दो स्थान के सुधार के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गई पीवी सिंधु

भारतीय स्टार शटलर पीवी सिंधु गुरुवार को जारी ताजा विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में दो स्थान के सुधार के साथ दूसरे नंबर पर पहुंच गई।
सिंधु को कोरिया ओपन में खिताबी जीत की बदौलत दो स्थान का फायदा मिला और अपने सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान की बराबरी कर ली। सिंधु अब द. कोरिया की सुंग जी हुआन और जापान की अकाने यामागुची को पीछे छोड़ रैंकिंग में दूसरे क्रम पर पहुंच गई। सिंधु इसके पूर्व इसी वर्ष अप्रैल में विश्व रैंकिंग में दूसरे क्रम पर पहुंची थी।
साइना नेहवाल 12वें स्थान पर बनी हुई है। पुरुष रैंकिंग में किदाम्बी श्रीकांत आठवें स्थान पर बरकरार हैं जबकि बी. साई प्रणीत एक स्थान गिरकर 17वें नंबर पर खिसके हैं। एचएस प्रणय और अजय जयराम को भी क्रमशः एक और तीन स्थान का नुकसान हुआ है। प्रणय अब 19वें और जयराम 20वें नंबर पर हैं। समीर वर्मा चार स्थान के सुधार के साथ 21वें नंबर पर आ गए हैं। पुरुष युगल वर्ग में शीर्ष 25 में कोई भी भारतीय जोड़ी नहीं है।

पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा पर मौजूद गांवों को बनाया जा रहा लगातार निशाना

पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा पर मौजूद गांवों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भारतीय सेना इसका मुंहतोड़ जवाब भी दे रही है। पाकिस्तानी फायरिंग में सीमा पर मौजूद गांव के कई लोग घायल हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान ने दावा किया है भारत की तरफ से हो रही फायरिंग में उसके 6 लोगों की मौत हो गई है वहीं 20 से ज्यादा घायल हुए हैं।
पाक मीडिया द्वारा इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन द्वारा किए गए दावे की जानकारी देते हुए यह बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि भारत की तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है जिसके चलते चरवाह सेक्टर में बिनि सुनलारियान के गांव में 4 लोगों की मौत हुई है। डिप्टी कमिश्नर फारुख नावीद ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल डॉन को दिए इंटरव्यू में कहा कि इन चार को मिलाकर अब तक मरने वालों की संख्या 6 हो गई है।
इससे पहले भारतीय जवानों ने गुरुवार को जवाबी कार्रवाई में दुश्मन की चार चौकियां तबाह होने के साथ ही तीन रेंजर्स की मौत हो गई। एक सप्ताह में पाकिस्तान के सात रेंजर्स की मौत हो चुकी है और करीब 13 घायल हो चुके हैं। पाकिस्तान ने अरनिया में 14 सितंबर की रात को गोलाबारी शुरू की थी। लगातार चार दिन गोले दागने के बाद पाकिस्तान दो रात शांत रहा। अब तक गोलाबारी में दो लोगों की मौत हुई है व कई घायल हो चुके हैं।

भारत की तीसरी महामना एक्सप्रेस इंजीनियरों ने दिया आधुनिक रूप

भारत की तीसरी महामना एक्सप्रेस भी 15 से 20 वर्ष पुराने डिब्बों से बनाई गई है। ये डिब्बे भोपाल कोच फैक्ट्री में मरम्मत के लिए गए थे। उन्हें वहां के इंजीनियरों ने आधुनिक रूप दिया। प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को बनारस से इस नई ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। रिमोट से संकेत मिलते ही वड़ोदरा स्टेशन पर खड़ी नई महामना सुपरफास्ट एक्सप्रेस दोपहर दो बजे वाराणसी के लिए रवाना हो जाएगी।
यह सुनने में अजीब लगता है कि देश की सबसे हाई-फाई महामना एक्सप्रेस के कोच वर्षों पुराने हैं। करीब डेढ़ साल पहले दुल्हन की तरह सजाकर जिस वाराणसी-नई दिल्ली महामना एक्सप्रेस को पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई थी उसके डिब्बे भी 15 से 20 साल पुराने थे।
अब बारी है वाराणसी-वड़ोदरा न्यू महामना एक्सप्रेस की। भोपाल स्थित रेल कोच फैक्ट्री ने पुराने कोच को नया जीवन दिया है। ये कोच रेलवे में 16 जोन से मरम्मत के लिए गए थे। फैक्ट्री मैनेजमेंट ने सभी को मॉडल ट्रेन के रूप में विकसित कर न केवल भोपाल बल्कि पूरे देश को हैरत में डाल दिया है।
फैक्ट्री के एक सेक्शन इंजीनियर के मुताबिक जिस कैटगरी का कोच उन्हें मिलता है वैसा ही उसे मेंटेन कर देते हैं। मसलन एसी फर्स्ट, एसी सेकेंड, एसी कार व स्लीपर कैटगरी के कोच कहीं से मरम्मत के लिए आते हैं तो उन्हें उसी कैटगरी में अलग तरह से बना दिया जाता है। यही कारण था कि महामना एक्सप्रेस में एसी थर्ड के कोच संचालन के समय नहीं लगे थे क्योंकि उस समय एसी थर्ड कोच मेंटनेंस के लिए पहुंचे ही नहीं थे।
ट्रेन के नए कोच बनाना आसान है लेकिन पुरानों को नया व माडल लुक देना आसान नहीं। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि महामना कोच में छोटी-छोटी सुविधाओं का ध्यान रखा गया। ऐसी व्यवस्था है कि बैठे-बैठे ही आप पता कर सकते हैं कि कौन टॉयलेट कहां खाली है। पूरी ट्रेन में जीपीआरएस सिस्टम है जिससे वाई-फाई सुविधा मिलेगी।
पहली महामना एक्सप्रेस वाराणसी-नई दिल्ली के बीच जबकि दूसरी भोपाल से खजुराहो के मध्य चलती है।
शताब्दी व राजधानी एक्सप्रेस के बाद किराए के मामले में महामना तीसरे नंबर की टे्रन है। इसमें सफर करने के लिए यात्रियों को सुपरफास्ट, मेल व एक्सप्रेस से अधिक किराया देना होता है।

शहर में स्वाइन फ्लू का कहर स्वास्थ्य विभाग सकते में, सभी अस्पतालों को किया अलर्ट

शहर में स्वाइन फ्लू का कहर बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे में एच1एन1 पॉजिटिव चार मरीजों ने दम तोड़ दिया। ये मौतें बुधवार रात 12 से गुरुवार दोपहर 12 बजे के बीच दर्ज हुई हैं। चारों अधेड़ उम्र के थे। इनमें तीन इंदौर के पुरुष और एक धार की महिला है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सिनर्जी अस्पताल में 57 वर्षीय पुरुष, अपोलो अस्पताल में 58 वर्षीय पुरुष, बॉम्बे अस्पताल में 49 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई, जबकि एमवायएच में धार निवासी 49 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया। अब तक कुल मौतों का आंकड़ा 19 पर पहुंच गया है। इनमें से 10 मृतक इंदौर के हैं।
वहीं गुरुवार को भी दो और मरीजों में एच1एन1 की पुष्टि हुई है। एक मरीज मेदांता और दूसरा एमवायएच में भर्ती है। दोनों की हालत गंभीर है। इसके अलावा डेंगू के भी चार मरीज मिले हैं। इनकी भी कुल संख्या 34 पर पहुंच गई है।
इधर जिला प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट जारी कर दिया है। संदिग्ध मरीजों की लगातार स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए हैं। महीनेभर से लोगों को एहतियात बरतने के निर्देश जारी करने के बाद भी विभाग संक्रमण रोकने में नाकाम रहा है।
आईडीएसपी प्रभारी डॉ. आशा पंडित ने बताया कि सभी मृतकों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया है। इसमें पाया गया कि मरीज पांच-छह दिन तक खुद ही ठीक होने की कोशिश करते रहे। गंभीर स्थिति होने पर अस्पताल पहुंचे।
– खास तौर पर बुजुर्ग, बच्चे, शुगर के मरीज व गर्भवतियों को सतर्क रहने की जरूरत है