रेफरी को धक्का देने पर रीयल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर पांच मैचों का प्रतिबंध

गोल करने के बाद मैदान में टी शर्ट उतरकर जश्न मनाने और रेफरी को धक्का देने पर रीयल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर पांच मैचों का प्रतिबंध लगा दिया गया है।
रविवार को कैंप नाउ में रीयल ने बार्सिलोना को स्पेनिश सुपर कप के पहले चरण के मुकाबले यानी अल क्लासिको (रीयल और बार्सिलोना के बीच मैच) में 3-1 से पराजित किया।
इस दौरान पुर्तगाल के कप्तान रोनाल्डो ने शानदार गोल किया। जोश में उन्होंने अपनी टी शर्ट उतार दी जिसके चलते रेफरी रिकॉर्डो डि ने पीला कार्ड दिखाया। इसके कुछ देर बाद ही उन्होंने पेनाल्टी हासिल करने के लिए गलत डाइव लगाई जिसके लिए उन्हें दोबारा दंडित किया गया।
इसके अलावा उन्होंने रेफरी रिकॉर्डो को धक्का भी दिया। रोनाल्डो पर रेड कार्ड के लिए एक मैच का प्रतिबंध और रेफरी को धक्का देने के लिए चार मैच का प्रतिबंध लगाया है।
उनके पास अपील के लिए एक हफ्ते का समय होगा। पौने तीन लाख का जुर्माना : इसके लिए रोनाल्डो पर 3805 यूरो (करीब दो लाख, 87 हजार रुपये) और रीयल पर 1750 यूरो (करीब एक लाख, 32 हजार रुपये) का जुर्माना भी किया गया है।
अब रोनाल्डो स्पेनिश सुपर कप के दूसरे चरण में भी नहीं खेल सकेंगे, जोकि 17 अगस्त को मैड्रिड में खेला जाएगा।
रोनाल्डो का शानदार गोल : पहला हाफ गोल रहित रहने के बाद दूसरे हाफ के शुरू में ही गेरार्ड पिक के आत्मघाती गोल से रीयल ने 1-0 की बढ़त बना ली। बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी लियोन मेसी ने 77वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इसके तीन मिनट बाद ही रोनाल्डो (78वें मिनट) ने शानदार गोल कर रीयल को 2-1 की बढ़त दिला दी। 90वें मिनट में मार्को असेंसियो ने गोल कर रीयल को 3-1 से जीत दिला दी।

मोदी और ट्रंप हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने पर सहमत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने पर सहमत हैं। दो दिवसीय मंत्रीस्तरीय बात से यह कदम उठाया जा सकता है।
बैठक में दोनों देश अपने रणनीतिक संपर्क को बढ़ाएंगे। मंगलवार को यह जानकारी व्हाइट हाउस ने दी। ट्रंप ने सोमवार रात प्रधानमंत्री को फोन पर स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
फोन पर हुई बातचीत के दौरान ट्रंप ने भारत पहुंचे अमेरिकन क्रूड आयल की पहली खेप का स्वागत किया। इसी महीने टेक्सास से भारत के लिए खेप भेजा जाना शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका लंबे समय तक भारत को ऊर्जा की आपूर्ति करता रहेगा। व्हाइट हाउस ने दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत की जानकारी दी है।
व्हाइट हाउस ने कहा है, ‘दोनों नेताओं ने नए दो दिवसीय मंत्रीस्तरीय वार्ता के जरिये पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थायित्व स्थापित करने पर प्रतिबद्धता जताई। इस वार्ता से दोनों देश अपना रणनीतिक संपर्क बढ़ाएंगे।’
दुनिया के बड़े और तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के दोनों नेता ट्रंप और मोदी भारत में इसी वर्ष नवंबर में होने जा रहे वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन पर नजरें जमाए हैं।
ट्रंप ने अपनी बेटी और सलाहकार इवान्का ट्रंप को अमेरिकी शिखर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को कहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने उत्तर कोरिया के खिलाफ दुनिया को एकजुट करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की सराहना की।

देश की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत भारत के कुछ प्रदेश अफ्रीका से भी बदतर

गोरखपुर हादसे ने देश की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामने लाकर रख दी है। वैसे देखा जाए तो विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच ऐसी स्थिति कमोवेश हर साल बनती है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत के आंकडे देखे जाए तो भारत के कुछ प्रदेश अफ्रीका से भी बदतर हैं। 2015 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर मिनट दो मासूम बच्चों की मौत होती है।
सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम स्टेटिकल रिपोर्ट 2015 में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया गया है कि उस साल भारत में पांच साल से कम उम्र के 10 लाख 8 हजार बच्चों की असमय मौत हुई थी। यानी 2959 मौतें हर दिन। इस हिसाब से हर मिनट दो बच्चों की जान जा रही है, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर बचाया जा सकता है।
– इंडिया अंडर-फाइव मॉर्टलिटी रेट (यू5एमआर) के तहत पांच से साल के कम उम्र के बच्चों पर रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें बताया गया है कि 2015 में जन्में हर हजार बच्चों में से 43 की मौत हो गई।
– 2015-16 में जहां देश की विकासदर 7.6 फीसदी रही, वहीं हर हजार बच्चों पर 43 की मौत का भारत का आंकड़ा ब्रिक्स देशों में सबसे खराब रहा। मध्यप्रदेश और असम जैसे प्रदेशों की स्थिति तो अफ्रीकी देश घाना से भी बदतर रही।
– वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकडों का हवाला देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2016-17 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि इन मौतों का सबसे बड़ा कारण (53 फीसदी) नवजात शिशु संबंधी रहे।
– इसके बाद निमोनिया (15 फीसदी), डायरिया (12 फीसदी), मांसपेशियां (3 फीसदी) और चोट लगाना (3 फीसदी) कारण रहे।
– सरकार मानती है कि इनमें से 90 फीसदी बच्चों की मौत को बचाया जा सकता है, लेकिन अस्पतालों में सुविधाएं नहीं होने कारण ऐसा न हो सका।
– यूनिसेफ ने भी माना है कि भारत आर्थिक रूप से विकास कर रहा है, लेकिन बच्चों की मौत रोकने में नाकाम रहा है।

दिल्ली जेल और म्यूजिक वन रिकॉर्ड्स ने पेश किया ‘तिहाड़ आईडियल्स’

दिल्ली जेल और म्यूजिक वन रिकॉर्ड्स ने ‘तिहाड़ आईडियल्स’ को पेश किया है। इस एक अनूठे प्रयास में तिहाड़ जेल ने अपने कैदियों के लिए शनिवार को एक म्यूजिक रियलिटी शो आयोजित किया, जिसमें बाहर की जेलों के अभियुक्त भी शामिल हैं।
एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने बताया कि शो, इसका शीर्षक ट्रैक और प्रोमो शनिवार को एक विशेष समारोह में प्रदर्शित किया जाएगा। तिहाड़ आईडियल्स को दिल्ली प्रिजन्स और म्यूजिक वन रिकॉर्ड्स ने पेश किया है।
कैदियों का प्रदर्शन का फैसला फिल्म और संगीत उद्योग के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों द्वारा किया गया। कैदियों को शो के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था। अधिकारी ने कहा कि जेल परिसर में जेल नंबर 1 को कई महीनों तक अस्थायी स्टूडियो में रियलिटी शो के लिए शूटिंग के लिए तैयार किया गया था। शो में कई दूसरी जेलों में बंद कैदियों में भी हिस्सा लिया।

वरिष्ठ कवि चंद्रकांत देवताले का मंगलवार देर रात निधन

साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी के वरिष्ठ कवि चंद्रकांत देवताले का मंगलवार देर रात निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। उनका जन्म मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के जौल खेड़ा गाँव में सात नवंबर 1936 को हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा इंदौर से हुई जबकि पीएचडी सागर यूनिवर्सिटी से की। वह साठोत्तरी हिंदी कविता के प्रमुख हस्ताक्षर थे और 1960 के दशक में अकविता आंदोलन के साथ उभरे थे। उस समय उनका कविता संग्रह लकड़बग्घा हंस रहा है काफी चर्चित हुआ था।
हिंदी में एमए करने के बाद उन्होंने मुक्तिबोध पर पीएचडी की थी। उन्होंने इंदौर में एक कॉलेज से शिक्षक के रूप में अपनी सेवा भी दी। कॉलेज से सेवानिवृत्त होने के बाद से वह स्वतंत्र लेखन कर रहे थे। उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान के अलावा मध्य प्रदेश शिखर सम्मान व मैथिली शरण गुप्त सम्मान भी मिला था। उनकी चर्चित कृतियों में रोशनी के मैदान के उस तरफ, पत्थर फेंक रहा हूं और हड्डियों में छिपे ज्वार आदि प्रमुख हैं।