सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने लगाया आरोप आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मैच फिक्स था।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने आरोप लगाया है कि 18 जून को लंदन में भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मैच फिक्स था। इस मैच में पाकिस्तान ने भारत को 180 रन से हराया था।
अठावले ने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। अठावले ने क्रिकेट और अन्य खेलों में दलित और आदिवासी समुदाय के लिए 25 फीसदी आरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि इस वर्ग को खेलों में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। यहां रवि भवन में पत्रकारों से आरपीआई नेता अठावले ने कहा कि पूरे चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट के दौरान टीम इंडिया ने बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन फाइनल में आकर वह पाकिस्तान के हाथों बुरी हार गई। इससे लगता है कि मैच फिक्स था।
मालूम हो कि लीग राउंड के मैच में भारत ने पाकिस्तान को 124 रन से हराया था जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 338 रन बनाए। मुकाबले में भारत को 180 रनों से करारी शिकस्त मिली। भारत की पानी महज 158 रनों पर ही सिमट गई। भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम इंडिया की आधी टीम महज 54 रन पर ही पवेलियन लौट गई। वहीं भारत की ओर से सबसे अधिक हार्दिक पांड्या ने 76 रन बनाए। वहीं गेंदबाजी में रविचंद्रन अश्विन बेहद महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने बिना कोई सफलता हासिल किए 70 रन दिए।
भारतीय गेंदबाजों को फखर जमां ने पूरी पारी में दहशत में रखा। इस बल्लेबाज ने अपने चौथे ही एकदिवसीय मैच में शतक जड़ा। फखर जमां ने 106 गेंदों में 3 छक्के और 12 चौकों की मदद से 114 रन बनाए। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली भी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए। कोहली 9 गेंदो में महज 5 ही रन बना कर वापिस पवैलियन लौट गए। ऐसे ही कैप्टन कूल के नाम से मशहूर टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी 16 गेंदो में महज 4 ही रन बना पाए।
मैच के बाद कहा, ‘यह खिलाड़ियों की बहुत बड़ी उपलब्धि है और उन्हें पूरा श्रेय जाता है। पाकिस्तान क्रिकेट में इस उपलब्धि को सभी लोग आज या कल नहीं बल्कि लंबे समय तक याद रखेंगे। हम यहां आठवें नंबर की टीम के रूप में आए थे और हमने टूर्नामेंट जीता। उम्मीद करते हैं कि अब सभी देश पाकिस्तान में आकर क्रिकेट खेलेंगे।’

महिला पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा सिंह का ट्रांसफर चर्चा का विषय

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की क्लास लगाकर चर्चा में आने वाली यूपी की महिला पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा सिंह का ट्रांसफर चर्चा का विषय है। बुलंदशहर में भाजपा नेता का ट्रैफिक उल्लंघन के मामले में चालान काटने वाली महिला क्षेत्राधिकारी (सीओ) श्रेष्ठा सिंह का शनिवार को तबादला कर इसी पद पर बहराइच भेज दिया गया।
श्रेष्ठा सिंह ने अपने ट्रांसफर के बाद फेसबुक अकाउंट पर एक टिप्पणी की है, जिसे लोग शेयर भी कर रहे हैं। As Thakur नाम के अपने अकाउंट पर श्रेष्ठा ने लिखा है, ‘जहां भी जाएगा, रोशनी लुटाएगा, किसी चराग का अपना मकां नहीं होता।’
इस टिप्पणी के अलावा श्रेष्ठा ने जानकारी दी है कि उनका ट्रांसफर बहराइच कर दिया गया है। श्रेष्ठा ने लिखा कि ‘चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं खुश हूं। मैं इसे अपने अच्छे कामों के पुरस्कार के रूप में स्वीकार कर रही हूं। आप सभी बहराइच में आमंत्रित हैं।
सीओ श्रेष्ठा सिंह ने कहा कि वह अपनी नई पोस्टिंग को लेकर पॉजिटिव ढंग से सोच रही हैं। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आठ महीने के अंदर ही तबादले का सामना करना पड़ा है, जबकि उनके बैच के किसी दूसरे अधिकारी का ट्रांसफर नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि 23 जून को बुलंदशहर स्याना में चेकिंग के दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रवेश देवी के पति प्रमोद लोधी को पुलिस ने बिना हेलमेट व बिना कागजात के बाइक चलाते पकड़ा और चालान किया तो वह सीओ स्याना श्रेष्ठा सिंह से ही भिड़ गए।
भाजपा नेता की धमकी के बाद भी उनपर कानून का डंडा चलाने वाली महिला पुलिस ऑफिसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद से लोगों ने उनको ‘लेडी सिंघम’ की उपाधि दी थी। वायरल वीडियो में श्रेष्ठा सिंह बीजेपी नेता को बताती दिखीं थीं कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। नियम-कानून तोडऩे पर वह सबके खिलाफ एक समान एक्शन लेंगी। प्रमोद लोधी ने सीओ से भी अभद्रता की, जिसके बाद उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में एफआईआर दर्ज कराकर गिरफ्तार कर लिया गया।
जब प्रमोद को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया तो वहां बड़ी संख्या में भाजपा नेता के समर्थक पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे चालान के नाम पर दो हजार रुपए मांगे। हंगामा कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को श्रेष्ठा सिंह ने कहा कि आप लोग ऊपर चले जाइए और सीएम साहब से लिखवाकर ले आइए की पुलिस को चेकिंग का कोई अधिकार नहीं है। वो गाड़ियों की चेकिंग न करे। हम अपनी गाड़ियों की जांच नहीं करवाएंगे। उन्होंने कहा था कि अगर कोई नियमों का उल्लंघन करेगा, सरकारी कामकाज में बाधा डालेगा और बदसलूकी करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मामला डिप्टी सीएम तक पहुंच गया था और माना जा रहा था कि स्याना कोतवाल और सीओ स्याना पर गाज गिर सकती है। एसएसपी ने तीन दिन पहले ही स्याना कोतवाल कौशलेन्द्र सिंह को हटा दिया था। अब शासन से जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में सीओ श्रेष्ठा सिंह का भी नाम शामिल है। उन्हें बुलंदशहर से बहराइच भेजा गया है। शासन से जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट में सीओ स्याना श्रेष्ठा सिंह को बहराइच भेजा गया है।

मुकेश अंबानी के बहुमंजिला घर एंटीलिया के निर्माण में हुआ 11,000 रुपए का खर्च

मुंबई के बिजनेसमैन देवेन मेहता इन दिनों सुर्खियों का हिस्सा बने हुए हैं क्योंकि उन्होंने रिलायंस जियो के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के घर के पड़ोस में घर खरीदा है। देवेन मेहता ने मुकेश अंबानी के आलीशन बंगले एंटीलिया के बराबर में अल्टामाउंट रोड स्थित लोढ़ा अल्टामाउंट के लग्जरी रेसिडेंशियल टॉवर में दो फ्लोर खरीदे हैं। इन दो फ्लोर की कीमत 125 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस टॉवर में 40 मंजिल हैं।
आपको बता दें कि देवेन मेहता स्मार्ट कार्ड आईटी सोल्यूशन लिमिटिड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन हैं। प्रभादेवी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने देवेन मेहता द्वारा लिए गए इन आलीशान फ्लोर के सौदे की पुष्टि की है।
देवेन मेहता द्वारा मुंबई में, वो भी मुंकेश अंबानी के बगल में घर लेने से बाकी के बिजनेसमैन काफी चकित हैं क्योंकि मुंबई में कई ऐसे व्यापारी जो कि बैंक से लिए गए अपने लोन को चुकाने में लगे हैं। देवेन मेहता के साथ ही जिंदल ग्रुप के प्रमोटर श्रीकृष्ण एवं अजय जिंदल ने हाल ही में 225 करोड़ रुपए में तीन फ्लोर पेंटहाउस खरीदा है।
लोढ़ा अल्टामाउंट की बात करें तो लोग इसे ‘द बिलेनियर्स एवन्यू’ के नाम से भी जानते हैं क्योंकि यहां पर देश के काफी चर्चित उद्योगपति रहते हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में बनी ‘टाइम वार्नर’ बिल्डिंग के तर्ज पर इस एवन्यू का निर्माण किया गया है। इस एवन्यू में कुमार मंगलम बिरला, गुजरात अंबुजा के नरोतम शेखसेरिया और डी’मार्ट के राधाकृष्ण दमानी भी रहते हैं।
आपको बता दें कि मुकेश अंबानी के बहुमंजिला घर एंटीलिया को बनाने में करीब 11,000 करोड़ रुपए का खर्च किया गया था। इस घर में करीब 600 कर्मचारी काम करते हैं। यह 27 मंजिला आलीशान इमारत दक्षिण मुंबई में स्थित है। अपने कर्मचारियों से मुकेश अंबानी नौकर नहीं बल्कि सहभागियों की तरह व्यवहार करते हैं। इन कर्मचारियों की सैलरी किसी टॉप एग्जीक्युजिव से कम नहीं है।
एंटीलिया की बात करें तो यह 40000 वर्गफुट में बना है। इसमें 168 गाड़ियों के लिए 7 मंजिला इमारत का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही इसमें स्वीमिंग पूल, बॉलरूम, 3 हैलीपैड, मंदिर, गार्डन, 2 मंजिला हैल्थ सेंटर और करीब 50 लोगों के लिए सिनेमा हॉल भी है।

मध्यप्रदेश में दिसंबर 2014 तक सरकारी जमीन पर आवास बनाकर रहने वाले लोगों के कब्जों को सरकार करेगी वैध

मध्यप्रदेश में दिसंबर 2014 तक सरकारी जमीन पर आवास बनाकर रहने वाले लोगों के कब्जों को सरकार वैध करेगी। इन सभी को आवासीय पट्टे दिए जाएंगे। इसके लिए राजस्व विभाग विधानसभा के मानसून सत्र में दखलकार अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक लाएगा।
सूत्रों के मुताबिक अभी तक दिसंबर 2011 तक के अवैध कब्जों को वैध करने का नियम था, लेकिन प्रदेश में इसके बाद के कब्जों की संख्या काफी अधिक है। इसे देखते हुए सरकार ने अधिनियम में एक बार फिर संशोधन करने का फैसला किया है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे कब्जे ही वैध होंगे, जो आवासीय होंगे। इसके अलावा जो भी कब्जा होगा, उन्हें अतिक्रमण मानकर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। संशोधन विधेयक 17 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में लाया जाएगा। संशोधन विधेयक के प्रारूप को वरिष्ठ सचिव समिति ने मंजूरी भी दे दी है।

अमेरिकी टेनिस स्टार की कार से हुई एक सड़क दुर्घटना में 78 वर्ष के बुजुर्ग की मौत

अमेरिकी टेनिस स्टार वीनस विलियम्स की कार से हुई एक सड़क दुर्घटना में 78 वर्ष के बुजुर्ग की मौत हो गई है। यह दुर्घटना मियामी के छोटे शहर पाल्म बीच गार्डेंस में नौ जून को हुई थी। इस मामले से जुड़ी फ्लोरिडा ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट आ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना के समय वीनस की गलती थी। 37 वर्षीय वीनस सोमवार से लंदन में अपना 20वां विंबलडन टूर्नामेंट खेलने वाली हैं।
रिपोर्ट के अनुसार वीनस कार चलाते हुए चौराहे के बीच में धीमी हो गई, जिसके बाद व्यक्ति की 68 वर्षीय पत्नी ने कथित तौर पर अपनी कार से इस टेनिस खिलाड़ी की कार में टक्कर मार दी। घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां दो सप्ताह बाद उनकी मृत्यु हो गई। उनके सिर में चोट लगी थी।
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि वीनस ने दूसरे ड्राइवर को रास्ता देने के अधिकार का उल्लंघन किया है। वैसे पुलिस ने यह भी कहा है कि दुर्घटना के समय सात बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन वीनस न तो फोन का इस्तेमाल कर रहीं थीं और न ही उन्हें ड्रग्स या शराब का सेवन किया था।
वीनस के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। वीनस के वकील ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी। वीनस ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

चॉकलेट के नियमित से दिमागी सेहत और समझ बढ़ती है

चॉकलेट के शौकीन लोगों के लिए अच्छी खबर है। ताजा शोध में पाया गया है कि नियमित रूप से चॉकलेट का सेवन दिमाग को फायदा पहुंचा सकता है। इससे दिमागी सेहत ठीक रहती है और समझ बढ़ती है।
इटली की लअकिला यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि कोको फ्लावानोल का अच्छा स्रोत है। फ्लावानोल ऐसा प्राकृतिक रसायन है जो दिमाग की सुरक्षा करता है। शोध में कोको के इस्तेमाल से प्रतिभागियों में याद रखने की क्षमता में निखार पाया गया।
पूरी रात नींद न ले पाने वाली महिलाओं में यह उन्हें लगातार जागते रहने के कारण होने वाले दुष्प्रभावों से बचाता है। फ्लावानोल से दिल को भी फायदा होता है।
वैज्ञानिकों ने कहा कि चॉकलेट का ज्यादा प्रयोग अपने नुकसान भी साथ लाता है। हालांकि संभलकर सीमित मात्रा में किया गया सेवन दिल और दिमाग दोनों की हिफाजत कर सकता है।

देश के अगले अटॉर्नी जनरल होंगे 86 साल के केके वेणुगोपाल

86 साल के केके वेणुगोपाल देश के अगले अटॉर्नी जनरल होंगे। मुकुल रोहतगी द्वारा एक और कार्यकाल लेने के प्रति अनिच्छा प्रकट करने के बाद सरकार ने उनको इस पद पर लाने का फैसला किया है।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील वेणुगोपाल को सरकार का सबसे बड़ा कानूनी अधिकारी बनाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरे से पहले चर्चा कर ली गई थी।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के तीन देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले वेणुगोपाल की उनसे भेंट हुई थी। हालांकि, शुक्रवार को जब वेणुगोपाल से अटॉर्नी जनरल के तौर पर प्राथमिकताओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद ही वह इस पर कुछ कहेंगे।
सूत्रों ने बताया कि कानून मंत्रालय ने नए अटॉर्नी जनरल के तौर पर वेणुगोपाल की नियुक्ति से संबंधित फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय के पास भेज दी है।

पाकिस्तान में जितने आतंकवादी नहीं हैं उससे ज्यादा हमारे देश में गद्दार

कश्मीर में पत्थरबाजी और अलग-अलग मौकों पर पाकिस्तान के समर्थन में हुई नारेबाजी को लेकर देशभर में प्रतिक्रियाएं आती रहती हैं। ताजा मामले में अपने कड़वे प्रवचनों के लिए पहचाने जाने वाले जैन मुनि तरूण सागर जी का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में जितने आतंकवादी नहीं हैं उससे ज्यादा हमारे देश में गद्दार हैं।
जैन मुनि ने यह बात पिपराली में स्थित वैदिक आश्रम में पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि देश में रहता हो, देश का खाता हो और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाता हो वो गद्दार नहीं तो और क्या है।
आतंकवादी शेर की तरह सामने से वार नहीं करता है, वह तो भेड़िये की तरह पीछे से हमला करता है। उन्होंने देश में गरीबी को लेकर कहा कि लोग कहते हैं भारत देश गरीब है जबकि देश में गरीबी नहीं बल्कि गैर बराबरी है।

प्रदेश के अफसरों से 20 हजार रुपए तक बढ़ा एचआरए

केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को संशोधन के साथ लागू करते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के एचआरए (मकान भाड़ा) में खासी वृद्धि कर दी है।
ताकि कर्मचारियों को सरकारी मकानों में रहना महंगा पड़े और वे खुद के मकानों में शिफ्ट हो जाएं। उधर, प्रदेश के 4 लाख 24 हजार नियमित कर्मचारियों को अब तक सातवां वेतनमान ही नहीं मिला है। इससे कर्मचारी खासे नाराज हैं और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना रहे हैं।
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक जनवरी-16 से सातवां वेतनमान और एक जुलाई-17 से बढ़े हुए भत्ते दे दिए हैं। मध्य प्रदेश के पड़ोसी छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित देश के ज्यादातर राज्य अपने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दे चुके हैं।
ये राज्य अब सातवें वेतन आयोग की भत्तों संबंधी अनुशंसाओं को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। जबकि मध्य प्रदेश सातवें वेतनमान के आदेश जारी नहीं कर पाया है। कर्मचारियों को सबसे ज्यादा तनाव वेतनमान में देरी से एरियर राशि के नुकसान का है। उनका कहना है कि सरकार देरी से वेतनमान देगी और फिर भत्ते भी देरी से देगी, तो उसकी एरियर राशि नहीं मिलेगी। सरकार ऐसा छठवां वेतनमान लागू करते हुए भी कर चुकी है।
जानकार बताते हैं कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को अगले माह से सातवां वेतनमान दे भी दे, तो भत्तों में वृद्धि करने में छह माह से एक साल लग जाएगा। वे बताते हैं कि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के भत्तों में अंतर रहता है। इसलिए सरकार को कमेटी गठित करना पड़ेगी, जो नए भत्ते या भत्तों में वृद्धि पर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार भत्ते बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में राज्य के कर्मचारियों को सिर्फ चिकित्सा, यात्रा, वाहन और गृहभाड़ा भत्ता मिलता है।
केंद्र सरकार ने एचआरए में 140 फीसदी तक की वृद्धि कर दी है। यानि श्रेणी के हिसाब से कर्मचारी को 50 हजार रुपए तक होम अलाउंस मिलेगा। जबकि प्रदेश में 67 हजार रुपए मासिक वेतन लेने वाले अधिकारी को बी श्रेणी के आवास पर 30 हजार रुपए तक होम अलाउंस दिया जाता है। वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को एक हजार रुपए होम अलाउंस मिलता है।
केंद्र सरकार ने एक्स, वाय और जेड श्रेणी के शहरों में पदस्थ कर्मचारियों के लिए क्रमश: 24, 16 और 8 फीसदी एचआरए देने का निर्णय लिया है। जबकि प्रदेश के कर्मचारियों को आबादी के हिसाब से 10, 7, 5 और 3 फीसदी एचआरए दिया जाता है। पहली श्रेणी 7 लाख से अधिक और अंतिम श्रेणी 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों-कस्बों पर लागू होती है। ये अलाउंस कर्मचारी के बेसिक वेतन और ग्रेड-पे पर दिया जाता है।
सातवां वेतनमान नहीं मिलने से नाराज राज्य के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों में बढ़ोत्तरी का फैसला सुन गुरुवार को वित्तमंत्री से मिलने पहुंच गए। मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह वित्त मंत्री जयंत मलैया से मिले हैं। उन्होंने मंत्री से 7वां वेतनमान जल्द देने की मांग की है। वहीं दूसरे कर्मचारी संगठन आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।