ओपन टेनिस चैंपियनशिप में सिमोना हालेप को हराकर धमाकेदार ढंग से की मारिया शारापोवा ने वापसी

पूर्व नंबर वन मारिया शारापोवा ने 15 महीने के बैन के बाद सोमवार को यूएस ओपन टेनिस चैंपियनशिप में धमाकेदार ढंग से वापसी करते हुए दूसरे क्रम की सिमोना हालेप को हराकर उलटफेर किया।
शारापोवा ने पहले दौर के इस मुकाबले में 6-4, 4-6, 6-4 से जीत दर्ज कर दूसरे दौर में प्रवेश किया, जहां अब उनका मुकाबला हंगरी की टिमिया बाबोस से होगा। इन दोनों के बीच पहली बार कोई मुकाबला खेला जाएगा।
तीसरी वरीयता प्राप्त गार्बिन मुगुरुजा ने अमेरिका की वरवारा लेपचेंको को 6-0, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। अब उनका सामना चीन की डुआन यिंग-यिंग से होगा। ऑस्ट्रेलियन ओपन और विम्बल्डन उपविजेता वीनस विलियम्स ने 135वें क्रम की विक्टोरिया कुज्मोवा को कड़े संघर्ष के बाद 6-3, 3-6, 6-2 से पराजित किया।
विम्बल्डन उपविजेता क्रोएशिया के मारिन सिलिच ने अमेरिका के टेनिस सेंडग्रेन को 6-4, 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। 2014 के यूएस ओपन चैंपियन सिलिच ने कहा कि उन्हें लय में आने के लिए कुछ मैच खेलने होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फटकार से झल्लाए पाकिस्तान ने स्थगित कर दिया वार्ता और द्विपक्षीय दौरों को

आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फटकार से झल्लाए पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ वार्ता और द्विपक्षीय दौरों को स्थगित कर दिया है। इसकी जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने सीनेट को दी।
पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘द डॉन’ ने विदेश मंत्री के हवाले से बताया है कि ऐसा पाकिस्तान ने अमेरिकी बयानबाजियों के प्रति विरोध प्रकट करने के लिए किया है। पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को गंभीरता से लिया है। ज्ञात हो कि गत दिनों अमेरिका की दक्षिण एशिया संबंधी नीति घोषित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप आतंकियों को पनाह देने के लिए पाकिस्तान पर जमकर बरसे थे। पाकिस्तान ने विरोध स्वरूप ही अमेरिका के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री(दक्षिण व मध्य एशिया) एलिस वेल्स के मंगलवार से होने वाले पाकिस्तान दौरे को भी रद्द कर दिया।
अमेरिका के अफगानिस्तान रणनीति में भारत से सहयोग मांगने को लेकर आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत की अफगानिस्तान में किसी प्रकार की सैन्य भूमिका नहीं देखता है। पाकिस्तान भारत को कभी भी पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल नहीं करने देगा। संसद सदस्यों ने सरकार से इसपर ब्योरा देने की मांग की कि आतंकवाद से लड़ते हुए पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कितना नुकसान हुआ।
पाक के राजनयिकों की बैठक : विदेश सचिव तहमीना जांजुआ ने बताया कि अमेरिका की नई नीति के संदर्भ में आगे की रणनीति तय करने को पाकिस्तान के राजनयिकों की पांच से सात सितंबर तक बैठक बुलाई गई है। वैसे पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी सितंबर के तीसरे सप्ताह में अमेरिका जाएंगे जहां वे संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली की बैठक में भाग लेंगे। संभव है कि उनकी इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों से बात हो। इसके पूर्व पाकिस्तान की अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी।

तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा निष्पक्ष जांच का ही नतीजा है राम रहीम सलाखों के पीछे

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की असलीयत सामने आने और ढोंगी बाबा को 20 साल की सजा होने के बाद सोशल मीडिया का एक धड़ा इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे रहा है। बहरहाल, मौजूदा प्रधानमंत्री की भूमिका का तो पता नहीं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका जरूर स्पष्ट हो गई है।
दरअसल, इस मामले की पूरी जांच सीबीआई के रिटायर डीआईजी एम. नारायणन ने की है। अब नारायणन का कहना है कि तब राम रहीम के खिलाफ जांच नहीं करने को लेकर बहुत दबाव था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उस सियासी दबाव को नजरंदाज करते हुए जांच जारी रखने को कहा। सीबीआई की निष्पक्ष जांच का ही नतीजा है कि आज राम रहीम सलाखों के पीछे है।
बकौल नारायणन, तब प्रधानमंत्री ने सीबीआई को फ्री हैंड दिया था। वे पूरी तरह जांच एजेंसी के साथ थे। उनके हमें स्पष्ट निर्देश थे कि हम कानून के अनुसार चलें। उन्होंने दोनों साध्वियों के लिखित बयान पढ़ने के बाद कहा कि पंजाब और हरियाणा के सांसदों के दबाव में आने की कोई जरूरत नहीं।
नारायणन ने यह भी कहा कि दोनों राज्यों के सांसदों से इतना ज्यादा दबाव था कि मनमोहन सिंह ने तब के सीबीआई चीफ विजय शंकर को बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली। उसके बाद से सीबीआई ने अपना काम बिना किसी दबाव के काम किया।
नारायणन ने बताया कि केस में सबसे बड़ी चुनौती आरोपी साध्वी को तलाशना था, क्योंकि तब उसका कोई अता-पता नहीं था। कड़ी मश्ककत के बाद उन्होंने 10 साध्वियों का पता लगाया, लेकिन उनमें से दो ही बोलने को राजी हुईं। हालांकि ये दो गवाहियां ही केस में सबसे अहम कड़ी साबित हुईं।

अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से डेढ़ साल के बच्चे की मौत

अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल में कुछ दिन पहले ऑक्सीजन की कमी से डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए अस्पताल के डॉक्टर्स की एक कमेटी भी बनी थी। जिसने अपनी जांच रिपोर्ट में रेसीडेंट डॉक्टर मितेश रामवाणी को दोषी पाया गया।
यह मामला 11 अगस्त का है। जब साणंद के रहने वाले प्रवीणभाई के 17 महीने के बेटे को स्वाइन फ्लू की आशंका के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने पर असारवा सिविल अस्पताल लेने जाने के निर्देश दिए गए। सोला सिविल अस्पताल से एंबुलेंस के जरिये बच्चे को असारवा सिविल अस्पताल ले जाया जा रहा था कि वहीं रास्ते में ऑक्सीजन की कमी से बच्चे की मौत हो गई।
इस संबंध में सोला पुलिस थाने में बच्चे के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस जांच में पता चला कि जिस एम्बुलंस में बच्चे को ले जाया जा रहा था, उसमें दो ऑक्सीजन के दो सिलेंडर थे। लेकिन दोनों ही खाली थे। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी की वजह से बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
सोला सिविल अस्पताल के डॉक्टर्स की एक कमेटी ने भी इस मामले की जांच की। जिसमें ऑक्सजीन की कमी को बच्चे की मौत की वजह मानी गई। वहीं अस्पताल के सीनियर डॉक्टर्स ने भी रेसीडेंट डॉक्टर मितेशभाई रामवाणी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
सोला पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई गई है। इस मामले में पुलिस कभी भी डॉक्टर को गिरफ्तार कर सकती है।

हमने सड़क इसलिए खराब रखी, ताकि लोगाे को कांग्रेस की याद आती रहे

राजधानी के कोलार इलाके की बदहाल सड़कों पर लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह का गैर जिम्मेदाराना बयान आया है।
मंगलवार को मंत्रालय में जब रामपाल सिंह से कोलार की खराब सड़कों की याद दिलाई गई तो उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क ठीक करवाई जाएगी। इसके बाद वे बोल पड़े कि हमने सड़क इसलिए खराब रखी, ताकि लोगाें को कांग्रेस की याद आती रहे।
गौरतलब है कि राजधानी के कोलार इलाके की मुख्य सड़क पर गड्ढों की भरमार है, जिससे रोजाना वहां हादसे हो रहे हैं। खराब सड़कों की खबर नवदुनिया में प्रकाशित होने के बाद स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने सोमवार को सड़क के गड्ढों में मिट्टी डालकर खुद भरा था।