिए अंधेरा कर दिया, यह जानिए इन तीन परिवारों के दास्तां से-
जिनके बारूद से बेटे और पोते को खोया, परिवार पालने के लिए उनके ही गोदाम की चौकीदारी कर रहे हैं धन्नालाल
इंदौर के रानीपुरा हादसे में बेटे और पोते को खो चुके धन्नालाल बोडाना की बदकिस्मती देखिए कि 75 साल की उम्र में उन्हें बेटे और पोते का परिवार पालने के लिए उसी मालिक के गोदाम में काम करना पड़ रहा है, जिसकी दुकान में रखे पटाखों से दोनों की जान चली गई।
हातोद में रह रहे धन्नालाल का परिवार तीन पीढ़ी से पटाखों के काम से जुड़ा हुआ है। वे खुद हातोद में बने गोदाम की चौकीदारी करते हैं, जबकि बेटा और पोता रानीपुरा में गुरविंदर सिंह की दिलीप पटाखा दुकान में काम करते थे। 19 अप्रैल को दुकान में आग लगने से 50 वर्षीय करन और 35 वर्षीय चेतन की मौत हो गई थी।
दो कमाऊ हाथ गंवाने के बाद अब इस परिवार की दो विधवा बहुओं और चेतन के तीन बच्चों को पालने की जिम्मेदारी धन्नालाल पर है। वे कहते हैं दो-दो लाख रुपए का जो मुआवजा मिला था, उससे घर पक्का कर लिया, ताकि पक्की दीवारों के पीछे महिलाएं तो महफूज रहें। बाकी घर का चूल्हा जलाने के लिए ये बूढ़ी हड्डियां अभी बाकी हैं।