ओपन टेनिस एकल फाइनल में अमेरिका की महिला

अमेरिका की स्लोएने स्टीफंस यूएस ओपन टेनिस के महिला एकल फाइनल में अपने ही देश की मेडिसन कीज से खेलेंगी। 15 सालों में ये पहला मौका हैर जब खिताबी मुकाबला 2 अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच होगा। कीज और स्टीफंस दोनों ही पहली बार फाइनल में पहुंची हैं।
स्टीफंस ने सेमीफाइनल में जबर्दस्त उलटफेर करते हुए सात बार की चैंपियन वीनस विलियम्स को 6-1, 0-6, 7-5 से शिकस्त दी। स्टीफंस बाएं पैर में चोट के कारण करीब 11 महीने कोर्ट से दूर रहीं हैं और उन्होंने यूएस ओपन में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए फाइनल में प्रवेश किया।
वहीं दूसरे सेमीफाइनल में 15वीं वरीयता प्राप्त मेडिसन कीज ने 20वीं वरीयता प्राप्त कोको वांडवेघे को 6-1, 6-2 से मात दी। कोको कलाई के ऑपरेशन के 10 महीने बाद कोर्ट पर लौटी थीं। टूर्नामेंट में कीज ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली।
ये 15 साल बाद हुआ है जब यूएस ओपन फाइनल में दोनों अमेरिका की ही खिलाड़ी है। इससे पहले 2002 में फाइनल में सेरेना विलियम्स ने वीनस को हराया था। स्टीफेंस और कीज दोनों करीबी दोस्त हैं और फेडरेशन कप टीम में साथ खेलती हैं। दोनों के बीच एकमात्र भिड़ंत मियामी में 2015 में हुआ था जिसमें स्टीफेंस विजयी रही थी।

मैक्सिको में सौ साल का सबसे भीषण भूकंप सायरन सुनकर मची अफरा-तफरी

मैक्सिको में सौ साल का सबसे भीषण भूकंप आया है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.2 मापी गई है। भूकंप के झटकों से सबसे ज्यादा दक्षिणी प्रांत ओक्साका प्रभावित हुआ है। जान गंवाने वाले 60 लोगों में से 20 इसी राज्य में मारे गए। इमारतों को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
भूकंप की तीव्रता को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई। भूकंप का झटका सबसे पहले स्थानीय समय के अनुसार गुरुवार रात 11:49 बजे तटवर्ती शहर टोनाला (दक्षिणी प्रांत चियापस) से करीब सौ किलोमीटर दूर महसूस किया गया। इससे पहले वर्ष 1985 में मैक्सिको में 8.1 की तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें दस हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।
मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो ने कहा, “तीव्रता के लिहाज से यह पिछले सौ साल का सबसे भीषण भूकंप है। देश की 12 करोड़ की आबादी में से पांच करोड़ लोगों ने भूकंप के झटकों को महसूस किया।” नीटो ने राष्ट्रीय आपदा रोकथाम केंद्र पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। वह खुद राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। भूकंप के झटके केंद्र से करीब 800 किलोमीटर दूर मैक्सिको सिटी तक महसूस किए गए। ग्वाटेमाला में भी धरती डोली है।
आधी रात को भूकंप की चेतावनी वाला सायरन सुनकर अफरातफरी मच गई। बदहवास लोग जिस हालत में थे, उसी स्थिति में घर से बाहर भागे। प्राकृतिक आपदा से ओक्साका प्रांत में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। अकेले जुचितान शहर में 17 की जान चली गई।
इमरजेंसी रिस्पांस एजेंसी के निदेशक लुईस फिलिप प्यूंटे ने कई मकान के ध्वस्त होने की जानकारी दी है। तबास्को प्रांत के एक अस्पताल में बिजली जाने से एक बच्चे की मौत हो गई। अधिकारियों ने मरने वालों की तादाद बढ़ने की आशंका जताई है। देश के 11 राज्यों में स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है।

गुरुग्राम : मासूम के साथ यौन शोषण न कर पाने पर स्कूल के टॉयलेट में गला रेत कर की हत्या

गुरुग्राम। गुरुग्राम के नामी गिरामी स्कूल रेयान इंटरनेशनल में एक 7 साल के बच्चे की गला रेतकर हत्या मामले में एक नया खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम के डीसीपी ने कहा कि, स्कूल के बस कंडक्टर ने मासूम बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश की। जब बच्चा चिल्लाने लगा तब कंडक्टर ने मासूम की गला रेतकर हत्या कर दी।

बता दें कि बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। खबरों के मुताबिक अशोक कुमार ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। वहीं कंडक्टर को गिरफ्तार किए जाने से पहले पुलिस ने स्कूल स्टॉफ, बस कंडक्टर समेत ड्राइवर से पूछताछ की।

बस कंडक्टर अशोक ने अपने कबूलनामे में कहा कि वह प्रद्युम्न के साथ कुकर्म करना चाहता था। प्रद्युम्न के शोर मचाने के बाद उसने उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।

कौन है अशोक
स्कूल के बस कंडक्टर अशोक के कबूलनामे से हर कोई सन्न रह गया। 42 साल के अशोक को पुलिस ने बीती रात ही गिरफ्तार कर लिया था। घमरोज गांव का रहने वाला अशोक पिछले 8 महीने से स्कूल में काम कर रहा था।

कत्ल के बाद टॉयलेट में ही चाकू धोया
अशोक के पास पहले से चाकू रखा हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद अशोक ने टॉयलेट में ही चाकू धोया और चाकू वहीं फेंककर बाहर आ गया। इसके बाद अशोक ही बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए उसे गाड़ी तक लेकर आया ताकि किसी को उस पर शक न हो।

प्रद्युमन के माता-पिता सिर्फ कंडक्टर की गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं है और वो स्कूल पर भी कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।प्रद्युमन की हत्या की सीबीआई जांच की मांग करते हुए प्रद्युमन के माता-पिता गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। वहीं प्रद्युमन के माता-पिता के वकील ने कहा है कि स्कूल के प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है लेकिन सिर्फ इतने से काम नहीं चलेगा और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए।

इसी बीच प्रद्युमन की मां ज्योति ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्योति ने कहा, ‘स्कूल मेरे बच्चे की साधारण सुरक्षा तक को सुनिश्चित करने में भी नाकाम रहा है। ऐसे में कोई भी माता-पिता अपने बच्चों के इस स्कूल में कैसे भेज सकते हैं।’

भावुक प्रद्युमन के पिता ने पुलिस से पूछा, ‘मेरे बच्चे को काट दिया गया, आपने कार्रवाई क्यों नहीं की? कोई किसके भरोसे अपने बच्चे को अब स्कूल में 8 घंटे छोड़ेगा।’

देश में पहुंच रहा है कैंसर हर कोई प्रभावित होगा लगातार हो रहा है, तो ये लक्षण चिंता का कारण

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2016 में करीब 16 लाख 85 हजार 210 अमेरिकियों में कैंसर डायग्नोज किया गया था। यह कहा जा रहा है कि हमारे देश में भी कैंसर पहुंच रहा है और इससे हर कोई प्रभावित होगा। फिर चाहें उसका कोई दोस्त, परिवार का सदस्य या व्यक्तिगत रूप से वह व्यक्ति में ही कैंसर डायग्नोज किया जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 39.6 फीसद पुरुष और महिलाएं अपने जीवनकाल में कैंसर का पता लगाएंगे।
जब तक प्रभावी तरीके से हम यह नहीं बता सकते हैं कि हर प्रकार के कैंसर का कारण क्या होता है, तब तक हम सबसे आम लक्षणों को समझने की कोशिश कर सकते हैं। हमारे शरीर को जानने और उस पर ध्यान देकर हम कैंसर को लक्षणों को पहचान सकेंगे।
आंतों में सामान्‍य समस्‍या होना बड़ी बात नहीं, लेकिन अगर लगातार आंतों में समस्‍या है तो यह कोलेन या कोलोरेक्‍टल कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। डायरिया और अपच की समस्‍या इस लक्षण को दर्शाते हैं। इसके कारण पेट में गैस और पेट में दर्द की समस्‍या भी हो सकती है।
लगातार खून का बहना भी कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर कैंसर की संभावना है तो इसके कारण खून मलाशय के द्वारा बाहर निकलता है। य‍ह कोलेन कैंसर का लक्षण है। इसके साथ ही यदि मल-मूत्र त्यागने के समय अगर पीड़ा होती है या मूत्र में रक्त की मौजूदगी पाई जाती हो तो ये प्रोस्टेट कैंसर अथवा डिम्बग्रंथि कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। महिलाओं में अगर मासिक चक्र के बाद भी रक्त स्राव नहीं रुकता है, तो महिलाओं को ध्यान देने की जरूरत है।
यदि रात में सोते वक्त पसीना अधिक निकलता है, तो यह किसी दवा के शरीर में रिएक्शन या शरीर के अंदर किसी इंफेक्शन का संकेत है। यदि यह स्थिति कई हफ्तों तक बनी हुई है और पसीना निकलना बंद नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
काम की अधिकता और गलत तरीके से बैठने के कारण बदन में दर्द होना सामान्‍य है। मगर, लगातार पीठ में दर्द हो रहा हो, तो यह कोलोरेक्‍टल या प्रोस्‍टेट कैंसर का कारण हो सकता है। इसके अलावा कमर के आस-पास की मांसपेशियों में भी दर्द होता है। बिना वजह ही जरूरत से ज्यादा थकान लगती है, तो यह भी कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
अगर बिना किसी कारण के आपका वजन कम हो रहा है, तो कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है। भूख लगने में कमी होना, ज्यादा खाना नहीं खा पाना भी इसके लक्षण है। यदि बिना किसी प्रयास के शरीर का वजन चार-पांच किलो से ज्यादा कम हो जाए, तो इसे कैंसर के प्राथमिक लक्षण हो सकता है।
कोल्‍ड और फ्लू के अलावा धूम्रपान करने वालों को खांसी आती है। मगर, बिना किसी कारण से लगातार खांसी आये तो यह लंग कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अगर खांसी के साथ खून भी आए, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। गले में तकलीफ होने पर, खाना निगलने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
सीने में जलन और अपच दोनों अपेक्षाकृत आम समस्याएं हैं। खासतौर पर ज्यादा खाना खाने, मसालेदार खाना खाने से ऐसा होना आम है। मगर, जब ऐसा लगातार हो रहा है, तो ये लक्षण चिंता का कारण बन जाते हैं।

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के एक छात्र की हत्या

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को सात साल के एक छात्र की हत्या कर दी गई। कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की हत्या बाथरूम में गला रेतकर की गई है। मौके से चाकू भी बरामद हुआ है। हत्या किसने और क्यों की, यह जानने के लिए पुलिस की आठ टीमें पूरे दिन छानबीन करती रहीं। लेकिन पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। सीसीटीवी फुटेज देखे गए मगर कैमरे उस ओर नहीं लगे थे जिस तरफ बाथरूम है।
इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर के लोगों को दहला दिया। काफी संख्या में अभिभावक व लोगों ने स्कूल पहुंचकर प्रदर्शन भी किया। उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। हर कोई यही बोल रहा था कि स्कूल में भी बच्चे सुरक्षित नहीं फिर कहां सुरक्षित हैं।
मूल रूप से बिहार (गांव बड़ा, जिला मधुबनी) निवासी वरुणचंद ठाकुर सोहना रोड स्थित श्याम कुंज में परिवार सहित रहते हैं। वह ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी में क्वालिटी मैनेजर हैं। उनकी बेटी विधि (पांचवी कक्षा) और बेटा प्रद्युम्न (दूसरी कक्षा) रेयान स्कूल में पढ़ते हैं। प्रतिदिन की तरह ही उन्होंने शुक्रवार सुबह अपने दोनों बच्चों को सुबह सात बजकर 50 मिनट पर स्कूल के गेट तक छोड़ा था। अनुमान है कि प्रद्युम्न कक्षा में बैग रखने के साथ ही बाथरूम गया होगा। वहीं पर उसकी धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई।
आशंका है कि उस पर हमला बाथरूम में किया गया होगा। इसके बाद वह भागकर बाहर आया होगा। इस वजह से बाथरूम के ठीक बाहर उसका शव पड़ा था। स्कूल के किसी कर्मचारी ने प्रबंधन को इस बारे में सूचना दी। प्रबंधन ने छात्र के पिता को लगभग आठ बजकर 10 से 15 मिनट के बीच में सूचना दी कि प्रद्युम्न बाथरूम में गिर गया है। उसके काफी खून निकल रहा है। उसे लेकर एक निजी अस्पताल जा रहे हैं। लगभग आठ बजकर 35 मिनट पर वरुणचंद ठाकुर अस्पताल पहुंच गए। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी।
ठाकुर ने इस घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या की गई है। यह काम बच्चे का दोस्त नहीं कर सकता। हत्या स्कूल के किसी स्टाफ ने या फिर बड़ी कक्षा के किसी छात्र ने की होगी। क्यों हत्या की गई? यह उन्हें समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।

बुदनी स्थित डेरा स्कूल में पढ़ने वाली करीब 25 छात्राओं ने नाम कटवा लिया

साध्वी से दुष्कर्म के आरोप में गुरमीत राम रहीम को सजा होने के बाद सीहोर जिले के बुदनी स्थित डेरा द्वारा संचालित शाह सतनाम गर्ल्स स्कूल में पढ़ने वाली करीब 25 छात्राओं ने नाम कटवा लिया है। लेकिन अब स्कूल प्रबंधन छात्राओं को परेशान कर रहा है। प्रबंधन न तो छात्राओं की टीसी दे रहा है और न ही उनकी फीस लौटा रहा है।
छात्राओं का कहना है कि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि एडमिशन फीस किसी भी स्थिति में वापस नहीं होगी। इधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं के परिजन की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की। जांच में आरोप सही पाए गए हैं। इधर प्रशासन को डेरा की सर्चिंग के आदेश अब तक स्थानीय प्रशासन को नहीं मिले हैं। यह मामला अभी शासन स्तर पर ही अटका हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक राम रहीम ने यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्कूल बनाने की योजना बनाई थी। लगभग 10 साल पूर्व डेरा द्वारा स्कूल के पास करीब 55 एकड़ जमीन खरीदी थी। इसके बगल में वन विभाग की जमीन थी, जिस पर बड़ी संख्या में सागौन के पेड़ लगे हुए थे, जिन्हें बिना किसी इजाजत के डेरा प्रबंधन ने काट दिए और ये जंगल अब कृषि भूमि में तब्दील हो गया है।
साल 2010 में वन विभाग के तहत आने वाले जर्रापुर वीट के कक्ष क्रमांक 636 में डेरा द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया था, जिसे वनकर्मियों ने रोक दिया था। जमीन से बहने वाले नाले को भी डेरा द्वारा अवैध रूप से मिटटी डालकर बंद कर दिया है। इस जमीन पर बाबा स्कूल बनाना चाहता था।
डेरा प्रबंधन ने ब्रिटिश कालीन पानी की टंकी पर भी अवैध रूप कब्जा कर लिया है। जबकि यह सरकारी संपत्ति घोषित है। इस टंकी का निर्माण ब्रिटिश शासन काल में आर्मी के कैंप को पेयजल सप्लाई करने के लिए किया था। लेकिन डेरा प्रबंधन 1999 में जब यहां जमीन खरीदी उसी समय इस टंकी पर कब्जा कर लिया। टंकी के अंदर डेरा प्रबंधन ने सेवादारों के निवास के लिए पक्के कमरे बनवा दिए हैं।

दिग्विजय की पीएम पर अभद्र टिप्पणी के लिए कांग्रेस क्षमा मांगे : भाजपा

नई दिल्ली। दिग्विजय की पीएम को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कहा कि ऐसी टिप्पणी देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों का अपमान करना है। भाजपा के प्रवक्ता जी वी एल नरसिंह राव ने संवाददाताओं से कहा कि ऐसी टिप्पणी देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों का अपमान है जिन्होंने मोदी को प्रधानमंत्री चुना है। सिंह की ऐसी टिप्पणियां दर्शाती हैं कि एक ऐसी पार्टी का कितना पतन हो चुका है जो अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करती है।

दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर किसी की बेहूदा टिप्पणी को रीट्वीट किया और कहा कि यह उनकी टिप्पणी नहीं है लेकिन वह इसे शेयर करने से खुद को रोक नहीं सकते। बाद में इस पर विवाद खड़ा होने पर उन्होंने अनेक ट्वीट किए और कहा कि उन्हें बिना मतलक में इस विवाद में घसीटा जा रहा है। उन्होंने इस टिप्पणी को अस्वीकार किया है और ऐसे शब्दों को खुद इस्तेमाल नहीं किया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस से मांग की कि वह अपने अग्रणी नेता द्वारा अभद्र भाषा में की गयी टिप्पणी के लिये सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक जीवन में गरिमा के सभी मर्यादाओं को तोड़ दिया है।

जयपूर में छोटी सी बात पर मचा बवाल, एक की मौत, कुछ इलाकों में कर्फ्यू

जयपुर। जयपुर में एक छोटी सी घटना ने तूल पकड़ लिया। जयपुर के रामगंज इलाके में पुलिस के एक अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस का डंडा एक दंपत्ति को छू गया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस कांस्टेबल को जमकर मारा। घटना इतनी बढ़ गई कि लोगों ने थाने का घेराव किया और वाहनों को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने हालात को संभालने की कोशिश की और भीड़ पर आंसू गैस छोड़ी।

बता दें कि पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और हिंसा भड़क उठी। इस घटना में 10 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए, जिनमें से 1 की हालत गंभीर बताई जा रही है। देर रात करीब 1 बजे 4 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया। इसके तुरंत बाद पूरे शहर में इंटरनेट सेवा को बाधित कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला
दरअसल विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब रामगंज चौपड़ के पास पुलिस अतिक्रमण हटवाने के लिए गई थी उस दौरान साजिद नाम का युवक पत्नी और बेटी के साथ बाइक से जा रहा था। आरोप यह है कि वहां खड़े पुलिसकर्मी का डंडा साजिद की पत्नी और बेटी पर लग गया, जिसके बाद कहासुनी हो गई और देर रात जब साजिद रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा तो वहां धीरे-धीरे भीड़ एकत्रित हो गई और उन्होंने पथराव करना शुरू कर दिया।

वहीं थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठने लगी और नारेबाजी हुई। पुलिस इस मामले में बातचीत कर ही रही थी कि वहां पर एकत्रित लोग थाने के भीतर घुसने का प्रयास करने लगे। इस भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायर करना पड़ा।

इस बीच पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर इस मामले में कान्सटेबल दोषी पाया जाता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी।