इस चिडिय़ाघर के जानवरों ने भी मनाया श्राद्ध, किया सिर्फ शाकाहारी भोजन

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर स्थित कमला नेहरू चिडिय़ाघर में मंगलवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। मंगलवार को यहां के सभी जानवरों ने भी श्राद्ध मनाया और मांस ना खाकर सिर्फ शाकाहारी भोजन खाया। जानकारी के अनुसार मंगलवार को सर्व पितृमोक्ष अमावस्या पर एक स्थानीय संस्था ने अनूठी पहल करते हुए वन्य प्राणियों को भोजन कराया। चिडिय़ाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि सामाजिक संस्था करुणा सागर और एक स्थानीय संत ने प्राणी संग्रहालय के प्राणियों को भोजन कराने की अनुमति चाही थी।

इस पर पशु चिकित्सकों के दल ने प्राणियों के अनुकूल शाकाहारी भोजन तैयार करने के संबंध में निर्देश जारी किए थे। उसके अनुसार भोजन तैयार कर मंगलवार को सभी जानवरों को एक साथ परोसा गया। यादव ने बताया कि ऐसे आयोजन से पशु-प्रेमियों के साथ आमजन में प्राणियों के प्रति स्नेह बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन निश्चित ही एक सकारात्मक माहौल तैयार करते हैं। इससे प्राणियों के स्वाभाव को समझने में आमजन को सहायता मिलती है। आयोजक लक्षमण दास महाराज ने बताया कि सनातन धर्म में सर्व पितृमोक्ष अमावस्या पर भूले बिछड़े पुरखों को, पितरों को तर्पण के माध्यम से भोग अर्पित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि परोक्ष रूप से इस प्रकार हम प्रकृति को ही भोजन अथवा अन्य खाद्य सामग्री अर्पित करते हैं, जिसके फलस्वरूप वन्य प्राणियों को भोजन कराया गया। समूचे चिडिय़ाघर में लंगर की तरह आयोजित आयोजन देखते ही बनता था। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में पशु प्रेमी भी एकत्रित हुए।

ब्रेडेन शनूर को हराकर भारत को दिलाई सांत्वना जीत

डेनिस शापोवालोव ने रविवार को पहले उलट एकल मैच में भारत के रामकुमार रामनाथन को हराकर कनाडा को डेविस कप विश्व ग्रुप में पहुंचा दिया। इसके बाद भारत के युकी भांबरी ने औपचारिक मैच में ब्रेडेन शनूर को हराकर भारत को सांत्वना जीत दिलाई।
कनाडा ने यह मुकाबला 4-1 से जीतते हुए वर्ल्ड ग्रुप में जगह बनाई। शनिवार को डबल्स मैच में रोहन बोपन्ना और पूरव राजा की हार के बाद पहले उलट एकल मैच में रामनाथन को हर हाल में जीत जरूरी थी, लेकिन दुनिया के 51वें क्रम के शापोवालोव ने उन्हें 6-3, 7-6 (1), 6-3 से हराकर कनाडा को 3-1 की अपराजेय बढ़त दिला दी।
मैच में रामनाथन की शुरुआत बहुत खराब रही और वे इससे उबर नहीं पाए। अपने से उच्च रैटेड कनाडाई खिलाड़ी के सामने वे दूसरे सेट को छोड़कर कोई चुनौती पेश नहीं कर पाए।
इसके बाद औपचारिक मैच में युकी ने ब्रेडेन को 6-4, 4-6, 6-4 से हराकर सांत्वना जीत दर्ज की। चूंकि इस मैच का कोई महत्व नहीं रह गया था, इसलिए यह मैच बेस्ट ऑफ थ्री सेट का खेला गया।
भारत लगातार चौथे वर्ष डेविस कप प्लेऑफ की बाधा पार नहीं कर पाया। पिछले तीन वर्षों में उसे इससे पहले सर्बिया, चेक गणराज्य और स्पेन के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। दूसरी तरफ पिछले वर्ष पहले दौर में ग्रेट ब्रिटेन के हाथों हारने वाला कनाडा फिर 16 शीर्ष टीमों के विश्व समूह में पहुंच गया। भारत को अब फिर डेविस कप एशिया ओसनिया ग्रुप 1 में खेलना होगा।

नाइजीरिया में राहत समाग्री हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत

आंतरिक गृहयुद्ध से जुझ रहे नाइजीरिया में राहत समाग्री प्राप्त कर रहे लोगों पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और लगभग 43 लोग घायल हो गये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाइजीरिया के मशालरी गांव में 11 बजकर 10 मिनट पर दो आत्मघाती हमला हुआ जिसमें राहत समाग्री प्राप्त कर रहे लोगों को निशाना बनाया गया। इस हमले में आम नागरिकों की मौत हुई है। नाइजीरिया में आंतरिक उठापठक के कारण अंदरुनी हालात बेहद खराब हैं।
तेल संपदा से धनी नाइजीरिया में हिंसा अब आम बात हो गई है। पिछले कुछ दिनों में यहां के हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। इस घटना में स्थानीय चरमपंथी संगठन के हाथ होने की संभावना जताई जा रही है।

दीवाली तक आएगी तेल की कीमतों में कमी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दीवाली तक तेल की कीमतों में कमी आएगी। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें अंतररराष्ट्रीय बाजार से रोजाना तय होती है। बीते दिनों अमेरिका में आई बाढ़ के कारण 13 प्रतिशत तेल शोधन कम हुआ है, जिस कारण थोड़े दिनों में कीमतें बढ़ी हैं।
प्रधान सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे। तेल कंपनियों की तरफ से अधिक मुनाफा कमाए जाने पर पूछे गए सवाल पर प्रधान ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियां सरकारी हैं। इसमें सब कुछ पारदर्शी है। जो भी वह मुनाफा कमाती हैं वह सरकार की तरफ से जन कल्याण के कामों पर खर्च किया जाता है।
पेट्रोलियम उत्पाद को जीएसटी के तहत लाए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि मेरा मानना है कि पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी लागू होना उपभोक्ता के पक्ष में रहेगा। उम्मीद है कि जल्द ही सारे प्रदेश व जीएसटी काउंसिल सहमति से पेट्रोलियम पदार्थ को अपने अधीन ले लेंगे।

संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर जाहिर की नाखुशी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भी गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर नाखुशी जाहिर की है। जयपुर प्रवास पर आए भागवत ने रविवार शाम यहां चल रहे अभ्यास वर्ग में कहा है कि जो लोग गाय के प्रति आस्था रखते हैं, वे गाय का पालन करते हैं। उनकी बहुत गहरी आस्था को चोट लगने के बावजूद वे हिंसा का मार्ग नहीं अपनाते हैं।
जयपुर के केशव विद्यापीठ में चल रहे संघ के खण्ड कार्यवाह अभ्यास वर्ग में एक स्वयंसेवक ने इस बारे में सवाल पूछा था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गौ का संवर्धन हो, क्योंकि गाय हमारे लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा उचित नहीं है। गौमता पर आस्था रखने वाले हिंसा का मार्ग नहीं अपनाते। चीनी सामान के बहिष्कार व स्वदेशी के संबंध में भागवत ने कहा कि अपने आसपास जो भी गृह उद्योग, कुटीर उद्योग, लघु उद्योग से वस्तुएं बनती हैं, उनको उपयोग में लाना यह स्वदेशी का मूल मंत्र है।
भागवत ने कहा कि स्वदेशी से देश के बेराजगारों को रोजगार मिलता है। स्वदेशी केवल वस्तुओं तक नहीं अपितु मन में स्वदेश के गौरव का भाव प्रकट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान को आर्थिक दृष्टि से भी स्वावलंबी होना आवश्यक है।
भागवत ने कहा कि राष्ट्र को आर्थिक दृष्टि से स्वावलम्बी करने का अर्थ स्वदेशी वस्तुओं तक सीमित नहीं है। स्वदेशी का भाव अपने जीवन में भारतीयता के आचरण से प्रकट हो। संघ प्रमुख मोहन भागवत छह दिन के प्रवास पर जयपुर आए हुए हैं।

मध्यप्रदेश में कमजोर मानसून का असर आने लगा नजर

मध्यप्रदेश में कमजोर मानसून का असर खरीफ फसलों पर अब साफ नजर आने लगा है। धान, सोयाबीन और उड़द का उत्पादन 25 फीसदी तक घट सकता है। अल्पवर्षा के कारण कई जगहों पर सोयाबीन पीला पड़ गया है। धान की फली कमजोर है तो उड़द की फसल में सूखने की समस्या सामने आ रही है।
स्थिति को देखते हुए सरकार 20 सितंबर को खरीफ फसलों पर अल्पवर्षा की स्थिति के मद्देनजर समीक्षा करेगी। वहीं तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय बैठक भी होगी।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में कमजोर मानसून के कारण इस बार सोयाबीन का रकबा पांच लाख हेक्टेयर पहले से घट गया है। इसकी पूर्ति के लिए किसानों ने छह लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की अधिक बोवनी की थी, लेकिन ये भी अल्पवर्षा की शिकार हो गई। पानी की कमी और तापमान में नमी नहीं होने की वजह से फसल सूखने लगी है।
पूर्व कृषि संचालक डॉ. जीएस कौशल का कहना है कि पूरे मध्यप्रदेश में खरीफ की फसलें कम बारिश की वजह से प्रभावित हुई हैं। इसका असर निश्चित तौर पर उत्पादन पर भी पड़ेगा। 25 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है।इससे ज्यादा चिंता की बात रबी फसलों के लिए है। भू-जल स्तर गिरने की वजह से पलेवा में दिक्कत आ सकती है। ज्यादातर बांध खाली हैं। इससे नहरें भी कम ही चल पाएंगी।
प्रमुख सचिव कृषि डॉ.राजेश राजौरा ने बताया कि 20 सितंबर को अल्पवर्षा की वजह से पैदा हो रहे हालातों को लेकर समीक्षा होगी। इसके साथ मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने को लेकर भी जल्द ही बैठक करेगी।