प्रमुख खबर पर नजर

सच्चा डेरा प्रमुख राम रहीम के बलात्कार में दोषी पाए जाने के बाद हरयाणा पुलिस ने दावा किया है की डेरा सच्चा सौदा के शीर्ष अधिकारियो द्वारा अपराधी तत्वों को ५ करोड़ की सुपारी दी गयी है । गिरफ़्तार कार्यकर्ताओ से यह जानकारी प्राप्त हुई । हरयाणा पुलिस महानिदेशक ने कहा की ये मामला जाँच के अधीन है । हम इसमें शामिल डेरा के कार्यकर्ताओ को पकड़ने की कोशिश कर रहे है । एक प्रमुख को १९९९ में दो महिला शिष्यों के बलात्कार के लिए २५ अगस्त को विशेष सी बी आयी अदालत में दोषी ठहराया गया और २० साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी ।
पंचकुला और सिरसा में हिंसा में ३८ लोगो की मोत व २६४ घायल हुए थे ।
हरयाणा पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा के पांच अनुयायिओं को ३८ लाख रुपये नगद सहित गिरफ़्तार किया

गुरुवार को सेवानिवृत्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश ऐ के. पवार सिरसा पहुंचे । ज्ञात हो की उन्हें डेरा परिसर की खोज और स्वछता अभियान की देखरेख के लिए आयुक्त रूप से नियुक्त किया गया है । यह डेरा दो परिसरों में ६०० एकड़ में फैली हुई है जो की सिरसा शहर से मात्रा ८ किलोमीटर की दुरी पर है तथा चंडीगढ़ से २६० किलोमीटर दूर है

ताजा टेस्ट रैंकिंग में भारत शीर्ष स्थान पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक स्थान का नुकसान

आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में भारत का शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वहीं बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतकर सीरीज ड्रॉ करवाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को एक स्थान का नुकसान हुआ है और वो पांचवें पायदान पर पहुंच गई है।
गुरुवार को जारी हुई इस रैंकिंग में भारतीय टीम 125 अंकों के साथ शीर्ष पर है। भारत ने हाल ही में श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में 3-0 से शिकस्त दी। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दोनों के 97-97 अंक हैं, लेकिन दशमलव की गणना करने पर ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड से पीछे है।
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज 1-1 से ड्रॉ खेली। इस सीरीज से पहले स्टीव स्मिथ की ऑस्ट्रेलियाई टीम 100 अंकों के साथ चौथे स्थान पर थी।
ऑस्ट्रेलिया को अंकतालिका में अपना चौथा स्थान बरकरार रखने के लिए इस सीरीज को 1-0 या इससे बेहतर परिणाम से जीतना जरूरी था।
दक्षिण अफ्रीका 110 अंकों के साथ दूसरे, जबकि इंग्लैंड 105 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। हालांकि, बांग्लादेश ने इस टेस्ट सीरीज से पांच अंक हासिल किए, जिससे उसके 74 अंक हो गए, लेकिन वह नौवें स्थान पर बरकरार है। वह सिर्फ जिम्बाब्वे से आगे है।

सीरिया के सैन्य ठिकानों पर हमला दो सीरियाई जवान मारे गए

इजरायली लड़ाकू विमान ने गुरुवार सुबह सीरिया के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसमें दो सीरियाई जवान मारे गए हैं। सीरियाई गृहयुद्ध की निगरानी करने वाली संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने इस हमले की पुष्टि की है। इस हमले में सीरिया के साइंटिफिक एंड रिसर्च सेंटर और पास में स्थित सैन्य शिविर को निशाना बनाया गया।
अमेरिका इस रिसर्च सेंटर में रासायनिक हथियार बनाए जाने का आरोप लगाता रहा है। इस सैन्य शिविर में ईरानी जवानों और हिजबुल्ला लड़ाकों को कई बार देखा जा चुका है। हमले पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए सीरियाई सेना ने एक बयान में कहा कि “इजरायल ने हामा प्रांत के मसयाफ शहर को निशाना बनाया”। सीरिया ने कहा कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस आक्रामक कदम से क्षेत्र की शांति और स्थायित्व खतरे में पड़ सकता है।
यह हमला संयुक्त राष्ट्र द्वारा सीरियाई सरकार को अप्रैल में हुए रासायनिक हमले के लिए जिम्मेदार ठहराने की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के ठीक एक दिन बाद किया गया। सीरिया हालांकि वर्ष 2013 में ही रासायनिक हथियार कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा कर चुका है। मानवाधिकार संस्था के मुताबिक हमले की चपेट में आए सैन्य शिविर का इस्तेमाल मिसाइल रखने के लिए किया जाता है।
इजरायल और हिजबुल्ला के बीच पिछले कई वर्षों से संघर्ष चल रहा है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी मुहिम में हिजबुल्ला लड़ाके सीरियाई सेना की ओर से लड़ रहे हैं। हिजबुल्ला नेता सैयद हसन नसरल्ला ने हाल में दमिश्क की यात्रा कर असद से मिलने की बात कही थी। इजरायल के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार याकोव एमिडरोर ने हमले को नसरल्ला की सीरिया यात्रा से जोड़ा है। याकोव ने सीरियाई रिसर्च सेंटर से हिजबुल्ला को हथियार मुहैया कराने का आरोप लगाया है। वहीं, लेबनान ने इजरायली लड़ाकू विमान द्वारा उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की बात कही है। इजरायल के इस हमले से पहले से ही संघर्ष की आग में झुलस रहे सीरिया के हालात और बिगड़ सकते हैं।

सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में सर्च ऑपरेशन जारी

गुरमीत राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार सर्च के दौरान डेरे के अंदर से भारी मात्रा में कैश मिला है वहीं दो कमरों को सील किया गया है। इसके अलावा टीम ने कुछ कम्प्यूटर और अन्य चीजें भी जब्त की है।
ऑपरेशन के चलते डेरे के बाहर भारी सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं साथ ही कई इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है। सर्च ऑपरेशन के लिए डेरे में पुलिस के पांच हजार जवानों के अलावा अर्धसैनिक बलों की चार कंपनियां और सेना की चार टुकड़ियां शामिल हैं। यह टीम 10 हिस्सों में बंटकर 700 एकड़ में फैले डेरे की तलाशी लेंगी।
सुरक्षा के लिहाज से बम स्क्वॉड भी उनके साथ शामिल होगा। सुरक्षा के लिहाज से 41 पेरा मिलिट्री कंपनियों के अलावा 4 आर्मी कॉलम, 4 जिलों की पुलिस के अलावा 1 स्वाट और 1 डॉक स्क्वाड तैनात किया गया है।
अभियान के लिए डेरे को कई सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग-अलग डयूटी मजिस्ट्रेट व सर्च टीम की तैनाती की गई है। एक टीम में 60 सदस्य हैं। प्रत्येक टीम के साथ एक जनप्रतिनिधि व बैंक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सर्च अभियान की पूरी वीडियोग्राफी होगी। इसके लिए 60 वीडियोग्राफर बुलाए गए हैं।
सर्च ऑपरेशन के लिए नियुक्त कोर्ट कमिश्नर अनिल कुमार सिंह पंवार डेरे के जिस कोने की चाहें, तलाशी करा सकते हैं। डेरे के भीतर जमीन में और साथ लगते बेरी के बाग में अस्थियां दबी होने की खबरों की सत्यता जानने के लिए वह डेरे में खुदाई भी करा सकते हैं। इसके लिए पांच दर्जन टीमें तैयार की जा चुकी हैं। वहीं सर्च ऑपरेशन शुरू होने से ठीक पहले प्रबंधकों ने सफाई दी है।
खुदाई होने पर हड्डियां मिलने की आशंका के मद्देनजर डेरा प्रबंधकों ने कहा है कि अपनों के देहावसान के बाद डेरा प्रेमी खुद ही उनकी अस्थियां सेवादारों को देकर जाते थे। इन अस्थियों को नदियों में बहाया जाता तो प्रदूषण फैलता। डेरे के सेवादार विधि विधान से इन अस्थियों को जमीन में दबाते थे और उन पर पौधारोपण किया जाता था, ताकि डेरा प्रेमियों की यादें जुड़ी रहें और उनके परिवार का सदस्य किसी न किसी रूप में इस समाज में मौजूद रहे।
सीबीआइ कोर्ट द्वारा गुरमीत को दोषी ठहराए जाने के करीब 15 दिन बाद सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक डेरे से संदिग्ध चीजें हटाने की आशंका पैदा हो चुकी है। आरोपों से बचने के लिए सरकार ने बाकी 137 डेरों की तरह मुख्यालय में भी सर्च अभियान चलाने के लिए हाई कोर्ट से इजाजत मांगी थी, जो मिल गई। इसके साथ ही कोर्ट ने सर्च अभियान की देखरेख के लिए पानीपत के सेवानिवृत्त सेशन जज अनिल कुमार सिंह पंवार कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया।
हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने कहा कि जमीनों की खुदाई के अलग से कोई आदेश माननीय कोर्ट नहीं दिए हैं। कितनी टीम लगेंगी, सर्च ऑपरेशन का प्रारूप क्या होगा और यह कब शुरू होकर कब तक चलेगा, यह कोर्ट कमिश्नर तय करेंगे। सरकार और प्रशासन उन्हें हरसंभव मदद देगा। यदि कोर्ट कमिश्नर को लगेगा कि खुदाई की जरूरत है तो इसका फैसला वह अपने स्तर पर ले सकते हैं। कोर्ट की ओर से अलग से कोई आदेश इस संबंध में जारी नहीं हुए हैं।
सर्च ऑपरेशन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में मौजूद अर्धसैनिक बलों के साथ सभी संवेदनशील जिलों में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। गुरुवार शाम को डीजीपी बीएस संधू ने अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने सर्च आपरेशन शुरू करने से पहले प्रदेश में अलर्ट घोषित करने का निर्देश दिया।
पंजाब में डेरा सच्चा सौदा के मालवा में सबसे बड़े डेरे सलाबतपुरा के मुख्य सेवादार जोरा सिह को थाना फूल पुलिस ने गुरुवार शाम गिरफ्तार कर लिया। उसे शुक्रवार अदालत में पेश किया जाएगा। तीन दिन पहले दयालपुरा चौकी पुलिस ने रेड करके डेरे में जोरा सिह के कमरे से 315 बोर की मॉडिफाई की गई गन तथा 66 कारतूस बरामद किए थे।

इंवेस्टमेंट बैंकर की डेंगू से मौत लीलावती अस्पताल डॉक्टर्स की विशेष कमेटी बनाई

मुंबई के इंवेस्टमेंट बैंकर की डेंगू से मौत के बाद से लीलावती अस्पताल ने डॉक्टर्स की विशेष कमेटी बनाई है, जो बैंकर संजीव झा की अजीब तरह के डेंगू वायरस से हुई मौत की जांच करेगा। मेरिल लिंच में सीनियर डायरेक्टर संजीव झा को 29 अगस्त को तेज बुखार की शिकायत के बाद लीलावतीअस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां खून की जांच के बाद उन्हें डेंगू की पुष्टि हुई थी।
इसके बाद से ही उनका इलाज चल रहा था। मगर इस मंगलवार को इंवेस्टमेंट बैंकर संजीव झा की मौत हो गई। 33 साल के आईआईएम ग्रेजुएट की अचानक हुई मौत के पीछे डॉक्टर्स हीमोफागोसाइटिक लिम्फोहिस्टीयोसाइटोसिस यानि HLH को मान रहे हैं। डॉक्टर्स की मानें तो HLH एक खतरनाक बीमारी है,जो सीधे डेंगू से जुड़ी है। ये सीधे इंसान के इम्यून सिस्टम पर हमला करता है।
लीलावती अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर वसंत नागवेकर ने बताया कि जैसे ही संजय को अस्पताल में भर्ती किया गया। तेज बुखार के लक्षणों के आधार पर उनका इलाज शुरू किया गया। हालांकि इलाज के बाद भी बैंकर संजय का बुखार उतर नहीं रहा था। जो अमूमन डेंगू के दौरान होता है। मगर इसके बाद भी उनका बुखार उतरता नहीं देख डॉक्टर्स ने दोबारा जांच की तो संजय को HLH का पता चला। इसके बाद उनका उचित इलाज शुरू हुआ।
सोमवार को बैंकर संजय की सेहत और बिगड़ गई और उनका प्लेटिलेट काउंट 54 हजार से गिरकर 18 हजार पर आ गया। इससे उनके शरीर के कई जरूरी अंगों ने काम करना बंद कर दिया। इसी वजह से मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। डॉक्टर नागवेकर की मानें तो डेंगू के साथ HLH होना सामान्य नहीं है। क्योंकि इस तरह के मामले कम ही देखने को मिलते हैं। संजय की मौत के बाद उनके परिवार वालों ने ही इसकी जांच की मांग उठाई थी। इसके बाद ही अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर्स की जांच कमेटी गठित कर दी।

भोपाल में बना था अबू सलेम का फर्जी पासपोर्ट

अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम फर्जी पासपोर्ट मामले में भोपाल जेल में भी सजा काट चुका है। इस मामले में उसकी कथित प्रेमिका मोनिका बेदी भी आरोपी थी।
यूएई में पकड़े जाने के बाद अबू सलेम के पास मिले फर्जी पासपोर्ट में से एक भोपाल में बना था। इस बात की जानकारी सामने आने के बाद गांधी नगर थाना में वर्ष 2001 में अबू सलेम के खिलाफ 471 आईपीसी और 12,पासपोर्ट अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था।
18 सितंबर-2002 में अबू सलेम,मोनिका बेदी के साथ पुर्तगाल में गिरफ्तार हो गया था। इस मामले में भोपाल पुलिस अबू सलेम और मोनिका बेदी को दिसंबर-2006 में भोपाल लेकर आई थी। इस केस के सिलसिले में वह 16 जुलाई 2007 तक जेल में रहा।
इस मामले में वर्ष-2010 में अबू सलेम को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। जबकि मोनिका बेदी को बरी कर दिया गया था। भोपाल पुलिस के पास डॉन अबू सलेम के फिंगर प्रिंट भी रखे हुए हैं। अबू सलेम ने फर्जी पासपोर्ट में दानिश बेग के नाम से बनवाया था। मोनिका का नाम फौजिया उस्मान और अबू की बीवी रुबीना का नाम समीरा लिखा गया था।