दीपा मलिक को ‘खेल रत्न’ पुरस्कार देने की मांग

रियो पैरालिंपिक खेलों की रजत पदक विजेता एथलीट दीपा मलिक को ‘खेल रत्न’ पुरस्कार देने की मांग उठी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खेल मंत्रालय को दीपा के नाम पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया है।
हालांकि केंंद्रीय खेल मंत्रालय दीपा के नाम पर विचार करेगा इसकी उम्मीद कम ही है। अवॉर्ड चयन पैनल पहले ही ‘खेल रत्न’ पुरस्कार के लिए रियो पैरालिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक एथलीट देवेंद्र झझरिया और पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह के नाम की सिफारिश कर चुकी है।
खट्टर ने 16 अगस्त को खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर आग्रह किया कि खेल रत्न पुरस्कार के लिए दीपा मलिक के नाम पर विचार होना चाहिए। मलिक पैरालंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। खट्टर ने खेल मंत्री विजय गोयल को इसी तरह का ईमेल भेजा था।
इधर दीपा मलिक ने भी कहा कि उन्हें लगता है कि इसमें अनदेखी हुई है। उन्होंने ये भी पूछा कि क्या उन्हें 50 साल की उम्र में 2020 में एक और पदक जीतने की जरूरत होगी और तब उन्हें ये पुरस्कार मिलेगा? हालांकि उन्होंने पुरस्कार के लिए ‘लाबिंग’ की बातों को खारिज करते हुए कहा कि ओलंपिक वर्ष में खेल रत्न कई खिलाड़ियों को दिए जा सकते हैं।
दीपा ने समर्थन के लिए अपने राज्य के मुख्यमंत्री खट्टर को धन्यवाद दिया।

लालू के मंच पर गए शरद तो होगा कड़ा फैसला

पटना में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में जहां शरद यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है वहीं पार्टी एनडीए का हिस्सा बनने का ऐलान भी कर सकती है। वहीं दूसरी तरफ शरद यादव भी पार्टी नेताओं की एक बैठक आज ही बुलाई है। इसके बाद यह दिलचस्प होगा कि जदयू का कौन सा नेता किसा तरफ जाता है।
बैठक से पहले शहर की सड़कों पर पोस्टर वार छिड़ती दिखी। नीतीश और शरद यादव दोनों के ही समर्थकों ने अपने-अपने होर्डिंग लगाकर खुद को असली जदयू बताया है।
बैठक में जाने से पहले पार्टी के नात केसी त्यागी ने कहा कि इसके लिए शरद यादव को भी निमंत्रण भेजा गया है, वो बैठक में आकर मतभेद सुलझा सकते हैं। वहीं खबर है कि इस बैठक में शरद यादव शामिल नहीं होंगे।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद राष्ट्रीय परिषद का खुला अधिवेशन दोपहर बाद तीन बजे वीरचंद पटेल पथ स्थित रवींद्र भवन में होगा। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुला अधिवेशन को मुख्य रूप से संबोधित करेंगे। कई राज्यों से जदयू के प्रतिनिधि खुला अधिवेशन में शामिल होंगे।
11 अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी दिल्ली यात्रा के क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से भेंट की थी। अमित शाह ने मुख्यमंत्री को अपने आवास पर आमंत्रित किया था। उसी मुलाकात के दौरान शाह ने नीतीश को राजग में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद शाह ने इस आशय का ट्वीट भी किया था।
जदयू के राजग में शामिल होने से बिहार में 2019 के लोकसभा चुनाव का प्लेटफॉर्म तैयार हो रहा है। इसका असर यह भी संभव है कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नीतीश कुमार को राजग का संयोजक बना दिया जाए। पूर्व में जदयू के जार्ज फर्नांडिस राजग के संयोजक रहे हैं। जदयू नेता संजय झा ने कहा कि जब बिहार में भाजपा और जदयू की सरकार है तो यह स्वाभाविक है कि जदयू अब राजग का हिस्सा हो जाएगा। लोकसभा चुनाव में इसका काफी असर दिखेगा।
जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एक दिन पहले शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की बैठक मुख्यमंत्री आवास में हुई। बैठक में शनिवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में लिए जाने वाले राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक प्रस्तावों के साथ-साथ बागी तेवर अख्तियार किए शरद यादव पर भी चर्चा हुई। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने बैठक के बाद कहा कि अगर 27 तारीख की राजद की रैली में शरद यादव लालू प्रसाद के साथ मंच साझा करते हैं तो यह बर्दाश्त नहीं होगा। पार्टी तुरंत कठोर निर्णय लेगी।

सूरज की रोशनी और हवा व पानी से घर में ही बना सकेंगे बिजली

जल्द ही आप सूरज की रोशनी और हवा व पानी से घर में ही बिजली बना सकेंगे। राजस्थान के बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज में इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यहां के एक प्रोफेसर को इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी है।
दावा किया जा रहा है कि अगले दो वर्ष में छोटी मशीन के साथ बहुत कम खर्च में घरों में बिजली पैदा की जा सकेगी। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. उज्ज्वल कल्ला ने अपनी लैबोरेट्री में इस मशीन पर सफलतापूर्वक काम किया है।
उनके ही बनाए एक प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दी है और कॉलेज को 72 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी है। प्रो कल्ला ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की उपाधि ली है। वर्तमान में बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख हैं।
अब तक सूर्य की किरणों, पानी और हवा से अलग-अलग बिजली बनाई जाती थी, लेकिन अब इन तीनों को मिलाकर बिजली उत्पादन होगा।
इसके तहत तीनों माध्यमों से बिजली उत्पादन के लिए एक कंट्रोलर बनेगा, जिसे मल्टी फंक्शनल इनवर्टर का नाम दिया गया है।
इस इनवर्टर से हवा, पानी और सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही यह माइक्रो ग्रिड के वोल्टेज, फ्रीक्वेंसी और पॉवर सेंटर को भी नियंत्रित करेगा।
सूर्य, पानी और हवा से बनने वाली बिजली की घर में आपूर्ति होगी और तीनों की अनुपस्थिति में कंट्रोलर यानी बैटरी से बिजली मिलती रहेगी।
यह कंट्रोलर प्रारंभिक तौर पर तैयार हो चुका है। इसे अब और बेहतर बनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. कल्ला का यह प्रयास सफल होता है तो महज पांच से दस किलोवाट का प्लांट हर घर में लगेगा। इसकी लागत करीब बीस से तीस हजार रुपये होगी।
प्रो. उज्ज्वल कल्ला का कहना है कि इस प्लांट में लगने वाले कंट्रोलर से बिजली बचाई भी जा सकेगी। अगर पांच किलोवाट बिजली का उत्पादन हुआ है और उपभोग तीन किलोवाट ही हुआ तो बाकी दो किलोवाट बैटरी में संरक्षित रहेगी। प्रायोगिक काम लगभग पूरे हो चुके हैं और इसमें काफी सफलता भी मिली है।

भोपाल प्रवास के दौरान भाजपा अध्यक्ष शाह ने दी पार्टी को सशक्त बनाने की नसीहत

मध्यप्रदेश के तीन दिन के प्रवास के पहले दिन शुक्रवार को अमित शाह ने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को अनुशासन के साथ पार्टी को सशक्त बनाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कामकाज में पारदश्र्ािता जरूरी है, संगठन चलाने के लिए भाजपा को कालाधन नहीं, ईमानदारी का पैसा चाहिए। अगले विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में मौजूदा से ज्यादा सीटें जीतनी हैं। स्वागत के दौरान भाजपा दफ्तर में धक्का-मुक्की भी हुई। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और थावरचंद गहलोत भी भीड़ में फंसे रहे।
भाजपा कार्यालय में पहली ही बैठक में शाह ने तल्ख अंदाज में सभी को हिदायत दे डाली कि बैठक की बातें बाहर बिल्कुल न जाएं। मीडिया से कोई चर्चा न करें। उन्होंने कहा कि यहां केवल संगठन की बातें होंगी। डेबिट-क्रेडिट की बात भी नहीं, मुझे किसी की बैलेंस शीट भी मत बताओ, बिन्दुवार बातें रखो। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पार्टी को मजबूत बनाएं इसके लिए मैं आपके सुझाव सुनने आया हूं।
शाह ने कहा कि जिलों में संगठन का मजबूत कोष बनाएं जिससे पार्टी का कामकाज आसानी से चलता रहे। इस मामले में जिन राज्यों और जिलों में अच्छा काम हुआ है उनका उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी चलाने के लिए पैसा चाहिए, लेकिन यह पैसा ईमानदारी का हो, हमें कालाधन नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज पंचायत से लेकर केंद्र तक हमारी सरकार है। जनता की सबसे ज्यादा अपेक्षाएं भी भाजपा से ही हैं, इसलिए हमारे हर काम में पारदर्शिता जरूी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष की संयुक्त बैठक में पार्टी केंद्रीय व राज्य पदाधिकारी, कोर जग्रुप के सदस्य, प्रवक्ता, मंत्री, सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष, संभागीय संगठन मंत्री और मोर्चा-प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मौजूद थे। इस दौरान कुछ पदाधिकारियों, विधायकों व सांसदों ने सुझाव और समस्याएं भी बताईं। बैठक में किसानों का मामला भी उठा।
दोपहर बाद शााह ने दूसरे सत्र की बैठक में भी नेता-पदाधिकारियों की क्लास लगाई। बैठक में प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, महामंत्री अनिल जैन, कैलाश विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष प्रभात झा एवं केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद थे। अमित शाह ने दोपहर का भोजन मध्य प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निवास पर किया। इस दौरान उन्होंने अनौपचारिक तौर पर पत्रकारों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की।
शाह के स्वागत में झीलों के शहर भोपाल को भाजपा के झंडे, बैनर, पोस्टर और बड़े-बड़े कटआउट्स से सजाया गया था, स्टेट हैंगर से भाजपा दफ्तर तक 85 वार्डों के नेता एवं सामाजिक संगठनों ने स्वागत द्वार बनाए थे। शाह के काफिले के आगे भाजयुमो मोर्चा की वाहन रैली चल रही थी, जिसमें करीब एक हजार युवा भगवा ध्वज लगी मोटर साइकलें दौड़ा रहे थे।
भोपाल प्रवास के दौरान भाजपा अध्यक्ष शाह ने इस बात के संकेत भी दिए कि मप्र में अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे एवं प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान भी मौजूद थे।

अगले महीने से मिलने लगेगा रिलायंस जियो का 4जी फीचर फोन

रिलायंस जियो का 4जी फीचर फोन अगले महीने से मिलने लगेगा। इसकी प्री-बुंकिग 24 अगस्त से शुरू होगी। ऑनलाइन के अलावा एसएमएस के जरिए भी बुकिंग की सुविधा दी जाएगी। फोन की डिलीवरी ‘पहले आओ- पहले पाओ’ के तर्ज पर की जाएगी। यूं तो फोन फ्री है, लेकिन इसके लिए 1500 रुपए खर्च जमा करने होंगे, जो रिफंडेबल रहेंगे।
एसएमएस के फोन बुक कराने के लिए टाइप करें – “JP<>अपना PIN कोड<>अपने नजदीकी Jio Store का कोड” और इस संदेश को 7021170211 पर सेंड कर दें। स्टोर कोड जानने के लिए आपको अपने नजदीकी रिलायंस जियो स्टोर जाना होगा।
ऑनलाइन बुक कराने के लिए कंपनी की वेबसाइट https://www.jio.com/en-in/jp-keep-me-posted पर जाना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कंपनी जियो फोन को लेकर आगे के डेवलपमेंट के बारे में आपको सूचित करती रहेगी। आगे की जानकारी एसएमएस के जरिए दी जाएगी।
-जियो फोन लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा। कंपनी से सूचना मिलने के बाद नजदीकी जियो सेंटर पर जाकर आधार कार्ड की कॉपी सब्मिट करना होगी।
– एक आधार पर एक ही फोन मिलेगा। कहा जा रहा है कि फोन की पहले खेप 1 से 4 सितंबर के बीच जारी की जाएगी।
इस फोन की मदद से यूजर 153 रुपए महीना के खर्च पर अनलिमिटेड वॉइस कॉल, फ्री डाटा और एसएमएस का लाभ उठा पाएंगे। साथ ही यह फोन यूजर को 28 दिन के लिए जियो ऐप्स पर फ्री एक्सेस देगा।