तुर्की के रामिल गुलिएव ने तोड़ा दक्षिण अफ्रीका के वाडे वान निकर्क का गोल्डन डबल का सपना

तुर्की के रामिल गुलिएव ने गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका के वाडे वान निकर्क का गोल्डन डबल का सपना तोड़ा दिया। लंदन के ओलिंपिका मैदान में रिकॉर्ड 56, 000 दर्शकों के बीच रामिल 200 मीटर के नए विश्व चैंपियन बने।
इस 27 वर्षीय एथलीट ने 20.09 सेकंड के समय के साथ पीला तमगा अपने नाम किया। उनका जन्म अजरबेजान में हुआ था, लेकिन वह 2011 में तुर्की के नागरिक बन गए थे। दो दिन पहले 400 मीटर का पीला तमगा जीतने वाले निकर्क (20.11 सेकंड) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही वह 22 साल पहले दिग्गज माइकल जॉनसन के विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 और 400 मीटर के स्वर्ण पदक जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी करने से चूक गए। जॉनसन ने 1995 में स्वीडन में हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्डन डबल पूरा किया था। स्पर्धा का कांस्य पदक त्रिनिदाद एंड टोबैगो के जेरिम रिचर्ड्स (20.11 सेकंड) ने जीता। बोत्सवाना के इसाक मकवाला छठे स्थान पर रहे।
तिहरी कूद का स्वर्ण फिर टेलर के नाम : दो बार के ओलिंपिक चैंपियन अमेरिका के क्रिस्टियन टेलर ने तिहरी कूद स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखते हुए हमवतन विल क्ले को पछाड़ कर पीला तमगा जीता। 27 वर्षीय टेलर अपने तीसरे प्रयास में 17.68 मीटर की कूद के साथ चैंपियन बने। उन्होंने इससे पहले यूजीने में 18.19 मीटर की कूद तय की थी। इसके साथ ही वह तिहरी कूद स्पर्धा में तीन विश्व खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले एथलीट बन गए। उन्होंने 2011 में देगु और 2015 में बीजिंग में यह खिताब जीता था। यही नहीं बीजिंग और रियो ओलंपिक में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीते थे। क्ले ने पहले राउंड में 17.54 मीटर और दूसरे राउंड में 17.57 मीटर कूद के साथ दूसरे, जबकि पुर्तगाल के नेल्सन इवोरा ने 17.19 मीटर कूद के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

मिस्र में दो ट्रेनों की टक्कर के चलते भीषण हादसे में 44 लोगों की मौत

मिस्र में दो ट्रेनों की टक्कर के चलते हुए भीषण हादसे में 44 लोगों की मौत हो गई है वहीं 180 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। दुर्घटना मिस्र में स्थित तटीय इलाके अलेक्जेंड्रिया की है। एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना था कि दोनों ट्रेनों ने भिड़ंत के बाद पिरामिड की शक्ल ले ली।
हादसा अपराह्न 2.15 बजे तब हुआ जब एक ट्रेन मिस्र की राजधानी काहिरा से आ रही थी और दूसरी ट्रेन पोर्ट सैद से आ रही थी। खुर्शीद इलाके में स्टेशन के पास दोनों की आमने-सामने की टक्कर हुई। हादसे के बाद बचाव कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया।
परिवहन मंत्री हिशाम अराफात के अनुसार दुर्घटना मानवीय भूल की वजह से हुई है। राष्ट्रपति ने हादसे पर शोक जताते हुए इसके पीछे के कारणों की तलाश करने का आदेश दिया है। हादसा इतना जबरदस्त था कि अभी तक लोग बोगियों में फंसे हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के सलाहकार शरीफ वादी ने बताया कि हताहतों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल 109 लोग घायल हैं। इसमें कुछ गंभीर रूप से भी घायल भी शामिल हैं। घायलों को समीपवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।’
स्वास्थ्य मंत्रालय में अवर सचिव मागदी हेगाजी ने बताया, ‘बचाव दल जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहा है। घायलों को ऐंबुलेन्स के जरिये समीपवर्ती अस्पतालों में ले जाया जा रहा है।’

गुजरात में बारिश थमने के बाद अब जानलेवा वायरस यानी स्वाइल फ्लू से लोगों का हाल बेहाल

गुजरात में बारिश थमने के बाद अब जानलेवा एच-1 एन-1 वायरस यानी स्वाइल फ्लू से लोगों का हाल बेहाल है। अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, सौराष्ट्र, कच्छ सहित कई शहरों में हाहाकार मचा है। अहमदाबाद में सात दिन में 12, तो वडोदरा और राजकोट में 24 घंटों में 7 लोगों की मौत हो गई है। पूरे प्रदेश में इस बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा 153 पहुंच गया है। एक हजार से ज्यादा मरीज अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शंकर चौधरी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को डोर टू डोर सर्वे करने के आदेश दिए हैं। तमाम सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से बचने के लिए आयूर्वेदिक काढ़ा निःशुल्क वितरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस बार सौराष्ट्र और राजकोट में स्वाइन फ्लू का जोर अधिक है। यहां अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। अहमदाबाद में पिछले सात दिनों में 245 मामले दर्ज हुए हुए हैं। सरकार स्वाइन के रोकथाम के लिए विभिन्न प्रकार की तैयारियां करने का दावा कर रही है। हालांकि जिस तरह से मामले बढ़ रहे है,यह दावा गलत साबित हुआ है। प्रशासन के मुताबिक, इस वर्ष राज्य में स्वाइन फ्लू की स्थिति चिंताजनक है। सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आइसोलेशन वोर्ड की सुविधा की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकडों के मुताबिक, इस वर्ष स्वाइन फ्लू से 153 लोगों की मौत हुई है। जिसमें अहमदाबाद में 26, वड़ोदरा में 20, सूरत में 10, सौराष्ट्र और राजकोट में 52, कच्छ में 15, जामनगर में 10, गीर सोमनाथ और आणंद में तीन लोगों की मौत हुई है।

सैलाना में स्ट्रांग रूम के बाहर बैठे कांग्रेसी

सांसद कांतिलाल भूरिया कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शुक्रवार रात करीब 11 बजे स्ट्रांग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए। भूरिया का आरोप है कि स्ट्रांग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे जिला प्रशासन हटवा रहा है। कलेक्टर कह रहे हैं कि भोपाल निर्वाचन से आदेश है, जबकि हमने पता किया तो ऐसा कोई आदेश नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कैसे भी कर जिताने को कहा है।
कलेक्टर किसी को स्ट्रांग रूम के बाहर सोने की अनुमति भी नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस जीत रही है और अब प्रशासन ईवीएम बदलने की कोशिश में है। भूरिया ने कलेक्टर को हटाने, प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों को परिसर में सोने देने और वोटों की गिनती 16 की बजाय 14 अगस्त को कराने की मांग की। धरने में डॉ. विक्रांत भूरिया, कलावती भूरिया, आशीष भूरिया सहित लगभग 50 कार्यकर्ता शामिल हैं।
इधर, रतलाम के सैलाना नगर परिषद के चुनाव के बाद देर रात कांग्रेस ने स्ट्रांग रूम के बाहर डेरा डाल दिया। ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका को लेकर जिला कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने समर्थकों के साथ स्ट्रांग रूम के बाहर डेरा डाला। प्रशासन व पुलिस ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।