किसी को चलती हुई ट्रेन में साइकिल चलाते देखा नहीं, तो रूस के रहने वाले इन दोनों लड़कों को जरूर देख लें

सड़क पर साइकिल चलाते हुए आपने कई लोगों को देखा होगा। मगर, क्या कभी किसी को चलती हुई ट्रेन में साइकिल चलाते देखा है। नहीं, तो रूस के रहने वाले इन दोनों लड़कों को जरूर देख लें। ये अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन के डिब्बे पर साइकिल चला रहे हैं। उनके सिर के ऊपर हाईटेंशन तार है और नीचे तेजी से चल रही ट्रेन का डिब्बा।
यूट्यूब पर अपलोड किये गए इस वीडियो में दो लड़के तेज चल रही ट्रेन की छत पर चढ़ते दिख रहे हैं। वे एक दूसरे को सहारा देते हुए साइकिल भी साथ लेकर ट्रेन के डिब्बे पर चढ़ रहे हैं। इस दौरान वे वीडियो भी बनाते जा रहे हैं। ये कलाकारी दिखाने वाले रोमन शिरोकोव ने कहा कि सड़क पर साइकिल चलाना हमें बोरिंग लगता था, इसलिए हमने कुछ अलग करने का सोचा।
एक युवक ने बीएमएक्स साइकिल चलाते हुए हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन भी किया। हालांकि, इस दौरान एक युवक का बैलेंस बिगड़ गया और वह ट्रेन के डिब्बे के ऊपर ही गिर गया। इसका नतीजा घातक हो सकता था, लेकिन गनीमत रही कि वह सुरक्षित बच गया। अगर, उसका हाथ हाई-टेंशन लाइन के तार पर पड़ गया होता, तो उसकी जान भी जा सकती थी।
यदि वह चलती हुई ट्रेन से नीचे गिर जाता, तो चोट लगने या ब्रेन हैमरेज होने के कारण भी उसकी जान जा सकती थी। ट्रेन के स्टेशन पर रुकने के दौरान वे साइकिल साथ लेकर ट्रेन से नीचे भी उतर गए।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री गुरुवार को तमिलनाडु पहुंचे

देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री गुरुवार को तमिलनाडु पहुंचे। यहां से पीएम रामेश्वरम गए जहां उन्होंने डॉ. कलाम के समाधि स्थल पर बने मेमोरियल का उद्घाटन किया।
इस दौरान उन्होंने डॉ. कलाम के परिजनों से भी मुलाकात की। पीएम ने समाधि स्थल जाकर डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। इसके अलावा पीएम यहां अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री ने डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किए और बनाए गए मेमोरियल पर तिरंगा फहराने के अलावा डॉ. कलाम की प्रतिमा का भी अनावरण किया।

मानसून सत्र में कई वाकये ऐसे आए जब मंत्रियों ने विधायकों के सवालों पर गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश

विधानसभा को लेकर सरकार या मंत्री कितने गंभीर हैं, ये उनके द्वारा दिए जाने वाले जवाब से साफ हो जाता है। मानसून सत्र में कई वाकये ऐसे आए जब मंत्रियों ने विधायकों के सवालों पर गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह करने की कोशिश की।
दो दिन पहले ऊर्जा मंत्री पारस जैन राजगढ़ और उज्जैन के विधायकों के सवाल के जवाब पर घिर गए। विधायकों ने उत्तरों को गलत करार देते हुए जब सही तथ्य रखे तो मंत्री ने गलती स्वीकार कर ली और आश्वासन दिया कि जल्दी काम करा लेंगे। इस पर अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी चिंता जाहिर करते हुए मंत्रियों से कहा कि वे इस ओर ध्यान दें। जिन सवालों के जवाब नहीं आ रहे हैं, उन्हें अगला सत्र शुरू होने से पहले सचिवालय को भिजवाएं।
अटैचमेंट वाले शिक्षकों की सूची दे दी
स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने भी राजगढ़ में शिक्षकों के अटैचमेंट को लेकर पूछे सवाल पर कहा था कि एक भी शिक्षक संलग्न नहीं है। जबकि दांगी ने अटैचमेंट वाले शिक्षकों की सूची दे दी। इस मामले में वहां के जिला शिक्षा अधिकारी का रोल बेहद शर्मनाक रहा। वे गलत जानकारी देने के बाद भी उसे सही ठहराते रहे।
ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को हजारीलाल दांगी के सवाल के जवाब में बताया कि राजगढ़ की खिलचीपुर विस क्षेत्र के सभी गांवों में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस जवाब को विधायक ने करार दिया और कहा कि मेरे पास उन गांवों की सूची है, जहां काम हुआ ही नहीं है।
दांगी का समर्थन ब्यावरा विधायक नारायण सिंह पवार और नरसिंहगढ़ विधायक गिरीश भंडारी ने भी किया। बाद में मंत्री को गलती माननी पड़ी और उन्होंने कहा कि 15 गांव ऐसे हैं, जहां काम चल रहा है। उधर, भंडारी ने कहा कि नरसिंहगढ़ क्षेत्र में 75 फीसदी गांवों में विद्युतीकरण का काम पूरा नहीं हुआ है, जबकि विभाग बता रहा है कि काम पूर्ण हो गया है।
विधायक डॉ. मोहन यादव ने हाईटेंशन लाइन की गार्डिंग का मामला उठाया। ऊर्जा मंत्री ने जो जवाब दिया, उसे विधायक ने गलत करार दे दिया। मंत्री ने स्वीकार करते हुए कहा कि हम व्यवस्था कर देंगे। भाजपा विधायकों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री कुसुम महदेले द्वारा नल-जल योजनाओं को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
बुधवार को आई प्रश्नोत्तरी में 51 सवालों का एक ही जवाब विधायकों को दिया गया कि ‘जानकारी एकत्र की जा रही है”। इसको लेकर विधायकों ने आपत्ति जताई है। विधायकों का कहना है कि हर सत्र में यह मुद्दा उठता है। सरकार की ओर से सुधार का आश्वासन दिया जाता है पर समस्या जस की तस है। रामनिवास रावत को प्रश्न पूछने से करीब एक घंटे पहले प्याज खरीदी से जुड़ा संशोधित उत्तर मिला।
सत्र के दौरान मंत्रियों ने सवाल के जवाब गलत दिए। विधायकों ने आपत्ति उठाई हैं।
– मंत्रियों का संवैधानिक पद होता है। ये उम्मीद की जाती है कि वे सही जानकारी लेकर विधायकों को देंगे। कई बार विधायक जवाब से संतुष्ट नहीं होते हैं। अध्यक्ष भी टिप्पणी करते हैं। ये अपने आप में गंभीर बात होती है। मुख्यमंत्री भी सत्र शुरू होने से पहले मंत्री और अधिकारियों की बैठक लेते हैं।
जवाब यदि गलत दिए जा रहे हैं तो व्यवस्था में सुधार का उपाय क्या है।
– यदि विधायक जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो उसके पास प्रश्न एवं संदर्भ समिति में जाने का विकल्प रहता है। जहां तक बात सचिवालय की है तो सर्वदलीय बैठक में इसके साथ ही अपूर्ण उत्तर और ध्यानाकर्षण सूचनाओं के जवाब नहीं मिलने को लेकर बात की जाएगी।
सचिवालय अधिकारियों की सीधे जिम्मेदारी तय नहीं कर सकता है?
– सचिवालय सीधे तो नहीं पर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को पत्र लिखने जा रहा है कि अपूर्ण उत्तर और ध्यानाकर्षण सूचनाओं के जवाब समय पर दिलाने अधिकारियों को पाबंद किया जाए।

युजेनसन लिंगदोह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के खिलाड़ी ड्राफ्ट में सबसे महंगे खिलाड़ी बने

डिफेंडर अनस इदाथोडिका और मिडफील्डर युजेनसन लिंगदोह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के खिलाड़ी ड्राफ्ट में सबसे महंगे खिलाड़ी बने, जिनके लिए क्रमश: नई टीम जमशेदपुर एफसी और दो बार के चैंपियन एटलेटिको डी कोलकाता (एटीके) ने एक करोड़ दस लाख रुपए की समान बोली लगाई।
134 खिलाडिय़ों को दस फ्रेंचाइजियों ने अपनी-अपनी टीम में शामिल किया जिसमें अनस और युजेनसन के अलावा शीर्ष बोली में गोलकीपर सुब्रत पॉल को जमशेदपुर एफसी ने 87 लाख रुपए जबकि प्रीतम कोटल को दिल्ली डाइनामोज ने 75 लाख रुपए में खरीदा। एटीके ने भारत की राष्ट्रीय टीम के स्टार स्ट्राइकर रॉबिन सिंह को 65 लाख रुपए में खरीदा।
मुंबई सिटी एफसी ने स्ट्राइकर बलवंत सिंह को तीसरे राउंड में 67 लाख रुपए और गोलकीपर अरिंदम भट्टाचार्य (64 लाख) को चौथे राउंड में खरीदा। केरल ब्लास्टर्स ने रिनो एंटो को 63 लाख रुपए में अपनी टीम के साथ जोड़ा।
एफसी गोवा ने प्रणय हलदर (58 लाख) और नारायण दास (58 लाख) को टीम में शामिल किया जबकि चेन्नई एफसी ने थोइ सिंह के लिए 57 लाख रुपए खर्च किए।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की औपचारिक विदाई हो चुकी शाम 7.30 बजे वो आखिरी बार देश के नाम अपना संबोधन देंगे

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की औपचारिक विदाई हो चुकी है और आज शाम 7.30 बजे वो आखिरी बार देश के नाम अपना संबोधन देंगे। इसके बाद 25 जुलाई को शपथ लेते ही रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति बन जाएंगे।
इससे पहले प्रणब दा ने संसद में अपने आखिरी भावुक विदाई भाषण के दौरान मोदी सरकार को अध्यादेश लाने से बचने की नसीहत देने में हिचक नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि केवल बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही अध्यादेश लाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं वित्तीय मामलों में तो अध्यादेश का रास्ता बिलकुल नहीं अपनाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने संसद में बिना चर्चा के ही विधेयक पारित करने पर चिंता जताते हुए कहा कि यह जनता काविश्वास तोड़ता है। वहीं, हंगामे के कारण संसद के बाधित होने पर भी उन्होंने कहा कि इसकी वजह से सरकार से ज्यादा नुकसान विपक्ष का होता है।
संसद के केंद्रीय कक्ष में भावपूर्ण विदाई समारोह के दौरान प्रणब मुखर्जी ने कहा कि संसद का सत्र नहीं चलने के दौरान तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कार्यपालिका को अध्यादेशों के जरिए कानून बनाने के असाधारण अधिकार दिए गए हैं। मगर उनका दृढ़ मत है कि अध्यादेश केवल बाध्यकारी परिस्थितियों में ही लाया जाना चाहिए। खासकर उन विषयों पर तो अध्यादेश बिलकुल नहीं लाना चाहिए जिन पर संसद या संसदीय समिति विचार कर रही हो या जिन्हें संसद में पेश किया गया हो।
निवर्तमान राष्ट्रपति ने बिना चर्चा के विधेयक पारित होने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने की सलाह देते हुए कहा कि जब संसद कानून निर्माण की अपनी भूमिका निभाने में विफल हो जाती है या बिना चर्चा के कानून लागू करती है तो वह जनता द्वारा व्यक्त विश्वास को तोड़ती है।
प्रणब ने राष्ट्रपति के रूप में संविधान की रक्षा की ली गई शपथ की याद दिलाते हुए कहा कि पांच वर्षों में शपथ को शब्दशः ही नहीं इसकी मूल भावना के साथ संविधान के संरक्षण और सुरक्षा का प्रयास किया। इस कार्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह और सहयोग का उल्लेख करना वह नहीं भूले और कहा कि इसका उन्हें काफी लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के तौर पर सेवामुक्त होने के साथ ही वे संसद का हिस्सा नहीं रहेंगे मगर उदासी के भाव और रंग-बिरंगी स्मृतियों के साथ वे इस भव्य भवन से प्रस्थान कर रहे हैं। मेजों की थपथपाहट और अंत में खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सांसदों ने प्रणब मुखर्जी की गर्मजोशी से विदाई की।
इससे पहले लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सभी सांसदों की ओर से उनका अभिनंदन पत्र पढ़ा। इसमें उनके शानदार राजनीतिक जीवन, प्रशासनिक योगदान और संसदीय जीवन में गुरु की भूमिका निभाने का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति के रूप में संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के अमूल्य योगदान की सराहना की गई। इस दौरान सभी सांसदों के हस्ताक्षर वाली एक पुस्तिका के साथ स्पीकर ने यह अभिनंदन पत्र भी उन्हें सौंपा।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि देश के शासन में प्रणब दा के अमूल्य योगदानों का जिक्र किए बिना उनका अभिनंदन अधूरा होगा। अंसारी ने इस क्रम में राज्यपालों के लिए मुखर्जी की ओर से पिछले हफ्ते आयोजित विदाई भोज में उन्हें दी गई नसीहत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने राज्यपालों से साफ कहा कि हमारा संविधान ऐसा है, जिसमें दो कार्यकारी अथॉरिटी नहीं हो सकते। राज्यपालों की भूमिका केवल मुख्यमंत्री को सलाह देने तक सीमित है।

गुजरात में जोरदार बारिश से तीन लोगों की डूबने से मौत

गुजरात में जोरदार बारिश से कुछ इलाकों में शनिवार को बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। सुरेंद्र नगर के चोटिला में चौबीस घंटे में 14 इंच बारिश हुई। यहां धरोई डेम में पानी ओवरफ्लो हो रहा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है।
प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। वायुसेना और राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) को राहत और बचाव कार्य में लगा दिया गया है। अब तक 214 लोगों को बचाया गया है। 6235 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य में 10 हाईवे और 65 सड़कें उखड़ गई हैं।
अहमदाबाद-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पानी भर जाने से बंद है। सौराष्ट्र के सुरेंद्र नगर, राजकोट, मोरबी, अमरेली, जूनागढ़, गीर सोमनाथ जिलों में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई है। अहमदाबाद (4 इंच) और उत्तरी गुजरात के कई इलाकों में शनिवार सुबह से बारिश हो रही है। वडोदरा में भी शुक्रवार रात काफी वर्षा हुई। अमरेली के वाडिया में 10 इंच बारिश हुई। एक व्यक्ति की मौत राजकोट जिले के जसदन शहर में में हुई है। यहां 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ ने 16 लोगों को बचाया है।
राजकोट के हाथीखाना इलाके में दो मंजिला इमारत ढह गई। मुंबई में बारिश से यातायात प्रभावित मुंबई और आसपास के इलाको में भारी बारिश से स़़डक यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में तीन इंच बारिश हो चुकी है। वर्षा के कारण सेंट्रल और उपनगरीय ट्रेनें 5-10 मिनट देरी से चलीं।
निचले इलाकों सायन, दादर, मुंबई सेंट्रल और कुर्ला में सड़कों पर पानी भरा हुआ है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, सांताक्रुज-चेंबूर लिंक रोड पर यातायात धीमा चला।
पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में शनिवार को भारी वर्षा हुई। राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं। असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि 11 जिलों के 90 हजार लोग अब भी प्रभावित हैं। राज्य में इस मौसम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 76 पर पहुंच गई।

घटनाएं, जिसने सीएम की चेतावनी को बौना कर दिया

भाजपा कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कलेक्टरों को उल्टा टांगने के बयान पर बहस छिड़ गई है। कांग्रेस इसे मुख्यमंत्री की छटपटाहट बता रही है तो वहीं पिछले कुछ सालों का इतिहास बताता है कि मुख्यमंत्री सिर्फ ऐसे बयानभर देते हैं। जब भी जिलों में कलेक्टरों से कोई चूक होती है तो कड़ी कार्रवाई करने से कतराते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी कलेक्टरों को दी हो। पिछले तीन साल में वे करीब छह से सात बार गड़बड़ी होने पर कलेक्टर्स पर कार्रवाई करने की चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि इस बार उनकी भाषा थोड़ी तल्ख थी, जिस पर विपक्ष से लेकर पूर्व नौकरशाह ने भी नाराजगी जताई है।
12 जून 2017 : कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की फसल खरीदी में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार होता है तो उसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर अपने जिलों में सुधार करें अन्यथा वह हटाए जाने की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
20 अप्रैल 2017 : सिविल सर्विस डे पर काम नहीं करने वाले अफसरों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो अफसर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करेंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
5 जनवरी 2016 : विभिन्न् विभागों की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मनरेगा में मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं होने की शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा था कि भुगतान में देरी हुई तो कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।
18 सितंबर 2015 : पेटलावद विस्फोट कांड के बाद मुख्यमंत्री ने सभी अफसरों को चेतावनी दी थी कि ऐसे हादसे यदि अब हुए तो सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी।
6 जून 2014 : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान ही मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा था कि निचले स्तर पर भ्रष्टाचार मिला तो कलेक्टर नपेंगे। इसके बाद कई जगह भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलीं, लेकिन कभी मुख्यमंत्री ने कार्रवाई नहीं की।
श्योपुर में कुपोषण से बच्चों की मौत: कुपोषण से जिले में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत सामने आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर पीएल सोलंकी को कुछ समय के लिए हटाकर मंत्रालय बैठा दिया गया। पिछले दिनों फिर उन्हें श्योपुर की कलेक्टरी सौंप दी गई।
रीवा विधायक का आरोप: रीवा जिले के सेमरिया से भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने ही तत्कालीन कलेक्टर राहुल जैन पर आरोप लगाया था कि वे अवैध खनन पर कोई रोक नहीं लगा रहे हैं और करोड़ों की काली कमाई की है। राहुल जैन को अब रीवा की जगह ग्वालियर का कलेक्टर बना दिया गया है।
बालाघाट अग्निकांड: किसान आंदोलन के दौरान जून में बालाघाट में एक अवैध पटाखा फैक्टरी में आग लगने से 23 लोगों की मौत हो गई। कई दिनों बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल में तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव का तबादला बालाघाट से मंत्रालय में कर दिया गया।
दाल खरीदी में गड़बड़ी: नरसिंहपुर कलेक्टर डॉ. रामराव भोंसले ने सीएम की चेतावनी के बाद भी बोगस किसानों के नाम पर 17 करोड़ स्र्पए से ज्यादा की दाल खरीद ली। इसमें किसानों के नाम के अलावा कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं हैं।
अफसरों पर सीएम की नाराजगी अपनी जगह है। वह सही भी है, लेकिन उल्टा टांग दूंगा जैसे शब्दों का इस्तेमाल गलत है। इससे राजनेताओं और अफसरों के बीच सद्भावना खत्म होती है। केएस शर्मा, पूर्व मुख्य सचिव
मुख्यमंत्री का यह बयान मुख्यमंत्री की हताशा को दर्शाता है। भाजपा की गलतियों के कारण किसान परेशान है और नौकरशाही पर दोष मढ़ा जा रहा है। भाजपा सरकार अपने वादे से मुकर रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता
कलेक्टरों को उल्टा टांगने का मुख्यमंत्री का बयान उनकी खीझ, बौखलाहट और असहायता को दर्शाता है।

सेमीफाइनल में प्रवेश के लिए समीर का मुकाबला हमवतन कश्यप से होगा

भारतीय शटलर पी कश्यप, समीर वर्मा और एचएस प्रणय ने अपने- अपने मुकाबले जीतकर यूएस ओपन ग्रांप्रि गोल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। सेमीफाइनल में प्रवेश के लिए अब समीर का मुकाबला हमवतन कश्यप से होगा।
कश्यप ने हंगरी के जर्जले क्रास्ज के दूसरे गेम के बीच में रिटायर होने से दूसरे दौर में प्रवेश किया। क्रास्ज जब मैच से हटे उस समय कश्यप ने पहला गेम 21-18 से जीत लिया था और दूसरे में वह 17-6 से आगे थे। कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन कश्यप ने इसके बाद एक फिर कोर्ट पर उतरकर श्रीलंका के 16वें वरीय निलुका करुणरत्ने को 21-19, 21-10 से मात देकर अंतिम आठ का टिकट कटाया।
पांचवें वरीय समीर ने क्रोएशिया के ज्वोनीमीर दुर्किनजाक और ब्राजील के यगोर कोएल्हो को पराजित किया। कंधे की चोट से वापसी कर रहे समीर ने दुर्किनजाक को पहले मैच में 21-19, 25-27, 21-15 और फिर नौवें वरीय यगोर को 18-21, 21-14, 21-18 से पराजित किया। दूसरे वरीय प्रणय ने आयरलैंड के जोशुआ मैगी को एकतरफा मुकाबले में 21-13, 21-17 से हराने के बाद नीदरलैंड्स के 12वें वरीय मार्क कालजोउ को 21-8,14-21, 21-16 से बाहर का रास्ता दिखाया। अगले दौर में अब प्रणय की भिड़ंत आठवें वरीय जापान के कांता सुनेयामा से होगी।
मनु व सुमित भी आगे बढ़े : पुरुष डबल्स में तीसरी वरीय मनु अत्री और बी सुमित रेड्डी की जोड़ी ने इंडोनेशिया के हेंद्रा तांदजया और एंडो यूनांतो की जोड़ी को 21-16, 21-9 से पराजित किया। अगले दौर में मनु -सुमित का सामना जापान के हिरोकी ओकामुरा और मासाकी ओनोडेरा की जोड़ी से होगा।
दानी, श्रीकृष्णा व रितुपर्णा हारे : हर्षल दानी, श्रीकृष्णा प्रिया और रितुपर्णा दास का अभियान थम गया। दानी को वियतनाम के टिन मिंह के हाथों 27-25, 21-9 से हार मिली। महिला सिंगल्स में श्रीकृष्णा को कोरिया की जंग मि ली के हाथों 11-21, 10-21 से और रितुपर्णा को डेनमार्क की नेतालिया कोच से 15-21, 20-22 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। पुरुष डबल्स में फ्रांसिस अल्विन और तरुण कोना, महिला डबल्स में मेघना व पूर्विशा एस राम और मिक्स्ड डबल्स में मनु और मनीषा की जोड़ी भी हारकर बाहर हो गई।

समुद्र के किनारे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जो बातचीत लीक

जब पीएम नरेंद्र मोदी इजराइल यात्रा पर थे, तो उन्होंने समुद्र के किनारे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जो बातचीत की थी, वह लीक हो गई है। इस दौरान नेतन्याहू ने जहां भारत और चीन के साथ मजबूत संबंधों का हवाला दिया था, वहीं यूरोपियन यूनियन को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी।
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा था कि यूरोपीय संघ का रवैया इजराइल के प्रति सनक भरा और खुद को नुकसान पहुंचाने वाला है। नेतन्याहू की बुधवार को बंद कमरे में हुई 4 यूरोपीय नेताओं के साथ एक बैठक में हुई यह बातचीत दुर्घटनावश बाहर आ गई। पास के कमरे में बैठे पत्रकारों को ओपन माइक की वजह से सारी बातचीत सुनने को मिल गई।
फिलिस्तीन के पश्चिमी तट पर स्थित रामल्लाह एक महत्वपूर्ण शहर है, जहां भारत सहित तमाम देशों के उच्चायोग स्थित हैं। इजरायल का दौरा करने वाले दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष परंपरागत रूप से यहां ठहरते हैं। मगर, अपनी इजरायल यात्रा के दौरान मोदी रामल्लाह में नहीं रुके। माना जाता है कि मोदी का ऐसा करना विदेशी संबंधों के मामले में इजराइल और फिलिस्तीन को जोड़ने की प्रवृत्ति को तोड़ना था।
इस बातचीत में वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इजराइल को नई खोज का महारथी करने की बात कहते नजर आए। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की हाल कि इजराइल के दौरान हुई बातचीत का जिक्र करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि मुझे ज्यादा पानी और साफ पानी की जरूरत है। मुझे यह कहां से मिलेगा?
इसके बाद इजराइली पीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल दौरे के बारे में भी बताया। उन्‍होंने कहा कि भारतीय नेता ने उनसे भारत के हितों का ध्‍यान रखने की बात कही। नेतन्‍याहू ने पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा के साथ अपने मतभेदों के बारे में भी बात की।
उन्‍होंने कहा कि अमेरिकी नीति को लेकर बड़ी समस्‍या थी लेकिन अब काफी अंतर है। अब ईरान के खिलाफ मजबूत रवैया है और हमारे क्षेत्र अमेरिका की मौजूदगी बदली है। यह काफी सकारात्‍मक है।

राजधानी जयपुर में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन लूट की बड़ी वारदात

राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन लूट की बड़ी वारदात हुई। लुटेरों ने मुथूट फाइनेंस कंपनी के कार्यालय से करोड़ों रुपए का सोना लूटा।
इस कंपनी से कितना सोना लूटा गया इसे लेकर विरोधाभासी खबरें सामने अा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 किलो सोना व छह लाख रुपये लूट लिये। इसकी कीमत सात करोड़ रुपये बताई जा रही है। जबकि एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक 20 किग्रा सोना और छह लाख रुपए नकट लूट लिए गए।
इससे पहले गुरुवार को लुटेरों ने बैंक से 15 लाख रुपये लूट लिए थे। दोनों वारदात शहर के व्यस्ततम इलाकों में दिनदहाड़े हुई हैं। मानसरोवर स्थित मुथूट फाइनेंस के रजत पथ ऑफिस में शुक्रवार की सुबह को प्रतिदिन की तरह कार्य चल रहा था। कार्यालय में चार कर्मचारी और दो ग्राहक थे। इसी दौरान एक युवक चेन गिरवी रखने के लिए कार्यालय में पहुंचा। उसके साथ तीन और युवक हेलमेट लगाए हुए थे। उन्होंने पिस्तौल के बल पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
एक बदमाश मैनेजर के कमरे में गया और तिजोरी की चाबी मांगी। चाबी नहीं देने पर मैनेजर से मारपीट की और चाबी छीनकर स्ट्रांगरूम से गहने और नकदी लूट ली। इस दौरान मैनेजर ने बाथरूम में जाकर आपातकालीन अलार्म बजा दिया। अलार्म बजते ही चारों लुटेरे मौके से फरार हो गए। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई, लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि पूरी वारदात ऑफिस के सीसीटीवी में कैद हो गई है। रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। लुटेरों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।