भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा महिला डबल्स रैंकिंग में 12वें पायदान पर

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा महिला डबल्स रैंकिंग में शीर्ष दस से बाहर हो गई हैं। सोमवार को जारी रैंकिंग में वे महिला डबल्स में तीन स्थान के नुकसान के साथ 12वें पायदान पर पहुंच गईं। पिछले पांच वर्षों में यह पहला मौका है जब सानिया साल का समापन महिला डबल्स रैंकिंग में शीर्ष दस से बाहर रहते हुए करेंगी।
सानिया इस महीने के शुरू में चाइना ओपन में खेली थीं और अपनी जोड़ीदार चीन की पेंग शुई के साथ सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। घुटने के दर्द से परेशान सानिया ने बाकी सत्र में नहीं खेलने का फैसला किया, जिसके कारण वे डब्ल्यूटीए फाइनल्स की होड़ में शामिल नहीं हो पाईं। इसका नुकसान सानिया को रैंकिंग में उठाना पड़ा। सानिया ने लगातार दो साल 2015 और 2016 का समापन महिला डबल्स में नंबर एक पर रहते हुए किया था।
2014 के समापन पर वे नंबर छह पर थीं, जबकि 2013 का समापन उन्होंने रैंकिंग में नौवें पायदान पर रहते हुए किया था। पिछली बार साल के समापन पर वे शीर्ष दस से बाहर 2012 में रही थीं। तब उनकी रैंकिंग 12 थी।

भारत व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच रक्षा मामलों पर चर्चा

भारत व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच दूसरे दौर की रणनीतिक वार्ता में प्रमुख तौर पर रक्षा मामलों पर चर्चा की गई। भारत की तरफ से विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर व यूएई की तरफ से उनके समकक्ष अनवर गरगेश ने भागीदारी की।
दोनों देशों के बीच पहले दौर की वार्ता जनवरी माह में हुई थी, जबकि तीसरे दौर की वार्ता की तिथि अभी तय नहीं हुई है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को लेकर संतोष जताया। अकबर शनिवार को यहां दो दिन की यात्रा पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री व रक्षा राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अहमद अल बावर्दी से मुलाकात की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई का दौरा अगस्त 2015 में किया था। दोनों देशों के बीच सालाना 53 अरब डॉलर का कारोबार होता है। यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2016-17 के दौरान भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति के मामले में यूएई पांचवे स्थान पर था।

सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी ने दिल्ली में रन फॉर यूनिटी को दिखाई हरी झंडी

देश के पूर्व गृहमंत्री सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी ने दिल्ली में रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई। मेजर ध्यानंचद स्टेडियम से शुरू हुई रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे।
यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरदार पटेल की जयंती है वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि भी है। मुझे खुशी है कि देश के युवा रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
लोगों ने सरदार पटेल के देश के प्रति योगदान को भुलाने की पूरी कोशिश की लेकिन देश का युवा उनका और देश के निर्माण में उनके योगदान का सम्मान करता है।
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, लौह पुरुष वल्‍लभभाई पटेल ने देश के लिए जीवन खपा दिया। आजादी के बाद अपने कौशल-दृढ़शक्ति के द्वारा देश को न सिर्फ बड़ी मुश्किलों से बचाया, बल्कि सैकड़ों राजे-रजवाड़े को भारत में मिलाया। ये सरदार साहब की दूरदृष्टि थी कि अंग्रेजों के मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया और देश को एक सूत्र में बांध दिया।’
उन्‍होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को सरदार पटेल से परिचित ही नहीं करवाया गया है। दरअसल, इतिहास के झरोखे से सरदार साहब के नाम को मिटाने का प्रयास हुआ या उनके नाम को छोटा करने की कोशिश की गई। कोई राजनीतिक दल उनके माहात्म्य को स्वीकार करे या न करे, लेकिन हमारी पीढ़ी उन्हें इतिहास से ओझल होने देने के लिए तैयार नहीं है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा भारत विविधताओं का देश है। जब तक विविधता से खुद को जोड़ेंगे नहीं तो राष्ट्र निर्माण में उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। भारत दुनिया के आचार-विचार को अपने में समेटे हुए है। हमारा देश एक रहे, सरदार साहब ने देश को जो एक किया, सवा सौ करोड़ लोगों की जिम्मेदारी है कि वो बनी रही। जब सरदार साहब की जयंती के 150 साल पर हम उन्हें क्या देंगे, इसका संकल्प लेना है। 2022 में आजादी के 75 साल हो रहे हैं, ऐसे में हर हिंदुस्तानी को संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए। ऐसा संकल्प जो देश की गरिमा को ऊपर ले जाना हो। ये समय की मांग है। मैं आपको राष्ट्रीय एकता दिवस पर शपथ के लिए आमंत्रित करता हूं।
उन्‍होंने बताया कि एक बार पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने कहा था- आज सोचने और बोलने के लिए हमें भारत नाम का देश उपलब्ध है, यह सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टेट्समैनशिप और प्रशासन पर जबर्दस्त पकड़ के कारण हो पाया। ऐसा होने के बावजूद हम सरदार साहब को भूल बैठे हैं। राजेन्द्र बाबू ने सरदार साहब के भुला देने की पीड़ा व्यक्त की थी। आज राजेन्द्र बाबू की आत्मा जहां कहीं भी होगी, वो खुश हो रही होगी।
पीएम मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई, ‘मैं सत्यनिष्ठा से शपथ लेता हूं कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आतंरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आत्मनिष्ठा से शपथ लेता हूं। भारत माता की जय।’
इससे पहले पीएम मोदी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने ट्वीट के माध्यम से भी उन्हें याद किया। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि देश के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान और चीरस्मरणीय सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।

जयपुर के पास नींदड गांव में 29 दिन से भूमि समाधि लिए बैठे किसानें का आंदेालन आखिर समाप्त

जयपुर के पास नींदड गांव में 29 दिन से भूमि समाधि लिए बैठे किसानें का आंदेालन आखिर समाप्त हो गया। नींदड बचाओ किसान संघर्ष समिति और यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी के बीच हुई वार्ता में समझौता हो गया है जिसपर किसानों ने अपनी सहमति दी है।
हालांकि किसानों ने कहा है कि किसान समाधि सत्याग्रह मंगलवार तक जारी रहेगा क्योंकि सरकार ने किसानों से जो वादा किया है उसे लेकर लिखित में आश्वासन मंगलवार तक ही मिल सकेगा जिसके बाद ही किसान सत्याग्रह समाप्त हो जाएगा।
सोमवार को हुई वार्ता में किसानों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस जमीन का दोबारा सर्वे होगा और तीन सदस्यीय कमेटी भी बनायी जायेगी जिसमे नींदड के किसान भी शामिल होंगे। वहीं मंदिर माफी की जमीन को लेकर भी किसानों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि मंदिर माफी की जमीन पर जो निर्माण हो चुके हैं उनमें तोड़फोड़ नहीं की जायेगी।
नींदड मे मंदिर माफी की खाली पड़ी जमीन पर जेडीए कल से ही कब्जा कर लेगा जिसे लेकर किसानों के साथ सरकार की सहमति बन गई है। संघर्ष समिति के संयोजक नगेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि सरकार ने हमारी मांगे मान ली है, इसलिए अब हम लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त कर देंगे।

जिला प्रशासन ने की थीं-ताबड़तोड़ चार घोषणाएं

रमन बोरखड़े, सेंधवा (बड़वानी)। 31 अक्टूबर…ठीक इसी दिन सेंधवा के सोलवन गांव के किसान भीम सिंह ने कर्ज, सूखा और तंगहाली से लाचार होकर अपने ही खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। खुदकुशी की इस भयावह तस्वीर ने पूरे प्रदेश को नि:शब्द कर दिया था।
दो साल बाद जो बातें सामने आ रही हैं, वो भी स्तब्ध करने वाली हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन ने भीमसिंह के परिवार को सहारा देने के लिए ताबड़तोड़ चार घोषणाएं की थीं-परिवार सहायता, विधवा पेंशन, आवास योजना, कपिल धारा कुआं और पत्नी ख्यालीबाई को नौकरी। इनमें से 20 हजार रुपए की परिवार-सहायता छोड़ दें तो बाकी किसी भी योजना का लाभ उन तक नहीं पहुंच पाया है।
दो साल में भीम सिंह की बेवा ख्यालीबाई को आवास योजना का लाभ इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि बड़वानी स्थित जिला पंचायत कार्यालय में पहुंची फाइल को किसी अफसर-कर्मचारी ने खोलकर ही नहीं देखा। विशेष स्वीकृति के लिए जिला पंचायत कमेटी के अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ की मौजूदगी में जो बैठक होनी थी, दो साल से नहीं हुई।
इस बीच कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ, ग्राम पंचायत सीईओ सभी बदल गए। सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक विधवा पेंशन एक साल दस महीने बाद शुरू हुई, लेकिन इसकी सूचना भी 31 अक्टूबर 2017 तक ख्यालीबाई को नहीं मिली थी।

दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर ने किया।अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम

दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर ने रविवार को पोचेफ्स्ट्रूम में बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में इतिहास रच दिया। मिलर ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
मिलर ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंदों में शतक लगाया और अपने ही देश के रिचर्ड लेवी का रिकॉर्ड तोड़ा। मिलर ने 35 गेंदों में 7 चौकों और 9 छक्कों की मदद से शतक पूरा किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लेवी के नाम पर था जिन्होंने हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 फरवरी 2012 को 45 गेंदों में शतक जमाया था। दक्षिण अफ्रीका के फॉफ डु प्लेसिस और भारत के केएल राहुल 46-46 गेंदों पर शतक लगाकर इस सूची में तीसरे क्रम पर हैं। प्लेसिस ने जोहान्सबर्ग में 11 जनवरी 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ और राहुल ने 27 अगस्त 2016 को लॉडरहिल में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था।
मिलर ने बांग्लादेशी गेंदबाजों की जमकर पिटाई की। उन्होंने हाशिम अमला (85) के साथ चौथे विकेट के लिए 79 रन जोड़े। इसके बाद मिलर फॉर्म में आए और उन्होंने फरहान बेहारदीन के साथ पांचवें विकेट के लिए 67 रनों की भागीदारी की जिसमें बेहारदीन का योगदान मात्र 6 रनों का था। मिलर के शतक से द. अफ्रीका ने 4 विकेट पर 224 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

रेलवे को एक “नई दिशा” देने की कोशिश पांच साल में दस लाख अतिरिक्त नौकरियां

भारतीय रेल की रफ्तार बढ़ाने के साथ ही रोजगार के मौके बढ़ाने के लिए भी कोशिशें हो रही हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल की मानें तो रेलवे 150 अरब डॉलर(करीब 9,750 अरब रुपए) के निवेश की योजना बना रहा है।
इससे अगले पांच साल में दस लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने में मदद मिलेगी। कैबिनेट के पिछले फेरबदल में रेल मंत्रालय का कामकाज संभालने वाले गोयल ने यह भी कहा कि वह रेलवे को एक “नई दिशा” देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा-“अगले पांच सालों में रेलवे 150 अरब डॉलर (9,750 अरब रुपए) तक निवेश करने की तैयारी कर रहा है।
इसे जब रोजगार में परिवर्तित किया जाएगा तो मैं देखता हूं कि इसके जरिए सिर्फ रेलवे सेक्टर में दस लाख रोजगार पैदा होंगे। “एक अखबार की ओर से आयोजित एक अवार्ड समारोह में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के आरामदेह और सुरक्षित यात्रा के एजेंडे को पूरा करने में रेलवे अहम भूमिका निभा सकता है।
आधारभूत ढांचे पर ध्यान देने से स्थानीय रूप से निर्माण कार्यों को बढ़ावा दिया जा सकता है। गोयल ने कहा कि मंत्रालय दस साल के बजाय अब चार साल में ही रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण के काम को पूरा करने में जुटा हुआ है।
घाटे में चल रहे रेलवे को इससे 30 फीसदी लागत कम करने में मदद मिलेगी। विद्युतीकरण से सालाना 10 हजार करोड़ रुपए का ईंधन बचेगा।

30 बार असफलता का दर्द झेल बुलेट ट्रेन के ‘लोगो’ स्पर्धा में जीत

सरकार की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन के ‘लोगो’ (प्रतीक चिह्न) के लिए स्पर्धा में जीत चक्रधर आला को कोई अचानक ही हासिल नहीं हुई। इस मुकाम पर पहुंचने से पहले उन्हें विभिन्न ‘लोगो’ स्पर्धाओं में 30 बार असफलता का दर्द झेलना पड़ा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद के द्वितीय वर्ष के छात्र 27 वर्षीय चक्रधर आला बताते हैं कि उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के आधिकारिक पोर्टल ‘mygov.in’ पर आए तकरीबन हर डिजाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। लेकिन बुलेट ट्रेन ‘लोगो’ स्पर्धा जीतने से पहले उनका भाग्य ने साथ नहीं दिया।
चक्रधर बताते हैं कि वह बेहद उत्साहित हैं और बुलेट ट्रेन से संबद्ध हर सरकारी दस्तावेज, लेटर हेड और सूचना पत्रों पर अपनी कृति देखने के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते।
लोगो का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई इसे करीब से देखे तो उसे ट्रेन जैसी आकृति नजर आएगी, जिसमें बनाई गई बिंदुएं हर स्टेशन और संबंधित मार्ग को दर्शाती हैं।
उनके डिजाइन में देश की इस हाई स्पीड ट्रेन के कई पहलुओं को समाहित किया गया है। यह डिजाइन दिखने में बेहद सरल है लेकिन इसमें गहरे अर्थ छिपे हैं।
चीता जहां तेज गति, विश्वसनीयता और भरोसे को दर्शाता है, वहीं इसके शरीर पर उकेरे गए रेल नेटवर्क के साथ वह किसी पारंपरिक ट्रेन का मानचित्र भी प्रदर्शित करता है।

महिला सशक्तिकरण के मामले में मप्र अमेरिका से बेहतर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिका में मप्र की सड़क पर दिए बयान को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। रविवार को अमेरिका यात्रा से लौटे शिवराज ने अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा कि मैं मप्र की ब्रांडिंग करने के लिए अमेरिका गया था। किसी गली की खराब सड़क की बात करने नहीं। अमेरिका के कई अध्ययन में बताया गया है कि वाशिंगटन की 92 प्रतिशत सड़कों की हालत खराब है।
रविवार शाम को राजधानी लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान समेत कई मंत्री और अन्य भाजपा पदाधिकारी स्टेट हैंगर पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में शिवराज ने कहा कि वाशिंगटन एयरपोर्ट से जिस सड़क से मैं वाशिंगटन पहुंचा, उसका अनुभव मैंने साझा किया। इसके मुकाबले भोपाल-इंदौर सुपर कॉरिडोर की सड़क ज्यादा अच्छी है।
सड़क से जुड़े बयान को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि मेरे बयान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने अमेरिका के राष्ट्रपति से कार्रवाई की मांग कर डाली। यह कांग्रेस की छोटी सोच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कई क्षेत्रों में मप्र को अमेरिका से आगे बताया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मामले में मप्र अमेरिका से बेहतर है, क्योंकि मप्र में महिलाओं को स्थानीय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिला है। इसके साथ ही स्वच्छता के मामले में भोपाल और इंदौर अमेरिका के न्यूयॉर्क से बेहतर हैं। भारत में जो अच्छा है, उसे डंके की चोट पर कहेंगे। जिसे लिखना है, लिखे।
मुख्यमंत्री शिवराज ने अमेरिका यात्रा की जानकारी देते हुुए बताया कि 400 डॉक्टर्स की एक टीम मप्र आकर लोगों का इलाज करना चाहती है। इसके साथ ही थैलीसीमिया के इलाज के लिए मप्र के डॉक्टरों को ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भी भेजा गया है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में थैलीसीमिया के ऑपरेशन थिएटर बनकर तैयार हो गए हैं। अमेरिका के कुछ डॉक्टर 2018 के अप्रैल-मई में आएंगे और ऑपरेशन करेंगे। सामान्यत: थैलीसीमिया के ऑपरेशन में 15 से 20 लाख रुपए लगते हैं, लेकिन इंदौर के एमवाय अस्पताल में सिर्फ पांच लाख रुपए खर्च आएगा। इसके अलावा इंदौर के गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बन रहे इनक्यूबेशन सेंटर में न्यूयॉर्क यूनीवर्सिटी मदद करेगी।
अमेरिका से लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के स्वागत के लिए राजधानी के सैकड़ों कार्यकर्ता स्टेट हैंगर पहुंचे। इसके साथ ही स्टेट हैंगर से सीएम हाउस तक जगह-जगह मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। स्टेट हैंगर पर हुई सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सात दिन कार्यकर्ताओं से दूर रहा, इसलिए मिलने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी गुलामी की मानसिकता में जी रही है।

चीन के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में डर का माहौल

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार से अपना दूसरा कार्यकाल शुरू कर दिया। इस मौके पर उन्होंने देश की सेना को युद्ध की तैयारी करने और उन्हें जीतने पर ध्यान केंद्रित करने का आदेश दिया। शी ने यह आदेश शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में दिया।
न्यूज एजेंसी ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के हवाले से जानकारी दी है कि जिनपिंग ने गुरुवार रात टॉप आर्मी अफसरों के साथ जो मीटिंग की थी, उसमें कुछ अफसर शामिल नहीं हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मीटिंग में दो टॉप जनरल, पूर्व चीफ ऑफ जनरल स्टाफ फेंग फेंगहुई और पॉलिटिकल वर्क डिपार्टमेंट के डायरेक्टर झांग येंग इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे।
जिनपिंग ने मीटिंग के दौरान सेना अधिकारियों से पार्टी के लिए वफादार रहने को कहा है। साथ ही युद्ध में जंग जीतने पर फोकस करने, नियमों का पूरी तरह पालन करने और सेना को जंग के लिए तैयार रहने को कहा है।
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दूसरे कार्यकाल पर जब मुहर लगी तो उन्होंने कहा कि उनके देश ने “नए दौर” में प्रवेश किया है। लेकिन उनका यह बयान मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को रास नहीं आया है। उन्हें इस बात की आशंका है कि इस नए दौर में उन पर दमनकारी कार्रवाई और बढ़ सकती है।
वर्ष 2012 में राष्ट्रपति बनने के बाद से जिनपिंग सिविल सोसाइटी पर दबाव बढ़ाते गए। प्रदर्शनकारियों से लेकर मानवाधिकार वकीलों, शिक्षकों और ब्लॉगरों को निशाना बनाया गया। जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी के महासम्मेलन में साफ कर दिया कि इस “नए युग” के दौरान देश के मामलों के नियंत्रण में ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने चीन को 2050 तक महाशक्ति बनाने की इच्छा भी जताई। सामाजिक तनाव और समस्याओं के मामले में कानून के तहत कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया।
जिनपिंग ने हांगकांग और स्वशासित ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करने वालों को आगाह भी किया। उन्होंने कहा, “हम किसी को भी अपने किसी भी हिस्से को चीन से अलग करने की अनुमति नहीं देंगे।”
ज्ञात हो कि सरकार ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर इंटरनेट नियंत्रण के लिए कई कानून बनाए और कई तरह के उपाय किए। हांगकांग में कई लोकतंत्र समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।
ओवरसीज चाइनीज ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स ग्रुप के शोधकर्ता फ्रांसिस इवा ने कहा, “जिनपिंग द्वारा स्वीकृत किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा के कानूनों के दम पर पुलिस सरकारी नीतियों की आलोचना करने वालों पर कार्रवाई कर सकती है। कड़ी कार्रवाई, गिरफ्तारियां, लोगों की निगरानी और सेंसरशिप के मामले बढ़ सकते हैं।”
साल 2015 में पुलिस कार्रवाई में दो सौ से ज्यादा चीनी मानवाधिकार वकीलों और प्रदर्शनकारियों को पकड़ा गया या पूछताछ की गई।
चीनी अधिकारियों ने लोकतंत्र समर्थक और नोबेल पुरस्कार विजेता ली शाओबो को रिहा करने के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के आग्रह को नजरअंदाज कर दिया था। कैंसर के चलते उनकी इस साल जुलाई में मौत हो गई। वह साल 2009 से जेल में बंद थे।