यदि धोनी ने किसी मैच में ऐसा किया तो उन्हें सजा मिलेगी

क्रिकेट फैंस के दिमाग में अभी भी वह दृश्‍य ताजा है जब भारतीय विकेटकीपर महेंद्रसिंह धोनी ऐसा दर्शाते थे कि उन्होंने गेंद कलेक्ट कर ली है और वे थ्रो करने वाले हैं। वास्तव में उस वक्त गेंद उनके हाथ में होती ही नहीं थी, लेकिन वे अपने इस एक्शन से बल्लेबाजों को भ्रमित कर रन लेने से रोक देते थे।
कुछ समय पहले तक क्रिकेट में इस तरह के एक्शन को जायज माना जाता था, लेकिन आईसीसी के नियमों में बदलाव के बाद इस तरह की हरकत पर दंड का प्रावधान है। आईसीसी के फेक फील्डिंग नियम 41।5 के नियम के तहत यदि कोई फील्डर अपने शब्दों और एक्शन से जानबूझकर बल्लेबाजों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हुए पाया गया या उसने फेक फील्डिंग के जरिए धोखा देने की कोशिश की तो अंपायर बल्लेबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन प्रदान करेगा। इसलिए अब यदि धोनी ने किसी मैच में ऐसा किया तो उन्हें सजा मिलेगी और इसके फलस्वरूप विपक्षी टीम को पेनल्टी के रूप में 5 रन मिलेंगे।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने भी आईसीसी के इस फेक फील्डिंग नियम की आलोचना करते हुए आईसीसी से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
फेक फील्डिंग नियम का पहला शिकार क्वींसलैंड के फील्डर मार्नस लैबूसचेंज बने, जब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टूर्नामेंट जेएलटी वनडे कप में बल्लेबाज को भ्रमित करने के लिए फेक ‍फील्डिंग नियम के तहत दंडित किया गया था।

स्थापित कारखानों को फिर से चालू करेगा उत्तर कोरिया

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक प्रतिबंधों का असर कम करने के लिए उत्तर कोरिया केसोंग में दक्षिण कोरिया के सहयोग से स्थापित कारखानों को फिर से चालू करेगा। केसोंग औद्योगिक क्षेत्र दोनों देशों ने मिलकर विकसित किया है। यह दो देशों के मध्य स्थित असैन्य क्षेत्र में है।
उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार और मिसाइल विकास कार्यक्रम के विरोध में पिछले साल दक्षिण कोरिया ने औद्योगिक गतिविधियों से हाथ खींच लिए थे। इसके बाद यहां के कारखाने बंद हो गए थे। इन कारखानों में काम करने वाले ज्यादातर लोग उत्तर कोरिया के थे।
दक्षिण कोरिया का आरोप था कि कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के लिए वह जो रकम देता है, उसका बड़ा हिस्सा उत्तर कोरिया हथियारों के विकास में खर्च करता है। इसलिए वह तकनीक रूप से युद्धरत देश उत्तर कोरिया के साथ मिलकर उद्योग नहीं चला सकता।
इसके जवाब में उत्तर कोरिया ने कहा है कि हम अपने देश में स्थित कारखानों में किस तरह से काम करवा रहे हैं, यह देखने की जिम्मेदारी किसी अन्य देश की नहीं है। यह हमारी संप्रभुता का मामला है जिसके उल्लंघन की अनुमति किसी को नहीं है।

टीकमगढ़ में कलेक्टर ने नहीं की थी किसानों से मुलाकात

टीकमगढ़ में किसानों के साथ हुई मारपीट मामले में प्रदेश सरकार भले ही शासन स्तर से जांच करा रही हो, लेकिन स्थानीय किसानों को सरकार की जांच पर भरोसा नहीं है। किसानों का कहना है कि शासन ने जिस अधिकारी को जांच सौंपी है, वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। डीआईजी केसी जैन को वित्तमंत्री जयंत मलैया का खास बताते हुए किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री और टीकमगढ़ प्रभारी द्वारका यादव ने भी जांच प्रभावित होने की बात कही है।
मुआवजा कम मिलने व अन्य मांगों को लेकर टीकमगढ़ कलेक्टर के पास शिकायत करने पहुंचे किसानों से मिलने के लिए कलेक्टर ने समय नहीं निकाला। कलेक्टर के न मिलने पर टीकमगढ़ से कांग्रेस के पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह भड़क गए और बैरीकेड्स तोड़कर कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे। पीछे से युवक कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ताओं ने भी बैरीकेड्स तोड़ दिए और पूर्व विधायक के साथ आगे बढ़ने लगे, जिन्हें पुलिस ने रोकने की कोशिश की और बात बिगड़ गई।
टीकमगढ़ मामले में कांग्रेस पार्टी में स्थानीय गुटबाजी और अगले वर्ष प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों का फीवर भी हावी रहा। पार्टी में जो नेता पिछले चार वर्षों से सक्रिय नहीं थे, प्रदर्शन के दिन वे भी पूरी ऊर्जा और सक्रियता दिखाने लगे। खासतौर से नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के सामने। प्रदर्शन में कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं को कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं दी गई थी, इससे कांंग्रेस की गुटबाजी भी स्पष्ट झलक रही है।
टीकमगढ़ मामले की जांच राज्य शासन स्तर से हो रही है, इसमें संभागीय अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है। संभागीय स्तर पर कोई जांच नहीं कराई गई है। इस मामले को लेकर एक ज्ञापन मुझे जरूर मिला था, लेकिन शासन स्तर से जांच होने के कारण स्थानीय स्तर पर जांच के आदेश नहीं दिए गए हैं।

पीएम मोदी पहुंचे दो दिवसीय जामनगर दौरे पर

गुजरात चुनाव करीब है और ऐसे में पीएम मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर शनिवार सुबह जामनगर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने उनका स्वागत किया। यहां से पीएम सीधे द्वारका पहुंचे जहां वो द्वारकाधीश मंदिर में पूजा के साथ अपने दौरे की शुरुआत करेंगे।
इसके अलावा पीएम मोदी अपने जन्मस्थान वडनगर भी जाएंगे जहां वो कई प्रोजेक्ट्स की सौगात देंगे। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार होगा जब मोदी अपने जन्मस्थान जाएंगे।
द्वारका में मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-51 पर बेत द्वारका और ओखा के बीच मोटी तारों पर खिंचे सिग्‍नेचर ब्रिज के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। इस पुल की परियोजना लागत 962 करोड़ रुपये है। गुजरात में वह 5,825 करोड़ रुपये की लागत वाली चार राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
मोदी द्वारका से सुरेंद्रनगर जिले के चोटिला जाएंगे जहां वह राजकोट के ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, छह लेन वाले अहमदाबाद-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग और चार लेन वाले राजकोट-मोरबी राज्य मार्ग की आधारशिला रखेंगे. मोदी सुरेंद्रनगर के जोरावरनगर एवं रतनपुर इलाकों में अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र तथा पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन भी राज्य को समर्पित करेंगे. यहां भी वह एक सभा को संबोधित करेंगे.