भारत के ज्ञानेंद्र दहिया चूक गए कांस्य पदक

भारत के ज्ञानेंद्र दहिया विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक प्लेऑफ मुकाबले में जगह बनाने से चूक गए। इसी के साथ ग्रीको रोमन स्टाइल में भारतीय पहलवानों की झोली खाली रही।
ज्ञानेंद्र को 59 किग्रा वर्ग में रेपचेज में भाग लेने का मौका मिला था, लेकिन वे इसके दूसरे दौर में ही हारकर कांस्य की दौड़ से बाहर हो गए। ज्ञानेंद्र ने रेपचेज के पहले दौर में इजिप्ट के मुस्तफा हसन मुहम्मद को 3-1 से पराजित किया। लेकिन वे दूसरे दौर में यूक्रेन के दिमित्रो सिंबालुक से नजदीकी मुकाबले में हार गए।
इससे पहले ज्ञानेंद्र ने चीन के लिबिन डिंग को 4-1 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन उन्हें कजाकिस्तान के मिरामबेक से 0-9 की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। कजाक पहलवान के फाइनल में पहुंचने से ज्ञानेंद्र को रेपचेज के रुप में मौका मिला था लेकिन वे इसे भुना नहीं सके।
दूसरे दिन अन्य मुकाबलों में रविंदर (66 किग्रा), हरप्रीत सिंह (80 किग्रा) और नवीन (130 किग्रा) भी मैट पर उतरे, लेकिन अपने क्वालीफिकेशन मुकाबले ही हार गए। पहले दिन भारत के 4 पहलवान मैट पर उतरे थे, लेकिन पहले दौर से आगे नहीं जा सके।

चीन ने कहा यदि सीमा पर भारत के बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमारी सेना कदम उठाती है तो कोहराम मच जाएगा

चीन ने कहा है कि यदि सीमा पर भारत के बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमारी सेना कदम उठाती है तो कोहराम मच जाएगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का तर्क है कि डोकलाम में चीन की बन रही सड़क नई दिल्ली के लिए खतरा है। उसका यह तर्क हास्यास्पद और निंदनीय है।
मंत्रालय ने कहा है कि चीन किसी भी देश या व्यक्ति को अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता में हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं देगा। चीन ने मंगलवार को कहा कि डोकलाम पर जारी गतिरोध का समाधान भारत पर निर्भर है। समाधान के लिए भारत को क्षेत्र से बिना शर्त अपनी सेना को वापस बुलाना होगा।
एक दिन पहले सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उम्मीद जताई थी कि चीन शीघ्र ही सकारात्मक दिशा में कदम बढ़ाएगा। डोकलाम में जारी गतिरोध का समाधान शीघ्र निकल आएगा। उन्होंने कहा था कि भारत ने किसी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया और यह किसी विस्तारवादी व्यवहार को भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
भारतीय गृह मंत्री के इस बयान के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन शांति से प्रेम करता है और मजबूती से उसके साथ खड़ा है। इसके साथ ही हम अपनी क्षेत्रीय एकता और संप्रभुता की रक्षा भी करेंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने डोकलाम इलाके में चीन का सड़क निर्माण रोक दिया। भारत का यह कदम बेतुका है। इसलिए इसके समाधान की एकमात्र शर्त यही है कि भारत क्षेत्र से अपनी सेना और उपकरण हटाए।
भारत और चीन के बीच दो महीनों से सिक्किम सीमा के समीप स्थित डोकलाम को लेकर तनातनी चल रही है। चीन यहां सड़क बनाने जा रहा था जिसे भारतीय सेना ने रोक दिया। चीन की इस सड़क से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर खतरा पैदा हो सकता था। डोकलाम पर भूटान का दावा है लेकिन चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है।

9 साल बाद कर्नल पुरोहित रिहा कर दिए गए

9 साल बाद बुधवार को नवी मुंबई के तलोजा जेल से लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित रिहा कर दिए गए। रिहाई के बाद उन्‍हें सेना को सौंप दिया गया। सेना में उन्‍हें नई पोस्‍ट सौंपी जाएगी। सोमवार को ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन कुछ कागजी कार्यवाही की वजह से मंगलवार को रिहाई नहीं हो सकी।
बता दें कि उनकी रिहाई से पहले ही तलोजा जेल में आर्मी वाहन पहुंच गयी थी। मालेगांव ब्‍लास्‍ट मामले में पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से जमानत दी गयी है। इसके बाद वे सीधे पुणे जाएंगे, जहां उनका परिवार रहता है। उन्हें पुणे में ही सेना के सामने भी हाजिर होना है।
जमानत मिलने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित ने कहा कि वह जल्द से जल्द सेना में फिर से शामिल होना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा, मैं अपनी वर्दी पहनना चाहता हूं। यह मेरी त्वचा की ऊपरी परत है। पुरोहित ने कहा कि सेना ने मेरी इज्जत कम नहीं होने दी। उन्होंने कहा, सेना की यह परम्परा और प्रकृति रही है कि वह अपने लोगों की इज्जत कम नहीं होने देती। मैंने यह एक बार भी महसूस नहीं किया कि मैं सेना से बाहर हो जाऊंगा

सरकारी स्कूल की खराब हालत को सुधारने गांव वाले आगे आए एक सप्ताह में एकत्र कर लिए 22 लाख

बाड़मेर जिले के ओगाला गांव के सरकारी स्कूल की खराब हालत को सुधारने के लिए गांव वाले ही आगे आए और एक सप्ताह में 22 लाख रूपए एकत्र कर लिए।
यह स्कूल 12वीं कक्षा तक है और सिर्फ 9वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाएं ही कमरों में चलती है। अन्य सभी कक्षाएं पेड़ के नीचे या बरामदों में लगती है। जब बारिश होती है तो यहां छुट्टी करनी पड़ती है। यहां 497 बच्चे पढ़ते हैं और इनमें से 229 छात्राएं है। छह किलोमीटर के क्षेत्र में यह अकेला सीनियर सेकंडरी स्कूल है। इस हालत को सुधारने के लिए इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर यहां के गांव वालों ने तय किया कि सरकार मदद दे या नहीं, वे खुद ही स्कूल को बेहतर बनाएंगे। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में तय किया गया कि इसकी हालत सुधारने के लिए 20 लाख रुपए एकत्र किए जाएंगे।
यहां के प्राचार्य भोमाराम ने इस वर्ष जून में ही यहां कार्यभार सम्भाला। यहां 18 में से सिर्फ नौ शिक्षक है। स्वतंत्रता दिवस के आयोजन में प्राचार्य ने गांव वालो से पूछा कि क्या वे अपने बच्चों को ऐसी ही हालत में पढ़ाना चाहते है या कुछ सुधार करना चाहते है।
प्राचार्य के इस सवाल पर गांव वालो ने तय किया कि वे खुद ही स्कूल की हालत में सुधार करेंगे। कुछ ही देर में 105 गांव वालों ने 15.44 लाख रुपए स्कूल के लिए देने की घोषणा कर दी। एक व्यक्ति ने यहां कम्प्यूटर लैब और एक अन्य ने सीसीटीवी कैमरे लगवाने की घोषणा कर दी। अब इस राशि से स्कूल में 12 कमरे और खेल का मैदान व अन्य सुविधएं विकसित की जाएंगी। गांववालों की पहल को देखते हुए सरकार ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भामाशाह योजना के तहत सरकार भी यहां के लिए सहायता राशि देगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कीं मंत्रियो को नसीहत होगा सबका मूल्यांकन काम के आधार

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मंत्रियों को नसीहत दी है कि सबका मूल्यांकन काम के आधार पर होगा। पार्टी अध्यक्ष ने कहा है कि मंत्रियों को मौका दो, ताकि वे बेहतर प्रदर्शन करें। जो काम नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें बदलो।
मैं चाहता हूं कि आप पूरी क्षमता से काम करें और बेस्ट परफार्मेंस दें। अब जितना समय बचा है, उसमें कामकाज में तेजी लाएं। यदि कोई दिक्कत है तो मुझे बताइए। सप्ताह में दो दिन प्रभार के जिलों में जाएं और संगठन के साथ बैठकें भी करें। बुद्धिजीवी और विशेषज्ञ लोगों से जीवंत संपर्क रखें।
सूत्रों के मुताबिक लंच के साथ मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री ने करीब एक घंटे अनौपचारिक बैठक की। इस दौरान अमित शाह के तीन दिवसीय दौरे में जो बातें सामने आई थीं, वो मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ साझा कीं। उन्होंने बताया कि दौरा अच्छा था। समयसीमा को ध्यान में रखते हुए काम करें।
जिसे जो जिम्मेदारी मिली है, उसमें प्रदर्शन बेहतर होना चाहिए। अब ये साफ है कि मूल्यांकन काम के आधार पर ही होगा। अपनी सीट के साथ अन्य विधानसभा सीटों पर भी ध्यान दें। प्रभार के जिलों में दौरे के दौरान वहां के जिला संगठन के साथ बैठक करें। केंद्र और राज्य की योजनाओं के क्र्रियान्वयन पर ध्यान दें।

काली पट्टी बांधकर खेले बार्सिलोना के खिलाड़ी

बार्सिलोना ने स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की। कैम्प नाउ में रविवार को हुए इस सत्र के अपने पहले मुकाबले में बार्सिलोना ने रीयल बेटिस को 2-0 से पराजित किया।
बार्सिलोना के लिए सर्गी रॉबर्टो ने 39वें मिनट में गोल किया, जबकि रीयल बेटिस के अलिन टोस्का 36वें मिनट में आत्मघाती गोलकर कर बैठे।
बार्सिलोना ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और खेल पर पूरी तरह नियंत्रण रखा। जीत बार्सिलोना को मिली लेकिन टीम के स्टार लियोन मेसी कोई जलवा नहीं दिखा सके।
नेमार के क्लब छोड़ने और स्पेनिश सुपर कप में रीयल मैड्रिड के हाथों मिली करारा हार के बाद बार्सा के लिए ये जीत थोड़ी राहत देने वाली है।
मैच से पहले खिलाड़ियों ने बार्सिलोना में हुए आतंकी हमले के विरोध और मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा। साथ ही बार्सा के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरे। इस घटना में 14 लोग मारे गए थे और 120 घायल हो गए थे।
हमले के कारण ही 99000 की दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम में 56,480 दर्शक ही खिलाड़ियों की हौसला अफजाई के लिए पहुंचे थे।
इसके अलावा गेरेथ बेल के शानदार प्रदर्शन के बूते गत चैंपियन रीयल मैड्रिड ने डेपोर्टिवा ला कोरुना को 3-0 से मात दी। स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में खेले रहे रीयल के लिए बेल ने एक गोल दागने के अलावा एक गोल करने में भी मदद की।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,’पाकिस्तान के लोग खुद आतंकवाद की समस्या से पीड़ित हैं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान को लताड़ते हुए कहा कि है कि वो आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगार बन गया है।
पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए ट्रंप ने कहा,’पाकिस्तान के लोग खुद आतंकवाद की समस्या से पीड़ित हैं, लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान आतंकियों के लिए स्वर्ग बना हुआ है। अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई में अपनी जिम्मेदारी निभाए।
इतना ही नहीं अफगानिस्तान पर अपनी नीति स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि, ‘हम भारत की हरसंभव मदद करेंगे, भारत और अमेरिका का अरबों डॉलर का व्यापारिक संबंध है। वहीं अफगानिस्तान में हालत सामान्य करने के लिए उन्होंने भारत से मदद की उम्मीद जताई।
ट्रंप ने कहा कि, ‘हम इराक में अपने पूर्व नेताओं द्वारा की गई गलतियों को नहीं दोहराएंगे। आतंकवादी सिर्फ ठग, अपराधी और दरिंदे हैं। जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों से आतंकियों को लाभ मिलेगा, जिसका अलकायदा और आईएस जैसे संगठन फायदा उठा सकते हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान में हमारे प्रयासों की मदद से काफी लाभ कमा सकता है।’

एक बार में तीन तलाक की वैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

मुसलमानों में प्रचलित एक बार में तीन तलाक की वैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना दिया है। मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ के पांच न्यायाधीश बारी-बारी से अपना फैसला पढ़ा। पांच में से तीन जजों ने इसे असंवैधानिक करार दे दिया है।
मंगलवार को सबसे पहले न्यायाधीश जेएस खेहर ने अपना फैसला पढ़ा। उन्होंने अपहोल्ड (Uphold) शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक पर संसद को फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 142 के तहत अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार को आदेश देती है कि वह छह माह में तीन तलाक पर कानून बनाए। इस दौरान यानी इन छह माह की अवधि में तीन तलाक पर रोक रहेगी।’
इसके बाद अपना फैसला पढ़ते हुए तीन अन्य जजों न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है। इससे पहले चीफ जस्टिस ने अपने फैसले में कहीं भी असंवैधानिक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।
पांचवें जज न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर अभी अपना फैसला पढ़ेंगे। इस तरह पांच में से तीन जजों ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया है। इस बीच मुस्लिम पर्सनल लॉ ने बैठक बुलाई है।
– इस पीठ की खासियत यह भी है कि इसमें पांच विभिन्न धर्मों के अनुयायी शामिल हैं। हालांकि यह बात मायने नहीं रखती क्योंकि न्यायाधीश का कोई धर्म नहीं होता।
– कोर्ट ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि वह फिलहाल एक बार में तीन तलाक पर ही विचार करेगा। बहुविवाह और निकाह हलाला पर बाद में विचार किया जाएगा।
– इस पर सुनवाई तो कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लेकर शुरू की थी लेकिन बाद में छह अन्य याचिकाएं भी दाखिल हुईं जिसमें से पांच में तीन तलाक को रद करने की मांग है।
– मामले में तीन तलाक का विरोध कर रहे महिला संगठनों और पीड़िताओं के अलावा इस पर सुनवाई का विरोध कर रहे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत ए उलेमा ए हिंद की ओर से दलीलें रखी गईं। केंद्र सरकार ने भी इसे महिलाओं के साथ भेदभाव बताते हुए रद करने की मांग की है।
– सुनवाई के दौरान पीठ ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से पूछा था कि क्या शादी के वक्त ही मॉडल निकाहनामे में महिला को तीन तलाक न स्वीकारने का विकल्प दिया जा सकता है। बोर्ड ने कोर्ट को बताया था कि निकाह के समय न सिर्फ लड़की को तीन तलाक को न कहने के विकल्प की जानकारी दी जाएगी बल्कि मॉडल निकाहनामा में इसे एक विकल्प के तौर पर भी शामिल किया जाएगा।
1. तीन तलाक महिलाओं के साथ भेदभाव है। इसे खत्म किया जाए।
2. महिलाओं को तलाक लेने के लिए कोर्ट जाना पड़ता है जबकि पुरुषों को मनमाना हक दिया गया है।
3. कुरान में तीन तलाक का जिक्र नहीं है।
4. यह गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत की दलीलें
1. तीन तलाक अवांछित है लेकिन वैध।
2. यह पर्सनल लॉ का हिस्सा है। कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता।
3. 1400 साल से चल रही प्रथा है। यह आस्था का विषय है, संवैधानिक नैतिकता और बराबरी का सिद्धांत इस पर लागू नहीं होगा।
4. पर्सनल लॉ में इसे मान्यता दी गई है। तलाक के बाद उस पत्नी के साथ रहना पाप है। धर्मनिरपेक्ष अदालत इस पाप के लिए मजबूर नहीं कर सकती।
5. पर्सनल लॉ को मौलिक अधिकारों की कसौटी पर नहीं परखा जा सकता।
केंद्र सरकार की दलीलें
1. तीन तलाक महिलाओं को संविधान में मिले बराबरी और गरिमा से जीवन जीने के हक का हनन है।
2. यह धर्म का अभिन्न हिस्सा नहीं है, इसलिए इसे धार्मिक आजादी के मौलिक अधिकार में संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
3. पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित 22 मुस्लिम देश इसे खत्म कर चुके हैं।
4. धार्मिक आजादी का अधिकार बराबरी और सम्मान से जीवन जीने के अधिकार के अधीन है।
5. सुप्रीम कोर्ट मौलिक अधिकारों का संरक्षक है। कोर्ट को विशाखा की तरह फैसला देकर इसे खत्म करना चाहिए।
6. अगर कोर्ट ने हर तरह का तलाक खत्म कर दिया तो सरकार नया कानून लाएगी।
कोर्ट की टिप्पणियां
1. जो चीज ईश्वर की नजर में पाप है वह इंसान द्वारा बनाए कानून में वैध कैसे हो सकती है।
2. क्या तीन तलाक इस्लाम का अभिन्न हिस्सा है।
3. क्या निकाहनामे में महिला को तीन तलाक को न कहने का हक दिया जा सकता है।
4. अगर हर तरह का तलाक खत्म कर दिया जाएगा तो पुरुषों के पास क्या विकल्प होगा।

दो बागी कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द करने गुजरात हाई कोर्ट ने भेजा कांग्रेस नेता अहमद पटेल को नोटिस

राज्‍य सभा चुनाव में दो बागी कांग्रेस विधायकों के वोट रद्द करने के मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग और कांग्रेस नेता अहमद पटेल को नोटिस भेजा है।
दो वोट रद्द करने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए भाजपा प्रत्‍याशी बलवंतसिंह राजपूत ने एक याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट ने नोटिस भेजा है। चुनाव अयोग के इस फैसले के कारण ही अहमद पटेल को राज्‍य सभा चुनाव में जीत मिली थी। राजपूत चुनाव हार गए थे।
जस्टिस बेला त्रिवेदी ने सोमवार को चुनाव आयोग, अहमद पटेल के साथ राज्‍य सभा चुनाव में भाजपा के दो अन्य उम्मीदवारों पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी नोटिस जारी किया। उन्‍हें 21 सितंबर को नोटिस का जवाब देने को कहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में गुजरात की तीन राज्‍यसभा सीटों के लिए मतदान के बाद साढ़े नौ घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा कांग्रेस नेता अहमद पटेल की जीत के साथ खत्म हुआ था। कांग्रेस के दो बागियों द्वारा भाजपा नेताओं को मतपत्र दिखाने के बाद जमकर बवाल मचा। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा। आयोग ने दोनों के वोट रद्द कर दिए। इसके साथ ही अहमद पटेल की जीत का रास्ता साफ हुआ अन्‍यथा वह हार जाते।
भाजपा का कहना है कि चुनाव आयोग का फैसला गलत था, इसीलिए इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने इस मामले में जो भी फैसला लिया, उसमें सभी तथ्यों का ध्यान नहीं रखा गया और मतपेटी में डाले जा चुके वोट को वापस निकाल कर रद किया गया जो मतदान संबंधी नियमों के अनुरूप नहीं है।

प्रदेश में डेंगू के पांच और स्वाइन फ्लू के तीन मरीज मिले

मध्यप्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी स्वाइन फ्लू है, लेकिन जानलेवा कम है। वजह, वहां जांच की सुविधाएं ज्यादा हैं। मरीज भी समय पर इलाज के लिए पहुंच जाते हैं, जिससे समय पर इलाज शुरू हो जाता है। मप्र में स्वाइन फ्लू में मौत की दर ज्यादा है। खासतौर पर भोपाल व आसपास के जिलों में।
इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) भोपाल द्वारा 1 जुलाई से अब तक भेजे गए नमूनों में 11 में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें चार की मौत हो चुकी हैं। यानी पॉजिटिव मरीजों में हर तीसरे-चौथे मरीज की मौत हो रही है।
प्रदेश में एक जुलाई से अब तक 59 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें 8 मरीजों की मौत हुई है। इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि मरीज के फेफड़े में संक्रमण बढ़ने पर बचाने में मुश्किल होती है। गांधी मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी मेडिसीन विभाग के प्रमुख डॉ. लोकेन्द्र दवे ने बताया कि कई मरीज ऐसी हालत में अस्पताल पहुंचते हैं कि बीमारी का असर उनके दूसरे अंगों पर भी हो चुका होता है। फेफड़े खराब हो जाते हैं। उन्हें फौरन वेंटिलेटर पर लेना पड़ता है। संक्रमण के दूसरे-तीसरे दिन मरीज अस्पताल पहुंच जाए तो उसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।
राजधानी में सोमवार को डेंगू के पांच नए मरीज मिले हैं। इस साल एक ही दिन में पहली बार इतने मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि अलग-अलग लैब में 42 मरीजों के सैंपल की जांच सोमवार को की गई थी। इसी तरह से स्वाइन फ्लू के 11 संदिग्ध मरीजों की जांच में तीन पॉजिटिव आए हैं। इनमें भोपाल, सीहोर व होशंगाबाद के एक-एक मरीज हैं। सोमवार को 16 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
गर्भवती महिलाएं, 5 साल से छोटे बच्चे, 65 साल से ज्यादा उम्र वाले, डायबिटीज, किडनी व हृदय रोग के मरीज। जिनकी कीमोथैरेपी चल रही है।
सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार, बहुत ज्यादा कफ आना, सांस लेने में तकलीफ।
स्वाइन फ्लू नियंत्रण में है। डेथ रेट ज्यादा इसलिए है कि मरीज काफी देर से अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालत ज्यादा बिगड़ने पर बचा पाना मुश्किल होता है। सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी सुविधाएं हैं।