पहली बार भारत में आयोजित होने जा रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए कप्तान विराट कोहली ने दी शुभकामनाएं

भारत में पहली बार आयोजित होने जा रहे अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम को शुभकामनाएं मिली हैं। यह शुभकामनाएं भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने दी हैं। विराट कोहली ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया है।
15 सेकंड के वीडियो में विराट ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘हमारे लड़के 6 अक्टूबर से शुरू हो रहे अंडर-17 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे हैं। उनका पहला मैच यूएसए के खिलाफ है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। पहले मैच और बाकी के टूर्नामेंट के लिए ऑल द वेरी बेस्ट। जाओ, जमकर खेलो और हमें गौरवान्वित करो।’
इस टूर्नमेंट के लिए भारत को ग्रुप ‘ए’ में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के अलावा पूर्व चैंपियन घाना, कोलंबिया और अमेरिका की टीमें हैं। भारत की यह युवा टीम अपने पहले मैच में 6 अक्टूबर को अमेरिका के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 9 अक्टूबर को उसका मुकाबला कोलंबिया और फिर 12 अक्टूबर को घाना से होगा। सभी मुकाबले नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले जाएंगे।
भारतीय टीम: डिफेंडर्स : बोरिस सिंह, जितेंद्र सिंह, अनवर अली, संजीव स्टालिन, हेंड्री एंटॉनी, नमित देशपांडे।मिडफील्डर्स : सुरेश सिंह, निंथोइनगान्बा मीतेई, अमरजीत सिंह कियाम, अभिजीत सरकार थातल, लालेंगमाविया, जेक्सन सिहं, नॉन्गडांबा नाओरेम, राहुल कैनोली प्रवीण, मोहम्मद शाहजहां। फॉरवर्ड : रहीम अली, अंकित जाधव।

अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने किया भारत का चीन पाक के आर्थिक विरोध समर्थन

भारत लगातार चीन और पाक के बीच बन रहे आर्थिक गलियारे को लेकर अपना विरोध जताता आ रहा है। इस बीच अब इस मामले में भारत को अमेरिका का भी समर्थन मिल गया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने इस मामले पर दिए एक बयान में कहा है कि किसी भी देश को ऐसे निर्माण से बचना चाहिए जो किसी विवादित क्षेत्र में हो।
सीपीईसी भी एक विवादित क्षेत्र से गुजरेगा। खबरों के अनुसार मैटिस ने यह बात तब कही जब सीनेटर चार्ल्स पीटर ने यह सवाल पूछा था कि वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट के माध्यम से चीन का अफगानिस्तान में क्या रोल रहेगा।
बता दें कि चीन-पाक आर्थिक गलियारा भी इसी का हिस्सा है जो पाक अधिकृत कश्मीर से गुजरेगा और भारत इसका लगातार विरोध करता आ रहा है।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर सरकार झेल रही आलोचना

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर कई दिनों से आलोचना झेल रही मोदी सरकार ने चार अक्टूबर से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को कम करने के लिए अहम कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली बेसिक एक्साइज ड्यूटी को प्रति लीटर 2 रुपए कम कर दिया है।
यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार शाम को एक ट्वीट करके दी है। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे भी पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले अपने वैल्यू ऐडेड टैक्स की समीक्षा करें। इसके अलावा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से भी कीमतों की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
माना जा रहा है कि राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर दो रुपए प्रति लीटर वैट की कमी कर सकते हैं और तेल विपणन कंपनियां एक रुपए प्रति लीटर की कटौती कर सकती हैं। इस तरह से उपभोक्ताओं को करीब पांच रुपए प्रति लीटर का फायदा हो सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल में चार से पांच रुपए प्रति लीटर की कटौती करने की जरूरत है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के डायरेक्टर फायनेंस एके शर्मा ने इस क्षेत्र में हो रहे नवीनतम घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम ग्राहकों को पूरा लाभ दे रहे हैं। यह जनता के लिए राहत है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता के हित में सही फैसला किया है और जहां तक ग्राहक को लाभ देने की बात है, तो हम सरकार के साथ हैं।

आदर्श घोटाले में आदर्श कोपरेटिव हाउसिंग सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील

महाराष्ट्र की राजनीति को हिलाकर रख देने वाले आदर्श घोटाले में आदर्श कोपरेटिव हाउसिंग सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि उसके खाते फिर से बहाल किए जाएं। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा है।
दो सप्ताह में एजेंसी को बताना होगा कि वह इसके हक में है या नहीं। गौरतलब है कि एक समय महाराष्ट्र की राजनीति में आदर्श घोटाले के चलते उबाल आ गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस्तीफा तक देना पड़ा था। मामले की जांच आयकर विभाग, सीबीआई के अतिरिक्त ईडी भी कर रहा है।
2011 में महाराष्ट्र सरकार ने भी एक दो सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था। दो साल बाद इसकी रिपोर्ट में बताया गया कि 31 मंजिला भवन में 25 आवंटन गलत तरीके से किए गए जबकि 22 मामले ऐसे हैं, जिनमें खरीद के लिए दूसरे व्यक्ति का सहारा लिया गया।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में इस बहुमंजिला इमारत को ढहाने का आदेश दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। मामले ने जब तूल पकड़ा तब हाईकोर्ट ने आदर्श मामले से जुड़े सभी खातों को सीज कर दिया था।
आदर्श कोपरेटिव सोसायटी की तरफ से पेश अधिवक्ता ने जस्टिस जे चेलेमेश्वर व जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ से अपील की कि सोसायटी का घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। भवनों की मेंटीनेंस के लिए पैसों की जरूरत है, लिहाजा खातों को बहाल किया जाए।

राज्य सरकार बनाने जा रही जल्द ही नई उद्योग नीति

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद अब राज्य सरकार जल्द ही नई उद्योग नीति बनाने जा रही है। पुरानी नीति में उद्योगों को टैक्स में दी जाने वाली सभी छूट खत्म होंगी और नई छूट का प्रावधान होगा। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार प्रदेश में निवेश करने वाले उद्योगों को कैपिटल सबसिडी भी देगी।
राज्य सरकार की मौजूदा निवेश संवर्धन नीति में उद्योगों को वैट, एंट्री टैक्स समेत कई तरह की छूट दी जाती है, लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद राज्य सरकार ये छूट नहीं दे सकती, इसलिए नई उद्योग नीति को लेकर कवायद शुरू हो गई है।
इसे लेकर उद्योग विभाग के कुछ अधिकारियों के बीच बैठकें भी हो चुकी हैं। उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर महीने के आखिर तक उद्योग नीति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इससे पहले 2016 में ही उद्योग नीति में कुछ संशोधन किए थे। इस संबंध में उद्योग विभाग के आयुक्त वीएल कांताराव का कहना है कि नई उद्योग नीति ला रहे हैं। यह तय नहीं है कि इसे कब तक लागू किया जाएगा।
नई उद्योग नीति में इस बात पर विचार चल रहा है कि उद्योगों को निवेश करने के बाद कुछ पूंजी वापस कर दी जाए। यानी कंपनी ने जितना पैसा उद्योग लगाने के लिए खर्च किया है, उसका कुछ प्रतिशत कंपनी को छूट के रूप में वापस लौटा दिया जाए। यह छूट सिर्फ नए उद्योगों के लिए ही लागू होगी। इसके अलावा टैक्स में सरकार कोई छूट नहीं दे पाएगी।
उद्योग विभाग फिलहाल यह फैसला नहीं ले पाया है कि जीएसटी लागू होने से पहले प्रदेश में हुए निवेश के लिए किस तरीके से सबसिडी दी जाए। राज्य सरकार ने इसके लिए वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है, जो पुराने निवेश पर छूट देने का फैसला करेगी।