रूसी टेनिस सुंदरी मारिया शारापोवा की नजर समापन शानदार ढंग से करने पर टिकी

डोपिंग के प्रतिबंध के बाद वापसी करने वाली रूसी टेनिस सुंदरी मारिया शारापोवा की नजर सत्र का समापन शानदार ढंग से करने पर टिकी हैं। शारापोवा ने बीते रविवार को चीन में खिताब जीता था जो दो साल से ज्यादा की अवधि में उनका पहला खिताब है।
विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी शारापोवा ने 15 महीनों के प्रतिबंध के बाद अप्रैल में वापसी की थी। उन्होंने रविवार को तिआनजिन ओपन के फाइनल में बेलारूस की 19 वर्षीय अर्याना सबलींका को 7-5, 7-6 से शिकस्त दी। इस खिताबी जीत से शारापोवा की रैंकिंग में 29 स्थान की उछाल आई। सोमवार को जारी हुई ताजा डब्ल्यूटीए रैंकिंग में वे 86वें से 57वें नंबर पर पहुंच गईं।
शारापोवा ने कहा कि वह आगे की ओर देख रही हैं और उनकी नजरें अगले सप्ताह मास्को में होने वाले क्रेमलिन कप में सफलता हासिल करने पर हैं। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 2007 के बाद से भाग नहीं लिया है। इस टूर्नामेंट के लिए वाइल्ड कार्ड हासिल करने वाली शारापोवा ने कहा, ‘निश्चित रूप से खिताब जीतने के बाद वहां जाने के बहुत मायने हैं, लेकिन मैं वास्तव में दमदारी के साथ समापन करना चाहती हूं। मुझे याद नहीं कि पिछली बार मैंने लगातार तीन स्पर्धाएं कब खेलीं, लेकिन मैं वहां अपना सबकुछ झोंक दूंगी। मैं जानती हूं कि मेरे वहां बहुत सारे प्रशंसक हैं।’
शारापोवा मास्को में शुरुआती दौर में स्लोवाकिया की माग्दालेना रायबारिकोवा का सामना करेंगी। पांच बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने कहा कि उनके करियर का 36वां खिताब तिआनजिन ओपन उनके लिए खास था। उन्होंने कहा, ‘करीब दो साल बाद ऐसा हुआ जब मैंने विजेता ट्रॉफी को थामा। यह बहुत जबरदस्त अहसास है।’

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। उसने प्रधानमंत्री पद से बेदखल किए गए नवाज शरीफ सहित 261 सांसदों और विधायकों को निलंबित कर दिया है।
इन विधि निर्माताओं ने चुनाव आयोग को अपनी संपत्तियों और देनदारियों के विवरण नहीं सौंपे थे। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर में कहा गया है कि पाकिस्तानी निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभाओं और सीनेट के 261 सदस्यों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित सांसदों में नवाज शरीफ के दामाद और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के सदस्य कैप्टन मुहम्मद सफदर, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) की नेशनल असेंबली की सदस्य (एमएनए) आयशा गुलालेई, धार्मिक मामले के मंत्री सरदार यूसुफ और नेशनल असेंबली की पूर्व अध्यक्ष फहमिदा मिर्जा भी शामिल हैं।
ईसीपी की अधिसूचना के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है, सात सीनेटरों, नेशनल असेंबली के 71 सदस्य, सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा तथा बलूचिस्तान विधानसभाओं के क्रमशः 50, 38 व 11 सदस्यों को निलंबित किया गया है।
चुनाव आयोग ने संसद व विधानसभाओं के इन सदस्यों को अपनी, पत्नी या पति तथा आश्रितों की संपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा 30 सितंबर तक जमा करने को कहा था।
लेकिन ऐसा करने में ये माननीय असफल रहे, इसलिए इन्हें निलंबित किया गया है। चुनाव आयोग ने जन-प्रतिनिधित्व कानून अधिनियम (आरओपीए) की उपधारा 42ए के तहत यह कार्रवाई की है।
यह उपधारा कहती है कि सभी सांसदों व विधायकों को हर साल अपनी सभी परिसंपत्तियों व देनदारियों का विवरण प्रदान करना होगा।
सैन्य तानाशाह परवेश मुशर्रफ के शासनकाल में यह कानून लाया गया था, ताकि बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की जांच हो सके। हालांकि अब तक यह अप्रभावी ही साबित हुआ है।
निलंबित किए गए कई सांसदों ने इसे ‘टूथलेस’ या ‘अप्रभावी’ कहकर आलोचना की है, क्योंकि निर्वाचन आयोग को संपत्तियों का ब्योरा देकर कोई भी सांसद अपना निलंबन वापस करवा सकता है।

ताज महल पर फिर शुरू हुआ विवाद

आगरा के ताज महल पर फिर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। भाजपा नेता संगीत सोम के बयान पर असदुद्दीन औवेसी के बाद अब आजम खान का बयान आया है। आजम ने कहा है कि ताज के अलावा लाल किला, संसद और राष्ट्रपति भवन भी गुलामी की निशानी है।
खबरों के अनुसार आजम खान ने ताजमहल को गुलामी की निशाने बताए जाने पर संगीत सोम पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अब तक गुलामी की निशानियों को ना मिटाना राजनीतिक नपुंसकता है।
उन्होंने कहा कि देश में मौजूद उन सभी इमारतों को गिरा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती है। मैंने तो पहले भी कहा कि सिर्फ ताजमहल ही क्यों संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, लाल किला व कुतुब मीनार सब को गिरा देना चहिए।
आजम खान ने संगीत सोम का नाम लिए बिना कहा कि मैं किसी को जवाब नहीं दे रहा हूं क्योंकि गोश्त के कारखाने चलाने वालों को राय देने का अधिकार नहीं। प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ही अब फैसला करेंगे लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि उन सभी इमारतों को गिरा देना चाहिए जिनसे कल के शासकों की बू आती है।
उन्होंने कहा कि हम तो बादशाह से अपील करते हैं। छोटे बादशाह से तो हमने कहा कि आप आगे चलो हम साथ चलेंगे। पहला फावड़ा आपका होगा दूसरा हमारा होगा। इतना कुछ कहने के कदम पीछे हटा लेना राजनीतिक नपुंसकता है।
मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा बताया था। उन्होंने कहा था कि हम किस इतिहास के बारे में बात कर रहे हैं। ताजमहल के निर्माता (शाहजहां) ने अपने पिता को कैद कर दिया था।
वह हिंदुओं को समाप्त करना चाहता था। यदि ये लोग हमारे इतिहास का हिस्सा हैं, तो यह हमारे लिए बहुत दुख की बात है और हम इस इतिहास को बदल देंगे। इस दौरान उन्होंने गलत तथ्य जनता के सामने रखे, संगीत सोम को शायद ये नहीं पता था कि शांहजहां नहीं बल्कि औरंगजेब ने अपने पिता को कैद किया था।
इस पूरे मामले पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर ताजमहल गद्दारों ने बनवाया था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लालकिले पर तिरंगा फहराना बंद करना चाहिए।
लाल किला भी गद्दारों ने ही बनवाया था। दिल्ली में हैदराबाद हाउस को भी ‘गद्दार’ ने ही बनाया था। क्या मोदी विदेशी मेहमानों को यहां आने से रोकेंगे।
भाजपा नेता जीवीएल नरसिंह राव ने कल यह कहते हुए संगीत सोम का बचाव किया कि नेता को अपनी राय देने का हक है। राव ने आगे कहा कि भारतीय इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया गया है यह स्मारक बर्बरता का प्रतीक है, जहां तक संगीत सोम का संबंध है, उनके पास बोलने की स्वतंत्रता है यह उनका व्यक्तिगत दृष्टिकोण है और प्रत्येक वक्तव्य पर पार्टी लाइन की आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने किया संविदा शिक्षकों की भर्ती में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का फैसला

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले हुए। सरकार ने संविदा शिक्षकों की भर्ती में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्हें 9 साल की आयु में छूट भी दी जाएगी। 3 सालों से अधिक पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
किसानों को लेकर सरकार ने अहम फैसला लेते हुए दलहन के उत्पादन में तत्काल भुगतान करने को मंजूरी दी।सरकार ने तय किया है कि गर्मी की फसलों की खरीदी का भुगतान दीपावली से पहले किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दे दिए है। बैठक में ये भी तय किया गया कि औसत गुणवत्ता से एकम के अनाज की खरीदी को भी मान्य करते हुए किसानों को भुगतान किया जाएगा जिन समितियों में गड़बड़ियां हुई थी वहां जहां चलती रहेंगी।
सरकार ने जल संसाधन विभाग की 225 लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 180 करोड़ रुपए की मंजूरी दी। इस राशि से नहर बांध तालाब इन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि 14 समूहों का प्रस्तुतीकरण अब 29 अक्टूबर को होगा। ये 17 अक्टूबर को होना था। सरकार ने 15000 मीट्रिक टन मूंग औसत गवत्या से कम की खरीदी थी इसमें से समितियों ने कुछ मूंग को अपग्रेड कर भी लिया है। इसके अलावा रजिस्टार फर्म्स एंड सोसाइटी में 6 चौकीदार 6 फर्राश के पदों को निरंतर रखने का फैसला किया है।

पहली बार अंडर-17 फीफा विश्व कप में भाग ले रही भारतीय टीम लीग

मेजबान होने के कारण पहली बार अंडर-17 फीफा विश्व कप में भाग ले रही भारतीय टीम लीग चरण के ग्रुप-ए के अपने तीनों मुकाबले हारकर इस टूर्नामेंट के पहले ही दौर से बाहर हो गई। उसे अपने से मजबूत अमेरिका, कोलंबिया से हारने के बाद गुरुवार को घाना से भी मात मिली।
आखिरी मैच में उसने सबसे ज्यादा गोलों के अंतर (0-4) से हार झेली। अफ्रीकी टीम घाना की तरफ से कप्तान इरिक अयाह के अलावा रिचर्ड डेंसो और इमानुएल टोकू ने गोल दागे। भारत ने पहले हाफ में सिर्फ एक गोल खाया, लेकिन दूसरे हाफ में उसका डिफेंस पूरी तरह चकनाचूर हो गया और घाना ने इसका फायदा उठाते हुए तीन और गोल दाग दिए।
ग्रुप-ए का यह मैच जीतने के साथ ही घाना ने प्री क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। इस ग्रुप से कोलंबिया भी प्री क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुका है, जबकि भारत का आगे का सफर समाप्त हो गया।
आक्रमण से ज्यादा रक्षण पर विश्वास करने वाले भारतीय कोच डि मातोस की सेना ने पिछले दो मैचों की तरह अफ्रीकी टीम घाना के खिलाफ भी ऐसा ही किया। शुरुआत के 42 मिनट इस खेल ने उनका साथ भी दिया, लेकिन इसके अगले ही मिनट में मेहमानों के कप्तान अयाह ने गोल करके मेजबानों को एक और हार की तरफ बढ़ने को मजबूर कर दिया।
मैच की शुरुआत से ही घाना ने आक्रमण तो भारत ने रक्षण की रणनीति अपनाई। बोरिस थंगजाम, नाउरेम और अनिकेत ने शानदार रक्षण किया। तीसरे मिनट में ही अनिकेत ने शानदार क्रॉस किया, लेकिन गेंद को गोल तक पहुंचाने के लिए वहां भारतीय टीम का कोई सदस्य नहीं था।
छठे मिनट में घाना ने गेंद को नेट पर पहुंचा दिया, लेकिन रेफरी ने इसे ऑफसाइड दे दिया। आठवें मिनट में धीरज ने शानदार गोल रोका। इसी समय भारत को फ्री किक मिली, लेकिन संजीव गोल नहीं कर पाए।
भारतीय रक्षण का आलम यह था कि शुरुआती दस मिनट में घाना ने तीन ऑफसाइड किए। घाना के खिलाड़ी को रोकने के चक्कर मे 33वें मिनट में बोरिस को पीला कार्ड भी मिला। भारतीय डिफेंस के सामने घाना का आक्रमण पूरी तरह परेशान हो गया और इसका असर उसकी बेंच पर भी दिखाई देने लगा।
39वें मिनट में घाना को फिर कॉर्नर मिला, लेकिन वह लक्ष्य से भटक गया। 42वें मिनट में उनके पास फिर गोल करने का मौका था, लेकिन उनका शॉट फिर लक्ष्य से भटक गया। अगले ही मिनट में मेहमानों ने फिर आक्रमण किया और उनकी तरफ से पहले शॉट को गोलकीपर धीरज ने रोका, लेकिन अयाह ने जवाबी आक्रमण करते हुए गेंद को गोलपोस्ट तक पहुंचाकर 1-0 से बढ़त ले ली।
पहले हाफ के अतिरिक्त समय में अनिकेत को गिराने के कारण घाना के राशिद अलहसन को पीला कार्ड मिला। इसके बाद भारत के पास गोल करने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 रहा।
दूसरा हाफ शुरू होते ही सादिक इब्राहिम ने अमरजीत को हिट किया, जिसके बाद उन्हें रेफरी ने तुरंत पीला कार्ड दिखा दिया। 52वें मिनट में अयाह ने फिर मेजबानों के रक्षण को भेदते हुए दूसरा गोल दागा। दो मिनट बाद भारत के अमरजीत को पीला कार्ड दिखाया गया।
दूसरे हाफ में घाना की तरफ से आक्रमण की भरमार रही। 86वें मिनट में डेंसो ने गोल करके बढ़त को 3-0 कर दिया। अगले ही मिनट में टोकू ने गोलकर करके बढ़त को 4-0 कर लिया। इस हार के बावजूद जेएलएन स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भारतीय फुटबॉलरों का समर्थन किया। कुल मिलाकर यह विश्व कप भारतीय फुटबॉल के लिए नए युग की शुरुआत साबित होता दिख रहा है।
पिछली बार के उप विजेता माली ने फिर से अपने कौशल और दमखम का खूबसूरत नजारा पेश करते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर शान के साथ प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। माली की तरफ से सलाम जिदोउ (18वें मिनट), जिमुसा त्राओरे (50वें) और लसाना एनडियाये (82वें) ने गोल किए, जबकि न्यूजीलैंड के लिए एकमात्र गोल स्थानापन्न चार्ल्स स्प्राग (72वें मिनट) ने दागा।
पराग्वे से पहला मैच गंवाने के बाद माली की यह लगातार दूसरी जीत है, जिससे उसने छह अंकों के साथ पराग्वे (नौ अंक) के बाद ग्रुप-बी में दूसरे स्थान पर रहकर अंतिम-16 में जगह बनाई। कीवी टीम की यह दूसरी हार थी और उसका तीन मैचों में केवल एक अंक रहा।
माली ने दर्शकों के समर्थन के बीच अपनी शारीरिक मजबूती, दमखम, तेजी और कौशल के बलबूते पर खुद को न्यूजीलैंड से बेहतर साबित करने की सफल कोशिश की। यह अलग बात है कि कप्तान मैक्स माटा की वापसी से कीवी टीम को मजबूती मिली थी और इसका असर उनके खेल में भी दिखा।
माटा के पास खेल के तीसरे मिनट में ही मौका था, लेकिन तब वह अकेले गोलकीपर को नहीं छका पाए। इसके बाद अधिकतर समय गेंद न्यूजीलैंड के पाले में ही मंडराती रही और 18वें मिनट में सलाम जिदोउ ने गोल करके अफ्रीकी टीम को बढ़त भी दिला दी।
न्यूजीलैंड की रक्षापंक्ति में थोड़ी सी अफरातफरी दिखी और जिदोउ ने इसका फायदा उठाकर जिमुसा त्राओरे के पास पर डी के दायें छोर से करारा शॉट लगाकर उसे गोल के हवाले कर दिया। कीवी गोलकीपर जैक जोंस के पास इसका कोई जवाब नहीं था। 43वें मिनट में माली अपनी बढ़त दोगुनी करने के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन पिछले दोनों मैचों में गोल करने वाले एनडियाये का शॉट पोस्ट से टकरा गया।
मध्यांतर तक माली 1-0 से आगे था। दूसरे हाफ में भी कहानी में कोई परिवर्तन नहीं आया और छोर बदलने के बाद जिमुसा ने पांचवें मिनट में ही माली को 2-0 से आगे कर दिया। वह कप्तान मुहम्मद कमारा के साथ तेजी से गेंद लेकर आगे बढ़े और जब तक कीवी खिलाड़ी संभल पाते जिमुसा का शॉट जाली चूम रहा था।
जब लग रहा था कि मैच एकतरफा रहेगा तब मैथ्यू पामर की जगह मैदान पर उतरने वाले स्प्राग ने न्यूजीलैंड के लिए पहला गोल करके मैच में जान और दर्शकों में जोश भर दिया। वह तब गोलमुख पर खड़े थे जब उन्हें दायें छोर से इल्जाह जस्ट का क्रॉस मिला, जिसे उन्होंने हेडर से गोल में तब्दील कर दिया। न्यूजीलैंड अब बराबरी के गोल की तलाश में था, लेकिन तभी एनडियाये ने फोडे कोनाटे के पास पर बायें पांव से करारा शाट जमाकर माली को 3-1 से आगे करके उसकी जीत भी सुनिश्चित कर दी।

अमेरिका और इजरायल ने यूनेस्को से अलग होने का फैसला लिया

अमेरिका और इजरायल ने गुरुवार को ऐलान किया कि वह संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) से अलग हो जाएगा। अमेरिका ने यूनेस्को पर इजरायल विरोधी रुख रखने का आरोप लगाया है। अमेरिका का संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी से अलग होने का फैसला 31 दिसंबर 2018 से प्रभावी होगा। तब तक वह यूनेस्को का पूर्णकालिक सदस्य बना रहेगा।
इससे फंड की कमी से जूझ रहे यूनेस्को की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। इस संगठन को दिए जाने वाले अमेरिकी फंड पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराजगी जताते रहेहैं। यूनेस्को को अमेरिका से हर साल आठ करोड़ डॉलर (करीब 520 करोड़ रुपये) की मदद मिलती है।
यूनेस्को का मुख्यालय पेरिस में है। संयुक्त राष्ट्र का यह संगठन 1946 से काम कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नौअर्ट ने कहा, “यह फैसला हल्के में नहीं लिया गया है। यह अमेरिकी चिंताओं को जाहिर करता है कि इस संगठन में बुनियादी सुधार की जरूरत है।”
उन्होंने बताया कि इस बारे में यूनेस्को महासचिव को सूचित कर दिया गया है। इसके कुछ घंटे बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अमेरिकी फैसले को साहसिक बताते हुए यूनेस्को से बाहर आने का एलान कर दिया।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने साल 2011 में फलस्तीन को यूनेस्को का पूर्णकालिक सदस्य बनाने के फैसले के विरोध में इसके बजट में अपना योगदान नहीं दिया था। इससे पहले फॉरेन पॉलिसी पत्रिका ने भी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि 58 सदस्यीय यूनेस्को के नए महानिदेशक का चुनाव कर लिए जाने के बाद अमेरिका इससे अलग होने का एलान कर सकता है।
यूनेस्को ने अमेरिका के अलग होने के फैसले पर खेद जताया है। यूनेस्को महासचिव एरिना बोकोवा ने बयान में कहा, “अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन से आधिकारिक सूचना मिली है। अमेरिका का यूनेस्को से अलग होने का फैसला अफसोसजनक है।”

महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में कम पंजीयन ने बढ़ा दी सरकार की चिंता

मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में कम पंजीयन ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। दरअसर, सरकार इस योजना को कर्जमाफी के तोड़ के रूप में प्रस्तुत कर रही है। पंजीयन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को खुद मोर्चा संभाल लिया।
रेडियो और टीवी के माध्यम से उन्होंने विशेष ग्रामसभा लगवाकर किसानों से सीधी बात की। मुख्यमंत्री ने योजना को महाबोनस करार देते हुए कहा कि इससे उचित दाम की गारंटी मिलेगी। किसानों को पंजीयन कराने की हिदायत देते हुए वे बोले कि इसके बिना योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
प्रदेश की 23 हजार पंचायतों में विशेष ग्रामसभा लगवाकर किसानों से भावांतर भुगतान योजना में पंजीयन के लिए आवेदन भरवाए गए। अभी तक सिर्फ साढ़े आठ लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जबकि उम्मीद 15 लाख से ज्यादा किसानों के योजना से जुड़ने की थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष ग्रामसभाएं बुलवाईं और खुद किसानों को भोपाल से संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार किसान के साथ है। बाजार में जब भाव कम हुए तो सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर प्याज और फिर मूंग, उड़द और तुअर खरीदी। भावांतर योजना में आठ फसलों की खरीदी 16 अक्टूबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक चलेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के बीच जो अंतर आएगा, उसका भुगतान सरकार करेगी।
प्रदेश सरकार भावांतर भुगतान योजना के प्रचार-प्रचार के लिए प्रदेश की 257 कृषि मंडियों में किसान सम्मेलन करेगी। इस पर करीब चार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मंडी बोर्ड ने यह राशि समितियों के लिए मंजूर कर दी है।
योजना में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द की खरीदी होगी। इन फसलों की खरीदी 16 अक्टूबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक चलेगी। फरवरी में तुअर भी भावांतर योजना के तहत खरीदी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि योजना के तहत खरीदी गई उपज के भाव अंतर का भुगतान करीब दो माह बाद किसान को किया जाएगा। 15 दिसंबर को जब खरीदी बंद हो जाएगी, उसके बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी। भुगतान सिर्फ पंजीयन के वक्त बताए गए बैंक खातों में होगा।
प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि योजना में वह खरीदी ही मान्य होगा, जो लायसेंसी व्यापारियों द्वारा मंडियों में की जाएगी। पक्की पर्ची पर हुई खरीदी को ही मान्यता मिलेगी। इसके आधार पर ही किसान को भावांतर भुगतान योजना में अंतर की राशि दी जाएगी।

फ्रांस ने जापान को 2-1 से हराकर अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल स्पर्धा के नॉकआउट में जगह पक्की

अमीन गोइरी के डबल के दम पर फ्रांस ने ग्रुप ‘ई’ में जापान को 2-1 से हराकर अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल स्पर्धा के नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली
इंदिरा गांधी स्टेडियम में फ्रांस ने शुरू से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया था। उसकी तरफ से गोइरी ने 13वें और 71वें मिनट में गोलकर टीम को अगले दौर में पहुंचाया। जापान के लिए एकमात्र सांत्वना ताइसी मियाशीरो ने 73वें मिनट में किया।
गोइरी ने खेल के 13वें मिनट में जापानी गोलकीपर कोसेई तानी के पैरों के बीच से गेंद निकालकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। जापान ने शुरू में गोल गंवाने के बाद बेहतर खेल दिखाया और कुछ मौके बनाए। भाग्य भी उसके साथ नहीं था क्योंकि कीतो नाकामूरा का शॉट बेहद करीब से बाहर चला गया था। दूसरी तरफ फ्रांस के मैक्सेन काकरेट ने भी मध्यांतर से ठीक पहले गोल करने का अच्छा मौका गंवाया।
फ्रांस हालांकि दूसरे हाफ में फिर से हावी हो गया और उसे इसका फायदा 71वें मिनट में मिला जब गोइरी ने यासिन आदिल के पास पर खूबसूरत गोल करके बढ़त 2-0 कर दी। जापान को हालांकि इसके दो मिनट बाद पेनल्टी मिली, जिसे ताइसी मियाशीरो ने गोल में बदला। अपने पहले मैच में होंडुरस को 6-1 से शिकस्त देने वाले जापान के अब दो मैचों में तीन अंक हैं। उसे अगले मैच में अब शनिवार को कोलकाता में न्यू कैलेडोनिया से भिड़ना है। वहीं फ्रांस को उसी दिन इसी मैदान पर होंडुरस से खेलना है।

राहुल गांधी सभा के बाद पुरुषों की बजाय महिलाओं के टॉयलेट में चले गए

राहुल गांधी का गुजरात दौरा जारी है और वो अलग-अलग जगहों पर सभाएं करते हुए भाजपा को निशाना बना रहे हैं। इसी सिलसिले में वो छोटा उदयपुर पहुंचे जहां उन्होंने एक रैली को संबोधित किया।
राजनीतिक साभाओं और बयानबाजी के बीच राहुल की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि राहुल गांधी सभा के बाद जब टॉयलेट गए तो वो पुरुषों की बजाय महिलाओं के टॉयलेट में चले गए।
राहुल जिस टॉयलेट में गए उसके बाहर कोई साइन बोर्ड नहीं था लेकिन गुजराती में एक पर्चा चिपका हुआ था जिसपर लिखा था महिलाओं के लिए शौचालय। राहुल ने इस पर ध्यान नहीं दिया और अंदर चले गए। उनके अंदर जाते ही उनके सुरक्षा गार्ड टॉयलेट के बाहर तैनात हो गए लेकिन जैसे ही राहुल बाहर निकले मीडिया की नजरों में आ गए।

देश पहला एयरपोर्ट जिसकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था राजस्थान की महिला पुलिस बटालियन के हाथ में

राजस्थान के किशनगढ़ में आज से शुरू हो रहा एयरपोर्ट देश पहला एयरपोर्ट है, जिसकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था राजस्थान की महिला पुलिस बटालियन हाडी रानी बटालियन के हाथ में रहेगी। करीब 135 करोड़ रुपए की लागत से बने इस एयरपोर्ट की खास बात यह है कि इसका निर्माण निर्धारित समय से एक वर्ष पूर्व ही पूरा हो गया।
केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बुधवार दोपहर तीन बजे इसका लोकार्पण करेंगे। इस एयरपोर्ट के बनने से पुष्कर के प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर और ख्वाजा साहब की दरगाह जाने के लिए अब हवाई सेवा भी उपलब्ध जो जाएगी।
किशनगढ़ का मार्बल खरीदने के लिए आने वालों को भी अब काफी आसानी हो जाएगी। लोकार्पण के बाद अगले सप्ताह से यहां से उदयपुर और दिल्ली के लिए हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। रेस्पांस देखने के बाद यहां से अन्य शहरों के लिए भी हवाई सेवा शुरू हो सकती है। इस एयरपोर्ट को हवाई जहाज उडाने की ट्रेनिंग देने वाले सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना भी है।
इस एयरपोर्ट के लिए डीजीसीए की स्वीकृति मंगलवार को ही आई और एक दिन बाद ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसके उद्घाटन का निर्णाय कर लिया। इसके पीछे एक बड़ा राजनीतिक कारण बताया जा रहा है। दरअसल इस एयरपोर्ट की नींव यूपीए सरकार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रखी थी और उस समय यहां से सांसद सचिन पायलट ने इसके लिए काफी प्रयास किए थे। अब अजमेर में उपचुनाव है और राजे इसे लेकर कांग्रेस को श्रेय लेने का मौका नहीं देना चाहती। यही कारण रहा कि स्वीकृति के एक दिन बाद ही इसे लोकार्पित करने का निर्णय कर लिया गया।